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 पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता और समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता और समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता और समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर किया नमन
लालघाटी स्थित प्रतिमा पर की पुष्पांजलि अर्पित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नमो वन में लगाया रुद्राक्ष का पौधा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जब विश्व में सभी ओर साम्यवाद और समाजवाद की विचारधाराओं का प्रभाव था, तब पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद और अंत्योदय की कल्याणकारी दृष्टि प्रदान की। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को निरंतरता प्रदान करने का प्रभावी प्रयास था। पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता तथा समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिंतकसंगठनकर्ता और भारतीय जनसंघ के सह संस्थापक रहे। दीनदयाल जी का विचार था कि स्वतंत्रता तभी सार्थक होती हैजब वो हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का साधन बने। उनके विचारों ने समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में उजास लाने का मार्ग प्रशस्त किया। दीनदयाल जी के विचार भारतीय मानस को सशक्त राष्ट्र और समाज के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. दीनदायल उपाध्याय की प्रतिमा के निकट विकसित नमो वन का अवलोकन कर रुद्राक्ष का पौधा रोपा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के अनुरूप प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, गरीब-किसान-युवा और महिलाओं कल्याण के साथ सभी को प्रगति के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर सक्रिय है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में विश्व में देश का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर केश शिल्पियों को उपलब्ध कराई जा रही किट उनके अंत्योदय के विचारों को व्यावहारिक रूप देने का सार्थक प्रयास है।

 इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय सहित श्री रविन्द्र यति जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

 जनगणना से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति होती है तय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनगणना से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति होती है तय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 जनगणना से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति होती है तय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनगणना प्रशासनिक प्रक्रिया के साथ-साथ भविष्य की दिशा तय करने का है अभियान
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लिया डिजिटल जनगणना कराने का ऐतिहासिक फैसला
कलेक्टर-कमिश्नर्स समय-सीमा में पूर्ण करें जनगणना कार्य
जनगणना में मजरों-टोलों का भी किया जाए आंकलन
जनगणना कार्य को उच्च प्राथमिकता देने के लिए मध्यप्रदेश की हुई सराहना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को किया संबोधित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनगणना देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डाटा प्रक्रिया है। जनगणना के आधार पर सरकार की योजनाएं बनती हैं, संसाधनों का वितरण तय होता है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तैयार होती है। आज भारत विश्व का सर्वाधिक आबादी वाला राष्ट्र है। यह जनगणना केवल राष्ट्रीय नहीं बल्कि वैश्विक महत्व की भी है। जनगणना का कार्य केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला सबसे व्यापक और निर्णायक अभियान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनगणना-2027 के प्रथम चरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन में जनगणना-2027 की प्रक्रिया पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सत्र में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, रजिस्ट्रॉर जनरल तथा जनगणना आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार नारायण, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिवशेखर शुक्ला उपस्थित थे। सम्मेलन में प्रदेश के सभी संभागायुक्त, कलेक्टर्स, नगर निगम आयुक्त तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल जनगणना कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। देश में आखिरी बार वर्ष 1931 में सामाजिक स्तर की जनगणना की गई थी। उन्होंने जनगणना की प्रक्रिया में गांवों, मजरों-टोलों के साथ-साथ बेचिराग गांवों की स्थिति के आंकलन की व्यवस्था करने की भी आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़क, अस्पताल, स्कूल एवं अन्य कार्यों की योजनाएं जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही बनाई जाती हैं। जनगणना केवल संख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं है, यह राज्य की संवेदनशीलता, प्रशासन की विश्वसनीयता, प्रतिबद्धता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा है। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों की चुनौतियां भिन्न हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रणनीति अपनाते हुए समयबद्ध रूप से जनगणना की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया की सफलता का केन्द्र मैदानी प्रशासनिक अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स और कमिश्नर्स से जनगणना कार्य को रणनीतिक नेतृत्व प्रदान करते हुए जनगणना के सभी उद्देश्यों की समय सीमा में पूर्ति करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में उपस्थित प्रदेश के सभी कमिश्नर-कलेक्टरों से कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से प्रारंभ होकर 6 मार्च तक चलेगा। उन्होंने आगामी महाशिवरात्रि और होली जैसे त्यौहारों के दृष्टिगत शांति समितियों के साथ बैठक कर अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने में जन भावनाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। नागरिकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से मिलावटी मिठाई, रंगों में मिलावट एवं अन्य खाद्य पदार्थों की जांच के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। होली के त्यौहार में सामाजिक समरसता सुनिश्चित हो। प्रदेश में जल संरचनाओं के निर्माण में मुआवजे के प्रकरणों का निराकरण संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि हमें विकास के साथ-साथ जनभावनाओं का ध्यान भी रखना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावांतर योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-रामजी योजना के क्रियान्वयन के लिए बेहतर प्रबंध किए जाएं। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में घोषित किया है। किसानों से जुड़ी सभी योजनाओं और कार्यों के लिए उचित प्रबंध किए जाएं। ग्रीष्मकालीन फसलों में राज्य सरकार उड़द और मूंगफली के उत्पादन को प्रोत्साहित करने की योजना बना रही है। मक्का की फसलों से भी किसान लाभान्वित हो रहे हैं। नरवाई जलाने की घटनाओं को शून्य करने में विभिन्न जिले स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रखें। प्रदेश में दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनिज, पंजीयन, आबकारी के अंतर्गत राजस्व संग्रहण लक्ष्यों को प्राप्त करना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि चुनाव और जनगणना को प्रशासनिक व्यवस्था का सबसे कठिन कार्य माना जाता है। देश में हर 10 साल में जनगणना होती है। प्रशासनिक अधिकारियों के लिए जनगणना, अपनी प्रबंधन दक्षता को सिद्ध करने और अपने अनुभवों का समृद्ध करने का श्रेष्ठ अवसर है। इस बार तकनीक के बेहतर उपयोग से जनगणना के आंकड़े डिजिटल व्यवस्था के परिणामस्वरूप जल्दी आएंगे। मध्यप्रदेश विविधता से समृद्ध राज्य है। यहां करीब 1 लाख 27 हजार मजरे-टोले हैं, अगर मकानों की गणना के पत्रक में एक कॉलम मजरे टोले का रखा जाए, तो इससे राज्य सरकार को भविष्य की योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी। जीआईएस सिस्टम से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। अगर आंकड़े सही तरीके से फीड किए जाएंगे तो जनगणना का परिणाम बेहतर मिलेगा। यह नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे अपनी सही जानकारियां फील्ड अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने प्रशिक्षण की व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखने, समय-सीमा में सभी गतिविधियों के संचालन और जनसामान्य में जनगणना के संबंध में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया।

आयुक्त जनगणना श्री मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना के कार्य को मध्यप्रदेश में उच्च प्राथमिकता प्रदान करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि संवैधानिक दायित्व और राष्ट्र की प्रगति का मजबूत आधार स्तंभ है। विधानसभा और लोकसभा के क्षेत्रों का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर होता है, यह तथ्य बताता है कि हमारी प्रजातांत्रिक व्यवस्था के केंद्र में जनगणना है। इन आंकड़ों का व्यापक उपयोग नीति निर्धारण और योजनाओं के क्रियान्वयन में किया जाता है। कई योजनाएं जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही शुरू की गई थीं। जनगणना देश के विकास का एक दर्पण है। देश में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना होगी, इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। जनगणना में स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध कराया जा रहा है। नागरिक मोबाइल, लैपटॉप और डेस्क-टॉप से जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इस बार जातिगत जनगणना भी होगी। उन्होंने प्रदेश में जनगणना कार्य के लिए प्रदान किए जा रहे सहयोग के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। निदेशक जनगणना कार्य श्री कार्तिकेय गोयल ने कहा कि जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण में मकानों की सूची तैयार करने का कार्य मध्यप्रदेश में मई माह में 1 से 30 तारीख के बीच किया जाएगा।

दो चरणों में होगी जनगणना

भारत की जनगणना विश्व का सबसे बड़ा प्रशासनिक कार्य हैI भारत में जनांकिकीय व आर्थिक आकड़ों का ग्राम एवं वार्ड स्तर पर उपलब्ध कराने का एकमात्र स्रोत हैl आगामी जनगणना 2027 पूर्व की जनगणनाओं की भांति इस बार भी 2 चरण में संपादित की जाएगी, जिसके लिए जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारत सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना 16 जून 2025 जारी की जा चुकी हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश राज्य में जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य 1 मई से 30 मई 2027 तक पूर्ण किया जायेगा, जिसकी अधिसूचना मध्यप्रदेश शासन द्वारा राजपत्र में जारी की जा चुकी हैंl

प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जायेगा। इसमें मकानों की स्थिति, सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों का विवरण प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर एकत्रित किया जायेगाl द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना का कार्य फरवरी, 2027 में कराया जाएगा। जनसंख्या की गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। साथ ही, व्यक्तियों के सम्बन्ध में अन्य विभिन्न बिन्दुओं जैसे-आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक क्रियाकलाप, प्रवास, प्रजननता विवरण इत्यादि पर जानकारी एकत्रित की जाएगी।

 BenQ के नए मॉनिटर हुए भारत में लॉन्च, 27-इंच तक है डिस्प्ले; कीमत 12,750 रुपये से शुरू

BenQ के नए मॉनिटर हुए भारत में लॉन्च, 27-इंच तक है डिस्प्ले; कीमत 12,750 रुपये से शुरू

 BenQ के नए मॉनिटर हुए भारत में लॉन्च, 27-इंच तक है डिस्प्ले; कीमत 12,750 रुपये से शुरू




भारत में BenQ के दो नए GW90TC सीरीज मॉनिटर लॉन्च हुए हैं। नए नए BenQ GW2490TC और GW2790TC मॉनिटर में फुल-HD पैनल है जो 144Hz रिफ्रेश रेट ऑफर करता है। ...और पढ़ें






BenQ GW90TC सीरीज मॉनिटर हुए भारत में लॉन्च।


टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। BenQ ने शुक्रवार को भारत में दो नए GW90TC सीरीज मॉनिटर लॉन्च किए। नए BenQ GW2490TC और GW2790TC मॉनिटर में फुल-HD पैनल है जो 144Hz पर रिफ्रेश होता है और USB टाइप-C कनेक्टिविटी को सपोर्ट करता है। BenQ GW90TC मॉनिटर अलग-अलग कलर मोड को सपोर्ट करते हैं और 20W तक पावर डिलीवरी देते हैं। BenQ GW2490TC में 23.8-इंच का पैनल है, जबकि BenQ GW2790TC में बड़ा 27-इंच का डिस्प्ले है। दोनों मॉडल में डुअल 2W बिल्ट-इन स्पीकर और एक हेडफोन जैक है।

भारत में BenQ GW90TC सीरीज की कीमत और उपलब्धता

नए BenQ GW2490TC की कीमत भारत में 12,750 रुपये है। दूसरी ओर, BenQ GW2790TC की कीमत 14,990 रुपये है। दोनों मॉडल अब देश में ऑथराइज्ड रिटेल पार्टनर और भारत में लीडिंग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ज़रिए खरीदने के लिए उपलब्ध हैं।
BenQ ने कहा कि नई लाइन BenQGW2490C और BenQ GW2790C मॉडल के साथ उपलब्ध होगी, जिनकी कीमत क्रमशः 9,589 रुपये और 11,989 रुपये है।





BenQ GW2490TC और GW2790TC के स्पेसिफिकेशन्स

BenQ GW90TC सीरीज में 144Hz रिफ्रेश रेट और 5ms रिस्पॉन्स टाइम के साथ फुल HD (1,080x1,920 पिक्सल) IPS पैनल हैं। नए प्रोडक्ट्स में AMD FreeSync सपोर्ट है और ये कंपनी की अपनी फ्लिकर-फ्री, लो ब्लू लाइट और विज़ुअल ऑप्टिमाइजर आई केयर टेक्नोलॉजी ऑफर करते हैं। नई लाइनअप एडजस्टेबल स्टैंड के साथ आती है, जिससे यूजर्स अपने सेटअप को पर्सनलाइज कर सकते हैं।


BenQ GW2790TC मॉनिटर में LED बैकलाइट टेक्नोलॉजी वाला 27-इंच का पैनल है, जिसका आस्पेक्ट रेशियो 16:9 है और ब्राइटनेस 300 nits है। ये 1500:1 का नेटिव कंट्रास्ट रेशियो और 178-डिग्री व्यूइंग एंगल और 82ppi की पिक्सल डेंसिटी भी देता है। मॉनिटर में 1.8 से 2.6 तक एडजस्टेबल गामा सेटिंग्स और HDCP 1.4 सपोर्ट है।


BenQ GW2490TC में LED बैकलाइट टेक्नोलॉजी वाला 23.8-इंच का पैनल है, जिसका पिक्सल डेंसिटी 93 PPI है और आस्पेक्ट रेशियो 16:9 है। ये 144Hz रिफ्रेश रेट ऑफर करता है। डिस्प्ले 250 nits की ब्राइटनेस, 1500:1 का नेटिव कंट्रास्ट रेशियो, 178 डिग्री व्यूइंग एंगल देता है। मॉनिटर कस्टमाइज्ड व्यूइंग कम्फर्ट के लिए 1.8 और 2.6 के बीच गामा एडजस्टमेंट की भी सुविधा देता है।


ऑडियो और कनेक्टिविटी के लिए, BenQ GW2490TC और GW90TC दोनों में डुअल 2W बिल्ट-इन स्पीकर और एक हेडफोन जैक है। कनेक्टिविटी ऑप्शन में एक HDMI 1.4 पोर्ट, एक डिस्प्लेपोर्ट 1.2, और एक USB टाइप-C पोर्ट है जो 20W पावर डिलीवरी, डिस्प्लेपोर्ट ऑल्ट मोड और डेटा ट्रांसफर को सपोर्ट करता है। दोनों मॉडल स्टैंडर्ड, गेम, ईपेपर, केयर मोड और सिनेमा जैसे अलग-अलग कलर मोड देते हैं।
 Jio समेत दुनिया की 15 दिग्गज टेक कंपनियों ने बनाया ‘ट्रस्टेड टेक अलायंस’

Jio समेत दुनिया की 15 दिग्गज टेक कंपनियों ने बनाया ‘ट्रस्टेड टेक अलायंस’

 Jio समेत दुनिया की 15 दिग्गज टेक कंपनियों ने बनाया ‘ट्रस्टेड टेक अलायंस’




एंथ्रोपिक, AWS, गूगल क्लाउड, माइक्रोसॉफ्ट, SAP, जियो प्लेटफॉर्म्स, एरिक्सन, नोकिया, NTT, कैसावा टेक्नोलॉजीज, कोहेयर, हनवा, एनस्केल, रैपिडस और साब ने श ...और पढ़ें






गूगल, जियो, AWS, माइक्रोसॉफ्ट और नोकिया जैसी कंपनियों ने ट्रस्टेड टेक अलायंस बनाया। Photo- Freepik.


टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। स्वीडन की Ericsson, Microsoft, भारत की Jio प्लेटफॉर्म्स (JPL) और Nokia जैसी 15 कंपनियों के एक ग्रुप ने शुक्रवार को 'ट्रस्टेड टेक्नोलॉजी अलायंस' (TTA) लॉन्च किया। ये पांच प्रिंसिपल्स पर बना है ताकि टेक्नोलॉजी का सुरक्षित इस्तेमाल हो सके, चाहे वह कहीं भी डेवलप की गई हो। ये अलायंस म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में बनाई गई।


अलायंस के दूसरे साइन करने वालों में Anthropic, Amazon Web सर्विसेज (AWS), Cassava टेक्नोलॉजीज, Cohere, Google Cloud, Hanwha, Nscale, NTT, Rapidus, Saab और SAP शामिल हैं।

इसके पांच प्रिंसिपल्स में हिस्सा लेने वाली कंपनियों से मजबूत और ट्रांसपेरेंट कॉर्पोरेट गवर्नेंस, एथिकल कंडक्ट, ऑपरेशनल ट्रांसपेरेंसी, मजबूत सप्लाई चेन और सिक्योरिटी ओवरसाइट, ओपन और इनक्लूसिव डिजिटल इकोसिस्टम, और लॉ और डेटा प्रोटेक्शन का पालन करने के लिए कहा गया है।
कंपनियों ने एक जॉइंट स्टेटमेंट में कहा कि वे सरकारों और कस्टमर्स के साथ मिलकर ये पक्का करेंगी कि नई टेक्नोलॉजी के फायदे लोगों का ज्यादा भरोसा जीतें और जॉब क्रिएशन और इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ावा दें।



ये अलायंस अपने मेंबर्स की संख्या को लगातार बढ़ाता रहेगा। इसका मकसद एक ऐसी टेक्नोलॉजी तैयार करना है जो भरोसेमंद हो और जिसे हर कोई आसानी से इस्तेमाल कर सके। ये अलायंस मिल-जुलकर काम करने के ऐसे तरीके बनाएगा जिससे देश और दुनिया के स्तर पर मदद मिले। इससे देशों की अपनी तकनीक पर पकड़ मबूत होगी। साथ ही, ये मुश्किल समय में टिके रहने और बाजार में मुकाबला करने की ताकत को भी बढ़ावा देगा।


एरिक्सन के प्रेसिडेंट और CEO, बोर्जे एकहोम ने कहा, 'कोई भी अकेली कंपनी या देश अकेले एक सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल स्टैक नहीं बना सकता। बल्कि, ट्रस्ट और सिक्योरिटी केवल एक साथ ही हासिल की जा सकती है। इसीलिए, एक जैसी सोच वाले इंडस्ट्री साथियों के साथ मिलकर, हमने ट्रस्टेड टेक अलायंस लॉन्च किया है, जो डिजिटल स्टैक में वेरिफाएबल भरोसे के तरीकों के लिए कमिटेड एक इनिशिएटिव है।'



जियो प्लेटफॉर्म्स के CEO किरण थॉमस ने कहा, 'ग्लोबल लेवल पर इनक्लूसिव डिजिटल ग्रोथ को अनलॉक करने के लिए ट्रस्टेड, सिक्योर और ट्रांसपेरेंट टेक्नोलॉजी जरूरी है। जियो प्लेटफॉर्म्स को टेक्नोलॉजी स्टैक में कॉमन स्टैंडर्ड्स और वेरिफाइड प्रैक्टिसेस को आगे बढ़ाने के लिए ट्रस्टेड टेक अलायंस में शामिल होने पर गर्व है।'


थॉमस ने आगे कहा, 'ग्लोबल पार्टनर्स के साथ कोलेबोरेशन के जरिए, हमारा मकसद रेजिलिएंस को मजबूत करना, डिजिटल अपॉर्चुनिटी को बढ़ाना और नेक्स्ट-जेनरेशन कनेक्टिविटी, क्लाउड और AI सिस्टम्स में लॉन्ग-टर्म कॉन्फिडेंस बनाना है।'
 Google ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए जारी किया ये नया पिन टैब फीचर, Chrome में ऐसे करें इस्तेमाल

Google ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए जारी किया ये नया पिन टैब फीचर, Chrome में ऐसे करें इस्तेमाल

 Google ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए जारी किया ये नया पिन टैब फीचर, Chrome में ऐसे करें इस्तेमाल



Google आखिरकार डेस्कटॉप वर्जन के बाद एंड्रॉयड पर क्रोम के लिए पिन टैब्स फीचर जारी कर दिया है। लेटेस्ट अपडेट में देखा गया है कि इससे यूजर्स जरूरी वेबसा ...और पढ़ें






Google ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए पेश किया नया फीचर।


टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। Google ने दिसंबर 2025 में घोषणा की थी कि यूजर्स को Android डिवाइस पर Chrome टैब में जरूरी टैब पिन करने की सुविधा देगा। अब, माउंटेन व्यू की इस बड़ी टेक कंपनी ने आखिरकार ये फीचर रोल आउट करना शुरू कर दिया है। ये पहले ब्राउजर के सिर्फ Windows, Mac और Linux वर्जन पर ही उपलब्ध था। ये फीचर Android के लिए Chrome के लेटेस्ट अपडेट के साथ देखा गया था। ब्राउजर के डेस्कटॉप वर्जन की तरह, यूजर्स अपनी पसंद का कोई भी टैब पिन कर सकते हैं और ये हमेशा सबसे ऊपर दिखेगा, भले ही वे एप बंद कर दें।

Android के लिए Google Chrome पर पिन टैब का इस्तेमाल कैसे करें

Android के लिए Chrome 144.0.7559.132 वर्जन अपडेट में अपडेट करने के बाद, हम ये वेरिफाई कर पाए कि यूजर्स अब Android डिवाइस पर Chrome ब्राउजर में जरूरी टैब पिन कर सकते हैं। किसी टैब को पिन करने के लिए, यूजर्स को अपनी पसंद का टैब प्रेस कर रखना होगा।
फिर मेन्यू से, Pin tab ऑप्शन चुनें। फिर Chrome टैब टैब सेक्शन में सबसे ऊपर पिन हो जाएगा। अगर यूजर ब्राउजर बंद भी कर दें, तो पिन किया हुआ टैब खोलने पर सबसे ऊपर दिखेगा। यूजर इन्हीं स्टेप्स को फॉलो करके या बस टैब बंद करके टैब को अनपिन कर सकते हैं।




ये बात कंपनी के उस ऐलान के कुछ महीने बाद आई है जिसमें उसने पहली बार बताया था कि वह जल्द ही एंड्रॉयड डिवाइस के लिए क्रोम एप में पिन्ड टैब फंक्शनैलिटी लाएगी। इसकी घोषणा करते हुए, कंपनी ने कहा कि 'पिन्ड पेज आपके ब्राउजर के फ्रंट में सेव रहते हैं, जिससे आप वहीं से शुरू कर सकते हैं जहां आपने छोड़ा था।'


ये गूगल की उस कोशिश का हिस्सा है जिसके तहत वह एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर अपने यूजर्स को डेस्कटॉप जैसा एक्सपीरियंस देना चाहता है, ताकि दोनों के बीच का गैप कम हो सके। हाल ही में, एक रिपोर्ट में बताया गया है कि टेक कंपनी एंड्रॉयड पर नए डेस्कटॉप मोड के साथ क्रोम की कम्पैटिबिलिटी को बेहतर बनाने पर भी काम कर रही है।


डेस्कटॉप मोड को पहले Android 16 क्वार्टरली प्लेटफॉर्म रिलीज़ 1 (QPR1) का हिस्सा बताया गया था और ये यूजर्स को डेस्कटॉप जैसा इंटरफेस ऑफर करता है जब वे कम्पैटिबल Pixel मॉडल को एक्सटर्नल डिस्प्ले से कनेक्ट करते हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक ये फीचर एंड्रॉयड यूजर इंटरफेस को सैमसंग DeX फंक्शनैलिटी की तरह मल्टी-विंडो लेआउट में बदल देता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब डिवाइस सेकेंडरी डिस्प्ले से कनेक्ट होता है, तो क्रोम वेबसाइट और पेज के डेस्कटॉप वर्जन लोड करने के लिए अपने आप वेब ब्राउजर के यूजर एजेंट को स्विच कर देता है।
T20 World Cup के इतिहास में ये हैं भारत-पाकिस्तान के सबसे यादगार मुकाबले, रोमांच की सारी हदें हो गई थी पार

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भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 में होने वाले मुकाबले से पहले, यह लेख दोनों टीमों के यादगार भिड़ंतों को याद करता है। इसमें 2007 के ग्रुप ...और पढ़ें



भारत-पाकिस्तान मैच

2007 टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाक का पहला बोल्ड-आउट


2007 फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5 रन से हराया


विराट कोहली की 2022 मेलबर्न में अविस्मरणीय 82 रनों की पारी


स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच कई ऐसे रोमांचक मुकाबले खेले गए हैं, जिसने फैंस की धड़कनें बढ़ा दी। अब एक बार फिर से टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया और पाकिस्तान एक-दूसरे से रविवार को भिड़ने वाले हैं। टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में वैसे तो भारत का पलड़ा भारी रहा है लेकिन पाकिस्तान ने कुछ मौकों पर कड़ी चुनौती दी है और मुकाबले को काफी रोमांचक बना दिया था। इसी कड़ी में हम भारत-पाकिस्तान के टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास के कुछ ऐसे मुकाबलों की बात करने वाले हैं, जिसे फैंस शायद ही कभी भुला पाएं।

भारत-पाकिस्तान के यादगार मुकाबले-
1. टी20 वर्ल्ड कप 2007

टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास का पहला संस्करण 2007 में खेला गया था और भारत-पाकिस्तान के बीच बेहद ही रोमांचक मुकाबला देखने को मिला था। क्रिकेट वर्ल्ड ने पहली बोल्ड आउट भी इसी मुकाबले में देखा था। भारत ने इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट के नुकसान पर 149 रन बनाए थे। टीम इंडिया के लिए रॉबिन उथप्पा ने सबसे अधिक 50 रनों की पारी खेली थी।
भारत के द्वारा दिए गए 150 रनों के लक्ष्य के जवाब में पाकिस्तान भी 149 रन ही बना सकी और इस तरह से मुकाबला टाई हो गया। मैच का नतीजा बोल्ड आउट के जरिए हुआ था। भारत के लिए वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह और रॉबिन उथप्पा ने स्टंप्स पर गेंद मारी। तो वहीं पाकिस्तान के सभी प्रयास विफल रहे, जिससे भारत को 3-0 से जीत मिली।

2. टी20 वर्ल्ड कप 2007 फाइनल

भारत और पाकिस्तान के बीच ही टी20 वर्ल्ड कप 2007 का फाइनल मुकाबला खेला गया था। ग्रुप स्टेज की तरह ही फाइनल मैच भी काफी रोमांच रहा, जिसे टीम इंडिया ने 5 रनों से अपने नाम किया था। इस मैच में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए गौतम गंभीर के 75 और रोहित शर्मा के नाबाद 30 रनों की बदौलत 157 रन बनाए थे। इसके जवाब में पाकिस्तान की टीम 152 रन ही बना सकी थी और टीम इंडिया वर्ल्ड चैंपियन बन गई।


हालांकि, एक समय ये मैच पाकिस्तान की मुठ्ठी में दिखाई दे रहा था क्योंकि मिस्बाह-उल-हक क्रीज पर जम चुके थे और उन्होंने 43 रन बना लिए थे। हालांकि, जोगिंदर शर्मा की गेंद और एस. श्रीसंत के कैच की वजह से मिस्बाह आउट हो गए और एमएस धोनी कप्तानी में भारत ने इस मुकाबले को अपने नाम कर लिया।

3. टी20 वर्ल्ड कप 2022

मेलबर्न में भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया मुकाबला रोमांच से भरा था। इस मुकाबले को विराट कोहली के द्वारा हारिस रऊफ को स्टेडियम के सामने लगाए गए छक्के के लिए याद किया जाता है। मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 159 रन बनाए थे और भारत के सामने जीत के लिए 160 रनों का लक्ष्य रखा था। इसके जवाब में टीम इंडिया ने एक समय पर 31 रनों पर 4 विकेट गंवा दिए थे लेकिन उस दिन विराट कोहली पाकिस्तान की जीत के बीच खड़े हो गए। कोहली ने इस मुकाबले में 53 गेंदों पर नाबाद 82 रनों की पारी खेली थी और टीम इंडिया को 4 विकेट से जीत दिलाई थी।
 भारत को इन 5 पाकिस्तानी खिलाड़ियों से रहना होगा सावधान, बन सकते हैं बड़ा खतरा

भारत को इन 5 पाकिस्तानी खिलाड़ियों से रहना होगा सावधान, बन सकते हैं बड़ा खतरा

 भारत को इन 5 पाकिस्तानी खिलाड़ियों से रहना होगा सावधान, बन सकते हैं बड़ा खतरा



टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में होगा। पाकिस्तान टीम शानदार लय में है और उसने हाल ही में टी20 सीरीज जीती है ...और पढ़ें




पाकिस्तान क्रिकेट टीम

उस्मान तारिक का अजीब एक्शन भारत के लिए मुश्किल


साहिबजादा फरहान की शानदार फॉर्म भारत को चुनौती देगी


शाहीन अफरीदी नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करेंगे


स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले का फैंस बेसब्री से इंतजार करते हैं और काफी उत्सुक रहते हैं। अब टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ये दोनों टीमें 15 फरवरी को कोलंबो में एक-दूसरे का सामना करने वाली हैं। पाकिस्तान की टीम अभी लय में दिखाई दे रही है क्योंकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को टी20 सीरीज में 3-0 से हराया था और फिर टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी अपने दोनों मुकाबलों में जीत हासिल की है।


पाकिस्तान के कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं, जो बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं और टीम इंडिया के खिलाफ मैच पलटने का दम रखते हैं। इसमें भारत को सबसे अधिक सावधान रहने की जरूरत स्पिनर उस्मान तारिक से है। वे अजीब बॉलिंग एक्शन से टीम इंडिया के लिए मुश्किलें पैदा कर सकते हैं। उनके अलावा भी 4 ऐसे खिलाड़ी हैं, जो सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम के लिए खतरा बन सकते हैं। आइए आपको इन पांचों खिलाड़ियों के बारे में बताते हैं।
भारत के लिए खतरा होंगे ये 5 खिलाड़ी-
1. उस्मान तारिक

पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक मौजूदा समय में अपने अजीब गेंदबाजी एक्शन की वजह से चर्चा में बने हुए हैं। भारत को उनसे सावधान रहने की जरूरत है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उन्होंने एक मैच खेला है और 3 विकेट अपने नाम किए हैं। इससे पहले नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने भी विकेट के पीछे से गेंदबाजी की थी और भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किलें हुई थी।

2. साहिबजादा फरहान

पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान इस समय बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने अपने पिछले मैच में यूएसए के खिलाफ अर्धशतक लगाया था और प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे। वे भारत के खिलाफ एशिया कप 2025 में तीन मैचों में 2 अर्धशतक लगा चुके हैं। ऐसे में भारतीय गेंदबाजों को फरहान को जल्दी आउट करना होगा, नहीं तो वे टीम इंडिया के लिए घातक साबित हो सकते हैं।

3. सलमान अली आगा

पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा भी टीम इंडिया के लिए खतरा हो सकते हैं। कोलंबो में खेले जाने वाले मुकाबले में स्पिनर्स की भूमिका अहम हो सकती है और आगा स्पिन को शानदार तरीके से खेलते हैं। इसके अलावा वे अब पाक टीम के लिए नंबर तीन पर बैटिंग करते हैं, जहां उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। आगा ने पाकिस्तान के लिए तीसरे नंबर पर बैटिंग करते हुए 41 से अधिक की औसत और 167 की स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं। ऐसे में वे भारत के लिए खतरा हो सकते हैं। इसके अलावा भारत की टीम में 5 बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और इस वजह से आगा अपनी गेंदबाजी से भी टीम इंडिया को तंग कर सकते हैं।

4. शादाब खान

पाकिस्तान के ऑलराउंडर शादाब खान भी इन दिनों शानदार लय में चल रहे हैं। कोलंबो में स्पिन अहम होगी और शादाब अपनी स्पिन गेंदबाजी से भारत के लिए चुनौती पेश कर सकते हैं। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 2 मैचों में खेलते हुए 6.5 की इकोनॉमी से रन खर्चे हैं और 2 विकेट हासिल किए हैं। यही नहीं वे अंत के ओवरों में हिटिंग करने की क्षमता रखते हैं। यूएसए के खिलाफ शादाब ने अंत के ओवरों में 12 गेंदों पर 30 रन बनाकर अपनी टीम का स्कोर 190 तक पहुंचा दिया था, जिससे पाकिस्तान ने मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया।

5. शाहीन अफरीदी

तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी भी टीम इंडिया के लिए खतरा बन सकते हैं। वे नई गेंद के साथ स्विंग प्राप्त करते हैं और उससे भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। कोलंबो में मैच के दौरान बारिश के भी आसार हैं और इससे शाहीन को मदद मिल सकती है। ऐसे में भारत को शाहीन अफरीदी से भी सावधान रहना होगा।