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आई ड्रॉप डालने के बाद कहीं आप भी तो नहीं झपकाते बार-बार पलकें? डॉक्टर ने बताया इस्तेमाल का सही तरीका

आई ड्रॉप डालने के बाद कहीं आप भी तो नहीं झपकाते बार-बार पलकें? डॉक्टर ने बताया इस्तेमाल का सही तरीका

आई ड्रॉप डालने के बाद कहीं आप भी तो नहीं झपकाते बार-बार पलकें? डॉक्टर ने बताया इस्तेमाल का सही तरीका


आई ड्रॉप डालने के बाद आंखों में धुंधलापन आना सामान्य है, जो आमतौर पर 5-15 मिनट में ठीक हो जाता है। ...और पढ़ें






आई ड्रॉप्स डालने के बाद धुंधला दिखना- क्या यह सामान्य है? (Image Source: AI-Generated)

आई ड्रॉप से धुंधलापन सामान्य, 5-15 मिनट में ठीक


लंबे धुंधलेपन, दर्द या लालिमा पर डॉक्टर से मिलें


ड्रॉप डालने के बाद धीरे से आंखें बंद करें, न झपकाएं


लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि आंखों में आई ड्रॉप डालते ही अचानक सब कुछ धुंधला क्यों दिखने लगता है? यह अनुभव हम में से लगभग हर किसी को होता है और अक्सर मन में यह सवाल उठता है कि क्या आंखों के साथ कुछ गलत हो रहा है?


ग्वालियर के रतन ज्योति नेत्रालय के संस्थापक और डायरेक्टर, आई सर्जन डॉ. पुरेंद्र भसीन के मुताबिक आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि ज्यादातर मामलों में यह पूरी तरह से एक सामान्य प्रक्रिया है। आइए समझते हैं कि ऐसा क्यों होता है और आपको किन स्थितियों में सावधान रहने की जरूरत है।



(Image Source: AI-Generated)
रोशनी का डगमगाता फोकस

जब आप आई ड्रॉप डालते हैं, तो दवा की एक लिक्विड परत आपकी आंख की ऊपरी सतह पर फैल जाती है। यह पानी जैसी परत कुछ देर के लिए आपकी आंखों में जाने वाली रोशनी के फोकस को प्रभावित कर देती है, जिसके कारण चीजें स्पष्ट नहीं दिखतीं। आमतौर पर यह धुंधलापन 5 से 15 मिनट के अंदर अपने आप पूरी तरह ठीक हो जाता है।

क्या धुंधलापन ज्यादा देर तक भी रह सकता है?

हां, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह की दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं।अगर आप ड्राई आई को नमी देने वाले लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो धुंधलापन थोड़ी अधिक देर तक रह सकता है।
इसी तरह, आंखों की जांच के लिए पुतली फैलाने वाली (डाइलेटिंग) ड्रॉप्स डालने पर कई घंटों तक हल्का धुंधलापन रह सकता है और तेज रोशनी आंखों में चुभ सकती है। यह भी दवा के असर का ही एक सामान्य हिस्सा है।
डॉक्टर के पास कब जाएं?

वैसे तो, यह स्थिति बिल्कुल सामान्य है, लेकिन आपको इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए यदि धुंधलापन बहुत लंबे समय तक बना रहे। अगर आपको ड्रॉप डालने के बाद नीचे दिए गए लक्षणों में से कुछ भी महसूस हो, तो यह एलर्जी, इन्फेक्शन या दवा के रिएक्शन का संकेत हो सकता है:
आंखों में तेज दर्द या जलन शुरू हो जाना।
आंखों का अचानक लाल हो जाना या सूजन आना।
आंखों से लगातार पानी बहना।
ऐसी कोई भी स्थिति होने पर बिना देरी किए तुरंत अपने नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।
आई ड्रॉप डालने का सही तरीकादवा का पूरा फायदा आंखों को मिले, इसके लिए उसे सही तरीके से डालना बहुत जरूरी है।
ड्रॉप डालने के बाद अपनी आंखों को एकदम हल्के से बंद करें और 1 से 2 मिनट तक आराम दें।
ध्यान रहे कि दवा डालने के तुरंत बाद बार-बार पलकें न झपकाएं, वरना दवा बाहर निकल सकती है।

अगर डॉक्टर ने आपको एक से ज्यादा तरह की आई ड्रॉप्स लगाने की सलाह दी है, तो दो अलग-अलग ड्रॉप्स डालने के बीच कम से कम 5 से 10 मिनट का गैप जरूर रखें।
 WhatsApp के iOS वर्जन में आया ये नया फीचर, चैट करते समय बचाएगा समय

WhatsApp के iOS वर्जन में आया ये नया फीचर, चैट करते समय बचाएगा समय

 WhatsApp के iOS वर्जन में आया ये नया फीचर, चैट करते समय बचाएगा समय



WhatsApp for iOS में एक नया फीचर पेश किया गया है। इससे यूजर्स चैट्स में इमोजी टाइप करते हुए तेजी से स्टिकर देख और एड कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसके ब ...और पढ़ें






iOS के लिए WhatsApp में आया नया फीचर।


टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। iOS के लिए WhatsApp में एक नया फीचर जोड़ा गया है जिससे यूजर्स चैट में इमोजी टाइप करते समय तेजी से स्टिकर देख और एड कर सकते हैं। एप के iOS वर्जन में उपलब्ध लेटेस्ट फीचर चैट में इमोजी डालते समय काम के स्टिकर के सजेशन दिखाता है। इस अपडेट के साथ, स्टिकर कीबोर्ड खोलने और अलग-अलग स्टिकर पैक में स्क्रॉल करने के बजाय, यूजर्स अपने टाइप किए गए इमोजी के आधार पर जल्दी से एक सूटेबल स्टिकर चुन और भेज सकते हैं। ये कन्फर्म किया गया है कि ये आने वाले हफ्तों में ज्यादा iPhone यूज़र्स के लिए उपलब्ध होगा।

iOS के लिए WhatsApp में आया नया फीचर

मेटा के मालिकाना हक वाले इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने अपने iOS एप के लिए एक नया अपडेट जारी किया है, ये वर्जन नंबर 26.8.76 है। लेटेस्ट वर्जन में एक फीचर शामिल है जो यूजर्स को मैसेज टाइप करते समय स्टिकर सजेस्ट करता है। ये फंक्शनैलिटी चैट बार में कोई इमोजी डालने पर उससे जुड़े स्टिकर दिखाती है। ये फीचर यूजर्स को बातचीत के दौरान समय बचाने देता है।






यूजर्स इमोजी पर टैप करके मिलते-जुलते स्टिकर ब्राउज कर सकते हैं और उन्हें भेज सकते हैं। ऐप चेंजलॉग का कहना है कि इस फीचर को सभी यूजर्स तक पहुंचने में कुछ दिन लग सकते हैं। फीचर ट्रैकर WABateInfo ने इस फीचर को WhatsApp के iOS (26.8.75) अपडेट में देखा, इससे पहले कि WhatsApp ने इस फीचर को अगले वर्जन 26.8.76 अपडेट के चेंजलॉग में शामिल किया। हमने पाया कि लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करने के बाद ये फीचर पहले से ही इनेबल था।
यूजर्स थर्ड-पार्टी स्टिकर पैक सहित और बाकी स्टिकर्स ढूंढने के लिए 'Show more results' पर टैप कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, हंसने वाला इमोजी टाइप करने पर फनी रिएक्शन वाले मिलते-जुलते स्टिकर्स दिखते हैं, जबकि दिल वाले इमोजी प्यार और लगाव वाले स्टिकर्स दिखाएंगे।


WhatsApp ने हाल के अपडेट्स के साथ कई और फीचर्स भी पेश किए हैं। कंपनी ने पिछले हफ्ते एक ग्रुप मैसेज हिस्ट्री फीचर जोड़ा है जिससे नए पार्टिसिपेंट्स चैट में मेंबर बनने से पहले भेजे गए मैसेज देख पाएंगे। इसके अलावा, कंपनी कथित तौर पर एक ऑप्शनल प्रीमियम सब्सक्रिप्शन प्लान तैयार कर रही है। ये पेड यूज़र्स के लिए एडिशनल कस्टमाइजेशन और सुविधा फीचर्स के साथ आ सकता है।
 ये है माइक्रोफोन ढूंढने और तुरंत ऑडियो ब्लॉक करने वाला यूनिक AI डिवाइस! प्री-बुकिंग शुरू

ये है माइक्रोफोन ढूंढने और तुरंत ऑडियो ब्लॉक करने वाला यूनिक AI डिवाइस! प्री-बुकिंग शुरू

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सैन फ्रांसिस्को बेस्ड Deveillance नाम की कंपनी ने Spectre I पेश किया है। ये एक पोर्टेबल टेबल-टॉप एंटी-सर्विलांस डिवाइस है। आइए जानते हैं इसके बारे में ...और पढ़ें





Deveillance नाम की कंपनी ने Spectre I पेश किया है।


टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। सैन फ्रांसिस्को का एक स्टार्टअप अपने अभी तक रिलीज नहीं हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ऑडियो जैमिंग डिवाइस के बारे में कुछ गंभीर दावे कर रहा है। Deveillance नाम की इस कंपनी ने कहा है कि उसने Spectre I नाम का एक पोर्टेबल टेबल-टॉप एंटी-सर्विलांस डिवाइस बनाया है, जो आस-पास के माइक्रोफोन को ऑडियो रिकॉर्ड करने से रोक सकता है। स्टार्टअप का दावा है कि वह ऐसा पावर-एफिशिएंट ओमनीडायरेक्शनल सिग्नल का इस्तेमाल करके करता है जो सुनाई नहीं देते लेकिन अपनी रेंज में आने वाले डिवाइस से रिकॉर्ड किए गए ऑडियो को खराब कर सकते हैं। Spectre I अभी प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है और इसकी शिपिंग इस साल के आखिर में शुरू होने की उम्मीद है।

Deveillance Spectre I ने माइक्रोफोन को जैम करने के लिए AI का इस्तेमाल करने का दावा किया

Android Authority के मुताबिक स्टार्टअप की CEO, Aida Baradari ने X (जिसे पहले Twitter के नाम से जाना जाता था) पर एक पोस्ट में Spectre I की घोषणा की। उन्होंने दावा किया कि ये 'अनवांटेड ऑडियो रिकॉर्डिंग को रोकने वाला पहला स्मार्ट डिवाइस' है, हालांकि ऑडियो जैमिंग डिवाइस काफी आम हैं। Deveillance के डिवाइस की खासियत इसका पोर्टेबल फॉर्म फैक्टर, आस-पास के माइक्रोफोन का पता लगाने में AI का इस्तेमाल और ऑडियो रिकॉर्डिंग को जैम करने में पावर एफिशिएंसी है।

मिली जानकारी के मुताबिक Spectre I की रेंज 2m है, जिसके अंदर ये ओमनीडायरेक्शनल सिग्नल जैमिंग का इस्तेमाल करके ऑडियो रिकॉर्ड करने की कोशिश करने वाले किसी भी माइक्रोफोन को ब्लॉक कर सकता है। कंपनी ये नहीं बताई कि ये ऐसा कैसे करता है, लेकिन ये जरूर बताया है कि ये 'एक ऐसा सिग्नल छोड़ता है जो सुनाई नहीं देता, जिससे रेंज में मौजूद हर माइक्रोफोन साफ ऑडियो कैप्चर नहीं कर पाता।' इसके आधार पर, ये मुमकिन है कि डिवाइस किसी तरह की अल्ट्रासाउंड फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करता हो।

कंपनी ने ये भी दावा किया है कि डिवाइस 'आस-पास के माइक्रोफोन का पता लगाता है, उन्हें लॉग करता है और आपको ये डेटा देता है।' कंपनी ने 'नॉवेल AI, फिजिक्स, और सिग्नल प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है, लेकिन डिटेल नहीं बताया है। डिटेक्शन में किसी भी लिमिटेशन, जैसे डिक्टाफोन, वायर्ड माइक्रोफोन और एरोप्लेन मोड पर स्मार्टफोन के बारे में भी नहीं बताया गया है।
स्टार्टअप का दावा है कि ये डिवाइस यूजर्स की प्राइवेसी को सुरक्षित रखने में मदद करता है और कंपनियों को टारगेटेड विज्ञापन दिखाने के लिए उनकी जासूसी करने से रोकता है और कॉर्पोरेट जासूसी और संगठित निगरानी जैसी स्थितियों से भी बचाता है। वैसे, कंपनी ने बड़े दावे किए हैं लेकिन इसके लिए कोई प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट या थर्ड-पार्टी वैलिडेशन शेयर नहीं किया है।


जो लोग इंटरेस्टेड हैं, वे अभी 1,199 डॉलर या 1,14,482 रुपये में Spectre I को प्री-बुक कर सकते हैं। कंपनी का कहना है कि डिपॉजिट रिफंडेबल है और वह 2026 के दूसरे हाफ में डिवाइस की शिपिंग शुरू करने का प्लान बना रही है।
सावधान! Anthropic ने जारी की लिस्ट, क्या आपकी नौकरी पर भी है AI का खतरा?

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AI की वजह से नौकरी जाने की चिंता इस वक्त काफी बड़ी है। इसी बीच Anthropic ने एक नया सिस्टम बनाया है जो ये स्टडी करता है कि अलग-अलग नौकरियां आर्टिफिशियल ...और पढ़ें





Anthropic ने AI के इंपैक्ट को मेजर करने के लिए नई स्टडी की है। Photo- AI.


टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले सालों में ऑफिस की नौकरियों को बदल सकता है, लेकिन उस असर को जल्दी मापना इकोनॉमिस्ट के लिए एक चुनौती रहा है। Anthropic ने कन्फर्म किया है कि वे अभी इन संभावित बदलावों को लेबर मार्केट में दिखने से पहले ट्रैक करने की कोशिश कर रहे हैं। फर्म ने कहा कि उन्होंने एक नया सिस्टम बनाया है जो ये स्टडी करता है कि अलग-अलग नौकरियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा किए जा सकने वाले कामों पर कितनी निर्भर करती हैं। इसके अलावा, कंपनी ने कहा उनको उम्मीद है कि जॉब डिस्क्रिप्शन और AI टूल्स के असल दुनिया में इस्तेमाल, दोनों को एनालाइज करके वह डिसरप्शन का जल्दी सिग्नल दे पाएगी।


Anthropic में इकोनॉमिस्ट मैक्सिम मैसेनकॉफ़ और पीटर मैकक्रॉरी के एक नए रिसर्च पेपर के मुताबिक, ये सिस्टम एक इंडेक्स की तरह काम करता है जो मेजर करता है कि बड़े लैंग्वेज मॉडल द्वारा अलग-अलग काम ऑटोमेशन के कितने संपर्क में हैं। इंडेक्स उन कामों को करीब से देखता है जिनसे कोई नौकरी बनती है। अगर उन कामों का एक बड़ा हिस्सा AI द्वारा हैंडल किया जा सकता है और पहले से ही AI टूल्स का इस्तेमाल करके किया जा रहा है, तो उस काम को ऑटोमेशन के ज्यादा संपर्क में माना जाता है।





कंपनी के एनालिसिस से पता चलता है कि कुछ टेक्नोलॉजी-फोकस्ड रोल्स को सबसे ज्यादा जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोग्रामर सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले कामों में से हैं, क्योंकि AI सिस्टम उनके आम कामों में से लगभग तीन-चौथाई काम कर सकते हैं। प्रोग्रामर के अलावा, कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव, डेटा एंट्री वर्कर और मेडिकल रिकॉर्ड स्पेशलिस्ट भी एक्सपोजर लिस्ट में ऊपर दिखते हैं।

साथ ही, कई काम अभी भी कम असुरक्षित हैं। जो नौकरियां ज्यादातर फिजिकल काम और इंसानी मौजूदगी पर निर्भर करती हैं, वे ऑटोमेशन से ज्यादा सुरक्षित दिखती हैं। इनमें कुक, लाइफगार्ड और डिशवॉशर जैसे रोल शामिल हैं।

हालांकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से नौकरियों के जाने की चिंता बढ़ रही है, लेकिन स्टडी इस बात का कोई पक्का सबूत नहीं दिखाती है कि AI की वजह से होने वाली दिक्कत शुरू हो गई है। स्टडी बताती है कि ChatGPT के आने के बाद से AI-एक्सपोज्ड और AI-रेजिस्टेंट नौकरियों के बीच बेरोजगारी का अंतर थोड़ा बदला है।


हालांकि, डेटा हायरिंग ट्रेंड में एक छोटे से बदलाव की ओर इशारा करता है। रिसर्चर्स ने ये भी देखा कि युवा वर्कर्स, खासकर 22 से 25 साल के लोगों की भर्ती धीमी हो रही है। उनके मुताबिक, ये ट्रेंड आमतौर पर उन कामों में देखा जाता है जहां AI टूल्स का इस्तेमाल उनकी जगह भरने के लिए किया जा सकता है।
अभिषेक शर्मा की छुट्टी और X फैक्‍टर OUT! फाइनल में बड़े बदलाव के साथ उतर सकता भारत

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अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्‍टेडियम में रविवार को भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच टी20 विश्‍व कप 2026 का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। यह मैच भारतीय समयानुसार श ...और पढ़ें





 IND vs NZ Playing 11: 7 फरवरी से शुरू हुआ टी20 विश्‍व कप 2026 अब फाइनल मुकाबले तक पहुंच गया है। 29 दिन और 54 मैच के बाद निर्णायक मुकाबले का समय आ गया है। रविवार, 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्‍टेडियम में भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। यह मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा।

इतिहास रच सकती टीम

फाइनल में भारतीय टीम के पास 1-2 नहीं पूरे तीन इतिहास रचने का मौका है। टी20 विश्‍व कप के इतिहास में किसी भी मेजबान देश ने कप नहीं जीता है। कोई भी टीम 3 बार टी20 विश्‍व कप नहीं जीती है। साथ ही किसी भी टीम ने बैक टू बैक खिताब नहीं जीता है। भारत ने 2024 में रोहित शर्मा की कप्‍तानी में ट्रॉफी उठाई थी। इससे पहले टीम इंडिया ने 2007 में विश्‍व कप जीता था।
1-2 बदलाव कर सकती

भारतीय टीम रविवार को जब न्‍यूजीलैंड के खिलाफ कप जीतने के इरादे से उतरेगी तो टीम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अभिषेक शर्मा ने टीम मैनेजमेंट की टेंशन बढ़ा रखी है। विश्‍व कप की शुरुआत से पहले तक भारतीय बल्‍लेबाजी की रीढ़ माने जा रहे अभिषेक ने टूर्नामेंट में अब तक बेहद लचर प्रदर्शन किया है। 7 मुकाबलों में वह अब तक 12.71 की औसत और 130.88 की स्‍ट्राइक रेट से 89 रन ही बना पाए हैं। इसमें जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ लगाया गया अर्धशतक भी शामिल है।
रिंकू को मिल सकता मौका

अगर फाइनल जैसे बड़े मैच में टीम मैनेजमेंट विनिंग कॉम्बिनेशन से छेड़छाड़ करता है तो अभिषेक की जगह रिंकू सिंह को प्‍लेइंग 11 में मौका दिया जा सकता है। इस कंडीशन में संजू सैमसन और ईशान किशन पारी की शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि, गौतम गंभीर टीम में ज्‍यादा बदलाव करना नहीं पसंद करते हैं, ऐसे में संभावना है कि वह सेम टीम के साथ ही उतर जाएं।

वरुण ने किया निराश

विश्‍व कप से पहले तक एक्‍स फैक्‍टर माने जा रहे वरुण चक्रवर्ती भी महंगे साबित हो रहे हैं। वह लगातार रन लुटा रहे हैं, ऐसे में भारतीय टीम विपक्षी टीम पर लगाम नहीं लगा पा रही है। ऐसे में भारत के पास कुलदीप यादव के रूप में एक विकल्‍प मौजूद है। वरुण ने कीवी टीम के खिलाफ 4 टी20 इंटरनेशनल मैच में 4 विकेट तो कुलदीप ने 8 मुकाबलों में 9 विकेट लिए हैं।

भारत की संभावित प्‍लेइंग 11

संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्‍तान), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह।
भारत टीम

अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर।
T20 World Cup 2026 में जसप्रीत बुमराह पर टिकी भारत की गेंदबाजी, न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में भी बूम-बूम होंगे सबसे बड़ा हथियार

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भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने टी-20 विश्व कप सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भारत को महत्वपूर्ण जीत दिलाई। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और नियंत्रित गें ...और पढ़ें





 अहमदाबाद। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को बड़े मैचों का धुरंधर गेंदबाज माना जाता है। जब भी टीम को कठिन परिस्थितियों में विकेट या कसी हुई गेंदबाजी की जरूरत पड़ती है वह अपनी सटीक लाइन-लेंथ के दम पर टीम को सफलता दिलाते हैं। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में गुरुवार को खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में भी उन्होंने एक बार फिर अपनी शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए भारत को महत्वपूर्ण जीत दिलाई।


उनकी नियंत्रित और प्रभावी गेंदबाजी की बदौलत भारतीय टीम न सिर्फ मैच जीतने में सफल रही, बल्कि टी-20 विश्व कप के फाइनल में भी जगह बनाने में कामयाब हुई। भले ही प्लेयर ऑफ द मैच 86 रन बनाने वाले संजू सैमसन को दिया गया लेकिन उन्होंने भी माना कि उस मैच के असली प्लेयर आफ द मैच बुमराह ही थे। भारत को अब रविवार को नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के विरुद्ध फाइनल खेलना है। अगर भारतीय टीम लगातार दो टी-20 विश्व कप जीतने वाली टीम और अपने घर में यह खिताब जीतने वाली पहली टीम बनती है तो उसमें धुरंधर बुमराह का बहुत बड़ा योगदान होगा।
बुमराह क्यों हैं खास

इंग्लैंड के विरुद्ध वानखेड़े में खेले गए सेमीफाइनल में एक समय ऐसा लग रहा था कि मैच भारतीय टीम के हाथ से फिसल जाएगा। इंग्लैंड के बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे थे और भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बढ़ता जा रहा था। ऐसे कठिन समय में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने सबसे भरोसेमंद हथियार जसप्रीत बुमराह को गेंद थमाई। कप्तान को भरोसा था कि बुमराह अपने अनुभव और सटीक गेंदबाजी से मैच का रुख बदल सकते हैं और उन्होंने इस भरोसे को पूरी तरह सही साबित किया।
मैच के 16वें ओवर में बुमराह दूसरा स्पेल फेंकने आए। इससे पहले वरुण चक्रवर्ती का ओवर महंगा साबित हुआ था, जिससे इंग्लैंड के बल्लेबाजों का आत्मविश्वास बढ़ गया था। ऐसे में बुमराह ने बेहद संयम के साथ गेंदबाजी की। उन्होंने अपने ओवर की शुरुआती दो गेंदों पर दो रन दिए, जिससे बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का मौका नहीं मिला। तीसरी गेंद पर चौका जरूर लगा, लेकिन इसके बाद उन्होंने तुरंत लय पकड़ ली। चौथी गेंद पर कोई रन नहीं दिया और आखिरी दो गेंदों पर केवल दो सिंगल दिए। इस तरह उन्होंने पूरे ओवर में सिर्फ आठ रन खर्च किए और रनगति पर लगाम लगा दी।

18वें ओवर में बुमराह ने दिए 6 रन

18वें ओवर में कप्तान ने एक बार फिर बुमराह पर भरोसा जताया। उस समय इंग्लैंड का स्कोर 200 रन के पार पहुंच चुका था और बल्लेबाज तेजी से रन बनाने की कोशिश कर रहे थे। बुमराह ने इस ओवर में भी कसी हुई गेंदबाजी की और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने पहली गेंद पर कोई रन नहीं दिया, जबकि दूसरी और तीसरी गेंद पर एक-एक रन ही बने। चौथी गेंद पर दो रन दिए और अंतिम दो गेंदों पर भी सिर्फ एक-एक रन ही बनने दिया। इस तरह उनके इस ओवर में केवल छह रन बने और कोई चौका या छक्का नहीं लगा। बुमराह की इस शानदार गेंदबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया।

बुमराह ने चटकाए कुल 10 विकेट

बुमराह भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों हैं और मौजूदा टी-20 विश्व कप में भी उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। वह इस टूर्नामेंट में भारत के लिए दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, वह भी तब जब विपक्षी टीम के बल्लेबाज उन्हें संभलकर खेलते और उन्हें विकेट नहीं देना चाहते।


बुमराह ने अब तक सात मैचों में 24 ओवर गेंदबाजी करते हुए 6.62 की शानदार इकोनॉमी से कुल 10 विकेट हासिल किए हैं। उनसे आगे केवल वरुण चक्रवर्ती हैं, जिन्होंने आठ मैचों में 8.85 की इकोनामी के साथ 13 विकेट लिए हैं। अगर भारतीय टीम टी-20 विश्व कप में पहली बार न्यूजीलैंड को हराती है तो उसका सबसे बड़ा कारण बूम बूम बुमराह ही होंगे।
बारिश से धुला भारत-न्यूजीलैंड का फाइनल, तो कौन सी टीम होगी चैंपियन? समझें पूरा समीकरण

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टी20 विश्‍व कप 2026 का फाइनल मुकाबला रविवार, 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्‍टेडियम में खेला जाएगा। ...और पढ़ें




 टी20 विश्‍व कप 2026 का फाइनल मुकाबला रविवार, 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्‍टेडियम में खेला जाएगा। निर्णायक मैच में भारत और न्‍यूजीलैंड की टक्‍कर होगी। कीवी टीम जहां टी20 विश्‍व कप में ट्रॉफी का सूखा खत्‍म करना चाहेगी तो भारत की नजर तीसरे खिताब पर होगी।

2 मैच धुल चुके हैं

टी20 विश्‍व कप में 2 मैच बारिश के कारण रद हो चुके हैं। ऐसे में फैंस को टेंशन है कि कहीं बारिश उनकी उम्‍मीदों पर पानी न फेर दे। साथ ही क्रिकेट प्रेमियों के मन में एक सवाल भी उठ रहा है कि अगर भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच फाइनल मैच बारिश की भेंट चढ़ जाता है तो कौन सी टीम चैंपियन होगी? क्‍या फाइनल मैच के लिए कोई रिजर्व डे रखा गया है?
रिजर्व डे रखा गया है

बता दें कि टी20 विश्‍व कप 2026 के फाइनल मैच के लिए 9 मार्च रिजर्व डे है। अगर रविवार को मैच नहीं हो पाता है तो इसे सोमवार को पूरा किया जाएगा। मैच का रिजल्‍ट निकालने के लिए कम से कम 10-10 ओवर का खेल होना जरूरी है। अगर 1 टीम 20 ओवर खेल लेती है और उसके बाद बारिश होती है तो DLS मैथ्‍ड से रिजल्‍ट निकालने के लिए दूसरी टीम को कम से कम 10 ओवर खेलने होंगे।
अगर रविवार को मैच अधूरा रह जाता है और अतिरिक्‍त समय में भी पूरा नहीं होता है तो सोमवार को वहीं से शुरू होगा, जहां से 8 मार्च को खत्‍म हुआ था। दोनों ही दिन मैच पूरा कराने के लिए अतिरिक्‍त 120-120 मिनट होंगे। अगर मैच डे और रिजर्व डे पर भी मैच नहीं हो पाता है तो अंत में भारत और न्‍यूजीलैंड को संयुक्‍त रूप से विनर घोषित कर दिया जाएगा।

पहले भी धुल चुका फाइनल

बता दें कि अब तक एक बार ही आईसीसी टूर्नामेंट का फाइनल मैच रद हुआ है। चैंपियंस ट्रॉफी 2002 का फाइनल मैच भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया था। बारिश के कारण यह मैच पूरा नहीं हो पाया था, ऐसे में दोनों टीमों को संयुक्‍त रूप से विजेता घोषित कर दिया गया था।