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एक्स गर्लफ्रेंड से करीबी बनी मौत की वजह, बेंगलुरु में बॉयफ्रेंड को जिंदा जलाने वाली प्रेमिका का खुलासा

एक्स गर्लफ्रेंड से करीबी बनी मौत की वजह, बेंगलुरु में बॉयफ्रेंड को जिंदा जलाने वाली प्रेमिका का खुलासा

 एक्स गर्लफ्रेंड से करीबी बनी मौत की वजह, बेंगलुरु में बॉयफ्रेंड को जिंदा जलाने वाली प्रेमिका का खुलासा


बेंगलुरु में प्रेमिका प्रेमा ने अपने प्रेमी किरण को 'रोल प्ले' के बहाने घर बुलाकर जिंदा जला दिया। यह खुलासा पुलिस द्वारा पूछताछ में प्रेमिका ने किया ह ...और पढ़ें




बेंगलुरु में बॉयफ्रेंड को जिंदा जलाने वाली प्रेमिका का खुलासा (यह तस्वीर AI द्वारा बनाई गई है।)


प्रेमिका प्रेमा ने प्रेमी किरण को जिंदा जलाया


'रोल प्ले' के बहाने घर बुलाकर की हत्या


पूर्व प्रेमिका से नजदीकी बनी हत्या का कारण


 बेंगलुरु पुलिस ने 29 वर्षीय किरण की जघन्य हत्या के मामले में उसकी प्रेमिका प्रेमा के कबूलनामे के बाद सनसनीखेज खुलासा किया है। आरोपी प्रेमिका ने अपने बॉयफ्रेंड किरण की एक्स गर्लफ्रेंड के साथ बढ़ती नजदीकियों और उसके शादी से इनकार करने के कारण हत्या की।


प्रेमिका प्रेमा ने एक खौफनाक साजिश के तहत किरण को 'रोल प्ले' के बहाने घर पर बुलाकर रस्सी से बांधा और फिर उस पर केरोसिन डालकर उसे जिंदा जला दिया। बेंगलुरु पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रेमा ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए पहले से ही पेट्रोल और रस्सी का इंतजाम कर लिया था।

क्या है पूरा मामला

पुलिस के मुताबिक, राजाजीनगर स्थित एक मोबाइल सर्विस स्टोर में सहकर्मी प्रेमा और किरण के बीच संबंध थे। प्रेमा कथित तौर पर शादी तक रिश्ता आगे बढ़ाना चाहती थी, जबकि किरण ने कथित तौर पर रिश्ते से दूरी बनाना शुरू कर दिया था। मामला तब और बिगड़ गया जब उसने कथित तौर पर अपनी पूर्व प्रेमिका से दोबारा संपर्क किया और उसका जन्मदिन मनाया, जिसकी तस्वीरें प्रेमा को उसके फोन में मिलीं।

हत्या से पहले रची थी साजिश

पुलिस के अनुसार, किरण की पूर्व प्रमिका से बढ़ती नजदीकियां और शादी से इनकार ने प्रेमा को गहरे सदमे में डाल दिया। उसने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाना शुरू कर दिया और पेट्रोल, केरोसिन और रस्सी खरीद ली। अकेले में मिलने के बहाने उसने किरण को अंजनानगर स्थित अपने घर बुलाया।

किरण पिता ने दर्ज कराई शिकायत

किरण के पिता नरसिम्हाया द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, लड़के को एक ग्रामीण का फोन आया जिसने उसे बेंगलुरु आने के लिए कहा और बताया कि उसके बेटे की हत्या कर दी गई है। वह शाम को घर पहुंचा और उसे पता चला कि दूसरी मंजिल पर रहने वाली प्रेमा ने किरण को अपने घर बुलाया था।


जब नरसिम्हाया घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन्होंने भवन मालिक चेतन कुमार और पड़ोसियों से पता लगाया कि प्रेमा घर से बाहर भागी और किरण को बचाने के लिए मदद मांगी। निवासियों ने बाल्टियों में पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास किया। आग पर काबू न पाने पर उन्होंने पुलिस और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को सूचित किया।


जब नरसिम्हाया ने प्रेमा से पूछताछ की, तो उसने किरण के साथ अपने रिश्ते की बात कबूल की और बताया कि छोटी-छोटी बातों पर उनके बीच झगड़े होते थे।
 झारखंड को मिलेगा नया जिला, गोड्डा से अलग होगा महागामा! मंत्री ने दोहराया अपना वादा

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महागामा को जिला बनाने की मांग ने फिर जोर पकड़ा है, जिसमें मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इसे अपनी शीर्ष प्राथमिकता बताया है। स्थायी बस स्टैंड जैसी बुनिय ...और पढ़ें





महागामा को जिला बनाने की मांग तेज हुई।


मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने वादा दोहराया।


स्थायी बस स्टैंड जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी।


महागामा (गोड्डा)। महागामा को जिला बनाने की मांग() एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। सात वर्ष पूर्व अनुमंडल का दर्जा मिलने के बाद स्थानीय लोगों को प्रशासनिक सुविधाओं में राहत मिली, वहीं अब इसे जिला बनाने की कवायद तेज होती दिख रही है।


ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री सह महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि महागामा को जिला घोषित करवाना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।
जिला मुख्यालय तक करीब 65 किलोमीटर की दूरी

गौरतलब है कि अनुमंडल बनने से पहले महागामा प्रखंड के लोगों को छोटे-बड़े सरकारी कार्यों, कोर्ट-कचहरी या पुलिस से जुड़े मामलों के लिए गोड्डा जिला मुख्यालय तक करीब 65 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी।

खासकर सीमावर्ती प्रखंड ठाकुरगंगटी के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी।लेकिन अनुमंडल बनने के बाद अधिकांश सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलने लगीं, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत हुई।
चुनाव के दौरान किया था वादा

बीते विधानसभा चुनाव के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने चुनावी सभाओं में महागामा को जिला बनाने का वादा किया था। उन्होंने कहा था कि गोड्डा से अलग महागामा जिले का गठन, हनवारा और बलबड्डा को प्रखंड तथा ठाकुरगंगटी को अनुमंडल का दर्जा दिलाने की दिशा में तेज कदम उठाए जाएंगे।अब एक बार फिर उन्होंने भरोसा दिलाया है कि सभी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

मंत्री ने जानकारी दी कि हनवारा और बलबड्डा को प्रखंड बनाने का प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि महागामा के समग्र विकास के लिए योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और जनता के सहयोग से जिला बनाने का सपना भी साकार होगा।

महागामा में स्थायी बस स्टैंड का निर्माण नहीं

हालांकि, स्थानीय स्तर पर अब भी कई बुनियादी समस्याएं बरकरार हैं। नगर पंचायत बनने के बावजूद महागामा में स्थायी बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो सका है।बसुआ चौक और मुख्य बाजार में ऑटो, टेंपो और बसों के अनियमित ठहराव के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।सड़क किनारे खड़े वाहनों से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।


फिलहाल गोचर भूमि को अस्थायी बस स्टैंड के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जहां न तो समुचित पार्किंग व्यवस्था है और न ही पेयजल व शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।इस कारण यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जिला बनाने की मांग को नई गति मिलेगी

नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि यातायात समस्या को प्राथमिकता के साथ लिया गया है।बस स्टैंड निर्माण के लिए भूमि चयन, डिजाइन और अन्य प्रक्रियाओं पर तेजी से काम चल रहा है।जल्द ही बस स्टैंड के साथ शौचालय, पेयजल और पार्किंग की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।


स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बस स्टैंड सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास जल्द होता है, तो महागामा अनुमंडल की छवि और मजबूत होगी।साथ ही, जिला बनाने की मांग को भी नई गति मिलेगी।अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि चुनावी वादे कब हकीकत में बदलते हैं और महागामा को जिला बनाने का सपना आखिर कब साकार होता है।
 सख्त बयान, फिर ‘टाइमआउट’: डोनल्ड ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल

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डोनल्ड ट्रंप अपनी विदेश नीति के अंदाज को लेकर चर्चा में हैं, जहां वे पहले आक्रामक रुख अपनाते हैं और फिर अचानक नरमी दिखाते हुए 'टाइमआउट' का कदम उठाते ह ...और पढ़ें






 अमेरिकी राजनीति में डोनल्ड ट्रंप एक बार फिर अपनी विदेश नीति के अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। ईरान, इजरायल और पाकिस्तान से जुड़े हालिया तनावों के बीच ट्रंप का रुख पहले बेहद आक्रामक नजर आया, लेकिन इसके बाद उन्होंने अचानक नरमी दिखाते हुए 'टाइमआउट' जैसा कदम अपनाया।


रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने शुरुआत में ईरान और उससे जुड़े मुद्दों पर कड़े बयान दिए और सख्त कार्रवाई की बात कही। उन्होंने इजरायल के समर्थन में मजबूत रुख अपनाया। पाकिस्तान और क्षेत्रीय तनाव को लेकर भी तीखी टिप्पणियां कीं। लेकिन कुछ ही समय बाद उनके रुख में बदलाव देखने को मिला, जहां उन्होंने सीधे टकराव से पीछे हटते हुए स्थिति को शांत करने की दिशा में कदम बढ़ाए।

सीजफायर और कूटनीतिक संतुलन

ट्रंप की रणनीति में यह पैटर्न साफ दिखता है कि वे पहले दबाव बनाते हैं और फिर बातचीत या युद्धविराम (ceasefire) की ओर बढ़ते हैं। इससे एक तरफ अमेरिका की ताकत का संदेश जाता है। वहीं दूसरी ओर बड़े सैन्य टकराव से बचने की गुंजाइश भी बनी रहती है।

आलोचना और समर्थन

ट्रंप के इस “टफ टॉक, फिर बैकफुट” मॉडल को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। समर्थकों का कहना है कि यह एक सोची-समझी रणनीति है, जिससे अमेरिका बिना युद्ध के अपने हित साधता है। आलोचकों के मुताबिक, इस तरह के अचानक बदलाव से अमेरिका की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं और सहयोगी देशों में भ्रम पैदा हो सकता है।

वैश्विक असर

मध्य-पूर्व और दक्षिण एशिया में जारी तनाव के बीच ट्रंप का यह रुख वैश्विक राजनीति को प्रभावित कर सकता है। ईरान-इजरायल समीकरण पर इसका सीधा असर पड़ता है। पाकिस्तान जैसे देशों के साथ संबंधों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
 कोडरमा रेलवे स्टेशन की पार्किंग में लगी आग, दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू

कोडरमा रेलवे स्टेशन की पार्किंग में लगी आग, दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू

कोडरमा रेलवे स्टेशन की पार्किंग में लगी आग, दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू

कोडरमा स्टेशन के दक्षिणी छोर पर स्थित रेलवे पार्किंग में गुरुवार देर रात भीषण आग लग गई। वार्ड पार्षद मनीष चौधरी और फायर ब्रिगेड की तत्परता से डेढ़ घंट ...और पढ़ें






फायर ब्रिगेड ने डेढ़ घंटे में आग बुझाई।


 कोडरमा। कोडरमा स्टेशन के दक्षिणी छोर पर स्थित रेलवे के अधिकृत पार्किंग में गुरुवार देर रात करीब 2:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई।

घटना के समय पार्किंग में लोगों की आवाजाही बेहद कम थी, जिससे जनहानि का खतरा तो टल गया, लेकिन आग तेजी से फैलती तो लाखों रुपये के रेलवे के केबल, बसों और कारों को भारी नुकसान हो सकता था।



आग बुझाने का प्रयास करते कर्मी।

आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय वार्ड पार्षद मनीष चौधरी ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड और स्टेशन प्रबंधन को सूचना दी।

फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। हालांकि, आग लगातार विकराल रूप ले रही थी और स्थिति पर काबू पाना मुश्किल होता जा रहा था।
डेढ़ घंटे में आग पर पाया गया काबू

इस दौरान फायर स्ट्रिंगर की मदद से आग को फैलने से रोका गया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। बाद में मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।




लगी भयंकर आग।

रात का समय होने के कारण सड़कों पर भीड़ कम थी, जिससे शहर के व्यस्त इलाके में स्थित स्टेशन तक दमकल की गाड़ी आसानी से पहुंच सकी।

वार्ड पार्षद मनीष चौधरी ने बताया कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी।
वहीं, स्टेशन प्रबंधक विकास कुमार ने भी माना कि समय पर आग पर काबू पा लेने से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
 राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव करने वाले युवक को RPF ने धनबाद से दबोचा, पत्थर लेकर बैठा था ट्रैक पर

राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव करने वाले युवक को RPF ने धनबाद से दबोचा, पत्थर लेकर बैठा था ट्रैक पर

 राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव करने वाले युवक को RPF ने धनबाद से दबोचा, पत्थर लेकर बैठा था ट्रैक पर



आरपीएफ ने धनबाद में हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव करने वाले फैजान अंसारी को गिरफ्तार किया। नशे का आदी फैजान पहले भी रेलवे की बैटरी चोरी ...और पढ़ें






पकड़ा गया युवक।


आरपीएफ ने वासेपुर के आरोपी को दबोचा।


जागरण संवाददाता, धनबाद। हावड़ा से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव करने वाले एक युवक को धनबाद स्टेशन के आउटर सिग्नल के पास आरपीएफ ने घेर कर पकड़ा।

पकड़े गए युवक का नाम फैजान अंसारी है जो वासेपुर आरा मोड़ का रहने वाला है। पत्थर लेकर ट्रैक पर बैठे रहने के दौरान उसे पकड़ा गया।

आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि पिछले माह छह मार्च को धनबाद स्टेशन से खुलने के बाद राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव किया गया था।

थर्ड एसी के ए-4 कोच के बर्थ संख्या 17 का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया था। घटना की छानबीन के दौरान पता चला कि बुधवार को पत्थर फेंकने वाला युवक धनबाद-अलेप्पी एक्सप्रेस पर सवार होने के फिराक में है।
RPF ने दबोचा

स्टेशन के आउटर सिग्नल के पास उस युवक को ट्रैक पर चलते देखा गया। आरपीएफ ने उसे पकड़ लिया। उसने बताया कि वह रेलवे ट्रैक के पास ही रहता है।

नशे का आदि है और नशे के दौरान ही ट्रेन पर पत्थर फेंकता है। उसने बताया कि आरपीएफ उसे ढूंढ़ रही है, इसका पता चल गया था और इसी वजह से वह भागने की तैयारी में था।

भागने से पहले वह दोबारा फिर किसी ट्रेन पर पत्थर फेंकने वाला था,पर उससे पहले ही पकड़ा गया। इससे पहले भी वह रेलवे की बैटरी चोरी के आरोप में जेल जा चुका है। उसे रेल न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
 किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा

किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा

 किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा

सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के लिए 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति
इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति
छिन्दवाडा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति
लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति
निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2,190 करोड़ 44 लाख रूपये की स्वीकृति
प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,479 करोड़ रूपये की स्वीकृति
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में परिजन आवास की स्थापना की स्वीकृति
छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति
"मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम" के लिए 24 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कृषि भूमि के भूअर्जन पर गुणन कारक (मल्टीफिकेशन फैक्टर) को दोगुना करते हुए 2.0 कर दिया गया है। इससे अब अधिग्रहित कृषि भूमि का मुआवजा किसानों को दोगुना के स्थान पर बाजार दर से 4 गुना प्राप्त होगा। यह निर्णय संपूर्ण प्रदेश की ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के अधिग्रहण पर लागू होगा। मंत्रि-परिषद ने नगरीय सीमा में मुआवजा गुणन कारक को यथावत एक रखा गया है। मंत्रि-परिषद ने इसके साथ सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के कार्यों के लिए लगभग 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति भी दी है।

भू-अर्जन पर बाजार दर का 4 गुना मुआवजा मिलने से किसानों को होगा जबरदस्त फायदा

मंत्रि-परिषद ने किसानों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए ' मध्यप्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2015 ' के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गुणन कारक (Multiplication Factor) को बढ़ाकर 2.0 कर दिया गया है, जिससे किसानों को अब उनकी कृषि भूमि का बाजार दर से 4 गुना मुआवजा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

इस निर्णय से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, पुल, रेलवे और बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि पर किसानों को अधिक राशि मिल सकेगी। इससे न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि भूमि देने वाले किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा।

उल्लेखनीय है कि इस संबंध में मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, श्री राकेश सिंह और श्री चेतन्य कुमार काश्यप की उप-समिति ने अनुशंसा की थीं। उप-समिति ने अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन करने के साथ ही विभिन्न् किसान संगठन क्रेडाई,सीआईआई और फिक्की से चर्चा के बाद यह रिपोर्ट तैयार की थी। सरकार के इस पारदर्शी और किसान-हितैषी निर्णय से प्रदेश के हजारों परिवारों को सीधा लाभ पहुँचेगा।

इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन जिले की इन्दौख- रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की लागत राशि 157 करोड़ 14 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 10,800 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से झारड़ा तहसील के 35 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।

छिन्दवाड़ा सिंचाई काम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिये स्वीकृत राशि 840 करोड़ 80 लाख रूपये के स्थान पर लगभग 969 करोड़ रूपये का विशेष पुनर्वास पैकेज स्वीकृति किया गया है। यह विशेष पैकेज त्वरित क्रियान्वयन व विस्थापितों के अपेक्षित सहयोग के लिए केन-बेतवा अन्तर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना के समकक्ष प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है।

छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के अंतर्गत छिन्दवाड़ा जिले में संगम 1 बाँध, संगम 2 बाँध, रामघाट बांध एवं पांढुर्णा जिले में बेलेंसिग रिजर्वायर (पांढुर्णा) इस प्रकार कुल 4 बांध प्रस्तावित है, जिससे छिन्दवाड़ा एवं पांढुर्णा जिलों के 1,90,500 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी । परियोजना से छिन्दवाड़ा जिले के 369 एवं पांढुर्णा जिले के 259 ग्राम इस प्रकार कुल 628 ग्राम लाभान्वित होंगे।

लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार म..प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से सड़कों का निर्माण को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने और संचालन के लिए 7 हजार 212 करोड़ रूपये, ग्रामीण सडकों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण और उन्नयन के कार्य की निरंतरता के लिए 6 हजार 150 करोड रूपये, पुलों और सड़कों के उन्नयन के लिए 1 हजार 87 करोड़ रूपये, भवनों के मरम्मत और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 765 करोड़ रूपये और वृहद पुलों का निर्माण की योजना को सोलहवें वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031) तक में निरंतर रखे जाने और संचालन के लिए 9 हजार 950 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2,191 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत ग्राम क्षेत्रों में शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं एवं कक्षा 9 वी में अध्ययनरत विद्यार्थियों को साइकिल प्रदाय करने से संबंधित निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखने के लिए 990 करोड़ रूपये और शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं के वेतन भत्ते, कार्यालयीन व्यय एवं संस्थानों का सृदृढ़ीकरण से संबंधित 8 योजनाओं के संचालन के लिए 1,200 करोड़ 44 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना मध्यप्रदेश में वर्ष 2004-05 से संचालित की जा रही है। निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना अंतर्गत निर्धारित मापदण्ड अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत् विद्यार्थी जो कि शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं एवं कक्षा 9 वी में अध्ययनरत् है, तथा वह जिस ग्राम का निवासी है उस ग्राम में शासकीय माध्यमिक / हाईस्कूल संचालित नहीं है तथा वह अध्ययन के लिए किसी अन्य ग्राम या शहर के शासकीय स्कूल में जाता है, उसे निःशुल्क साइकिल वितरण योजना अंतर्गत लाभान्वित किया जाता है।

प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,479 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद् द्वारा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने, चिकित्सा महाविद्यालयों में उन्नयन और मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के लिए 5 हजार 479 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

स्वीकृति अनुसार मुख्यमंत्री समग्र एवं उन्नत तृतीयक स्वास्थ्य सेवा संस्था सुदृढ़ीकरण योजना (CM CARE 2025) योजना के 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 3 हजार 628 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए है। योजना के माध्यम से तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के एक सशक्त हब के रूप में शासकीय और स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों एवं निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण अंतर्गत ऑन्कोलॉजी (सर्जिकल, मेडिकल एवं रेडिएशन), कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी तथा अंग प्रत्यारोपण इकाइयों की स्थापना आदि का प्रावधान किया जा रहा है। इसके लिए शासकीय निवेश के साथ-साथ निजी भागीदारों की विशेषज्ञता, नवीनतम तकनीक और पूंजी निवेश का उपयोग कर सेवाओं की उन्नत गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

इसके साथ ही चिकित्सा महाविद्यालयो में उन्नयन के लिए 1 हजार 503 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए। स्वीकृति अनुसार इस योजना से चिकित्सा महाविद्यालयों में अगले 5 वर्षों तक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा।

मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय स्थापना के निर्माण के लिए पूर्व में स्वीकृत 249 करोड़ 63 लाख रूपये के स्थान पर 347 करोड़ 39 लाख रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। स्थल परिवर्तन के कारण तकनीकी कारणों से लागत में वृद्धि के कारण पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से आसपास के क्षेत्र की जनता को तृतीयक स्तर की चिकित्सा सुविधाएं सुलभता से प्राप्त होंगी।

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में परिजन आवास की स्थापना की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के चुने हुए चिकित्सा महाविद्यालयों के परिसर में परोपकारी संस्थाओं के माध्यम से परिजन आवास स्थापित करने के लिए मंजूरी दी है। संस्थाएं ऐसे परिजन विश्राम गृह की स्थापना अपने वित्तीय संसाधनों से करेगी,जिसके लिए सरकार कोई कोई वित्तीय सहायता नहीं देगी। संस्था द्वारा सेवाओं के लिए लिया जाने वाला शुल्क का निर्धारण शासन द्वारा गठित समिति द्वारा किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था से मरीज के परिजनों को बेहतर व्यवस्था कम दरों पर मिलेंगी और मानसिक रूप से वे बेहतर स्थिति में होंगे, जिसका सीधा-सीधा लाभ अस्पताल की व्यवस्था पर पड़ेगा और व्यवस्था सुचारु होगी।

चिकित्सा महाविद्यालय से संबंधित अस्पतालों में दूर-दूर से मरीज आते हैं। इनके साथ परिजन भी आते हैं। इनमें से कई परिजन अस्पताल परिसर से बाहर ठहरने की व्यवस्था के व्यय भार को उठाने में सक्षम नहीं होने के कारण अस्पताल परिसर में हो सो जाते हैं। इससे अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, साथ ही परिजनों को भी ठहरने को आरामदायक स्थान नहीं मिल पाता है। इसका अप्रत्यक्ष असर अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था तथा मरीज और अस्पताल स्टॉफ के मध्य संव्यवहार पर भी पड़ता है, जिससे अस्पतालों के कार्य प्रभावित होते हैं।

छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद् द्वारा छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए कार्यकाल अवधि के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। राज्य शासन द्वारा छठवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए 24 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद् द्वारा "मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तृतीय चरण को तीन वर्ष के संचालन के लिए 23 करोड़ 90 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही लोक सेवा प्रबंधन विभाग को अग्रिम कार्यवाही तथा प्रक्रिया निर्धारण कर नियमों एवं निर्देशों को जारी कर क्रियान्वयन के लिये अधिकृत किया गया है।

 स्व-सहायता समूह से की बदौलत बनीं ‘लखपति दीदी’

स्व-सहायता समूह से की बदौलत बनीं ‘लखपति दीदी’

 स्व-सहायता समूह से की बदौलत बनीं ‘लखपति दीदी’

स्व-सहायता समूह से की बदौलत बनीं ‘लखपति दीदी’


छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी एनआरएलएम (बिहान) योजना के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। मुंगेली जिले के जनपद पंचायत लोरमी के ग्राम खपरीकला की निवासी श्रीमती सम्पत्ति प्रजापति इसकी प्रेरक उदाहरण हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने जीवन की दिशा बदल दी है।

समूह से जुड़ने से पहले उनके परिवार की आय का मुख्य साधन एक छोटा होटल व्यवसाय था, जिससे मुश्किल से गुजारा होता था। “जय शनिदेव महिला स्व-सहायता समूह” से जुड़ने के बाद उन्हें रिवॉल्विंग फंड, कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड एवं बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण सुविधाएं प्राप्त हुईं। इन संसाधनों का उपयोग कर उन्होंने अपने होटल व्यवसाय का विस्तार किया और साथ ही सुहाग भंडार एवं किओस्क बैंकिंग कार्य प्रारंभ किया। उनकी मेहनत का परिणाम है कि मासिक आय 10 हजार रुपये से बढ़कर लगभग 25 हजार रुपये हो गई है। वार्षिक आय करीब 3 लाख रुपये तक पहुंच गई है, जबकि कृषि से उन्हें अतिरिक्त लगभग 1 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है। आर्थिक सशक्तिकरण के इस सफर ने उनके परिवार के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है। आज सम्पत्ति प्रजापति ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं और अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।