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 भगवान परशुराम और श्रीकृष्ण लोक से जानापाव को मिलेगी राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान परशुराम और श्रीकृष्ण लोक से जानापाव को मिलेगी राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 भगवान परशुराम और श्रीकृष्ण लोक से जानापाव को मिलेगी राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भव्य और दिव्य स्वरूप में विकसित होगी भगवान परशुराम की जन्म-स्थली
17.41 करोड़ की लागत से होंगे विकास कार्य
प्रदेश में श्रीकृष्ण पाथेय के स्थलों को भव्य तीर्थ के रूप में किया जायेगा विकसित
जानापाव तीर्थ क्षेत्र में गंभीर और अजनार नदी को किया जायेगा पुनर्जीवित
मुख्यमंत्री ने नारायण के छठवें अवतार भगवान परशुराम की जन्म-स्थली पर की पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सनातन परंपराआध्यात्मिक चेतना और विकासोन्मुख दृष्टि का समन्वित संदेश देते हुए कहा कि भगवान परशुराम का जीवन आस्थाश्रद्धा और धर्म की स्थापना के लिए समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हर युग में अधर्म के विरुद्ध खड़े होकर परशुराम जी ने धर्म की पुनर्स्थापना की और शस्त्र तथा शास्त्र दोनों में पारंगत रहकर संतुलित शक्ति का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम की जन्म-स्थली जानापाव में 17.41 करोड़ की लागत से श्री परशुराम-श्रीकृष्ण लोक विकसित किया जायेगा, जो भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाला एक प्रमुख आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन का केन्द्र बनेगा। इस लोक के माध्यम से जानापाव को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर इंदौर जिले के जानापाव में आयोजित परशुराम प्रकटोत्सव’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने भगवान परशुराम मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली की कामना की और महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्रों और चक्रव्यूह की कला पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जानापाव क्षेत्र से 7 से अधिक नदियों का उद्गम हुआ है, जिनमें प्रमुख रूप से चंबल, गंभीर, अजनार, चोरल शामिल हैं। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गंभीर और अजनार नदी को पुनर्जीवित करने की कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नदियां धरती माता की धमनियों के समान है। उनका संरक्षण, पुनर्जीवन और सतत प्रवाह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। नदियों के जीवित होने से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित नदी जोड़ो अभियान की सराहना करते हुए कहा कि केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखण्ड क्षेत्र और पार्वती-कालीसिंध परियोजना से मालवा एवं राजस्थान क्षेत्र को पेयजल, सिंचाई उद्योग और बिजली उत्पादन में व्यापक लाभ मिलेगा, जो क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम के विवाह में परशुराम जी के धनुष की महत्वपूर्ण भूमिका रहीजो उस काल की परंपरा और सामर्थ्य का प्रतीक है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि परशुराम जी के आशीर्वाद से ही उन्होंने असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों को संभव किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परशुराम जी को महान गुरु बताते हुए कहा कि उन्होंने भीष्मद्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महायोद्धाओं को शिक्षित कर उन्हें दिव्यास्त्रों का ज्ञान प्रदान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जानापाव में प्रस्तावित लोक में पौराणिक महत्व को दर्शाने वाला एक भव्य संग्रहालय बनाया जाएगाजिसमें शस्त्र दीर्घाउत्पत्ति दीर्घास्वरूप दीर्घासंतुलन दीर्घा और ध्यान दीर्घा के माध्यम से भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध आयामों को प्रस्तुत किया जाएगा। परिसर में दोनों भगवानों की कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी, 30 फीट ऊंचा भव्य प्रवेश द्वार निर्मित होगाकथा मंच का निर्माण किया जाएगा तथा गज़ेबोव्यू पॉइंटलैंडस्केपिंग और पाथ-वे सहित अन्य आधारभूत विकास कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के लीला-स्थलों को श्रीकृष्ण पाथेय” के रूप में विकसित कर उन्हें तीर्थ स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुई हैंउन सभी स्थानों को आस्था और पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित नदी जोड़ो अभियान’ की सराहना करते हुए कहा कि केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से मालवा एवं राजस्थान क्षेत्र को पेयजलसिंचाईउद्योग और बिजली उत्पादन में व्यापक लाभ मिलेगाजो क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सड़कपुलबांधनहरअस्पताल और स्कूल जैसी आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में सांदीपनि विद्यालय” के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर त्यौहार और परंपरा को समाज के साथ मिलकर उत्सव के रूप में मनाना और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उन्हें उनका हक दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सनातन संस्कृति में माता के सम्मान और देवताओं के साथ उनके नाम के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियोंभक्ति गायन और परशुराम नाट्य लीला’ के माध्यम से भगवान परशुराम के जीवन और उनके विराट व्यक्तित्व को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गयाजिससे आस्था और सांस्कृतिक उत्सव का विशेष वातावरण निर्मित हुआ। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक एवं पूर्व मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, जन-प्रतिनिधि, संत, सामाजिक संगठनों एवं ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

प्रदेश के विकास में बंगाली समाज की अहम भूमिका - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर : बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायरायपुर : बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बंगाली समाज के नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के सभी लोगों को बंगाली नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में बंगाली समाज का सदैव महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विशेष रूप से मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बंगाली समाज की बड़ी भूमिका रही है। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं में भी समाज के लोग उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की भूमि सदैव महान विभूतियों की जन्मस्थली रही है, जहां रविंद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद अपने युवाकाल में लंबे समय तक रायपुर में रहे। उनके निवास स्थल को सरकार विरासत के रूप में संरक्षित कर रही है तथा राजधानी का विमानतल उनके सम्मान में स्वामी विवेकानंद विमानतल के नाम से जाना जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बंगाली समाज की अहम भूमिका रहेगी। 

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर बंगाली नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस, मेघनाद साहा, स्वामी विवेकानंद और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान विभूतियों का स्मरण करते हुए इस विरासत को सहेजने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी समाज के प्रतिनिधियों को नववर्ष की बधाई दी। इस अवसर पर श्री अखिलेश सोनी, श्री प्रबल प्रताप जूदेव, पूर्व न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी, श्री प्रवीण सेन, श्री विवेक वर्धन सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 सिंहस्थ महापर्व 2028 के अंतर्गत उज्जैन शहर में निरंतर किए जा रहे हैं विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ महापर्व 2028 के अंतर्गत उज्जैन शहर में निरंतर किए जा रहे हैं विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 सिंहस्थ महापर्व 2028 के अंतर्गत उज्जैन शहर में निरंतर किए जा रहे हैं विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने उज्जैन में 18 करोड़ रुपए की लागत की सड़क का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ महापर्व 2028 के अंतर्गत उज्जैन शहर में निरंतर विकास के कार्य किए जा रहे हैं। शहर के सौंदर्यीकरण की दिशा में आज एक और सौगात शहरवासियों को मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से सभी नागरिकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन प्रवास के दौरान 18 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित कोठी रोड संकुल से देवास रोड और विक्रम नगर तक मार्ग चौडीकरण और उन्नयन कार्य का लोकार्पण कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लोकार्पण के बाद मार्ग पर चलकर यहां किए गए विकास कार्यों का अवलोकन किया तथा स्थानीय जनता से भी भेंट की।

लोकार्पण के दौरान वेद पाठी बटुकों के द्वारा मंत्रोच्चार और स्वस्ती वाचन किया गया। साथ ही कलापथक दल द्वारा आकर्षक प्रस्तुति और झांझ मंजिरे और डमरु वादन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी इस अवसर पर डमरु वादन किया गया। इस अवसर पर महापौर श्री मुकेश टटवाल, इंदौर के महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, श्री संजय अग्रवाल, एमआईसी सदस्य श्री शिवेन्द्र तिवारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि उक्त विकास कार्य नगर निगम के द्वारा किया गया है। लगभग 02 कि.मी. लंबा यह मार्ग देवास रोड़ से कोठी लिंक रोड़ होता हुआ विक्रम नगर की तरफ मिलेगा। यहां पर मार्ग के बीच में और दोनों तरफ पौधारोपण और आकर्षक विद्युत साज सज्जा की गई है। साथ ही मार्ग के दोनों तरफ सुबह और शाम की पैदल सैर करने के लिए पेवर ब्लाक भी बनाए गए हैं। इससे सौंदर्यीकरण के साथ-साथ यातायात भी सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित होगा। इस मार्ग से जिला न्यायालय परिसर और अन्य प्रमुख कार्यालयों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। जिससे आमजन को सुविधा होगी। मार्ग में प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था भी की गई है। कार्यक्रम का संचालन शैलेन्द्र व्यास स्वामी मुस्कुराके ने किया।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, महापौर श्रीमती मीनल चौबे और महिला बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा सहित अन्य महिला जनप्रतिनिधि और  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में आदिराज पारणा महोत्सव में की सहभागिता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में आदिराज पारणा महोत्सव में की सहभागिता

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में आदिराज पारणा महोत्सव में की सहभागिता

पारणोत्सव में मुख्यमंत्री का उपवास, संस्कार और सेवा का संगम का संदेश
मोहनखेड़ा महातीर्थ पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव, किए दर्शन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अनेक योनियों के पश्चात मानव शरीर की प्राप्ति होती है, जो पंचतत्वों से निर्मित है। इस शरीर को संस्कारित करने के लिए उपवास एक श्रेष्ठ माध्यम है। आज अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर पारणोत्सव के माध्यम से इस जीवन को पुण्य संचयन से जोड़ने का यह अवसर अत्यंत पावन और कल्याणकारी है। ऐसे उत्सवों में सहभागिता से मानव जीवन धन्य हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मोहनखेड़ा महातीर्थ में आयोजित आदिराज पारणा महोत्सव (वर्षीतप पारणा महोत्सव) में यह बात कही।

आदिराज पारणा महोत्सव (वर्षीतप पारणा महोत्सव) का  भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन गच्छाधिपति श्रीमद विजय नित्यसेन सुरीश्वरजी महाराज साहब की पावन निश्रा में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान 550 से अधिक तपस्वियों का पारणा अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विधिवत संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे चराचर जगत में सूर्य ऊर्जा का संचार करता है, उसी प्रकार मानव जीवन में गुरुदेव सूर्य के समान मार्गदर्शक होते हैं। जीवन में अनेक प्रकार के भटकाव आते हैं, किन्तु अच्छे और बुरे का अंतर समझाने का कार्य गुरुदेव ही करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुदेव आचार्य श्री राजेन्द्र सूरी जी महाराज के आशीर्वाद से ही सरकार भौतिक विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मानव अपने संस्कारों को न भूले और आदिकाल से चली आ रही सनातन संस्कृति से जुड़ा रहे। जीवन में पाने से अधिक आनंद देने में है, इसी उद्देश्य के साथ सरकार कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय अंचल में गुरुदेव के आगमन से नई चेतना का संचार हो रहा है। गुरुदेव के इंदौर में चातुर्मास आगमन पर राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। साथ ही, उनके आशीर्वाद से शासन के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन स्तर पर सामाजिक चेतना के विकास के लिये अनेक कार्य किए जा रहे हैं। गौशालाओं में प्रति गाय अनुदान राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये की गई है। दुग्ध उत्पादन और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गरीबों के जीवन स्तर में सुधार और उनके उत्थान के लिए सरकार संकल्पित होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसिद्ध मोहनखेड़ा महातीर्थ में पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन कर दर्शन किए।

गच्छाधिपति पूज्य श्रीमद विजय नित्यसेन सुरीश्वरजी महाराज साहब ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब मानव के मन में धर्म का अंश जागृत होता है, तभी वह इस प्रकार के पुण्य आयोजनों में सहभागी बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे प्रदेश सेवा के लक्ष्य को लेकर निरंतर आगे बढ़ें, उनका आशीर्वाद सदैव साथ है।

इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विरासत के गौरव को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ किसान, महिला, युवा और गरीब वर्ग के कल्याण हेतु सतत कार्य कर रही है।

आदिराज पारणा महोत्सव

आदिराज पारणा महोत्सव जैन धर्म का एक प्रमुख एवं पवित्र आध्यात्मिक आयोजन है, जो प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) की तपस्या की स्मृति में मनाया जाता है। जैन परंपरा के अनुसार, भगवान ऋषभदेव ने 400 दिन की कठोर वर्षीतप साधना पूर्ण करने के उपरांत अक्षय तृतीया के दिन हस्तिनापुर में राजा श्रेयांस कुमार के हाथ से गन्ने के रस (इक्षुरस) से पारणा किया था।

इसी ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा के निर्वहन में प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया के अवसर पर वर्षीतप करने वाले तपस्वियों का पारणा कराया जाता है, जो आत्मसंयम, त्याग और तपस्या की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री वेलसिंह भूरिया, ट्रस्ट अध्यक्ष श्री सूर्य प्रकाश  भंडारी, जैन संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुरेश तांतेड, जैन संघ के प्रमुख श्री महेंद्र व्होरा, ट्रस्ट सचिव श्री मुकेश  जैन, नवयुवक परिषद राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री प्रकाश छाजेड़ उपस्थित रहे।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, जशपुर सहित कई क्षेत्रों को बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, जशपुर सहित कई क्षेत्रों को बड़ी सौगात

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, जशपुर सहित कई क्षेत्रों को बड़ी सौगात

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, जशपुर सहित कई क्षेत्रों को बड़ी सौगात


 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, जशपुर सहित कई क्षेत्रों को बड़ी सौगात

प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले सहित राज्य के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए व्यापक योजना लागू की जा रही है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जशपुर जिले के 133 गांवों, नगरों और टोला-मुहल्लों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से लंबे समय से चली आ रही लो वोल्टेज और बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। इससे किसानों, छात्रों और लघु व्यवसायियों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी दैनिक गतिविधियां अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी।

प्रदेश सरकार द्वारा विद्युत अधोसंरचना के विस्तार के तहत जशपुर जिले में उच्च स्तरीय परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। कुनकुरी के हर्राडांड में 400/220 केवी का अत्याधुनिक उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है, जो राज्य के प्रमुख उच्च क्षमता उपकेंद्रों में शामिल होगा। इसके अतिरिक्त सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े, पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा सहित विभिन्न स्थानों पर नए 33/11 केवी सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। साथ ही फरसाबहार और झिक्की बगीचा में 132/33 केवी के उच्च क्षमता सब-स्टेशन भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे क्षेत्रीय विद्युत वितरण प्रणाली और अधिक सशक्त होगी।

इन योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा, लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या में कमी आएगी तथा औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी। राज्य सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

प्रदेशवासियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

 जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

छोटे किसानों का गेहूं उपार्जन पहले करायें, उपार्जन केन्द्रों में हों सभी जरूरी सुविधाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ वीसी से की विभिन्न अभियानों की समीक्षा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय से प्रदेश में चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान, पूर्ण हो चुके संकल्प से समाधान अभियान और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा कर समुचित दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कलेक्टर्स से कहा कि प्रदेश और समाज की बेहतरी के लिए सरकार द्वारा विभिन्न अभियानों के माध्यम से महती प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार के इन सभी प्रयासों एवं अभियानों में जन जुड़ाव एवं सहभागिता बेहद जरूरी है। इन सभी अभियानों की सार्थकता और सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब इनमें अधिकाधिक जनसहयोग एवं जन भागीदारी भी हो। इसके लिए सभी समर्पित और फोकस्ड होकर प्रयास करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे जनता के कल्याण के कामों को तेजी से पूर्ण करायें। सरकार की योजनाओं का फील्ड में पूर्णतया क्षमता और दक्षता के साथ व्यापक स्तर पर सुचारु एवं बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर, उनकी जरुरतों और सुझावों पर अमल करते हुए जनोन्मुखी प्रशासन से खुद की और सरकार की साख बढ़ायें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स लगातार जिले में भ्रमण करें, लोगों से चर्चा करें, उनकी समस्या सुनकर समाधान करें और गांवों में रात्रि विश्राम करें, इससे सरकारी योजनाओं का मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 12 जनवरी से 31 मार्च तक 2026 तक "संकल्प से समाधान अभियान" चलाया गया। इस अभियान से सरकार की 106 प्रकार की योजनाओं का सीधा लाभ जनता और जरुरतमंदों तक पहुंचाया गया। सभी कलेक्टर्स इस अभियान के मूल लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हमेशा क्रियाशील रहें और जनता को अधिकतम लाभ दिलायें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से प्रारंभ हुआ है। यह 30 जून 2026 तक चलेगा। विगत 2 सालों में अभियान के अंतर्गत हुए जल संचयन के कार्यों से यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। अब आवश्यकता है कि इस साल भी जल संरक्षण और सूख चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के भरसक प्रयास किये जायें।

गेहूं उपार्जन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चल रही गेहूं उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाये। उन्हें समय पर भुगतान भी करायें। सभी कलेक्टर्स गेहूं उपार्जन केन्द्रों का सघन निरीक्षण करें और यह देखें कि खरीदी केंद्र पर समुचित छाया-पानी, बारदाना, तेज गर्मी के चलते ओआरएस घोल, पावडर आदि सभी जरूरी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। किसानों को किसी भी तरह की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत परेशानी नही हो। अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया निर्बाध रूप में से जारी है।अब तक 1 लाख 13 हज़ार से अधिक किसानों से 4 लाख 96 हज़ार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। इन किसानों को करीब 355 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ऐसा पहली बार हुआ है कि पहले दिन तुलाई वाले किसानों को दूसरे दिन ही भुगतान भी कर दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय विकास एवं प्रशासन विभाग से कहा कि वे अपने विभागीय स्वच्छता अभियान को जल गंगा संवर्धन अभियान से जोड़ लें। जनसहयोग से जगह-जगह पर प्याऊ लगवायें। इनकी साफ़-सफाई पर भी विशेष ध्यान दें।तकनीक से जुड़कर नवाचार भी करें।

सांदीपनि विद्यालयों में करें रैन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के कारण बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट में आये उल्लेखनीय परिणामों को राष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आई गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों को लेकर अभिभावकों की धारणा इस कदर परिवर्तित हुई है कि वे अपने बच्चों के दाखिले निजी विद्यालयों से निकालकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में भर्ती करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवायें। जून में जब स्कूल पुनः खुलेंगे, तब अधिकाधिक लोगों को सांदीपनि विद्यालयों का अवलोकन करायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बड़ी उपलब्धि है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के कारण हमारा स्कूल ड्रॉप आउट रेशियो जीरो हो चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी बड़े धार्मिक स्थलों पर कम से कम 50 बेडेड हास्पिटल होने चाहिए। प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में बर्न यूनिट्स स्थापित की जाये। ग्रीष्मकालीन स्थायी निर्देशों (मेडिकल प्रोटोकॉल्स) का कढ़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी अस्पतालों में जरूरी दवाएं उपलब्ध रहें। सभी कलेक्टर्स एवं नगरीय निकाय स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी पूरी कर लें।

पेयजल आपूर्ति में न रहे कोई कमी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाएं ताकि ग्रीष्मकाल में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था हर हाल में निर्बाध रहे। आवश्यकतानुसार टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाये। पेयजल संरचनाओं के संरक्षण एवं संधारण पर विशेष ध्यान दें। किसी को भी पेयजल संबंधी परेशानी न होने पाये।

ज्ञान भारतम ऐप

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा एक "ज्ञान भारतम ऐप" तैयार किया गया है। कोई भी नागरिक पुरानी साहित्यिक या धार्मिक पांडुलिपियों को इस ऐप में अपलोड कर सकता है। अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन ने बताया कि 17 अप्रैल 26 तक इस ऐप में साढ़े 6 लाख से अधिक पांडुलिपियां अपलोड की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को इस विषय के लिये जिला स्तरीय समिति का गठन कर लेने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के कलेक्टर्स द्वारा विभिन्न अभियानों और विविध विषयों में प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अच्छा प्रदर्शन करने वाले कलेक्टर्स को बधाई दी और प्रदर्शन में पिछड़ने वाले कलेक्टर्स को और बेहतर कार्य कर सुधार लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार करने के लिए अब प्रदेश के सभी कलेक्टर्स द्वारा पिछले एक साल में किए गए कार्यों के आधार पर उनकी रैंकिंग की जायेगी।

20 अप्रैल को भोपाल में होगा सम्मेलन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश हमेशा से महिलाओं के हितों की योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे देश में अव्वल रहा है। आगामी 20 अप्रैल को भी भोपाल में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें महिलाओं की रैली एवं आमसभा भी होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन का फीडबैक लेकर कलेक्टर्स को डिलिवरी सिस्टम में और अधिक सुधार लाकर इन्हें कस्टमर फ्रेंडली बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर अपने जिलों में टीम लीडर की तरह काम करें।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव श्री संजय शुक्ल, अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी अन्य प्रमुख सचिव, सचिव एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 विश्व रेडक्रॉस दिवस पर राज्यभर में रंगारंग कार्यक्रम

विश्व रेडक्रॉस दिवस पर राज्यभर में रंगारंग कार्यक्रम

 विश्व रेडक्रॉस दिवस पर राज्यभर में रंगारंग कार्यक्रम

विश्व रेडक्रॉस दिवस पर राज्यभर में रंगारंग कार्यक्रम

वालंटियर्स की सहभागिता से जागरूकता अभियान को मिलेगा बल

विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर आगामी 8 मई को राज्य स्तर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में रेडक्रॉस राज्य शाखा, रायपुर के चेयरमैन श्री तोमन साहू की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस भवन में बैठक आयोजित की गई।

     बैठक में निर्णय लिया गया कि इस विशेष अवसर पर समूह नृत्य, प्रहसन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर के रेडक्रॉस वालंटियर्स भाग लेंगे। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा।

       इस दौरान रेडक्रॉस की गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु विस्तृत कार्ययोजना भी तैयार कर जारी की गई। योजना में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, विशेष अवसरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया है। साथ ही, रक्तदान शिविरों का व्यापक आयोजन कर रक्त की आवश्यकता की पूर्ति सुनिश्चित करने और “रक्तदान महादान” के संदेश को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

     जूनियर रेडक्रॉस एवं यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मक और सेवा आधारित गतिविधियों से जोड़ने की भी योजना बनाई गई है, जिससे उनमें मानवीय मूल्यों और सेवा भाव का विकास हो सके। जिला शिक्षा अधिकारियों को माहवार गतिविधियों के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए गए हैं।

     कार्ययोजना में शैक्षणिक भ्रमण, प्राकृतिक अध्ययन, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण, काउंसलर प्रशिक्षण, ट्रैकिंग कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण जागरूकता, रक्तदाता दिवस, विश्व योग दिवस, जनसंख्या दिवस, साक्षरता दिवस, अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस, दिव्यांग दिवस, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सहित विभिन्न कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। साथ ही, विद्यार्थियों को नई दिल्ली में लोकसभा एवं राज्यसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए शैक्षणिक भ्रमण भी प्रस्तावित है। बैठक में चेयरमैन श्री तोमन साहू, कोषाध्यक्ष श्री संजय पटेल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

माता-पिता के संस्कार और गुरूओं से प्राप्त ज्ञान के प्रति सदैव रहें कृतज्ञ : राज्यपाल श्री पटेल

माता-पिता के संस्कार और गुरूओं से प्राप्त ज्ञान के प्रति सदैव रहें कृतज्ञ : राज्यपाल श्री पटेल

 

माता-पिता के संस्कार और गुरूओं से प्राप्त ज्ञान के प्रति सदैव रहें कृतज्ञ : राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल प्लेसमेंट ऑफर वितरण समारोह में हुए शामिल
विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को प्रदान किए सर्टिफिकेट

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि विद्यार्थी, सफलता के बाद अपने माता-पिता के त्याग, बलिदान और समर्पण को कभी नहीं भूले। उनका आजीवन सम्मान करें। वृद्धावस्था में उनकी विशेष देख-भाल करें। माता-पिता के संस्कारों और गुरूओं से मिले ज्ञान के प्रति सदैव कृतज्ञता का भाव रखें। उन्होंने कहा कि जीवन में हमेशा ईमानदारी, परिश्रम और निष्ठा का पालन करें। गरीब, वंचित और जरूरतमंदों के कल्याण का भाव हमेशा मन में रखे, जब भी अवसर मिले उनकी जरूर मदद करें।

राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को बंसल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स भोपाल के प्लेसमेंट ऑफर वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने रोजगार प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थी, उनके गुरूजन और अभिभावकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। राज्यपाल श्री पटेल ने समारोह में विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, फार्मेसी सहित अलग-अलग क्षेत्रों की निजी कंपनियों के प्लेसमेंट ऑफर सर्टिफिकेट भी प्रदान किए।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि आज का दिन, आपकी सफलता पर गर्व करने का दिन है। यह उपलब्धि आपके कठिन परिश्रम, शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। यह संकल्प, समर्पण और सफलता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर यह आपके जीवन की उपलब्धि का विशेष क्षण है, वहीं नई जिम्मेदारियों की शुरुआत भी है। यह भी याद रखें कि सफलता, केवल उच्च पद अथवा वेतन से नहीं मापी जा सकती है। वास्तविक सफलता तब मानी जाती है जब आप अपने बौद्धिक और नैतिक मूल्यों से समाज तथा राष्ट्र के निर्माण एवं मानवता के कल्याण में सहभागी होते हैं।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की “विकसित भारत” और “आत्मनिर्भर भारत” की संकल्पना में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके विजनरी नेतृत्व में नई शिक्षा नीति, स्टार्ट अप इंडिया, स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे कार्यक्रम, युवाओं को सशक्त बनाने की अभूतपूर्व पहल है। उन्होंने कहा कि युवा इन अवसरों का भरपूर लाभ उठाएँ। अपने ज्ञान, कौशल और प्रतिभा से राष्ट्र के नव निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। तेजी से बदलती तकनीकों और नवाचारों के युग में केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहें बल्कि नई संभावनाओं और चुनौतियों के लिए खुद को लगातार तैयार करें। राज्यपाल श्री पटेल ने युवाओं से समाज के कमजोर वर्ग की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और समाधान में सक्रिय सहयोग की अपील की।

राज्यपाल श्री पटेल का कार्यक्रम में बंसल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के सचिव श्री सुनील बंसल ने पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। स्वागत उद्बोधन ग्रुप के एम.डी. श्री पार्थ बंसल ने दिया। सह सचिव डॉ.संजय जैन ने आभार माना। समारोह में डायरेक्टर डॉ.दामोदर तिवारी और डॉ. सतीश नायक, संस्थान के विभिन्न संकायों के प्राध्यापक, विद्यार्थी और उनके परिजन उपस्थित थे।

 

 भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियन बनाने वाली संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि

भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियन बनाने वाली संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि

 भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियन बनाने वाली संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि

भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियन बनाने वाली संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सौंपा चेक, राज्य में पहली बार किसी खिलाड़ी को दी गई है इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि

कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुनी गई थी संजू, पूरे टूर्नामेंट में दिखाया था शानदार खेल

कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे

बहतराई अकादमी में अपने खेल को तराशा है कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की संजू ने

छत्तीसगढ़ की बेटी का शानदार प्रदर्शन छत्तीसगढ़ का मान-सम्मान व गौरव बढ़ाने वाला, उनकी उपलब्धियां अन्य खिलाड़ियों को भी करेगी प्रेरित – श्री अरुण साव

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सौंपा चेक, राज्य में पहली बार किसी खिलाड़ी को दी गई है इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सौंपा चेक, राज्य में पहली बार किसी खिलाड़ी को दी गई है इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि

भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी गई है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह राशि सौंपी। श्री साव ने इस दौरान बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सौंपा चेक, राज्य में पहली बार किसी खिलाड़ी को दी गई है इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि

संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से पिछले साल नवम्बर में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप मंर मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 

संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी है। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही है।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संजू देवी को सम्मानित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की व बेहतरी के लिए काम हो रहे हैं। संजू देवी ने अपने बेहतरीन खेल की बदौलत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल से देश को दो-दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक दिलाया है और अपने खेल कौशल से मोस्ट वेल्युबल प्लेयर बनी हैं। छत्तीसगढ़ की बेटी का यह प्रदर्शन राज्य का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने वाला है। उन्होंने संजू देवी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आने वाले समय में भी इसी तरह हमारे राज्य और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।   

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य में जब ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं और प्रोत्साहित करें। हमारे खिलाड़ियों को और विशेषकर लड़कियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसके लिए सरकार संजू देवी को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अभी हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी की है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं। 

श्री साव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं चलती रहें, चाहे वो सरकार के माध्यम से हों, अन्य संस्थाओं के माध्यम से हों या खेल संघों के माध्यम से हों। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष श्री शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच श्री दिल कुमार राठौर सहित राज्य शासन के विभिन्न अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी, कबड्डी संघ के पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी भी सम्मान समारोह में मौजूद थे।

जुनून, कड़ी मेहनत, मानसिक मजबूती, समर्पण और संघर्ष का नाम संजू देवी रावत

दमदार खेल और विपक्षी टीम के पाले में जाकर अपनी टीम के लिए अंक बटोरने की काबिलियत की वजह से संजू देवी को नवम्बर-2025 में बांग्लादेश में हुए कबड्डी विश्वकप में टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल और सेमीफाइनल सहित शुरूआती मैचों में भी निर्णायक क्षणों में उसने टीम की जीत सुनिश्चित करने वाले अंक बटोरे। संजू छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी है। बांग्लादेश में कबड्डी विश्व कप खेलने के साथ ही वह मार्च-2025 में ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश के लिए खेल चुकी है। ईरान में भी उसने उम्दा प्रदर्शन किया था। 

संजू ने गरीबी व अभावों के बीच संघर्ष और कड़ी मेहनत से ये उपलब्धियां हासिल की हैं। वे खेल के प्रति अपने जुनून, समर्पण, अनुशासन, मानसिक मजबूती, कठोर परिश्रम और संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अपने जुनून और जज्बे के बीच उसने जो मानसिक मजबूती दिखाई है, वह दुर्लभ है। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है। 

संजू की सफलता और उपलब्धियां खेल में अपना करियर बनाने की सोच रहे बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने वाली है। बिलासपुर के शासकीय कबड्डी अकादमी में अपने खेल को तराशने वाली संजू कहती है कि बड़े स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। बाधाओं के बीच पहली सीढ़ी पार करने के बाद ही आपको दूसरी सीढ़ी चढ़ने का मौका मिलता है।

लगातार अच्छे प्रदर्शन से मिली भारतीय टीम में जगह

संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है।

वर्ष-2024 में छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ द्वारा आयोजित चयन स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन के फलस्वरूप इंडिया कैंप के लिए संजू का चयन हुआ। इंडिया कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप के लिए उन्हें भारतीय टीम में स्थान मिला। इसमें लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें महिला कबड्डी वर्ल्ड कप की टीम में भी शामिल किया गया। वे भारतीय टीम के लिए गांधी नगर और सोनीपत में आयोजित चार कैंपों में शामिल हो चुकी हैं।

 अत्याधुनिक उपकरण स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी एवं सटीक बनाने में सहायक : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

अत्याधुनिक उपकरण स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी एवं सटीक बनाने में सहायक : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

 अत्याधुनिक उपकरण स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी एवं सटीक बनाने में सहायक : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल में निजी हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह उन्नत सर्जिकल रोबोट अस्पताल और प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हैजो सर्जनों को अधिक सटीकसुरक्षित और प्रभावी सर्जरी करने में सहयोग प्रदान करेगा तथा उपचार की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि किसी भी अस्पताल की गुणवत्ता इस बात से निर्धारित होती है कि वहां कितनी आधुनिक तकनीक और उन्नत उपकरण उपलब्ध हैं। उन्होंने वर्तमान समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच समन्वय और सहयोग को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि इससे मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकती हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने गांव-गांव तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के प्रयासों को स्वास्थ्य सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि स्वच्छ जल से बीमारियों में कमी आएगी और जनस्वास्थ्य सुदृढ़ होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा दिया जा रहा हैजिससे लोगों को शुद्ध और पोषक आहार मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अनेक बीमारियों से बचाव संभव है। आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद वर्ग के लिए उपचार अधिक सुलभ हुआ है। साथ हीआधुनिक चिकित्सा उपकरणों और तकनीकों के उपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार हो रहा है और टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में भी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पीएम श्री एयर एंबुलेंस’ और अन्य जनउपयोगी पहल को अत्यंत उपयोगी और नवाचारपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी हुई हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बंसल हॉस्पिटल प्रबंधन और चिकित्सा टीम को रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक सुविधा शुरू करने के लिए बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि इससे प्रदेश के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्राप्त होंगी।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, महापौर श्रीमती मीनल चौबे और महिला बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा सहित अन्य महिला जनप्रतिनिधि और  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

छोटे किसानों का गेहूं उपार्जन पहले करायें, उपार्जन केन्द्रों में हों सभी जरूरी सुविधाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ वीसी से की विभिन्न अभियानों की समीक्षा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय से प्रदेश में चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान, पूर्ण हो चुके संकल्प से समाधान अभियान और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा कर समुचित दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कलेक्टर्स से कहा कि प्रदेश और समाज की बेहतरी के लिए सरकार द्वारा विभिन्न अभियानों के माध्यम से महती प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार के इन सभी प्रयासों एवं अभियानों में जन जुड़ाव एवं सहभागिता बेहद जरूरी है। इन सभी अभियानों की सार्थकता और सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब इनमें अधिकाधिक जनसहयोग एवं जन भागीदारी भी हो। इसके लिए सभी समर्पित और फोकस्ड होकर प्रयास करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे जनता के कल्याण के कामों को तेजी से पूर्ण करायें। सरकार की योजनाओं का फील्ड में पूर्णतया क्षमता और दक्षता के साथ व्यापक स्तर पर सुचारु एवं बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर, उनकी जरुरतों और सुझावों पर अमल करते हुए जनोन्मुखी प्रशासन से खुद की और सरकार की साख बढ़ायें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स लगातार जिले में भ्रमण करें, लोगों से चर्चा करें, उनकी समस्या सुनकर समाधान करें और गांवों में रात्रि विश्राम करें, इससे सरकारी योजनाओं का मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 12 जनवरी से 31 मार्च तक 2026 तक "संकल्प से समाधान अभियान" चलाया गया। इस अभियान से सरकार की 106 प्रकार की योजनाओं का सीधा लाभ जनता और जरुरतमंदों तक पहुंचाया गया। सभी कलेक्टर्स इस अभियान के मूल लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हमेशा क्रियाशील रहें और जनता को अधिकतम लाभ दिलायें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से प्रारंभ हुआ है। यह 30 जून 2026 तक चलेगा। विगत 2 सालों में अभियान के अंतर्गत हुए जल संचयन के कार्यों से यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। अब आवश्यकता है कि इस साल भी जल संरक्षण और सूख चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के भरसक प्रयास किये जायें।

गेहूं उपार्जन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चल रही गेहूं उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाये। उन्हें समय पर भुगतान भी करायें। सभी कलेक्टर्स गेहूं उपार्जन केन्द्रों का सघन निरीक्षण करें और यह देखें कि खरीदी केंद्र पर समुचित छाया-पानी, बारदाना, तेज गर्मी के चलते ओआरएस घोल, पावडर आदि सभी जरूरी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। किसानों को किसी भी तरह की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत परेशानी नही हो। अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया निर्बाध रूप में से जारी है।अब तक 1 लाख 13 हज़ार से अधिक किसानों से 4 लाख 96 हज़ार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। इन किसानों को करीब 355 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ऐसा पहली बार हुआ है कि पहले दिन तुलाई वाले किसानों को दूसरे दिन ही भुगतान भी कर दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय विकास एवं प्रशासन विभाग से कहा कि वे अपने विभागीय स्वच्छता अभियान को जल गंगा संवर्धन अभियान से जोड़ लें। जनसहयोग से जगह-जगह पर प्याऊ लगवायें। इनकी साफ़-सफाई पर भी विशेष ध्यान दें।तकनीक से जुड़कर नवाचार भी करें।

सांदीपनि विद्यालयों में करें रैन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के कारण बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट में आये उल्लेखनीय परिणामों को राष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आई गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों को लेकर अभिभावकों की धारणा इस कदर परिवर्तित हुई है कि वे अपने बच्चों के दाखिले निजी विद्यालयों से निकालकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में भर्ती करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवायें। जून में जब स्कूल पुनः खुलेंगे, तब अधिकाधिक लोगों को सांदीपनि विद्यालयों का अवलोकन करायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बड़ी उपलब्धि है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के कारण हमारा स्कूल ड्रॉप आउट रेशियो जीरो हो चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी बड़े धार्मिक स्थलों पर कम से कम 50 बेडेड हास्पिटल होने चाहिए। प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में बर्न यूनिट्स स्थापित की जाये। ग्रीष्मकालीन स्थायी निर्देशों (मेडिकल प्रोटोकॉल्स) का कढ़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी अस्पतालों में जरूरी दवाएं उपलब्ध रहें। सभी कलेक्टर्स एवं नगरीय निकाय स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी पूरी कर लें।

पेयजल आपूर्ति में न रहे कोई कमी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाएं ताकि ग्रीष्मकाल में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था हर हाल में निर्बाध रहे। आवश्यकतानुसार टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाये। पेयजल संरचनाओं के संरक्षण एवं संधारण पर विशेष ध्यान दें। किसी को भी पेयजल संबंधी परेशानी न होने पाये।

ज्ञान भारतम ऐप

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा एक "ज्ञान भारतम ऐप" तैयार किया गया है। कोई भी नागरिक पुरानी साहित्यिक या धार्मिक पांडुलिपियों को इस ऐप में अपलोड कर सकता है। अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन ने बताया कि 17 अप्रैल 26 तक इस ऐप में साढ़े 6 लाख से अधिक पांडुलिपियां अपलोड की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को इस विषय के लिये जिला स्तरीय समिति का गठन कर लेने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के कलेक्टर्स द्वारा विभिन्न अभियानों और विविध विषयों में प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अच्छा प्रदर्शन करने वाले कलेक्टर्स को बधाई दी और प्रदर्शन में पिछड़ने वाले कलेक्टर्स को और बेहतर कार्य कर सुधार लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार करने के लिए अब प्रदेश के सभी कलेक्टर्स द्वारा पिछले एक साल में किए गए कार्यों के आधार पर उनकी रैंकिंग की जायेगी।

20 अप्रैल को भोपाल में होगा सम्मेलन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश हमेशा से महिलाओं के हितों की योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे देश में अव्वल रहा है। आगामी 20 अप्रैल को भी भोपाल में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें महिलाओं की रैली एवं आमसभा भी होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन का फीडबैक लेकर कलेक्टर्स को डिलिवरी सिस्टम में और अधिक सुधार लाकर इन्हें कस्टमर फ्रेंडली बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर अपने जिलों में टीम लीडर की तरह काम करें।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव श्री संजय शुक्ल, अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी अन्य प्रमुख सचिव, सचिव एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

  डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में मुख्यमंत्री का आह्वान: क्रिएटर्स दिखाएं बदलते छत्तीसगढ़ की नई पहचान

डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में मुख्यमंत्री का आह्वान: क्रिएटर्स दिखाएं बदलते छत्तीसगढ़ की नई पहचान

  डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में मुख्यमंत्री का आह्वान: क्रिएटर्स दिखाएं बदलते छत्तीसगढ़ की नई पहचान

रायपुर : डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में मुख्यमंत्री का आह्वान: क्रिएटर्स दिखाएं बदलते छत्तीसगढ़ की नई पहचान


 डिजिटल लोकतंत्र संवाद में मुख्यमंत्री का आह्वान: रचनाकारों को बदलते छत्तीसगढ़ की नई पहचान प्रदर्शित करनी चाहिए

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में देशभर से आए कंटेंट क्रिएटर्स का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़  आस्था, संस्कृति और प्रकृति का संगम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भूमि भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या के मायके के रूप में जानी जाती है। वनवास के 14 वर्षों में से अधिकांश समय भगवान श्रीराम ने यहीं व्यतीत किया, जिसके प्रमाण आज भी प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर मिलते हैं। उन्होंने माता शबरी की भक्ति, दंडकारण्य और अबूझमाड़ जैसे ऐतिहासिक-आध्यात्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को रेखांकित किया।

उन्होंने संत गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को याद करते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा की यह परंपरा आज भी प्रदेश की आत्मा में समाहित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहा छत्तीसगढ़ आज तेजी से बदल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के परिणामस्वरूप प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में निर्णायक सफलता हासिल कर चुका है। उन्होंने बताया कि पहले जहां प्रदेश का बड़ा हिस्सा नक्सल प्रभावित था, वहीं अब विकास की मुख्यधारा गांव-गांव तक पहुंच रही है।

मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग को प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन की अपार संभावनाओं से परिपूर्ण बताते हुए कहा कि यहां के जलप्रपात, घने वन, संस्कृति और जनजातीय जीवन देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूनेस्को द्वारा बस्तर के धुड़मारास गांव को विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों में शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए बस्तर और छत्तीसगढ़ की सकारात्मक छवि देश-दुनिया तक पहुंचाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने उदाहरण देते हुए बताया कि बस्तर के दिव्यांग बालक मड्डा राम का वीडियो वायरल होने पर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर द्वारा उन्हें क्रिकेट किट भेजी गई—यह सोशल मीडिया की ताकत का प्रमाण है।

प्रदेश में विकास कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री  श्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत पिछले दो वर्षों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही, “छत्तीसगढ़ विजन 2047” के माध्यम से राज्य को विकसित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “नियद नेल्ला नार योजना” के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, राशन, वनाधिकार पट्टा और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाएं सुदूर गांवों तक पहुंचाई गई हैं। बस्तर ओलंपिक और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

डिजिटल युग पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया विजन का प्रभाव आज गांव-गांव में दिखाई दे रहा है, जहां आम नागरिक भी डिजिटल भुगतान कर रहा है। उन्होंने क्रिएटर्स से इस परिवर्तन को और आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि नक्सलवाद की छाया से बाहर निकलकर उभरता नया छत्तीसगढ़ आज देश के सामने एक सकारात्मक और प्रेरक उदाहरण के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र को कभी केवल संघर्ष और चुनौतियों के संदर्भ में देखा जाता था, वही आज विकास, शांति और संभावनाओं की नई कहानी लिख रहा है। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से अपील करते हुए कहा कि वे पूर्वाग्रहों से परे जाकर छत्तीसगढ़ को समझें और यहां हो रहे वास्तविक परिवर्तन, जनजीवन में आए सकारात्मक बदलाव, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास की नई गति को अपने मंचों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल माध्यम केवल अभिव्यक्ति का साधन नहीं, बल्कि धारणा निर्माण की सबसे प्रभावशाली शक्ति बन चुका है, ऐसे में क्रिएटर्स की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे सच्चाई और सकारात्मकता पर आधारित कंटेंट प्रस्तुत कर समाज में नई सोच और विश्वास का संचार करें।

इस अवसर पर विधायक श्री किरण सिंह देव, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, डॉ. गुरु पासवान, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव एवं जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

 आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का बना आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का बना आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का बना आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश की धरती ने ऐतिहासिक रूप से किया आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार
प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार सनातन संस्कृति के सिद्धांतों के अनुरूप समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित
"एकात्म पर्व" आधुनिक समाज और नई पीढ़ी को अद्वैत से जोड़ने का अभिनव और सफल प्रयास
जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती ने एकात्म धाम की संकल्पना को सराहा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव एकात्म पर्व का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुस्तक "वेदांतसिद्धान्तचन्द्रिका विथ उदग्र" का किया विमोचन
कार्यक्रम में एकात्म धाम पर केन्द्रित वेबसाइट का किया गया लोकार्पण
ओंकारेश्वर को बनाया जा रहा है ग्लोबल सेंटर ऑफ वननेस (एकात्मता का केंद्र)
21 अप्रैल तक जारी रहेगा एकात्म पर्व

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अद्वैत ज्ञान के सूर्योदय के केन्द्र ओंकारेश्वर की चेतना की अनुभूति आज सबको हो रही है। ज्ञान और ध्यान की धरती मध्यप्रदेश ने ऐतिहासिक रूप से धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया है। हर युग में इसके प्रमाण विद्यमान हैं। श्रीरामचन्द्र जी वनवास मिलने पर मंदाकिनी माता के किनारे चित्रकूट के धाम पधारें और प्रभु श्रीराम का आगे का जीवन मानव मात्र के लिए पूजनीय हो गया, समाज ने रामराज्य का अनुभव प्राप्त किया। भगवान श्रीराम ने संस्कारों, व्यवहारगत मूल्यों, परस्पर संबंधों सहित शासन के ऐसे सूत्र प्रदान किए जो आज भी महत्वपूर्ण हैं। इसी प्रकार श्रीकृष्ण, कंस वध के बाद शिक्षा ग्रहण करने उज्जयिनी स्थित सांदीपनि आश्रम पधारें। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मवाद का संदेश दिया, जो वर्तमान में भी प्रासंगिक है। सनातन काल में कालड़ी केरल से चले 8 वर्षीय बालक शंकर ओंकारेश्वर पधारे, जहां परम पूज्य गुरू गोविंदपाद जी के आशीर्वाद से आदि शंकराचार्य बनकर सनातन धर्म की धारा को अविरल रूप से बहाने का आधार प्रदान किया। आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का आधार बना। हमारी सनातन विरासत, शास्त्र और आध्यात्मिक परम्पराएं यदि आज जीवित एवं जागृत हैं तो यह आदिगुरू शंकराचार्य के प्रयास और आशीर्वाद से ही संभव हुआ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आचार्य शंकराचार्य जी की जयंती के अवसर पर ओंकारेश्वर के एकात्म धाम में आयोजित 5 दिवसीय प्रकटोत्सव के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में श्री द्वारका शारदा पीठ के जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती, विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता भिड़े, स्वामी शारदानंद सरस्वती सहित वरिष्ठ संतवृंद उपस्थित थे। राज्य सरकार के संस्कृति विभाग तथा आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास के तत्वावधान में 17 अप्रैल से 21 अप्रैल तक एकात्म पर्व मनाया जा रहा है।

एकात्म यात्रा तथा अद्वैत पर आधारित लघु फिल्मों का हुआ प्रदर्शन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री द्वारका शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती महाराज के साथ वैशाख शुक्ल पंचमी के उपलक्ष में आयोजित आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव 'एकात्म पर्व' कार्यक्रम का दीप प्रज्ववलित कर शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अद्वैत लोक एवं अक्षर ब्रह्म प्रदर्शनी का लोकार्पण किया। साथ ही वे वैदिक अनुष्ठान में भी सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृत सेवा फाउंडेशन पुणे के श्री रोहन अच्युत कुलकर्णी द्वारा लिखित पुस्तक "वेदांतसिद्धान्तचन्द्रिका विथ उदग्र" का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एकात्म धाम की यात्रा, प्रकल्प और भावी स्वरूप पर केंद्रित वेबसाइट https://www.oneness.mp.gov.in/ का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में एकात्म यात्रा तथा अद्वैत पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया।

पं.दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत में होती है एकात्मता के भाव की अभिव्यक्ति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार सनातन संस्कृति के सिद्धांतों के अनुरूप समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित है। चिंतक एवं विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में भी एकात्मता के भाव की अभिव्यक्ति होती है। राज्य सरकार अंत्योदय के सिद्धांतों के क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। उदारमना भारतीय सनातन संस्कृति में भक्षण को नहीं अपितु दूसरों के कल्याण को सर्वाधिक महत्व दिया गया है। पंच दिवसीय एकात्म पर्व में पधारे संत, मनीषी, विद्ववान एकात्मकता के वैश्विक संदेश को रेखांकित करेंगे। यह पर्व आधुनिक समाज और नई पीढ़ी को अद्वैत से जोड़ने का अभिनव और सफल प्रयास सिद्ध होगा।

व्यक्ति विश्व को जानना चाहता है, लेकिन अपनी आत्मा से साक्षात्कार नहीं करना चाहता

श्री द्वारका शारदा पीठ के जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती ने एकात्म धाम की संकल्पना को सराहा। उन्होंने कहा कि प्राणी मात्र में परमात्मा का दर्शन करने वाला ही एकात्मता सिद्ध कर सकता है। व्यक्ति में एकात्म बोध होना आवश्यक है। ब्रह्म, भगवान और आत्मा तीनों एक हैं। प्राणी मात्र में विद्यमान आत्म तत्व का ज्ञान ही एकता का आधार है। सद्-चित-आनंद का भाव ही एकता है। इस जगत से जगदीश्वर को प्राप्त करना ही हमारा ध्येय है। उन्होंने कहा कि गौमाता, धरती माता और जन्म देने वाली माता का सम्मान होना आवश्यक है। गौमाता की सेवा और रक्षा को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति, संस्कारों से समृद्ध होती है। व्यक्ति विश्व को जानना चाहता है, लेकिन अपनी आत्मा से साक्षात्कार नहीं करना चाहता है। प्राणी मात्र में आत्मा रूपी जो तत्व विद्मान है, वहीं एकात्म है। तत्व को समझते हुए हमें अपने लक्ष्य और उसकी प्राप्ति की जानकारी होनी चाहिए। शरीर केवल भोग-विलास के लिए नहीं है, इस दृश्य जगत से हमें अदृश्य ईश्वर को प्राप्त करना है। एकात्मा को सिद्ध करने के लिए वेदों की आवश्यकता है। वेदों में कही गई बातों का पालन करना चाहिए।

सभी के साथ एकात्मता का व्यवहार करना धर्म का आधार है

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की उपाध्यक्ष सुश्री निवेदिता भिड़े ने कहा कि हम सभी की आत्मा एक है, शरीर मात्र एक साधन है। मनुष्य शरीर, एकात्म का सबसे सुंदर उदाहरण है, शरीर में कई अंग है, लेकिन चेतना एक है। संपूर्ण विश्व में हम सभी ईश्वर की कोशिकाओं की तरह हैं, इन कोशिकाओं का प्राण ईश्वर ही है, जो सर्वथा एक है। हमारे वेदों में विद्यमान क्वांटम फिजिक्स और पर्यावरण के सिद्धांतों को विश्व आज समझ रहा है। दुनिया के लोग कहते हैं कि अगर मानव समाज की रक्षा करनी है तो भारत के वेद, उपनिषदों का अध्ययन करना होगा। स्वामी विवेकानंद ने "विजन ऑफ वननेस" की बात कही थी। हमारे ऋषियों ने कहा है कि सत्यम वद, धर्मम चरे, अर्थात् सत्य बोलो और धर्मानुसार चलें। सभी के साथ एकात्मता का व्यवहार करना धर्म का आधार है हमारी वाणी लोगों को जोड़ने वाली होनी चाहिए। सृष्टि का भाग होने के नाते हमें अपने कर्तव्यों का पालन धर्मानुसार करना चाहिए। चिन्मय इंटरनेशनल फाउंडेशन वेलियानाड केरल से पधारे स्वामी शारदानंद सरस्वती ने कहा कि आदि शंकराचार्य विश्वगुरु हैं। उन्होंने संन्यास ग्रहण कर सनातन धर्म को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। आचार्य शंकर ने अद्वैत सिद्धांत के माध्यम से जीवन के लिए उचित पथ का दर्शन कराया। उन्होंने स्त्रोत साहित्य में योग-ध्यान की स्थितियों की व्याख्या की है।

आचार्य शंकर के जन्मस्थान से निकाली जाएगी एकात्म यात्रा

आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास के प्रो. जयकिशोर एस. शास्त्री ने कहा कि ओंकारेश्वर में एकात्म धाम के अंतर्गत आचार्य शंकर की 108 फीट एकात्म प्रतिमा का लोकार्पण 2023 में हो चुका है। ओंकारेश्वर में 2400 करोड़ की लागत से आचार्य शंकर का अद्वैत लोक संग्रहालय का कार्य प्रगति पर है। ओंकारेश्वर को ग्लोबल सेंटर ऑफ वननेस (एकात्मता का केंद्र) को बनाया जा रहा है। यहां अब तक 2 हजार पौधे रोपे गए हैं। न्यास द्वारा अद्वैत जागरण शिविर और आर्चाय दूतों के प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सिंहस्थ-2028 से पहले भारत में एकात्म बोध के जागरण के लिए जनवरी से अप्रैल 2027 तक आचार्य शंकर के जन्मस्थान से एकात्म यात्रा निकाली जाएगी। आचार्य शंकर के जीवन पर एक फिल्म का निर्माण भी किया जा रहा है। आचार्य शंकर पर शोध के लिए फेलोशिप दी जा रही है।

दीक्षा समारोह में शंकर दूत के रूपमें संकल्प लेंगे 700 से अधिक युवा

आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास के स्वामी श्री वेदतत्वानंद पुरी ने कहा कि आचार्य शंकर ने अद्वैत के सिद्धांत से विश्व का परिचय कराया। भारत भूमि को हमारे सिद्ध महापुरुषों ने तीर्थ बनाया। इनके योगदान को 5 दिवसीय महोत्सव में सामने लाया जाएगा। रामकृष्ण मिशन, स्वामी चिन्मयानंद मिशन, उड़िया बाबा, गुरुनानक देव-सिख परंपरा आदि पर चिंतन मंथन होगा। हम हमारी परंपराओं पर चलते हुए विश्व शांति के लिए अद्वैत के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में अद्वैत की भूमिका पर भी मंथन होगा। इस आयोजन से विचार जागृति का लक्ष्य प्राप्त होगा। वेंकटेशम वेद विज्ञान पीठ तिरुमला से पधारे स्वामी श्री कोपाशिव सुब्रमण्यम अबधानी ने वैदिक अनुष्ठान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 5 दिवसीय महोत्सव में वैदिक परंपरा अनुसार अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। मध्यप्रदेश की धरती पर हो रहे इन अनुष्ठानों की गूंज संपूर्ण भारत और विश्व में होगी। पांच दिवसीय एकात्म पर्व वैचारिक सत्र के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया है। दीक्षा समारोह में 21 अप्रैल को देश-विदेश के 700 से अधिक युवा, शंकर दूत के रूप में संकल्प लेंगे।

अद्वैतामृतम् - विमर्श सभा में विभिन्न विषयों पर संवाद

आरंभिक सत्र में अद्वैत वेदांत की समकालीन परंपराओं पर विस्तृत व सार्थक संवाद प्रारम्भ हुआ। इसमें अद्वैत एवं Gen-Z जैसे महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषय पर स्वामी स्वात्मानंद सरस्वती, स्वामिनी ब्रह्मप्रज्ञानंद सरस्वती, सतावधानी ललितादित्य और विशाल चौरसिया युवाओं के नजरिए से अद्वैत की व्याख्या करेंगे। उड़िया बाबा पर माँ पूर्णप्रज्ञा, स्वामी प्रणवानंद सरस्वती और आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण (अयोध्या) इस परंपरा के दार्शनिक पहलुओं पर चर्चा करेंगे।