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कृषक उन्नति योजना से सशक्त हो रहे अन्नदाता

कृषक उन्नति योजना से सशक्त हो रहे अन्नदाता

कृषक उन्नति योजना से सशक्त हो रहे अन्नदाता

कृषक उन्नति योजना से सशक्त हो रहे अन्नदाता

किसानों की खुशहाली को मिला बल, अंतर राशि से शिक्षा और आवास कार्य को सहारा

कृषक उन्नति योजना से सशक्त हो रहे अन्नदाता

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसी प्रभावी नीतियों को अमल में लाया है, जिनसे अन्नदाताओं के जीवन में स्थायी और व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। इन पहलों ने न केवल किसानों की आय और आत्मविश्वास को सुदृढ़ किया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति और मजबूती प्रदान की है। सुशासन की प्रतिबद्धता को साकार करते हुए कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान विक्रय करने वाले किसानों को अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान किया गया है।
    मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुरूप यह सुनिश्चित किया गया कि होली पर्व से पूर्व किसानों के खातों में राशि अंतरित की जाए, ताकि वे अपने परिवार के साथ त्यौहार हर्षोल्लास और सम्मान के साथ मना सकें। शासन के इस संवेदनशील निर्णय से कोरबा जिले के किसानों में विशेष उत्साह का माहौल है।
    कोरबा जिले के ग्राम दादरखुर्द निवासी कृषक श्री शैलेन्द्र कुमार थवाईत ने इस वर्ष लगभग 32 क्विंटल धान का विक्रय किया, जिसके एवज में उन्हें 23 हजार 392 रुपये की अंतर राशि प्राप्त हुई। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय किसानों के हित में है और सही समय पर मिली राशि से उन्हें बड़ी राहत मिली है। वे इस राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा तथा उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने में करेंगे, जिससे उत्पादन क्षमता और आय दोनों में वृद्धि होगी।
    इसी प्रकार ग्राम कल्दामार के कृषक श्री जिमी राठिया ने कहा कि होली से पूर्व राशि प्राप्त होना उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि प्राप्त धनराशि का उपयोग घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति तथा प्रधानमंत्री आवास के निर्माण कार्य में किया जाएगा। शासन द्वारा समयबद्ध भुगतान किए जाने को उन्होंने किसानों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक बताया।

    कृषकों ने उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के इस संवेदनशील और समयबद्ध निर्णय से किसानों के जीवन में स्थिरता और सुरक्षा की भावना बढ़ी है।  सरकार का यह प्रयास किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की समग्र प्रगति का आधार है। 

 प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: जमुना पाण्डे का घर सौर ऊर्जा से हो रहा रोशन

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: जमुना पाण्डे का घर सौर ऊर्जा से हो रहा रोशन

 प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: जमुना पाण्डे का घर सौर ऊर्जा से हो रहा रोशन

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना

बिजली बिल से मिली राहत


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप प्रत्येक घरों में छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाकर आमजनों को ऊर्जा के लिए आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से  मुंगेली जिले के अनेक घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहे हैं और लोग बिजली खर्च से मुक्त होकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह योजना न केवल नागरिकों को आर्थिक राहत प्रदान कर रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रही है।
         नगर पंचायत सरगॉव की जमुना पाण्डे ने अपने आवास पर 02 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित कराया है। सोलर संयंत्र के चालू होते ही उनका घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहा है। जमुना पाण्डे ने बताया कि सोलर पैनल स्थापना होने से बिजली बिल से राहत मिली है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सरल प्रक्रिया और सब्सिडी सुविधा ने उन्हें सोलर सिस्टम अपनाने के लिए प्रेरित किया। 02 किलोवाट सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद न केवल उनके घर के बिजली बिल में कमी आई है, बल्कि वे स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने इस योजना को आम आदमी के लिए राहत और भविष्य के लिए निवेश बताते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अन्य नागरिकों से भी अपील की कि वे सौर ऊर्जा को अपनाकर न केवल आर्थिक लाभ प्राप्त करें, बल्कि ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में सहभागी बनें। 
          उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापना पर केन्द्र और राज्य शासन द्वारा 30 हजार रूपए से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। 01 किलोवाट क्षमता पर 45 हजार रुपये, 02 किलोवाट पर 90 हजार रुपये तथा 03 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम पर 01 लाख 08 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। यह प्रावधान सोलर ऊर्जा को आम नागरिकों के लिए सुलभ और किफायती बना रहा है। आमजनों को योजना के लिए प्रोत्साहित करने शासन के निर्देशानुसार बैंकों द्वारा कम ब्याज दर पर आसान किश्तों में ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। इससे आमजनों को योजना का लाभ लेना आसान हो गया है।

 महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल जानकी

महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल जानकी

 महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल जानकी

बिहान योजना

बिहान योजना से मिली नई उड़ान, जानकी बनीं सफल महिला उद्यमी

सरकारी योजनाओं के सहारे जानकी ने बदली अपनी और गांव की तस्वीर


बिहान योजना से मिली नई उड़ान, जानकी बनीं सफल महिला उद्यमी

जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो वे अद्भुत काम कर सकती हैं। वे शिक्षा प्राप्त कर सकती हैं, किसी भी क्षेत्र में काम कर सकती हैं और अपने लिए निर्णय ले सकती हैं। इससे न केवल उन्हें लाभ होता है, बल्कि परिवार और समुदाय भी मजबूत होते हैं। महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसालें यह दर्शाती हैं कि शिक्षा, दृढ़ संकल्प और आर्थिक स्वतंत्रता से महिलाएं न केवल अपना भाग्य बदल सकती हैं, बल्कि समाज में भी क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती हैं।

              धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम खर्रा की निवासी जानकी की सफलता की कहानी आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बन चुकी है। कभी एक साधारण गृहिणी के रूप में खेती-बाड़ी में परिवार का सहयोग करने वाली जानकी आज एक सफल व्यवसायी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। उनकी इस उपलब्धि के पीछे ग्रामीण आजीविका मिशन की ‘बिहान’ योजना से मिला मार्गदर्शन और उनकी निरंतर मेहनत है।

      जानकी ने जय मां गायत्री महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। समूह के माध्यम से उन्हें बचत, बैंकिंग और स्व-रोजगार के अवसरों के बारे में जागरूकता मिली। इसके बाद उन्होंने सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) से प्राप्त ऋण की सहायता से कपड़ा व्यवसाय की शुरुआत की। मेहनत और ग्राहकों के विश्वास से उनका व्यवसाय धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया।

      समूह के बैंक लिंकेज के माध्यम से अतिरिक्त ऋण प्राप्त कर उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार करते हुए फैंसी स्टोर की शुरुआत की। इसके बाद मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर उन्होंने जूते-चप्पल की दुकान भी खोल ली। वर्तमान में उनके व्यवसाय में कपड़े, फैंसी सामग्री और जूते-चप्पल की बिक्री होती है, जिससे उन्हें हर माह अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

      जानकी केवल स्वयं ही आत्मनिर्भर नहीं बनीं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं। वे खेती-बाड़ी समूह की अध्यक्ष, ग्राम संगठन (वीओ) की अध्यक्ष तथा बीआरसी सदस्य के रूप में सक्रिय भूमिका निभाते हुए महिलाओं को बचत, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से गांव की कई महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं।

     जानकी की सफलता यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत मिसाल भी बन सकती हैं।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के नव पदस्थ सदस्य श्री राजीव श्रीवास्तव ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के नव पदस्थ सदस्य श्री राजीव श्रीवास्तव ने की सौजन्य भेंट

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के नव पदस्थ सदस्य श्री राजीव श्रीवास्तव ने की सौजन्य भेंट

सदस्य श्री राजीव श्रीवास्तव ने की सौजन्य भेंट


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के नव पदस्थ सदस्य श्री राजीव श्रीवास्तव ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री राजीव श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण की वर्तमान गतिविधियों, कार्यप्रणाली तथा भविष्य की कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने प्राधिकरण द्वारा पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करते हुए आमजन का विश्वास बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया।

इंडिया स्किल 2025-26 में छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक सफलता

इंडिया स्किल 2025-26 में छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक सफलता

  इंडिया स्किल 2025-26 में छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक सफलता

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक

युवाओं की प्रतिभा, तकनीकी दक्षता एवं नवाचार क्षमता को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार का कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इंडिया स्किल प्रतियोगिता 2025-26 में छत्तीसगढ़ राज्य के युवाओं ने ईस्ट ज़ोन रीजनल प्रतियोगिता में 12 पदक और 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस अर्जित कर उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है। यह प्रतियोगिता क्रमशः चार चरणों में जिला, राज्य, रीजनल एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को वर्ल्ड स्किल्स इंटरनेशनल के अंतर्गत भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त होगा। 

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। राज्य सरकार कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक प्रशिक्षण, नवाचार और उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। यह सफलता सशक्त युवा, समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदकईस्ट जोन की रीजनल प्रतियोगिता का समापन 02 मार्च 2026 को भुवनेश्वर में हुआ, जिसमें ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के 200 से अधिक प्रतिभागियों ने 59 कौशल श्रेणियों में भाग लिया। छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 12 पदक एवं 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस सम्मान अर्जित किए, जिनमें 01 स्वर्ण, 02 रजत, 05 कांस्य पदक तथा 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस शामिल हैं। 

डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया में सुनील कुमार पैतल ने स्वर्ण पदक, 3डी डिजिटल गेम आर्ट में खुशांक नायक, सीएनसी मिलिंग में पुष्कर सोनबर एवं सीएनसी टर्निंग में आत्माराम ने रजत पदक अर्जित कर राज्य को गौरवान्वित किया। इसी तरह सीएनसी मिलिंग में निखिल, इलेक्ट्रॉनिक्स में अभिषेक कुमार, प्लंबिंग एवं हीटिंग में रेशमान, वेब टेक्नोलॉजी में सतेंद्र कुमार ने कांस्य पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। इसी तरह रेन्यूबल एनर्जी में नोहर लाल पटेल, मेकेनिकल इंजीनियरिंग में ओम बंजारे, हेल्थ एंड सोशल केयर में अंतरा मुखर्जी ने मेडल ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त किया। 

उल्लेखनीय है कि राज्य में प्रतियोगिता का सफल आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा किया गया। 19 कौशल ट्रेड्स में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में 3327 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 381 प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतु चयनित हुए। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 03 एवं 04 फरवरी 2026 को रायपुर, दुर्ग एवं रायगढ़ जिलों के प्रतिष्ठित संस्थानों में संपन्न हुई। व्यावहारिक मूल्यांकन के पश्चात 38 प्रतिभागियों का चयन रीजनल स्तर के लिए किया गया। रीजनल स्तर पर सफल प्रतिभागी अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। राज्य में पहली बार कौशल तिहार 2025 एवं मोबाइल आधारित एमसीक्यू परीक्षा जैसे नवाचारों के माध्यम से प्रतियोगिता का व्यापक एवं पारदर्शी संचालन किया गया।

 मुख्यमंत्री निवास में होली के रंगों की बौछार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों-कर्मचारियों संग खेली होली

मुख्यमंत्री निवास में होली के रंगों की बौछार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों-कर्मचारियों संग खेली होली

 मुख्यमंत्री निवास में होली के रंगों की बौछार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों-कर्मचारियों संग खेली होली

 मुख्यमंत्री निवास में होली के रंगों की बौछार:


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों-कर्मचारियों संग खेली होली

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पूरे उत्साह और उमंग के साथ होली का पर्व मनाया। पारंपरिक फाग गीतों और हर्षोल्लास के वातावरण में रंग और उल्लास से सराबोर इस अवसर पर सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को गुलाल लगाकर उन्हें बधाई दी, वहीं मुख्यमंत्री श्री साय ने भी आत्मीयता के साथ सभी को गुलाल लगाकर रंगोत्सव की शुभकामनाएँ दीं और स्नेह, विश्वास तथा आपसी भाईचारे का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों-कर्मचारियों संग खेली होली

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व समाज में एकता, भाईचारे और सकारात्मकता की भावना को सुदृढ़ करता है तथा जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पर्व हमें आपसी मतभेद भुलाकर मिल-जुलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी से आत्मीय भेंट कर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, साथियों और प्रदेशवासियों के साथ स्नेह, विश्वास और अपनत्व के रंग साझा करना इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों का स्नेह और आशीर्वाद ही जनसेवा के उनके संकल्प को और अधिक सशक्त बनाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए सभी को होली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि रंगों का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और नई ऊर्जा का संचार करे तथा हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और खुशहाली के नए आयाम स्थापित करता रहे। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार, रायपुर के पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला सहित मुख्यमंत्री सचिवालय एवं निवास कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

 अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण

अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण

 अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण

पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण


अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण

अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने आज मंगलवार को कोंडागांव जिले के प्रवास के दौरान देव खरगांव स्थित पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वासित व्यक्तियों से संवाद कर उनकी दैनिक गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही केंद्र में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अवलोकन किया। उन्होंने पुनर्वास केंद्र के व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए प्रशिक्षण के साथ-साथ उनकी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान देने को कहा ताकि पुनर्वासित व्यक्तियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने कृषि संबंधी स्वरोजगार पर विशेष ध्यान देने को कहा और सुबह शाम नियमित प्रार्थना कराने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना एवं पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चंद्रा ने पुनर्वासित व्यक्तियों को शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। इस मौके पर 01 पुनर्वासित व्यक्ति को नियुक्ति पत्र प्रदान किया और 01 व्यक्ति को स्मार्टफोन भी प्रदाय किया। साथ ही सभी को प्रेरणा लेने हेतु प्रेरित किया। 

गारमेंट फैक्ट्री का भी किया अवलोकन

अपर मुख्य सचिव श्री पिंगुआ ने जिला मुख्यालय स्थित कोंडानार गारमेंट फैक्ट्री का निरीक्षण कर वहां संचालित आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया तथा प्रबंधन से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। 

इस अवसर पर एसडीएम श्री अजय उरांव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रूपेश दांडे, डीएसपी श्री सतीश भार्गव तथा केंद्र प्रभारी श्री पुनेश्वर वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

वाणिज्य एवं उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेशवासियों को दी होली पर्व की बधाई

वाणिज्य एवं उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेशवासियों को दी होली पर्व की बधाई

वाणिज्य एवं उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेशवासियों को दी होली पर्व की बधाई

प्रदेशवासियों को दी होली पर्व की बधाई

होली के पहले किसानों के खाते में धान उपार्जन के अंतर की राशि मिलने से होली का उत्साह दोगुना

वाणिज्य एवं उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने रंगों के पर्व होली पर प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि आप सभी के जीवन में होली का यह पर्व सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। केबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य सरकार द्वारा अपने वायदे के अनुरूप होली त्योहार के पहले प्रदेश के 25.28 लाख किसानों को कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत 10,324 करोड़ रूपए की आदान सहायता राशि उनके बैंक के खातों में अंतरित की है। होली त्योहार में किसानों का उत्साह दोगुना हो गया है। 

        केबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रह हैं। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिक की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए डीबीटी के जरिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निमार्ण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा हितग्राहियों को अब तक लगभग 800 करोड़ रूपए की आर्थिक मदद दी जा चुकी है।

        केबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि रंगों का यह त्योहार हमारे जीवन में उमंग, उत्साह और सौहार्द्र का संचार करता है। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्यौहार नही बल्कि सामाजिक समरसता भाईचारे और भारतीय परम्पराओं की जीवंत अभिव्यक्ति का पर्व है। आइए, हम सभी मिलकर प्रेम, भाईचारे और सद्भाव के रंगों से अपने समाज को और भी अधिक रंगीन बनाएं। 

 इंडिया स्किल 2025-26 में छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक सफलता

इंडिया स्किल 2025-26 में छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक सफलता

 इंडिया स्किल 2025-26 में छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक सफलता

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक

युवाओं की प्रतिभा, तकनीकी दक्षता एवं नवाचार क्षमता को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार का कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इंडिया स्किल प्रतियोगिता 2025-26 में छत्तीसगढ़ राज्य के युवाओं ने ईस्ट ज़ोन रीजनल प्रतियोगिता में 12 पदक और 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस अर्जित कर उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है। यह प्रतियोगिता क्रमशः चार चरणों में जिला, राज्य, रीजनल एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को वर्ल्ड स्किल्स इंटरनेशनल के अंतर्गत भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त होगा। 

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। राज्य सरकार कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक प्रशिक्षण, नवाचार और उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। यह सफलता सशक्त युवा, समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदकईस्ट जोन की रीजनल प्रतियोगिता का समापन 02 मार्च 2026 को भुवनेश्वर में हुआ, जिसमें ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के 200 से अधिक प्रतिभागियों ने 59 कौशल श्रेणियों में भाग लिया। छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 12 पदक एवं 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस सम्मान अर्जित किए, जिनमें 01 स्वर्ण, 02 रजत, 05 कांस्य पदक तथा 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस शामिल हैं। 

डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया में सुनील कुमार पैतल ने स्वर्ण पदक, 3डी डिजिटल गेम आर्ट में खुशांक नायक, सीएनसी मिलिंग में पुष्कर सोनबर एवं सीएनसी टर्निंग में आत्माराम ने रजत पदक अर्जित कर राज्य को गौरवान्वित किया। इसी तरह सीएनसी मिलिंग में निखिल, इलेक्ट्रॉनिक्स में अभिषेक कुमार, प्लंबिंग एवं हीटिंग में रेशमान, वेब टेक्नोलॉजी में सतेंद्र कुमार ने कांस्य पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। इसी तरह रेन्यूबल एनर्जी में नोहर लाल पटेल, मेकेनिकल इंजीनियरिंग में ओम बंजारे, हेल्थ एंड सोशल केयर में अंतरा मुखर्जी ने मेडल ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त किया। 

उल्लेखनीय है कि राज्य में प्रतियोगिता का सफल आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा किया गया। 19 कौशल ट्रेड्स में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में 3327 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 381 प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतु चयनित हुए। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 03 एवं 04 फरवरी 2026 को रायपुर, दुर्ग एवं रायगढ़ जिलों के प्रतिष्ठित संस्थानों में संपन्न हुई। व्यावहारिक मूल्यांकन के पश्चात 38 प्रतिभागियों का चयन रीजनल स्तर के लिए किया गया। रीजनल स्तर पर सफल प्रतिभागी अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। राज्य में पहली बार कौशल तिहार 2025 एवं मोबाइल आधारित एमसीक्यू परीक्षा जैसे नवाचारों के माध्यम से प्रतियोगिता का व्यापक एवं पारदर्शी संचालन किया गया।

 होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री श्री साय

होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री श्री साय

 होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री श्री साय

 होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह

धरसींवा में होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय


धरसींवा में होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज धरसींवा विधानसभा क्षेत्र में विधायक श्री अनुज शर्मा द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए और क्षेत्रवासियों के साथ होली की खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री ने आयोजन में आमंत्रित किए जाने पर विधायक श्री अनुज शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए सभी उपस्थितजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का पर्व है। यह हमें मन-मुटाव भुलाकर एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि होलिका बुराई का प्रतीक है, जिसका दहन कर हमें जीवन में अच्छाई, सकारात्मकता और खुशहाली को अपनाना है तथा सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर आगे बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 4 मार्च को होली का पर्व है और इसका उत्साह अभी से दिखाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिससे किसानों में विशेष उत्साह है और इस बार प्रदेश में होली का पर्व और अधिक उल्लासपूर्ण माहौल में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि होली सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव का अवसर भी है, जो समाज में आत्मीयता और विश्वास को मजबूत करता है।

विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों के खातों में सहायता राशि अंतरित किए जाने से किसानों में खुशी का माहौल है और वे इस वर्ष होली का त्योहार अधिक आनंद और उत्साह के साथ मना रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक फाग गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उत्सवमय बना दिया, जिससे पूरा परिसर होली के रंग में सराबोर हो गया।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी क्षेत्रवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के नव पदस्थ सदस्य श्री राजीव श्रीवास्तव ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के नव पदस्थ सदस्य श्री राजीव श्रीवास्तव ने की सौजन्य भेंट

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के नव पदस्थ सदस्य श्री राजीव श्रीवास्तव ने की सौजन्य भेंट

सदस्य श्री राजीव श्रीवास्तव ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के नव पदस्थ सदस्य श्री राजीव श्रीवास्तव ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री राजीव श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण की वर्तमान गतिविधियों, कार्यप्रणाली तथा भविष्य की कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने प्राधिकरण द्वारा पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करते हुए आमजन का विश्वास बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया।

 होली सद्भाव, अपनत्व और गिले-शिकवे भुलाने का पर्व है : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

होली सद्भाव, अपनत्व और गिले-शिकवे भुलाने का पर्व है : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 होली सद्भाव, अपनत्व और गिले-शिकवे भुलाने का पर्व है : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

होली सद्भाव, अपनत्व और गिले-शिकवे भुलाने का पर्व है

रायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” मुख्यमंत्री हुए शामिल

रायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” मुख्यमंत्री हुए शामिल

रायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” मुख्यमंत्री हुए शामिल

रायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” मुख्यमंत्री हुए शामिल

रायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” मुख्यमंत्री हुए शामिल

रायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” मुख्यमंत्री हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” एवं “महामूर्ख सम्मेलन 2026” में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को सुदृढ़ करने का पावन अवसर भी है। यह पर्व हमें छोटी-छोटी अनबन और गिले-शिकवे भुलाकर नए सिरे से संबंधों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।

रायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” मुख्यमंत्री हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब में पर्वों को मिल-जुलकर मनाने की एक गौरवशाली परंपरा रही है। रायपुर प्रेस क्लब वर्षों से होली मिलन और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का कार्य कर रहा है, यह परंपरा आगे भी निरंतर जारी रहनी चाहिए। उन्होंने प्रेस क्लब परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कामना की कि यह उल्लासपूर्ण पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता लेकर आए।

इस दौरान रायपुर प्रेस क्लब के सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री साय का अनूठे अंदाज में मिर्ची की माला पहनाकर तथा त्रिशूलनुमा पिचकारी भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब के होली विशेषांक ‘नानसेंस टाइम्स’ का विमोचन भी किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने बजाया नगाड़ा, रंगों के उल्लास में झूमे पत्रकार

होली मिलन समारोह में  उमंग का तब अनोखा वातावरण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वयं नगाड़ा बजाकर उत्सव का जोश दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री के नगाड़ा बजाते ही समारोह में उपस्थित पत्रकारों और अतिथियों ने तालियों से उत्साह व्यक्त किया और पूरे परिसर में आनंद की लहर दौड़ गई। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की धुन पर मुख्यमंत्री भी पत्रकार साथियों के साथ फाग गीतों और होली के उल्लास में सहभागी बने। कार्यक्रम में संगीत, संस्कृति और आपसी भाईचारे का सुंदर संगम देखने को मिला।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर कृष्णा दास, राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडेय, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी सहित अन्य पत्रकारगण, जनप्रतिनिधिगण,  अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 सिख गुरुओं की सीख और बलिदान हम सभी को देती है प्रेरणा – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

सिख गुरुओं की सीख और बलिदान हम सभी को देती है प्रेरणा – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 सिख गुरुओं की सीख और बलिदान हम सभी को देती है प्रेरणा – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

सिख गुरुओं की सीख और बलिदान हम सभी को देती है प्रेरणा

मुख्यमंत्री श्री साय ने होला मोहल्ला के लिए संगत बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित रेलवे स्टेशन गुरुद्वारा पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए अरदास की। इस अवसर पर उन्होंने सिख संगत द्वारा आयोजित होला मोहल्ला यात्रा के लिए निःशुल्क बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

सिख संगत द्वारा आयोजित इस यात्रा में लगभग 1200 श्रद्धालु 17 बसों, 2 ट्रकों एवं अन्य वाहनों के साथ श्री हजूर साहिब नांदेड़ (महाराष्ट्र) तथा गुरुद्वारा नानक झीरा साहिब, बीदर (कर्नाटक) के लिए रवाना हुए। यह यात्रा सिख समाज की आस्था, परंपरा और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने संगत को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सिख गुरुओं का त्याग, बलिदान और मानवता की सेवा का संदेश पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़े पवित्र स्थलों पर आयोजित होला मोहल्ला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत परंपरा का प्रतीक है। सिख गुरुओं द्वारा स्थापित शौर्य और समर्पण की विरासत सदैव देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि सिख संगत द्वारा लगातार 25वें वर्ष इस भव्य आयोजन का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने इस उत्कृष्ट आयोजन के लिए सिख समाज को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा सहित सिख समाज के प्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने धोन्धा प्रतापपुर में किया कृषि महाविद्यालय का भूमि पूजन

कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने धोन्धा प्रतापपुर में किया कृषि महाविद्यालय का भूमि पूजन

 कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने धोन्धा प्रतापपुर में किया कृषि महाविद्यालय का भूमि पूजन

कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम

कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने धोन्धा प्रतापपुर में किया कृषि महाविद्यालय का भूमि पूजन

    छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने आज धोन्धा प्रतापपुर में बहुप्रतीक्षित कृषि महाविद्यालय का विधिवत भूमि पूजन संपन्न किया। उनके द्वारा आज 889.53 लाख राशि से निर्मित होने वाले कृषि महाविद्यालय भवन प्रतापपुर (धोन्धा) व 602.10 लाख  से निर्मित होने वाले बालक एवं कन्या छात्रावास भवन प्रतापपुर (धोन्धा) का भूमि पूजन किया गया। 
                    इस अवसर पर प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी देवपाल सिंह पैंकरा, जिला पंचायत सदस्य श्री लवकेश पैंकरा, क्षेत्र के किसान, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
                    भूमि पूजन के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि यह दिन धोंधा प्रतापपुर और संपूर्ण क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि इस पावन भूमि पर कृषि महाविद्यालय की स्थापना से किसान बंधुओं की आने वाली पीढ़ियों के लिए उच्च कृषि शिक्षा के नए द्वार खुलेंगे।
                    मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। इस महाविद्यालय के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती के तरीके और कृषि विज्ञान की उच्चस्तरीय शिक्षा अब उनके अपने गृह जिले में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि महाविद्यालय का निर्माण कार्य शीघ्र एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराया जाएगा।
                     इस अवसर पर प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृषि महाविद्यालय की स्थापना उनके क्षेत्र के लिए एक स्वप्न के साकार होने जैसा है। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय के लिए प्रयास आज सफल हुआ है जिसमें कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने ग्रामवासियों एवं किसान बंधुओं से कहा कि अब उनके बच्चों को उच्च कृषि शिक्षा के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा। विधायक श्रीमती पोर्ते ने यह भी कहा कि यह महाविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र के कृषि विकास और युवाओं के उज्जवल भविष्य की नींव भी रखेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्रवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।
                     इस कृषि महाविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र के युवाओं को कृषि विज्ञान, उद्यानिकी, पशुपालन और ग्रामीण प्रबंधन जैसे विषयों में उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा। अब दूरदराज के ग्रामीण विद्यार्थियों को बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा और वे अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

15 दिनों में 15 उद्योगों पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई

15 दिनों में 15 उद्योगों पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई

15 दिनों में 15 उद्योगों पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई

उल्लंघनकारी उद्योगों पर पखवाड़े भर में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की कड़ी कार्रवाई

9.22 लाख की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित
उल्लंघनकारी उद्योगों पर पखवाड़े भर में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की कड़ी कार्रवाई

15 दिनों में 15 उद्योगों पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा क्षेत्रांतर्गत संचालित औद्योगिक इकाइयों के पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की नियमित एवं सतत निगरानी की जा रही है। 10 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 की अवधि में किए गए नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षणों के दौरान विभिन्न उद्योगों में वायु एवं जल प्रदूषण संबंधी गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर मंडल द्वारा कड़ी वैधानिक कार्रवाई की गई है। मंडल द्वारा 15 दिनों में 15 उद्योगों पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।
स्पंज आयरन उद्योग पर कार्रवाई
         ग्राम चरौदा, तहसील एवं जिला रायपुर स्थित स्पंज आयरन उद्योग मे० पुष्प स्टील्स एंड माइनिंग प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम-इंडियन स्टील एंड पॉवर प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।
        मेटल पार्क, रावांभाठा में 11 इकाइयों पर कार्रवाई की गई, जिनमें मेटल पार्क, रावांभाठा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान 09 स्लैग क्रशर, 01 बाइंडिंग वायर इकाई एवं 01 स्टील फर्नीचर इकाई बिना मंडल की वैध सम्मति एवं प्रदूषण की स्थिति में संचालित पाई गईं। इन कुल 11 इकाईयों के विरुद्ध वायु अधिनियम 1981 की धारा 31(क) एवं जल अधिनियम 1974 की धारा 33(क) के तहत उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।
सिलतरा एवं उरला क्षेत्र में भी कार्रवाई
        सिलतरा स्थित इण्डक्शन फर्नेस उद्योग मे० एसकेए इस्पात प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम-जोरावर इंजीनियरिंग एंड फाउंड्री फोर्ज प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर 19 फरवरी 2026 को उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन के आदेश जारी किए गए। इसी प्रकार उरला-गोंदवारा स्थित इण्डक्शन फर्नेस एवं सीसीएम उद्योग मे० छत्तीसगढ़ फेरो ट्रेडर्स प्रा. लिमिटेड में वायु प्रदूषण पाए जाने पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।

9.22 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति
           छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा कार्रवाई के अतिरिक्त निमयों का उल्लंघन अवधि के लिए नियमानुसार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपण की भी कार्रवाई की गई है। इस अवधि में कुल 03 उद्योगों पर कुल 9 लाख 22 रूपए की क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित     की गई है। मंडल द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई पूर्णतः पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण को दृष्टिगत रखते हुए की गई है। संबंधित उद्योगों को निर्देशित किया गया है कि जब तक वे पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक प्रावधानों एवं सम्मति शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक संचालन की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।

         छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों एवं आसपास के क्षेत्रों में निरीक्षण निरंतर जारी रहेगी तथा किसी भी उद्योग से प्रदूषक उत्सर्जन अथवा दूषित जल निस्सारण पाए जाने पर वायु एवं जल अधिनियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। 

 टेलरिंग के व्यवसाय में पूजा देवांगन को मिला मजबूत आधार

टेलरिंग के व्यवसाय में पूजा देवांगन को मिला मजबूत आधार

 टेलरिंग के व्यवसाय में पूजा देवांगन को मिला मजबूत आधार

टेलरिंग के व्यवसाय में पूजा देवांगन को मिला मजबूत आधार

कोरबा जिले की रहने वाली पूजा देवांगन आज आत्मनिर्भरता और नारी सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायी मिसाल बन चुकी हैं। सिलाई-कढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ने की उनकी इच्छा ने उन्हें लाईवलीहुड कॉलेज कोरबा तक पहुँचाया, जहाँ से उनके जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन की शुरुआत हुई। उन्होंने सबसे पहले टेलर दर्जी के बेसिक प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। यह उनके लिए वह पहला अवसर था, जिसने आगे उनकी प्रगति को गति दी। सात दिवस का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें चार हजार रुपये की स्टाइपेंड राशि और एक लाख रुपये तक का बिना गारंटर लोन प्राप्त हुआ, जिसके सहारे उन्होंने अपने छोटे व्यवसाय के काम को आगे बढ़ाना शुरू किया।

अपने कौशल को और निखारने के उद्देश्य से पूजा ने आगे एडवांस टेलर दर्जी प्रशिक्षण में प्रवेश लिया। पंद्रह दिवसीय इस प्रशिक्षण ने उन्हें आधुनिक तकनीकों, नए तरीकों से डिज़ाइन तैयार करने और उन्नत उपकरणों के उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान उन्हें प्रतिदिन पाँच सौ रुपये के मान से कुल साढ़े सात हजार रुपये स्टाइपेंड और एक हजार रुपये यात्रा भत्ता भी मिला। साथ ही उन्हें दो लाख रुपये तक का बिना गारंटर ऋण स्वीकृत होने का लाभ भी प्राप्त हुआ, जिससे उनके बढ़ते व्यवसाय को मजबूत आधार मिला।

धीरे-धीरे पूजा ने अपने हुनर को कार्य में बदलना शुरू किया और घर पर ही सिलाई का काम शुरू कर दिया। उनके परिश्रम, प्रशिक्षण से मिले आत्मविश्वास और वित्तीय सहायता ने मिलकर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाया। आज पूजा अपने परिवार की मजबूती का आधार हैं और अपने व्यवसाय को विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उनका यह सफर अनेक महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायी है कि अवसर, दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो हर महिला आत्मनिर्भर बन सकती है और अपने सपनों को साकार कर सकती है।

 प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से साकार हो रहा ऊर्जा आत्मनिर्भरता का संकल्प

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से साकार हो रहा ऊर्जा आत्मनिर्भरता का संकल्प

 प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से साकार हो रहा ऊर्जा आत्मनिर्भरता का संकल्प

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से साकार हो रहा ऊर्जा आत्मनिर्भरता का संकल्प

हीरा राम के घर आई बचत और उजाले की नई किरण


हीरा राम के घर आई बचत और उजाले की नई किरण

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  के दूरदर्शी नेतृत्व में देश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने तथा स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ प्रदेश में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप आज नागरिक न केवल बिजली व्यय में राहत पा रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सशक्त कदम बढ़ा रहे हैं।

कोरबा जिले के खरमोरा निवासी श्री हीरा राम साहू इस योजना से लाभान्वित होने वाले नागरिकों में से एक हैं। उन्हें योजना की जानकारी समाचार माध्यमों से प्राप्त हुई। योजना की विशेषताओं एवं अन्य जानकारी प्राप्त करने के पश्चात उन्होंने अपने निवास पर सोलर पैनल स्थापित कराने का निर्णय लिया, जून 2025 में उन्होंने अपने घर पर 3 किलोवाट क्षमता का सौर संयंत्र स्थापित कराया, जिसकी कुल लागत लगभग 2 लाख 10 हजार रुपये आई। जिसमें केंद्र द्वारा 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। इस प्रकार कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की शासकीय सहायता प्राप्त होने से उन पर आर्थिक भार में कमी आई और योजना का लाभ उन्हें सहज रूप से प्राप्त हुआ।

उनके परिवार में चार सदस्य हैं। पूर्व में उनके घर में विद्युत उपयोग मध्यम स्तर का था तथा प्रतिमाह विद्युत बिल एक नियमित व्यय के रूप में देय होता था। पैनल स्थापना के पश्चात पारंपरिक विद्युत पर उनकी निर्भरता लगभग समाप्त हो गई है। वर्तमान में उनका मासिक विद्युत बिल मात्र 30 से 70 रुपये के मध्य आ रहा है, इस बचत से उन्हें सेवानिवृत्ति उपरांत आर्थिक प्रबंधन में पर्याप्त सहूलियत प्राप्त हो रही है।

पूर्व में सीएसईबी में कार्यरत रहे एवं वर्तमान में सेवानिवृत्त जीवन व्यतीत कर रहे श्री हीरा राम साहू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना वास्तव में आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी एवं लाभकारी है। इससे घरेलू व्यय में कमी आई है तथा स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनहितकारी योजनाएं नागरिकों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्यपाल श्री रमेन डेका को जन्मदिन की दी शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्यपाल श्री रमेन डेका को जन्मदिन की दी शुभकामनाएँ

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्यपाल श्री रमेन डेका को जन्मदिन की दी शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्यपाल श्री रमेन डेका को जन्मदिन की दी शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज लोकभवन पहुँचकर राज्यपाल श्री रमेन डेका को उनके जन्मदिन के अवसर पर आत्मीय शुभकामनाएँ एवं बधाई दी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका को पुष्पगुच्छ, छत्तीसगढ़ की पारंपरिक ढोकरा शिल्प की आकर्षक कलाकृति तथा शॉल भेंट किया। उन्होंने राज्यपाल श्री रमेन डेका के उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय जीवन तथा दीर्घायु की कामना की।

 अन्नदाता के पसीने की हर बूंद का मोल दे रही छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना

अन्नदाता के पसीने की हर बूंद का मोल दे रही छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना

 अन्नदाता के पसीने की हर बूंद का मोल दे रही छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना

अन्नदाता के पसीने की हर बूंद का मोल दे रही छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि अन्नदाताओं का पसीना सूखने से पहले ही उनके मेहनत का मोल मिलना चाहिए। मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए सुशासन की राह पर चलने वाली साय सरकार ने कृषक उन्नति योजना के माध्यम से इस कथन को मूर्त रूप दिया है। अभी होली त्योहार आने को है और किसान भाईयों की मेहनत की एक-एक पाई उन्हें मिल गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 28 फरवरी को बिल्हा ब्लॉक के ग्राम रहंगी में आयोजित वृहद किसान सम्मेलन में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के अन्नदाताओं को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से धान के मूल्य की अंतर राशि 10 हजार 324 करोड़ रूपए के बैंक खातों में अंतरित करेंगे। यह राशि राज्य के 25 लाख 28 हजार किसानों को मिलेगी। 

साय सरकार ने लगातार एकमुश्त तीसरी बार यह राशि भुगतान करने जा रही है। इसको मिलाकर राज्य के अन्नदाताओं को कृषक उन्नति योजना के माध्यम से 35 हजार करोड़ रुपए का भुगतान पूरा हो जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार अपने वादे के मुताबिक कृषक उन्नति योजना के आदान राशि का भुगतान होली पर्व के ठीक पहले कर रही है। इसका मतलब यह है कि किसान भाइयों के फाग में कुछ और उत्साह के रंग घुल जाएंगे। होली में किसान भाइयों के साथ फगुआ रंग में स्वयं को रंगने मुख्यमंत्री भी बिल्हा जा रहे हैं।

तीन बार की धान खरीदी और सरकार द्वारा दिये जा रहे अन्य प्रोत्साहनों को देखें तो किसान भाइयों को अब तक लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए की राशि दी गई है। धान के कटोरे में जबर्दस्त आर्थिक उफान लाने यह राशि कितनी सहायक हुई है इसका पता बजट के आंकड़ों से लगता है। इस बार प्रति व्यक्ति आय का जो अनुमान हुआ वो पिछले साल की तुलना में दस प्रतिशत अधिक है। जहां महंगाई लगभग 3 फीसदी की दर से बढ़ रही है और प्रति व्यक्ति आय इतनी तेजी से बढ़ रही है तो साफ है कि किसानों के लिए अपने खेत में निवेश के अवसर भी तेजी से सामने आ रहे हैं।

कृषक उन्नति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों को पूरे भारत में धान का सबसे अच्छा दाम मिल रहा है। यह स्वामीनाथन कमेटी की उन अनुशंसाओं के मुताबिक है, जो किसान भाइयों को उचित मूल्य देने की बात करते हैं। कृषक उन्नति योजना ने केवल किसान भाइयों को मजबूत आर्थिक स्थिति ही नहीं दी है इसने कृषि अर्थव्यवस्था की नींव को भी मजबूत करने का काम किया है।

लागत की तुलना में कम रिटर्न और अत्याधिक श्रम के चलते किसानों का कृषि से हो रहे मोहभंग की स्थिति को कृषक उन्नति योजना ने पलट दिया है। जहां वर्ष 2022-23 में लगभग 23 लाख 42 हजार किसानों ने धान बेचा, वहीं इस बार 25 लाख 28 हजार किसान भाइयों ने धान बेचा। इस तरह लगभग दो लाख किसान इस योजना के आने के बाद खेती किसानी से जुड़ गए, यह बड़ा बदलाव है। 

इस योजना का लाभ किसानों के साथ ही रेगहा, बटाईदारों, वनाधिकारपत्र धारकों, पब्लिक ट्रस्ट के लोगों तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को भी मिल रहा है इस प्रकार यह योजना समावेशी विकास का बड़ा आधार बन कर सामने आई है। कृषक उन्नति योजना ने किसानों को खेती पर निवेश करने की राह भी दिखाई है। प्रधानमंत्री जी ने जो जीएसटी रिफार्म्स किये, उससे सबसे ज्यादा लाभ किसानों को हुआ क्योंकि ट्रैक्टर सहित अन्य कृषि उपकरण सस्ते हो गये। कृषक उन्नति योजना ने इनका लाभ उठाने आवश्यक पूंजी किसानों को उपलब्ध कराई। कृषक उन्नति योजना ने धान के अलावा दलहन फसलों के लिए भी किसानों को प्रेरित किया, इस प्रकार फसल वैविध्य को लेकर यह योजना आगे बढ़ती है।

जब हमारे किसान मजबूत होते हैं तो हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है तो शहरी अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत होता है। छत्तीसगढ़ में जो तीव्र आर्थिक विकास देखा गया है उसके पीछे कृषक उन्नति योजना बड़ी वजह बनी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच ने इस योजना को किसान भाइयों के लिए और उपयोगी बनाया। उन्होंने एक ही किश्त में पूरी राशि देने का निर्णय लिया। जब कोई भुगतान किश्तों में किया जाता है, तो उसका कोई ठोस लाभ नहीं उठाया जा सकता और इसके उन मदों में खर्च होने की आशंका बढ़ जाती है जो बहुत उपयोगी नहीं होते। एकमुश्त राशि मिलने से किसान भाइयों को सबसे जरूरी कामों में अपनी राशि खर्च करने का मौका मिलता है।

कृषक उन्नति योजना वास्तव में मुख्यमंत्री श्री साय का किसानों से जुड़े एक बड़ा सरोकार का प्रमाण है। उन्होंने जब योजना की राशि देने का निर्णय लिया तो किसानों की खुशियों में प्रत्यक्ष भागीदार होने का निर्णय भी लिया। बिल्हा में आयोजित राज्य स्तरीय इस आयोजन के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री साय किसानों से प्रत्यक्ष रूप से तो जुड़ेंगे ही, वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वे प्रदेश भर के किसानों से भी जुड़ेंगे। यह पहल किसानों से उनके गहरे स्नेह को व्यक्त करती है।

 नए विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे पुनर्वासित युवा: विधानसभा में समझी जनतांत्रिक प्रणाली

नए विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे पुनर्वासित युवा: विधानसभा में समझी जनतांत्रिक प्रणाली

 नए विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे पुनर्वासित युवा: विधानसभा में समझी जनतांत्रिक प्रणाली

 नए विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे पुनर्वासित युवा: विधानसभा में समझी जनतांत्रिक प्रणाली

मुख्यधारा की ओर बढ़ते कदम — पुनर्वासित युवाओं ने विधानसभा में देखी जनतांत्रिक प्रक्रिया

संविधान और कानून के दायरे में रहकर समाज के विकास में निभाएंगे सक्रिय भूमिका: लोकतांत्रिक व्यवस्था को निकट से देखने का मिला प्रेरणादायी अवसर

मुख्यधारा में लौटे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार कर रही सतत प्रयास — मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

पुनर्वासितों की सुरक्षा और सम्मान का सरकार रखेगी विशेष ध्यान – मुख्यमंत्री

‘गन’तंत्र छोड़कर गणतंत्र में आने वाले युवाओं का स्वागत – उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

 नए विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे पुनर्वासित युवा: विधानसभा में समझी जनतांत्रिक प्रणाली

माओवाद की विचारधारा त्यागकर संविधान की राह अपनाने वाले 120 पुनर्वासित युवाओं के दल ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचकर जनतांत्रिक प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। युवाओं ने सदन की कार्यवाही को करीब से देखा तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को समझा। विधानसभा का यह शैक्षणिक भ्रमण उनके लिए प्रेरणादायी और मार्गदर्शक अनुभव साबित हुआ।

विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आत्मीय मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी का ‘जय जोहार’ के साथ स्वागत करते हुए कहा कि पुनर्वास का निर्णय लेने वाले सभी साथियों का राज्य सरकार हृदय से अभिनंदन करती है। उन्होंने कहा कि सरकार पुनर्वासित युवाओं की सुरक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सभी पुनर्वासित युवा समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें और आत्मनिर्भर बनें। इसी उद्देश्य से पुनर्वास नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर आज संविधान के मंदिर में खड़े होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का साक्षी बनना इस बात का प्रमाण है कि बदलाव संभव है। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को शिक्षा, स्वरोजगार और शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि जो युवा ‘गन’तंत्र का रास्ता छोड़कर गणतंत्र की मुख्यधारा में लौटे हैं, उनका राज्य सरकार हृदय से स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि संविधान का मार्ग ही शांति, विकास और समृद्धि का मार्ग है। राज्य सरकार पुनर्वासित युवाओं के सम्मानजनक जीवन, रोजगार और कौशल विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये युवा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनेंगे और अन्य लोगों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करेंगे।

इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री किरण देव तथा श्री सुशांत शुक्ला ने भी पुनर्वासित युवाओं से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि शासन उनके साथ दृढ़ता से खड़ा है।

पुनर्वासित युवाओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को निकट से देखने का यह अवसर उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि वे अब संविधान और कानून के दायरे में रहकर समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

उल्लेखनीय है कि 120 सदस्यीय इस दल में 66 पुरुष एवं 54 महिला प्रतिभागी शामिल हैं। पुनर्वासित युवाओं का यह समूह तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के तहत रायपुर पहुंचा है, जहां वे शासन-प्रशासन की विभिन्न व्यवस्थाओं, कार्यप्रणालियों एवं विकासात्मक पहलों से अवगत हो रहे हैं।