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 झारखंड के कपल का हनीमून हुआ खराब, ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच दुबई में फंसे; अब 10 दिन बाद होगी वतन वापसी

झारखंड के कपल का हनीमून हुआ खराब, ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच दुबई में फंसे; अब 10 दिन बाद होगी वतन वापसी

 झारखंड के कपल का हनीमून हुआ खराब, ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच दुबई में फंसे; अब 10 दिन बाद होगी वतन वापसी



रांची के नवदंपति अतुल उरांव और डॉ. कंचन बाड़ा खाड़ी क्षेत्र में युद्ध तनाव के कारण दुबई में फंस गए थे। कई उड़ानें रद्द होने के बाद, उन्हें 1.12 लाख रु ...और पढ़ें






अतुल उरांव और उनकी पत्नी डॉ. कंचन बाड़ा। फोटो जागरण

 खाड़ी क्षेत्र में बढ़े युद्ध तनाव के बीच दुबई में फंसे रांची के नवदंपति के आखिरकार सुरक्षित स्वदेश लौटने का रास्ता साफ हो गया है। स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया (सेल) रांची के अधिकारी अतुल उरांव और लातेहार निवासी उनकी पत्नी डॉ. कंचन बाड़ा मंगलवार सुबह करीब 9 बजे मुंबई से रांची एयरपोर्ट पहुंचेंगे। उनकी वापसी की खबर से परिवार और शुभचिंतकों में राहत और खुशी का माहौल है।


अतुल उरांव और डॉ. कंचन बाड़ा का विवाह 22 फरवरी को रांची में आदिवासी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ था। विवाह के बाद हनीमून के लिए दोनों 27 फरवरी को दुबई गए थे।

उनकी वापसी 4 मार्च को तय थी, लेकिन इसी बीच खाड़ी क्षेत्र में अचानक बढ़े युद्ध तनाव और अस्थिर हालात के कारण कई उड़ानें रद हो गईं। इसके चलते दोनों दुबई में ही फंस गए।

लगातार उड़ानें रद्द होने से नवदंपति को लगभग एक सप्ताह तक अनिश्चितता और चिंता के बीच इंतजार करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने सरकार से सुरक्षित वापसी में मदद की गुहार भी लगाई थी। कई बार टिकट बुक करने की कोशिश के बावजूद अंतिम समय में उड़ानें रद हो जाती थीं।
1.12 लाख रुपये खर्च करने पर मिला टिकट

अतुल उरांव ने बताया कि आखिरकार 8 मार्च को उन्हें स्वदेश लौटने का टिकट मिल सका, लेकिन इसके लिए उन्हें करीब 1.12 लाख रुपये खर्च करने पड़े। उन्होंने कहा कि लगातार उड़ानें रद होने के कारण हर दिन चिंता और असमंजस में बीत रहा था। भारत लौटने के बाद अब काफी राहत महसूस हो रही है।

नवदंपति के रिश्तेदार और सामाजिक कार्यकर्ता अनिल अमिताभ पन्ना ने उनकी सुरक्षित वापसी पर संतोष जताते हुए कहा कि आपात परिस्थितियों में हवाई टिकटों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में सरकार और संबंधित एजेंसियों को हस्तक्षेप कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विदेशों में फंसे नागरिकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।

करीब एक सप्ताह तक चिंता में डूबे परिजनों के लिए यह खबर बड़ी राहत लेकर आई है। नवदंपति की सुरक्षित वापसी की सूचना मिलते ही परिवार, मित्रों और परिचितों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है। अब सभी को उनके सकुशल रांची पहुंचने का इंतजार है।
 झारखंड पुलिस के सभी जांच अधिकारियों को मिलेगा स्मार्टफोन, नियमों में हुआ बदलाव

झारखंड पुलिस के सभी जांच अधिकारियों को मिलेगा स्मार्टफोन, नियमों में हुआ बदलाव

 झारखंड पुलिस के सभी जांच अधिकारियों को मिलेगा स्मार्टफोन, नियमों में हुआ बदलाव



झारखंड पुलिस मुख्यालय ने अनुसंधानकर्ताओं को स्मार्टफोन देने के दिशानिर्देशों में संशोधन किया है। अब सभी वर्तमान अनुसंधान कार्य कर रहे पुलिस पदाधिकारिय ...और पढ़ें





झारखंड पुलिस के जांच अधिकारी को मिलेगा स्मार्टफोन। फोटो एआई जनरेटेड


अनुसंधानकर्ताओं को सरकारी योजना से स्मार्टफोन मिलेगा।


पुलिस मुख्यालय ने स्मार्टफोन वितरण के दिशानिर्देश बदले।


मंत्री संजय सेठ ने महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया।


राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड पुलिस में अनुसंधान कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को अब सरकारी योजना के तहत स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाएगा। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने पूर्व में जारी दिशानिर्देशों में संशोधन करते हुए नया आदेश जारी किया है।


पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कार्यालय उपकरण मद के तहत अनुसंधान कार्य में उपयोग के लिए मोबाइल फोन खरीदने की राशि उपलब्ध कराई गई है।

इससे पहले 17 मार्च 2025 को जारी दिशानिर्देशों के अनुसार नया मोबाइल फोन केवल उन्हीं अनुसंधानकर्ताओं को देने का प्रविधान था, जिनकी सेवा अवधि चार वर्ष से अधिक शेष हो।

साथ ही यह भी शर्त थी कि पिछले दो वर्षों से अनुसंधान कार्य में संलग्न नहीं रहने वाले या अनुसंधानकर्ता नहीं रहने वाले पदाधिकारियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

कई जिलों से यह सूचना मिली थी कि इन शर्तों के कारण बड़ी संख्या में अनुसंधानकर्ता इस योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसके बाद मामले की समीक्षा की गई।

पुलिस मुख्यालय ने पूर्व दिशानिर्देशों में आंशिक संशोधन किया है। अब वर्तमान में अनुसंधान कार्य कर रहे सभी पुलिस पदाधिकारियों को प्रावधान के अनुसार मोबाइल फोन उपलब्ध कराया जाएगा।

महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को मंत्री संजय सेठ ने किया सम्मानित


अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची में महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में उनके योगदान की सराहना की और उन्हें छाता भेंट कर बधाई व शुभकामनाएं दीं।
मंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी, बारिश और कड़ाके की ठंड जैसे हर मौसम में सड़कों पर खड़े होकर महिला पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाती हैं। नागरिकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यह वीडियो भी देखें



उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों के समर्पण, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि उनका योगदान समाज के लिए प्रेरणादायी है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की सेवा भावना और मेहनत को सराहा।
 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधायक स्व. राव राजकुमार सिंह यादव को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधायक स्व. राव राजकुमार सिंह यादव को दी श्रद्धांजलि

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधायक स्व. राव राजकुमार सिंह यादव को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अशोकनगर जिले के ईसागढ़ के ग्राम महुअन पहुंचकर चंदेरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री राव राजकुमार सिंह यादव के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. यादव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा परिजन से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. राव राजकुमार सिंह यादव समर्पित जनप्रतिनिधि और समाजसेवी थे। अपने जीवनकाल में उन्होंने कई समाज सेवा के कार्य किए। जनकल्याण के लिए सक्रियता पूर्वक कार्य किया। उनका योगदान स्मरणीय रहेगा।

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने बीएसएस प्रणवानंद स्कूल के ‘कल्चरल एंड हेरिटेज म्यूजियम’ का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री श्री साय ने बीएसएस प्रणवानंद स्कूल के ‘कल्चरल एंड हेरिटेज म्यूजियम’ का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित बीएसएस प्रणवानंद स्कूल परिसर पहुंचकर  भारत माता की मूर्ति तथा भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्कूल परिसर में स्थापित कल्चरल एंड हेरिटेज म्यूजियम का अवलोकन किया। स्कूल के सचिव स्वामी शिवरूपानंद जी महाराज ने उन्हें संग्रहालय का विस्तृत भ्रमण कराया। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ संग्रहालय में प्रदर्शित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, ऋषि-मुनियों तथा भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित मानव कल्याण से जुड़े कार्यों और गतिविधियों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्कूली बच्चों को भारत के समृद्ध इतिहास, ऋषि-मुनियों, महान चिंतकों, धर्म प्रवर्तकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान से परिचित कराने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और गौरवशाली रही है, जिसे हमारे ऋषि-मुनियों, विद्वानों और महापुरुषों ने अपने ज्ञान, तप और त्याग से और अधिक समृद्ध बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। इससे बच्चों में अपने राष्ट्र, संस्कृति और मूल्यों के प्रति गर्व की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि बीएसएस प्रणवानंद स्कूल द्वारा स्थापित यह संग्रहालय भावी पीढ़ी को हमारे धर्म, ग्रंथों, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रेरणादायक माध्यम बनेगा।

इस अवसर पर स्कूल के सचिव स्वामी शिवरूपानंद जी महाराज ने मुख्यमंत्री श्री साय को शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया।

उल्लेखनीय है कि बीएसएस प्रणवानंद स्कूल में भारत के महान ऋषि-मुनियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों की प्रतिमाएं उनके जीवन और कार्यों की जानकारी के साथ स्थापित की गई हैं। इनमें महर्षि वेदव्यास, ब्रह्मर्षि विश्वामित्र, सुश्रुत, कणाद, आर्यभट्ट, रामानुजाचार्य, स्वामी विवेकानंद, राजा राममोहन राय, पृथ्वीराज चौहान, रानी लक्ष्मीबाई, खुदीराम बोस, महर्षि दयानंद और भगवान बिरसा मुंडा सहित अनेक महान विभूतियां शामिल हैं।

इस अवसर पर प्राचार्य श्रीमती आनन्दिता घोष, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।  

  सम्राट विक्रमादित्य के काल में अवंतिका नगरी में विजयी ध्वज निकाल कर मनाया जाता था उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सम्राट विक्रमादित्य के काल में अवंतिका नगरी में विजयी ध्वज निकाल कर मनाया जाता था उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सम्राट विक्रमादित्य के काल में अवंतिका नगरी में विजयी ध्वज निकाल कर मनाया जाता था उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

परंपरागत ध्वज चल समारोह हमारे सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक
नगर में परंपरागत निकलने वाले चल समारोह (गेर) को निरंतर बनाए रखने प्रदान की जाएगी सवा लाख रुपए की सहयोग राशि

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राचीन अवंतिका नगरी में सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल के दौरान परंपरागत रूप से सैनिक छावनियों से सैनिक विजयी पताका और चिन्ह लेकर चल समारोह के रूप में नगर में उत्सव मनाते थे। बाद में इस उत्सव को गेर नाम दे दिया। यह प्राचीन परंपरा आज भी कायम है। यह परंपरा हमारे सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन में सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान श्री महाकाल का पूजन अभिषेक करने के बाद मंदिर के सभा मंडप में रंगपंचमी के अवसर पर ध्वज चल समारोह में भगवान वीरभद्र जी के ध्वज और श्री महाकाल ध्वज के साथ ही शस्त्रों का विधि विधान पूर्वक पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ध्वज हाथ में लेकर मंदिर के कुंड परिसर तक गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह को निर्देश दिए कि उज्जैन में परंपरागत रूप से निकलने वाले चल समारोह (गेर) की परंपरा को आगे भी कायम रखने के लिए सवा-सवा लाख रुपए की राशि दी जाए।

रंगपंचमी के अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर से परंपरागत रूप से निकलने वाले श्री महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह (श्री वीरभद्र ध्वज चल समारोह) के पहले सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंच कर गर्भगृह में भगवान श्री महाकाल का पूजन कर देश व प्रदेश की खुशहाली की कामना की। पूजन के बाद नंदी हाल में मंदिर के पुजारी-पुरोहितों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान महाकाल का ध्यान लगाया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भगवान महाकाल का अंगवस्त्र, भगवान महाकाल का प्रसाद व स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रंग पंचमी पर उज्जैन में खेली फूलों की होली
ये देश है वीर जवानों का" गाना गाया, सभी को रंग पंचमी की शुभकामनाएं दीं
उज्जैनवासियों ने मुख्यमंत्री का किया अभिनंदन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को रंगपंचमी के पावन अवसर पर टॉवर चौक उज्जैन में आमजन के साथ फूलों की होली खेली। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंधी कॉलोनी से निकाली गई गेर (चल समारोह) में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने बीच पाकर नागरिकों ने हर्षोल्लास से रंगपंचमी मनाई और मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। टॉवर चौक पर बनाये गये मंच से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी पर गुलाब के फूल बरसाकर होली खेली।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये फूल हमें याद दिलाते हैं कि जीवन में रंग भले कितने भी हों, असली रंग तो दिल के रंग होते हैं, जो एक-दूसरे के लिए सम्मान, भाईचारा और देशभक्ति से भरे हों।  रंगपंचमी पर हमारे जीवन में आत्मीयता बढ़े, प्रेम और स्नेह बढ़े यही ईश्वर से प्रार्थना है।

इसके बाद मुख्यमंत्री और आम जनता ने मिलकर 'ये देश है वीर जवानों का, अलबेलों का मस्तानों का' गाना गाया तो लगा जैसे पूरा उज्जैन, एक सुर में गूंज रहा है। ये गाना उन वीर जवानों के लिए समर्पित था, जो सीमा पर खड़े होकर हमें ये रंग खेलने की आजादी देते हैं। आज टॉवर चौक पर रंगपंचमी पर हजारों लोगों का एक साथ नाचते और गाने में मालवी परंपरा की सोंधी खुशबू भी थी।

  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ग्राम छतौना में वृहद महतारी वंदन सम्मेलन आयोजित

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ग्राम छतौना में वृहद महतारी वंदन सम्मेलन आयोजित

  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ग्राम छतौना में वृहद महतारी वंदन सम्मेलन आयोजित

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ग्राम छतौना में वृहद महतारी वंदन सम्मेलन आयोजित

मुख्यमंत्री श्री साय वर्चुअल माध्यम से हुए शामिल, महिलाओं के खातों में किया 684 करोड़ रूपए का किया अंतरित, दी बधाई

विधायक सहित कलेक्टर-एसपी एवं अन्य जनप्रतिनिधि हुए शामिल

विधायक ने की महतारी सदन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपये की घोषणा

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ग्राम छतौना में वृहद महतारी वंदन सम्मेलन आयोजित

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ग्राम छतौना में वृहद महतारी वंदन सम्मेलन आयोजित

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ग्राम छतौना में वृहद महतारी वंदन सम्मेलन आयोजित

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुंगेली जिले के ग्राम छतौना (जरहागांव), सेतगंगा, मानस मंच लोरमी एवं झाफल और मंगल भवन पथरिया में वृहद महतारी सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिले में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में 684 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का अंतरण किया और हितग्राहियों को बधाई दी। इसमें जिले के 02 लाख 09 हजार 600 से अधिक महिलाओं के खाते में 19.22 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की गई। ग्राम छतौना के मंडी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, मुंगेली एसडीएम श्री अजय शतरंज, लोरमी जनपद अध्यक्ष श्रीमती वर्षा सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अंबालिका साहू, श्रीमती रजनी मानिक सोनवानी, श्री उमाशंकर साहू, जनपद पंचायत मुंगेली अध्यक्ष श्री रामकमल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरूआत में सरस्वती और भारत माता के छाया चित्र पर पूजा-अर्चना की गई। साथ ही राष्ट्रगान जन गण मन एवं राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाया गया।
     विधायक श्री मोहले ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और उन्हें समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महतारी वंदन योजना, आवास योजना, बिजली बिल में राहत, स्वच्छ पेयजल की सुविधा और पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ महिलाओं को मिल रहा है। आज महिलाएं देश और राज्य की नेतृत्वकारी भूमिकाओं में भी आगे बढ़ रही हैं और हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। राज्य में बड़ी संख्या में महिलाएं लखपति दीदी बनकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। महिलाएं सिलाई, कढ़ाई सहित विभिन्न व्यवसायों में आगे बढ़ रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं। विधायक ने कहा कि राज्य सरकार को बने अभी दो वर्ष ही हुए हैं और इस दौरान विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। महिलाओं को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उन्हें रोजगार और व्यवसाय की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महतारी सदन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपये की घोषणा की।
    कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजना के तहत अब तक 684 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में सीधे अंतरित की जा चुकी है, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने में मदद मिल रही है। उन्होंने उपस्थित सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम को संबोधित किया और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में महिलाओं में काफी उत्साह और हर्ष का माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने मंच के माध्यम से अपनी सफलता एवं आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी साझा की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

अधिकारी-कर्मचारी सहित हितग्राही और बालिका खिलाड़ी हुए सम्मानित

   कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागीय 16 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही राष्ट्रीय स्तर के 38 बालिका खिलाड़ियों को 01 हजार 100 रूपए का चेक एवं शाल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी तरह कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 06 बालिकाओं को 20 हजार रूपए की राशि, शील्ड व प्रशस्ति पत्र, जरहागॉव सुरभि क्लस्टर संगठन की 11 महिलाओं, महतारी वंदन योजना की राशि से व्यवसाय करने वाली 30 महिलाओं को शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

 करीला धाम के संपूर्ण विकास की बनाई जायेगी योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

करीला धाम के संपूर्ण विकास की बनाई जायेगी योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 करीला धाम के संपूर्ण विकास की बनाई जायेगी योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

करीलाधाम देश का एकमात्र मंदिर जहां सीता माता अपने दोनों पुत्रों के साथ हैं विराजमान
लव-कुश की जन्मस्थली है करीला धाम
अशोकनगर जिले को दी 115.35 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री करीला धाम में रंगपंचमी मेला महोत्सव में हुए शामिल
करीला धाम में माता जानकी के किये दर्शन
श्रद्धालुओं के साथ खेली फूलों की होली

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अशोकनगर जिले का करीला धाम श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अदभुत संगम है। इस पावन स्थल पर माता सीता अपने दोनों पुत्र लव-कुश के साथ विराजमान हैं। यह देश का एक मात्र अद्वितीय मंदिर है, जहाँ माता सीता अपने दोनों पुत्रों के साथ पूजी जाती हैं। देश के अधिकांश मंदिर भगवान श्रीराम को समर्पित हैं। करीला धाम लव-कुश की जन्म-स्थली भी है, जो लव-कुश की बाल लीलाओं की साक्षी है। इस पवित्र स्थली के सम्पूर्ण विकास की योजना बनाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को अशोकनगर जिले के करीलाधाम में रंगपंचमी मेला महोत्सव में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करीलाधाम में माता जानकी के दर्शन भी किये और जिले को 115 करोड़ रूपये लागत के 50 विकास कार्यों की सौगात भी दी। इसमें 57 करोड़ 3 लाख की लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण और 58 करोड़ 32 लाख की लागत के 39 विकास कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता सीता धैर्य, साहस और आत्म-सम्मान का प्रतीक हैं। जब हम नारी शक्ति की बात करते हैं तो माता सीता का ध्यान आता है। माता सीता ने यह संदेश दिया कि नारी का आत्म-सम्मान ही सबसे बड़ी शक्ति है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम का भी विशेष स्नेह मिला है। यहाँ चित्रकूट में उन्होंने वनवास काल के 11 वर्ष बिताए। मध्यप्रदेश सरकार राम वन गमन वथ विकसित कर रही है। जहाँ-जहाँ भगवान श्रीराम के श्रीचरण पड़े हैं, उन्हें तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि करीला धाम में आस्था के साथ श्रद्धालु माता जानकी के दर्शन करने आते हैं। माता जानकी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण करती हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर माता जानकी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया है। माता सीता शक्ति एवं पराक्रम की देवी हैं, उनका प्रताप गौरवशाली संस्कृति है। इस पवित्र स्थान से महर्षि वाल्मीकि, सीता माता एवं लव-कुश की कहानी जुड़ती है।

हमारी भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को प्रथम स्थान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को प्रथम स्थान दिया गया है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं संचालित की जा रही है। साथ ही आगामी लोकसभा एवं विधानसभा निर्वाचन में भी 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को प्रदेश सरकार प्रतिमाह 1500 रूपए की राशि प्रदान कर रही है। महिलाओं को विभिन्न विभागों में आरक्षण देकर उच्च पदों पर नियुक्ति दी गईं हैं। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष का आयोजन प्रदेश में किया जा रहा है। किसानों के उत्थान के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 6-6 हजार रुपए की राशि किसान सम्मन निधि के रूप में दी जा रही है।

जानकी मंदिर में की विधि-विधान से पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करीला धाम में जानकी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। साथ ही मंदिर परिसर में ढोल बजाकर शंखनाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं के साथ फूलों की होली भी खेली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम दीपनाखेड़ा से करीला धाम तक 10 किलोमीटर की सड़क स्वीकृत किये जाने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने करीला धाम तीर्थ के संपूर्ण विकास की कार्ययोजना बनाने के निर्देश कलेक्टर को दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन कर समूह की महिलाओं से संवाद भी किया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिले की सात महिलाओं को सम्मानित किया। इनमें शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. अमिता सेठी, धार्मिक क्षेत्र में श्रीमती नैना शर्मा, खेल के क्षेत्र में सुश्री पूनम रघुवंशी, पर्यावरण के क्षेत्र में श्रीमती विनीता साहू, स्वंयसिद्धा के क्षेत्र में श्रीमती गायत्री शर्मा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में श्रीमती छाया बैस तथा समाजसेवा के क्षेत्र में श्रीमती कुलविंदर कौर को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला, पूर्व मंत्री एवं मुंगावली विधायक श्री बृजेन्द्र सिंह यादव, अध्यक्ष जिला पंचायत श्री अजय प्रताप सिंह यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।