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 पक्के घर ने बदला जीवन, बढ़ाया मान-सम्मान

पक्के घर ने बदला जीवन, बढ़ाया मान-सम्मान

 पक्के घर ने बदला जीवन, बढ़ाया मान-सम्मान

सोनवाही की फूलबतिया बाई बैगा

वनांचल गांव सोनवाही की फूलबतिया बाई बैगा को प्रधानमंत्री जनमन आवास से मिला सपनों का आशियाना

जिला मुख्यालय कबीरधाम से 70 किलो मीटर की दूरी पर बसे वनांचल गांव सोनवाही ग्राम पंचायत झलमला विकासखंड बोड़ला की रहने वाली श्रीमती फूलबतिया बाई बैगा के लिये हर मानसून डर और असुरक्षा लेकर आता था। कच्ची मिट्टी की दीवारें, दरकती खपरैल की छत और टपकता बरसात का पानी यह सब उनके लिए घर कम हर पल की चिंता ज्यादा थी। लेकिन अब यह डर अतीत बन चुका है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से फूलबतिया बाई बैगा का वर्षों पुराना सपना आखिरकार अब साकार हो ही गया क्योंकि उनके परिवार को अपना सुरक्षित पक्का आवास मिल गया है।
श्रीमती फूलबतिया बाई बैगा बताती है कि सीमित आय और संसाधनो की कमी के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए असंभव था। सभी मौसमों में परेशानियां तो बनी रहती थी लेकिन बरसात ज्यादा कष्टकारी होता था। इतने दूर दराज जगह में रहने के कारण लगता था कि सरकारी मदद हम तक कभी नहीं पहुंचेगी। लेकिन प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के सर्वे में जब नाम आया तो पहली बार महसूस हुआ कि सरकार हम तक पहुँच रही है।आज फूलबतिया बाई बैगा एक मजबूत छत के नीचे सुकून से रहे रहीं है। वे भावुक होकर आगे कहती है कि अब न धूप का डर है और न बारिश का। यह घर सिर्फ रहने की जगह नहीं है बल्कि समाज में सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की नींव है।आवास के साथ रोजगार गारंटी में जाॅब कार्ड पंजीबद्ध होने के कारण स्वंय के आवास निर्माण में 95 दिवस का काम और उसका मजदूरी भुगतान के साथ भूमि सुधार कार्य, स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड तथा अन्य सरकारी योजना का लाभ पाकर सुविधाओं का विस्तार हुआ है।

योजना का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे यही हमारी प्राथमिकता-कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा

बोड़ला जैसे वनांचल और कठिन भौगोलिक क्षेत्र में निर्माण सामाग्री पहुंचाना और कार्यो को पूरा करना आसान नहीं है। लेकिन जिला प्रशासन ने सभी चुनौतियां को पार किया और सुनिश्चित किया गया कि दूरी एवं दुर्गमता निर्माण कार्य और गुणवत्ता में बाधा न बने। योजना की पारदर्शी प्रक्रिया के तहत आवास निर्माण की स्वीकृत राशि 2 लाख प्रगति के आधार पर सीधें हितग्राही के बैंक खाता में ऑनलाइन डी.बी.टी. के माध्यम से पहुंची जिससे फूलबतिया बाई बैगा ने स्वंय अपनी निगरानी में अपने पक्के आवास का निर्माण कराया है।

अब तक 4200 से अधिक बैगा परिवारों को मिला अपना पक्का आवास- प्रभारी सीईओ श्री विनय पोयाम

प्रभारी जिला पंचायत सीईओं श्री विनय कुमार पोयाम ने बताया की प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत जिले में 9625 आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति के विरूद्ध 9206 हितग्राहियों को प्रथम किश्त, 7485 हितग्राहियों को द्वितीय किश्त, 5107 हितग्राहियों को तृतीय किश्त एवं 2594 हितग्राहियों को चतुर्थ किश्त की राशि प्रदाय की जा चुकी है।अभी तक 4210 पक्के और सुन्दर आवास पूरे हो चुके है और इसमें बैगा समुदाय के लोग अपने परिवार के साथ खुशियों भरा जीवन व्यतित कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय को शासन की कल्याणकारी योजना से लाभांवित होकर समाज में सम्मानपुर्वक रहने का अवसर मिला है। फूलबतिया बाई बैगा का पक्का आवास इस बात का प्रतीक है कि सरकार की योजनाएं अब कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक पहुंच कर जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही है। सोनवाही जैस गांव में खड़ा यह पक्का घर न केवल एक परिवार के सपनों की कहानी है बल्कि कबीरधाम जिले के विकासखंड बोड़ला में विकास, विश्वास और आत्मसमान की नई मिसाल है।

धान से गेंदा फूल तक का सफर- बरगांव के देवानंद निषाद ने एक एकड़ में कमाए ढाई लाख

धान से गेंदा फूल तक का सफर- बरगांव के देवानंद निषाद ने एक एकड़ में कमाए ढाई लाख

 धान से गेंदा फूल तक का सफर- बरगांव के देवानंद निषाद ने एक एकड़ में कमाए ढाई लाख

धान से गेंदा फूल तक का सफर- बरगांव के देवानंद निषाद ने एक एकड़ में कमाए ढाई लाख

गांव बना फूलों की खेती का केंद्र

गेंदा की खेती से किसानों को कम लागत, कम समय (लगभग 60 दिन में फसल तैयार) और ज्यादा मुनाफे का लाभ मिलता है, क्योंकि इसकी मांग धार्मिक व सामाजिक कार्यों में हमेशा रहती है। यह अन्य फसलों के लिए प्राकृतिक कीटनाशक का काम करती है और मिट्टी की सेहत सुधारती है, जिससे मुख्य फसल भी कीटों से बचती है और एक एकड़ से एक रूपए लाख तक का शुद्ध मुनाफा कमाया जा सकता है।

          जीवनदायिनी महानदी के किनारे बसे ग्राम बरगांव के प्रगतिशील किसान देवानंद निषाद ने पारंपरिक धान की खेती छोड़कर गेंदा उत्पादन में ऐसी सफलता हासिल की है कि अब पूरा गांव रबी में फूलों की खेती की ओर कदम बढ़ा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना का लाभ लेते हुए श्री देवानंद पिछले दो वर्षों से गेंदा की खेती कर रहे हैं और एक एकड़ में लगभग 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं।

     श्री देवानंद बताते हैं कि पहले वे रबी में धान लगाते थे, जिससे प्रति एकड़ लगभग 20 क्विंटल उत्पादन होता था। 15 हजार रुपये की लागत पर उन्हें करीब 35 हजार रुपये का लाभ मिलता था। लेकिन गेंदा की खेती ने उनकी आमदनी की तस्वीर बदल दी। लगभग एक एकड़ सिंचित भूमि में 50 हजार रुपये की लागत से उन्होंने 3750 किलोग्राम फूल का उत्पादन लिया, जिसे औसतन 80 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचकर वर्ष भर में करीब 3 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई।

      श्री देवानंद प्रतिदिन 60 से 70 किलो ताजा गेंदा फूल रायगढ़ के फूल बाजार में बेचने ले जाते हैं। उद्यानिकी विभाग से उन्हें राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत गेंदा के पौधे निःशुल्क मिले तथा समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी मिलता रहा, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हुई। श्री देवानंद की इस उल्लेखनीय सफलता से प्रेरित होकर अब ग्राम बरगांव के अन्य किसान भी रबी सीजन में धान के स्थान पर गेंदा फूल की खेती अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। गांव में फूलों की खेती नई आर्थिक क्रांति का रूप लेती दिखाई दे रही है।

 टमाटर की बेहतरीन फसल से किसान त्रवेंद्र साहू की बदली किस्मत

टमाटर की बेहतरीन फसल से किसान त्रवेंद्र साहू की बदली किस्मत

 टमाटर की बेहतरीन फसल से किसान त्रवेंद्र साहू की बदली किस्मत

 टमाटर की बेहतरीन फसल से किसान त्रवेंद्र साहू की बदली किस्मत

टमाटर की खेती से मिला भरपूर फायदा

यहां का टमाटर नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों तक जा रहा

 टमाटर की बेहतरीन फसल से किसान त्रवेंद्र साहू की बदली किस्मत

टमाटर की खेती किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है, जिससे उन्हें कम लागत में अच्छा मुनाफा (लाखों में) मिल रहा है, क्योंकि इसकी बाजार में साल भर मांग रहती है और आधुनिक तकनीक (जैसे मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई) से पैदावार भी बंपर होती है, जिससे धान जैसी पारंपरिक फसलों की तुलना में किसानों की आय में काफी वृद्धि हुई है और वे आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं, साथ ही सेहत के लिए भी यह सब्जी कई बीमारियों में लाभकारी है। 
         किसान श्री त्रवेंद्र साहू ने बताया कि अधिक मात्रा में टमाटर का उत्पादन होने पर नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों तथा राजनांदगांव एवं लोकल मार्केट में बिक्री के लिए भेज रहे हैं। अब तक 1000 कैरेट टमाटर की बिक्री कर चुके हैं। उन्होंने पूरी वेरायटी का टमाटर लगाया है। टमाटर की बहुत डिमांड रही और बहुत अच्छी कीमत मिली। अभी भी टमाटर की तोड़ाई का कार्य जारी है। मार्च तक पर्याप्त टमाटर मिल जाएंगे। उन्होंने कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं से प्रेरित होकर धान के बदले टमाटर की फसल लेने से बहुत फायदा हुआ है। किसान कब खेती-किसानी के लिए नवीन तकनीक का उपयोग कर रहे हैं, जिससे कार्य में आसानी हुई है।
         धान के बदले उद्यानिकी फसल लेने तथा टमाटर की बेहतरीन फसल होने से किसान श्री त्रवेंद्र साहू की किस्मत बदल गई है। राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के ग्राम लाममेटा के किसान श्री त्रवेंद्र साहू को शासन की राष्ट्रीय बागवानी मिशन से लगभग 2 लाख 50 हजार रूपए का अनुदान मिला। जिससे उन्होंने धान की फसल के बदले 1.5 एकड़ में मल्चिंग पद्धति से टमाटर की खेती की। प्राप्त राशि से उन्हें मदद मिली और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से ड्रिप, टमाटर के पौधे, खाद, दवाई पर व्यय किए। इस वर्ष टमाटर की बम्पर पैदावार होने से उन्हें बहुत फायदा हुआ। किसान श्री त्रवेंद्र साहू ने बताया कि उन्होंने अब तक लगभग 10 लाख रूपए के टमाटर की बिक्री की है, जिसमें उन्हें लगभग 7 लाख रूपए का शुद्ध मुनाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि धान के बदले टमाटर की खेती उनके लिए बहुत फायदेमंद रही है। शासन की योजनाओं से लाभ मिलने से वे आर्थिक दृष्टिकोण से समृद्ध हुए हैं। सरकार द्वारा सब्जी एवं अन्य फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहन एवं सहायता राशि दी जा रही है।

 कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव और सामूहिक आनंद का उत्सव है: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव और सामूहिक आनंद का उत्सव है: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव और सामूहिक आनंद का उत्सव है: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव और सामूहिक आनंद का उत्सव है: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

कर्मा महोत्सव में लोक कलाकारों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां नगर पंचायत भटगांव के विकास के लिए 
एक करोड़ रुपए की घोषणा

सूरजपुर जिले को दी 172.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

कर्मा महोत्सव में लोक कलाकारों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां नगर पंचायत भटगांव के विकास के लिए  एक करोड़ रुपए की घोषणा

कर्मा महोत्सव को छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। ऐसे आयोजन लोक पर्वों को सहेजने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव, आपसी भाईचारा और सामूहिक आनंद का उत्सव है। उक्त आशय के विचार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले के चुनगुड़ी में आयोजित कर्मा महोत्सव में व्यक्त किए। 

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 172.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने चुनगुड़ी के स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने तथा नगर पंचायत भटगांव के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की घोषणा की। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने भी सम्बोधित किया।

परंपरा, संस्कृति और उल्लास से परिपूर्ण कर्मा महोत्सव में मांदर की थाप और घुंघरुओं की झंकार के बीच पूरा क्षेत्र कर्मा नृत्य की लय में थिरक उठा। सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया एवं मनेंद्रगढ़ जिलों से आए 33 कर्मा दलों के लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में कर्मा नृत्य प्रस्तुत कर सबको लोक संस्कृति के रंगों से भर दिया। 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगायी गई प्रदर्शनी के स्टॉलों का निरीक्षण कर नाव-जाल एवं आइस बॉक्स, आयुष्मान कार्ड, छत्तीसगढ़ महिला कोष से ऋण वितरण और महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित छह रेडी-टू-ईट ईकाइयों का शुभारंभ किया और पोषण वितरण कार्य से जुड़ी महिलाओं को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इसके अलावा महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मुद्रा लोन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत बीमा क्लेम तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत खुशियों की चाबी प्रदान की।

कार्यक्रम में विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री राम सेवक पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजलाल रजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि सहित समस्त जिलास्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। 

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के घर पहुँचकर जाना ज़मीनी अनुभव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के घर पहुँचकर जाना ज़मीनी अनुभव

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के घर पहुँचकर जाना ज़मीनी अनुभव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के घर पहुँचकर जाना ज़मीनी अनुभव

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के घर पहुँचकर जाना ज़मीनी अनुभव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के घर पहुँचकर जाना ज़मीनी अनुभव

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्री कालीचरण के निवास पर पहुँचकर उनके पक्के आवास का निरीक्षण किया और परिवारजनों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री का अपने घर पर आगमन पाकर हितग्राही एवं उनके परिजन भावविभोर दिखाई दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सहज और स्नेहपूर्ण वातावरण में परिवार से बातचीत करते हुए उनकी दिनचर्या, आवश्यकताओं और आवास मिलने के बाद जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बातचीत के दौरान हितग्राही कालीचरण से आवास प्राप्ति से पूर्व उनके जीवन के अनुभवों को भी जाना। उन्होंने पहले कच्चे मकान में रहने के दौरान आने वाली कठिनाइयों, बरसात और मौसम की मार, सुरक्षा की चिंता तथा सामाजिक असहजता के बारे में विस्तार से सुना। हितग्राही ने बताया कि पक्का आवास मिलने से न केवल उनका जीवन सुरक्षित हुआ है, बल्कि आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का मूल उद्देश्य यही है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार आवास जैसी बुनियादी आवश्यकता से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पक्का घर केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि वह परिवार के लिए सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन की नींव होता है। सरकार की प्राथमिकता है कि गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “सबके लिए आवास” के संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ ज़मीन पर उतार रही है। उन्होंने बताया कि आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और पात्रता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि सही हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुँचे। सरकार निरंतर यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र परिवार छूटे नहीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हितग्राही परिवार को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उनके प्रभाव को लोगों के जीवन में प्रत्यक्ष रूप से देखना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता, ईमानदारी और तत्परता बनाए रखें, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँच सके।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर सिस्टम का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर सिस्टम का किया निरीक्षण

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर सिस्टम का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर सिस्टम का किया निरीक्षण

पीएम सूर्यघर योजना से रोशन हुआ घर, घटा बिजली बिल


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर विकासखंड के सरना पारा, पर्री निवासी श्रीमती राजकुमारी द्विवेदी के निवास पर पहुँचकर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर सिस्टम का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने घर की छत पर लगाए गए सोलर पैनल  एवं उससे जुड़ी तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी ली और योजना के ज़मीनी क्रियान्वयन को नज़दीक से देखा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती द्विवेदी एवं उनके परिवारजनों से आत्मीय बातचीत की और योजना से प्राप्त हो रहे लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। परिवारजनों ने बताया कि सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद बिजली की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित हुई है और घरेलू बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे आर्थिक राहत मिली है।

मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली बिल में हो रही बचत, दैनिक उपयोग में सुविधा तथा ऊर्जा आत्मनिर्भरता के अनुभवों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह योजना आम नागरिकों को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराना है। यह योजना बिजली पर निर्भरता को कम करने के साथ-साथ हरित ऊर्जा की दिशा में देश और राज्य को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ें और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को बिना किसी कठिनाई के इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत के विज़न को ज़मीन पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

 राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह : रायपुर-बिलासपुर हाइवे पर चलाया गया जागरूकता अभियान

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह : रायपुर-बिलासपुर हाइवे पर चलाया गया जागरूकता अभियान

 राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह : रायपुर-बिलासपुर हाइवे पर चलाया गया जागरूकता अभियान

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह

वाहन चालकों को हेलमेट वितरित, ब्लड डोनेशन कैंप का भी आयोजन

वाहन चालकों को हेलमेट वितरित, ब्लड डोनेशन कैंप का भी आयोजन

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसके तहत वाहन चालकों को हेलमेट वितरित किए गए एवं यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया गया।

वाहन चालकों को हेलमेट वितरित, ब्लड डोनेशन कैंप का भी आयोजन

    एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी श्री प्रदीप कुमार लाल ने इस मौके पर कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट का उपयोग करना तथा निर्धारित गति सीमा का पालन जैसे छोटे-छोटे उपाय बहुमूल्य जीवन को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

    परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक श्री मुकेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी उपायों के साथ-साथ जन-जागरूकता अभियानों का निरंतर संचालन किया जा रहा है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की दर को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।

सड़क दुर्घटना से निपटने मॉक-ड्रिल
    अभियान के दौरान सड़क दुर्घटना की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी बचाव कार्यों के लिए लाइव एक्सीडेंट डेमोस्ट्रेशन (मॉक-ड्रिल) का आयोजन किया गया। इस दौरान एम्बुलेंस की पहुँच, क्रेन द्वारा मार्ग से बाधा हटाने तथा घायलों को प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही सुरक्षित यात्रा के लिए हेलमेट, सीट बेल्ट के महत्व को बताया गया।

रक्तदान शिविर का आयोजन
    सड़क सुरक्षा अभियान के साथ-साथ एनएचआईटी के सहयोग से रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें 50 से अधिक लोगों ने रक्तदान किया। इस शिविर में अधिकारियों-कर्मचारियों और सड़क उपयोगकर्ताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। 

प्रदेशभर में सतत जागरूकता अभियान
    एनएचएआई द्वारा प्रदेश के सभी टोल प्लाजों, राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख जंक्शनों पर लगातार सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत वाहन चालकों एवं यात्रियों से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की सौजन्य मुलाकात

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी पदाधिकारियों को निर्वाचन में मिली सफलता पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि प्रेस क्लब जनहित के मुद्दों को जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाएगा।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, उपाध्यक्ष श्री दिलीप कुमार साहू, महासचिव श्री गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष श्री दिनेश यदु, संयुक्त सचिव श्रीमती निवेदिता साहू, श्री भूपेश जांगड़े उपस्थित थे।

 पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाकात

पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाकात

 पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाकात

पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस ने


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री बैस ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 01 फरवरी को राजधानी रायपुर में विश्व धर्म चेतना मंच एवं सिद्धगुरुवर सिद्धेश्वर ब्रह्मर्षि गुरुदेव के सान्निध्य में आयोजित होने वाले सिद्धि शक्ति महाआशीर्वाद कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के आमंत्रण के लिए श्री रमेश बैस के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर श्री मोहित कुमार सरावगी, श्रीमती सरिता सरावगी, श्री मारुति शर्मा, श्री रमेश सिंघानिया एवं श्री सूर्य प्रकाश शर्मा उपस्थित थे।

 महात्मा गांधी नरेगा योजना के क्रियान्वयन में कबीरधाम जिला फिर अग्रणी

महात्मा गांधी नरेगा योजना के क्रियान्वयन में कबीरधाम जिला फिर अग्रणी

 महात्मा गांधी नरेगा योजना के क्रियान्वयन में कबीरधाम जिला फिर अग्रणी

 महात्मा गांधी नरेगा योजना के क्रियान्वयन में कबीरधाम जिला फिर अग्रणी

सर्वाधिक दिव्यांगों, महिलाओं एवं परिवारों को रोजगार देने में कबीरधाम जिला प्रदेश में पहले स्थान पर

35 लाख 60 हजार मानव दिवस रोजगार का सृजन करते हुए 78 करोड़ 81 लाख रुपए का हुआ मजदूरी भुगतान

गांव में मिल रहे रोजगार से उत्साह में ग्रामीण


 महात्मा गांधी नरेगा योजना

कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्र से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में रोजगार मिलने से ग्रामीण बहुत उत्साहित है। विकासखंड कवर्धा, बोडला, सहसपुर लोहारा एवं पंडरिया के लगभग सभी ग्राम पंचायतो में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से बड़ी मात्रा में निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए हैं जिसमें ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार मिलने से उत्साहित है। विगत कई दिनों से औसतन 32000 से अधिक ग्रामीणों को प्रतिदिन रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है और रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में कबीरधाम जिला प्रदेश में लगातार अग्रणी पंक्ति में बना हुआ है। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना अंतर्गत कई पैरामीटर में कबीरधाम जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर बना हुआ है।

कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया की जिले के 427 ग्राम पंचायतों में 3532 निर्माण कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों में कच्ची नाली निर्माण, गाद निकासी कार्य, तालाब निर्माण कार्य, तालाब गहरीकरण, आजीविका डबरी, अमृत सरोवर सहित पशु शेड निर्माण जैसे अनेक कार्यों से ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। एक ओर इन कार्यों से ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में रोजगार मिल रहा है तो वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अंचलों में उनकी मांग अनुसार अधोसंरचना निर्माण हो रहा है और इनके एवज में अभी तक 78 करोड़ 81 लाख रुपए का मजदूरी भुगतान ग्रामीणों को उनके बैंक खाते हस्तांतरित किया गया है। कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी ग्राम पंचायतो में मनरेगा से पर्याप्त मात्रा में कार्य पूर्व से स्वीकृत है। ग्रामीणों की मांग पर लगातार निर्माण कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को अधिक से अधिक रोजगार मिले इसके लिए निरंतर मैदानी कर्मचारियों की समीक्षा कर रोजगार सहायकों से निर्माण कार्यों की जानकारी ली जा रही है। वर्तमान में कबीरधाम जिले में लक्ष्य के विरुद्ध 55 प्रतिशत से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजन कर लिया गया है एवं चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक कबीरधाम जिला संभवतः सर्वाधिक रोजगार देने वाले जिले में शामिल होगा।

योजना के क्रियान्वयन पर जानकारी देते हुए प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री विनय कुमार पोयाम ने बताया कि 3347 ग्रामीण परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। रोजगार देने का सिलसिला निरंतर जारी है और इसके साथ ही समय पर मजदूरी भुगतान भी किया जा रहा है। आजीविका संर्वधन की गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए आजीविका डबरी एवं पशु आश्रय शेड़ का निर्माण हो रहा है साथ मे जल संरक्षण के कार्य को भी प्राथमिकता से किया जा रहा है।

मनरेगा के विभिन्न आयाम में कबीरधाम जिला राज्य में प्रथम

-सर्वाधिक दिव्यांगों को रोजगार-जिले में योजना अंतर्गत 1994 दिव्यांगों को रोजगार प्रदाय किया गया है जो प्रदेश में सर्वाधिक है।
- सर्वाधिक महिलाओं को रोजगार-जिले में 100597 पंजीकृत महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है जो कि प्रदेश में सर्वाधिक है।
- सर्वाधिक पंजीकृत परिवारों को रोजगार- जिले में 101405 पंजीकृत परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है जो कि प्रदेश में सर्वाधिक है।
- मानव दिवस रोजगार में अग्रणी-जिले में 35 लाख 60 मानव दिवस का रोजगार ग्रामीणों को दिया गया है जो कि प्रदेश में दूसरे स्थान पर है।
-प्रतिदिन ग्रामीणों को रोजगार- प्रतिदिन ग्रामीणों को रोजगार प्रदान करने के मामले में भी कबीरधाम जिला प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। यहां औसतन 32000 से अधिक मजदूरों को प्रतिदिन रोजगार मिल रहा है।

 प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से बदली ज़िंदगी

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से बदली ज़िंदगी

 प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से बदली ज़िंदगी

 प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से बदली ज़िंदगी

सफल होटल व्यवसायी बने प्रदीप यादव, आर्थिक स्थिति हुई सुदृढ़

मुंगेली जिले के ग्राम करही निवासी श्री प्रदीप यादव आज आत्मनिर्भरता और मेहनत की मिसाल बन चुके हैं। कभी कलेक्टर कार्यालय के सामने घास-फूस की झोपड़ी में होटल का व्यवसाय करने वाले प्रदीप यादव का जीवन प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मिली सहायता के बाद पूरी तरह बदल गया है। पूर्व में उनका होटल एक अस्थायी झोपड़ी में संचालित होता था, जहां बरसात के मौसम में छप्पर से पानी टपकता था। झोपड़ी के भीतर कीचड़ भर जाने से न केवल ग्राहकों को भारी असुविधा होती थी, बल्कि सीमित संसाधनों के कारण व्यवसाय का विस्तार भी संभव नहीं हो पा रहा था। इसके बावजूद प्रदीप यादव ने हिम्मत नहीं हारी और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए अवसर तलाशते रहे।

     इसी क्रम में उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, मुंगेली द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी प्राप्त हुई। योजना की विस्तृत जानकारी लेने पर उद्योग विभाग के अधिकारियों ने उन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया और ऋण प्रक्रिया में सहयोग किया। इसके पश्चात पंजाब नेशनल बैंक, शाखा मुंगेली से उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। प्राप्त ऋण राशि से प्रदीप यादव ने एक मकान किराये पर लेकर आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित नया होटल स्थापित किया। बेहतर बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के कारण उनका व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ा और ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत हुआ। प्रदीप यादव ने बताया कि आज उनका होटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। इससे होने वाली आय से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि उनके परिवार का जीवन स्तर भी पहले की तुलना में कहीं बेहतर हुआ है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया और उनके सपनों को साकार किया।

धान बेचकर शिक्षा और दलहन की खेती की ओर बढ़ता आमदी की बिटावन बाई के परिवार का सफर

धान बेचकर शिक्षा और दलहन की खेती की ओर बढ़ता आमदी की बिटावन बाई के परिवार का सफर

धान बेचकर शिक्षा और दलहन की खेती की ओर बढ़ता आमदी की बिटावन बाई के परिवार का सफर

बिटावन बाई

धान से दलहन तक: आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं बिटावन बाई ध्रुव


  किसानों के हित में संचालित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था आज विश्वास और पारदर्शिता का प्रतीक बन चुकी है। इसी का जीवंत उदाहरण हैं धमतरी जिले के आमदी गांव की किसान श्रीमती बिटावन बाई ध्रुव, जिनके चेहरे की मुस्कान उनकी मेहनत और सुचारू व्यवस्था की सफलता की कहानी कहती है।

धान से मिली आय का एक बड़ा हिस्सा वे दलहन उत्पादन में निवेश करेंगी, जिससे उनकी आय में विविधता आए और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहे। कुछ राशि से वे पुराने कर्ज का भुगतान कर आर्थिक बोझ भी कम करेंगी।

          श्रीमती बिटावन बाई ध्रुव की यह कहानी बताती है कि शासन की किसान-हितैषी नीतियां जब ज़मीन पर प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होती है। धान से शुरू हुई उनकी यह यात्रा शिक्षा, दलहन उत्पादन और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों की सशक्त मिसाल है।

         श्रीमती बिटावन बाई ध्रुव ने अपने साढ़े चार एकड़ खेत में मेहनत से धान की फसल तैयार की। इस वर्ष उन्होंने 92 क्विंटल धान का उत्पादन किया, जिसे लेकर वे आमदी सहकारी समिति पहुंचीं। सोसायटी में पहुंचते ही उन्हें ऑफलाइन टोकन की सुविधा सहजता से उपलब्ध हो गई। धान तौल, बारदाना, छाया और पेयजल जैसी व्यवस्थाएं समय पर और व्यवस्थित रूप से मिलने से उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।

        श्रीमती ध्रुव बताती हैं कि पहले धान बेचने को लेकर चिंता रहती थी, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और किसान हितैषी हो गई है। समय पर धान खरीदी और भुगतान की उम्मीद ने किसानों का भरोसा शासन-प्रशासन पर और मजबूत किया है।

        बिटावन बाई ने अपने परिवार के बारे में बताते हुए  कहती हैं कि उनके दो बेटे, बहू और नाती-पोते हैं। खेती ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने नाती-पोते बच्चों की पढ़ाई में करेंगी, ताकि आने वाली पीढ़ी शिक्षित और आत्मनिर्भर बन सके। इसके साथ ही रबी मौसम में वे दलहन फसल, विशेषकर चने की खेती कर रही हैं।

 आधुनिक ऑनलाइन तकनीकों ने बढ़ाई आबकारी विभाग की पारदर्शी व्यवस्था में विश्वसनीयता

आधुनिक ऑनलाइन तकनीकों ने बढ़ाई आबकारी विभाग की पारदर्शी व्यवस्था में विश्वसनीयता

 आधुनिक ऑनलाइन तकनीकों ने बढ़ाई आबकारी विभाग की पारदर्शी व्यवस्था में विश्वसनीयता

आधुनिक ऑनलाइन तकनीकों ने बढ़ाई आबकारी विभाग की पारदर्शी व्यवस्था में विश्वसनीयता

आधुनिक ऑनलाइन तकनीकों ने बढ़ाई आबकारी विभाग की पारदर्शी व्यवस्था में विश्वसनीयता

पारदर्शिता किसी मजबूत व्यवस्था की बुनियादी जरुरत होती है l मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने ई-सर्विस को अपनाया l इस डिजिटल पहल ने बॉटलिंग से लेकर डिलीवरी तक की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बना दिया।

         आबकारी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ई-चालान, सिंगल विंडो लॉग इन सिस्टम, यूजर रजिस्ट्रेशन, रियल टाइम कैश कलेक्शन इनफार्मेशन, सेंट्रल विडियो, मोनिटरी सिस्टम पूरी तरह से पारदर्शी है l इसी तरह एनओसी परमिट इशू सिस्टम, ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम, आधार इनेबल्ड बायो-मेट्रिक अटेंडेंस, और टोल-फ्री शिकायत सुविधा इन आधुनिक ऑनलाइन तकनीकों ने आबकारी विभाग को नई दक्षता और विश्वसनीयता दी है l

आधुनिक ऑनलाइन तकनीकों ने बढ़ाई आबकारी विभाग की पारदर्शी व्यवस्था में विश्वसनीयता

         पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित व्यवस्था का परिणाम है कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण और राज्य के राजस्व में सतत वृद्धि करना। इस चालू वित्तीय वर्ष में 12 हज़ार करोड़ रुपये के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, दिसंबर माह तक ही 10.50 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ 7 हजार 851 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया जा चुका है।

        मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार के सुशासन के लक्ष्यों को साकार करने के लिए कृत संकल्पित, छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग l
        मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बैठकों व नीति-निर्णय के दृश्य, आधुनिक वीडियो कंट्रोल रूम, कंप्यूटर स्क्रीन पर डिजिटल डैशबोर्ड व लाइव डेटा का संग्रहण किया जाता है l इसी प्रकार QR कोड, मोबाइल स्कैनिंग, GPS आधारित ट्रक ट्रैकिंग, बोतलों पर यूनिक कोड, डिलीवरी की डिजिटल पुष्टि, आधुनिक आउटलेट, सुव्यवस्थित, तकनीक-आधारित कार्यप्रवाह के माध्यम से किया जा रहा है l

 श्रीमहाकालेश्वर मंदिर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सपत्नीक मकर संक्रांति पर्व पर की पूजा

श्रीमहाकालेश्वर मंदिर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सपत्नीक मकर संक्रांति पर्व पर की पूजा

 श्रीमहाकालेश्वर मंदिर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सपत्नीक मकर संक्रांति पर्व पर की पूजा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक मकर संक्रांति पर्व पर उज्जैन स्थित प्रसिद्ध श्रीमहाकालेश्वर मंदिर में सपत्नीक पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान श्रीमहाकाल के दरबार में भक्ति भाव से पूजा कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना कर प्रदेश के विकास, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान के साथ पूजा सम्पन्न कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में भक्तों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, जन-प्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से वीर शहीद दीपक भारद्वाज स्मृति समिति के सदस्यों की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से वीर शहीद दीपक भारद्वाज स्मृति समिति के सदस्यों की सौजन्य मुलाकात

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से वीर शहीद दीपक भारद्वाज स्मृति समिति के सदस्यों की सौजन्य मुलाकात

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से वीर शहीद दीपक भारद्वाज स्मृति समिति के सदस्यों की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कीर्ति चक्र विजेता वीर शहीद दीपक भारद्वाज स्मृति समिति के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को वीर अमर शहीद दीपक भारद्वाज की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वीर शहीद दीपक भारद्वाज के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन और कर्तव्यनिष्ठा देश एवं प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान करना और उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखना हम सभी का कर्तव्य है।

उल्लेखनीय है कि 3 अप्रैल 2021 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले अंतर्गत तर्रेम थाना क्षेत्र के टेकलगुड़ा में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 22 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। इनमें सब-इंस्पेक्टर पुलिस दीपक भारद्वाज भी शामिल थे, जिन्होंने अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
शहीद दीपक भारद्वाज के असाधारण पराक्रम और बलिदान को सम्मानित करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के प्रस्ताव पर भारत सरकार द्वारा उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। 9 मई 2023 को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। वीर शहीद दीपक भारद्वाज की प्रतिमा सक्ती जिले के शासकीय वेदराम महाविद्यालय, मालखरौदा (पिहरीद) के समक्ष स्थापित की गई है। 

इस अवसर पर शहीद श्री दीपक भारद्वाज के पिता श्री राधेलाल भारद्वाज, मालखरौदा जनपद अध्यक्ष श्री कवि वर्मा, श्री निर्मल सिन्हा, लालू गबेल, श्री जगदीश चंद्रा एवं प्रतिनिधिमंडल उपस्थित  थे।

 मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति, एकजुटता और समृद्धि का प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री साय

मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति, एकजुटता और समृद्धि का प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री साय

मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति, एकजुटता और समृद्धि का प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री साय

मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति, एकजुटता और समृद्धि का प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तातापानी महोत्सव का किया भव्य शुभारंभ

तातापानी महोत्सव के लिए हर साल ₹25 लाख: आस्था, पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को मिला स्थायी संबल

667 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का हुआ  लोकार्पण-भूमिपूजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तातापानी महोत्सव का किया भव्य शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तातापानी महोत्सव का किया भव्य शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बलरामपुर जिले में आयोजित तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति सूर्य उपासना का पर्व है और यह भारतीय संस्कृति, एकजुटता तथा समृद्धि का सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति, लोहड़ी एवं पोंगल की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने इस अवसर पर तातापानी महोत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।उन्होंने तपेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में प्राचीन शिव चबूतरे पर पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला मुख्यालय बलरामपुर में शासकीय महिला कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल, डाइट संचालन हेतु भवन, तथा जिला पंजीयन कार्यालय भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही उन्होंने 655 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले को विकास की नई सौगात दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और छत्तीसगढ़ की जनता से किए गए हर वादे को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक पात्र हितग्राही को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। अब किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिल रहा है। 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। 5 लाख से अधिक भूमिहीन किसानों को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 10-10 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की तीर्थ यात्रा कराई जा चुकी है।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

बच्चों संग पतंग उड़ाकर मनाई मकर संक्रांति

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तातापानी में 60 फीट ऊँची भगवान शिव की भव्य प्रतिमा के समीप स्कूली बच्चों के साथ पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और आत्मीय वातावरण में मनाया। इस भावपूर्ण दृश्य ने पर्व की सांस्कृतिक गरिमा के साथ-साथ बच्चों के चेहरे पर उल्लास और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया।

200 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत विवाह बंधन में बंधे 200 जोड़ों को उनके नवदाम्पत्य जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ और मंगलकामनाएँ प्रदान कीं, तथा उनके जीवन में प्रेम, विश्वास और समृद्धि से भरे उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

परंपरा से प्रगति तक: मुख्यमंत्री ने कुम्हार चाक घुमाकर दिया शिल्पकारों को सम्मान

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पारंपरिक माटीकला और ग्रामीण हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करते हुए राजपुर विकासखंड के ग्राम आरा निवासी कुम्हार श्री शिवमंगल के साथ स्वयं चाक पर मिट्टी डालकर चाक चलाया, जिससे शिल्पकारों में नया उत्साह और आत्मविश्वास झलक उठा। 

माटीकला से डिजिटल नवाचार तक—मुख्यमंत्री ने देखी विकास की जीवंत तस्वीर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम स्थल पर विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए छत्तीसगढ़ की परंपरा और प्रगति के सुंदर संगम को करीब से महसूस किया। प्रदर्शनी में जनजातीय व्यंजन, प्रधानमंत्री आवास योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, सड़क सुरक्षा, साइबर जागरूकता तथा ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसे नवाचारों से जुड़े स्टॉलों ने यह दिखाया कि छत्तीसगढ़ अपनी जड़ों से जुड़ा रहकर भी भविष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।

कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा, विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, वन विकास निगम अध्यक्ष श्री राम सेवक पैंकरा, विधायक श्री अनुज शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में बाल विवाह रोकथाम की दिलाई शपथ

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में बाल विवाह रोकथाम की दिलाई शपथ

 मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में बाल विवाह रोकथाम की दिलाई शपथ

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में बाल विवाह रोकथाम की दिलाई शपथ

20 हजार लोगों ने एक साथ शपथ लेकर बनाया विश्व रिकॉर्ड

20 हजार लोगों ने एक साथ शपथ लेकर बनाया विश्व रिकॉर्ड

जिला मुख्यालय बालोद के समीप ग्राम दुधली में आयोजित देश की प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति की रोकथाम के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपस्थित रोवर-रेंजरों, स्काउट-गाइड एवं जनसमुदाय को शपथ दिलाई। इस अवसर पर एक साथ 20 हजार से अधिक लोगों द्वारा बाल विवाह रोकथाम की शपथ लेकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में बालोद जिले का नाम दर्ज कराया गया, जो बालोद जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाल विवाह, समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है। इसे रोकने के लिए केवल शासन ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी लोग अपने घर, परिवार, रिश्तेदारों एवं आसपास के लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें और इसे जड़ से समाप्त करने में सहभागी बनें।

शपथ के दौरान उपस्थितजनों ने संकल्प लिया कि वे बाल विवाह नहीं होने देंगे, इसकी सूचना प्रशासन को देंगे तथा समाज में जागरूकता फैलाएंगे। मुख्यमंत्री ने बाल विवाह मुक्त अभियान में उल्लेखनीय प्रयासों के लिए जिला प्रशासन की सराहना की तथा एक साथ 20 हजार लोगों के शपथ लेने पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स का प्रमाण पत्र प्रदान किया और उन्हें मेडल पहनाकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री भोजराज नाग, भारत स्काउट गाईड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त श्री के.के. खण्डेलवाल, महासचिव श्री पी.जी.आर सिंधिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, देशभर से आए रोवर-रेंजर तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

 विकास के साथ युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के नए द्वार – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

विकास के साथ युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के नए द्वार – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 विकास के साथ युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के नए द्वार – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


विकास के साथ युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के नए द्वार – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के नगर पंचायत मुख्यालय गुण्डरदेही में 233 करोड़ रुपये की लागत से 103 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसमें ₹163.88 करोड़ के 61 कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹69.82 करोड़ के 42 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुण्डरदेही में एक सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के लिए ₹1 करोड़ तथा प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों हेतु ₹1 करोड़ की घोषणा भी की। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज जिन विकास कार्यों का लोकार्पण शिलान्यास किया गया है, वे सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि अवसरों के नए द्वार हैं। उन्होंने कहा कि ₹1 करोड़ की लागत से बनने वाले व्यावसायिक परिसर से युवाओं को स्वरोजगार और व्यापार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं सड़क, पुल एवं अधोसंरचना के निर्माण से आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार हर वर्ग के समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को उच्चतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, और चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ कर आदिवासी श्रमिकों को राहत पहुंचाई जा रही है। वनोपज के मूल्य संवर्धन से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रामलला दर्शन योजना से आमजन को देश की संस्कृति और विरासत से जोड़ा जा रहा है। वहीं प्रभावी पुनर्वास नीति के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति लौट रही है और बस्तर अंचल में विकास की नई रोशनी फैल रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी युवाओं को आत्मबल, राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस अवसर पर रायपुर में डिजिटल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक विशेष सौगात है, जहां आदिवासी नायकों की गौरवगाथा सहेजी गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को विकास के नए आयामों तक ले जाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

इस अवसर पर सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि बस्तर, जो कभी लाल आतंक के लिए जाना जाता था, अब शांति, प्रगति और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है और इससे आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय का स्थानीय व्यापारियों द्वारा लड्डुओं से तौलकर अभिनंदन किया गया। उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण पत्र वितरित किए।कलेक्टर सुश्री दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन ने स्वागत उद्बोधन में नगर की विकास आवश्यकताओं की जानकारी दी।

इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

 स्काउट एक जीवन पद्धति है, जो हमें चुनौतियों से जूझना सिखाती है – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

स्काउट एक जीवन पद्धति है, जो हमें चुनौतियों से जूझना सिखाती है – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 स्काउट एक जीवन पद्धति है, जो हमें चुनौतियों से जूझना सिखाती है – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

बालोद के ग्राम दुधली में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का भव्य एवं ऐतिहासिक समापन

बालोद के ग्राम दुधली में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का भव्य एवं ऐतिहासिक समापन

स्काउट जीवन जीने की एक पद्धति है, जो व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी आत्मनिर्भर बनना, टीम भावना से कार्य करना और समाज के लिए समर्पित रहना सिखाती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के भव्य समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने देश के विभिन्न राज्यों से पधारे रोवर-रेंजरों एवं स्काउट-गाइड्स का भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की तपोभूमि छत्तीसगढ़ में आत्मीय अभिनंदन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह जंबूरी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता का जीवंत उत्सव है।

‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की सजीव झलक बनी राष्ट्रीय जंबूरी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश में पहली बार इस स्तर की राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन होना और उसके लिए छत्तीसगढ़ का चयन होना पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के रोवर-रेंजरों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, झांकियों और गतिविधियों के माध्यम से भारत की समृद्ध विविधता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

युवा ही राष्ट्र का भविष्य, स्काउटिंग से मिलती है नेतृत्व की शक्ति

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही राज्य और देश का भविष्य हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक वाक्य –"उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए" – का उल्लेख करते हुए युवाओं को आत्मविश्वास और संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड संगठन द्वारा सिखाए गए अनुशासन, सेवा-भाव, नेतृत्व और टीमवर्क जैसे मूल्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में स्काउट-गाइड्स द्वारा किए गए सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समाज को जागरूक और सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत उपस्थित युवाओं को शपथ भी दिलाई।

15 हजार से अधिक रोवर-रेंजरों की सहभागिता से ऐतिहासिक बना जंबूरी

09 से 13 जनवरी तक आयोजित इस पांच दिवसीय जंबूरी में देश-विदेश से 15 हजार से अधिक रोवर-रेंजरों ने भाग लिया। समापन समारोह के दौरान देशभर से आए प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को भारतीय कला, संस्कृति और सौहार्द से सराबोर कर दिया। विशाल जनसैलाब की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

स्कूल शिक्षा मंत्री एवं स्काउट-गाइड के राज्य अध्यक्ष श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में यह राष्ट्रीय जंबूरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि जंबूरी के दौरान युवा संसद, कौशल प्रदर्शन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आदिवासी एथनिक फैशन शो जैसे कार्यक्रमों ने युवाओं को नई दृष्टि और मंच प्रदान किया।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव को राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल द्वारा सिल्वर एलीफेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।

सेवा, समर्पण और सहभागिता से बनेगा श्रेष्ठ भारत

भारतीय स्काउट-गाइड के राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल ने कहा कि स्काउटिंग का मूल मंत्र है –“अपने कार्यों से दूसरों का भला करना।” उन्होंने कहा कि परंपरा और आधुनिकता का संतुलन तथा सेवा-भाव ही एक सशक्त और विकसित राष्ट्र की नींव रखता है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान तेज

बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान तेज

बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान तेज

बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान तेज

विद्यालयों–महाविद्यालयों में जागरूकता, ऑनलाइन शपथ और डिजिटल प्रमाण पत्र के माध्यम से जनभागीदारी

विद्यालयों–महाविद्यालयों में जागरूकता, ऑनलाइन शपथ और डिजिटल प्रमाण पत्र के माध्यम से जनभागीदारी

विद्यालयों–महाविद्यालयों में जागरूकता, ऑनलाइन शपथ और डिजिटल प्रमाण पत्र के माध्यम से जनभागीदारी

छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “बाल विवाह मुक्त भारत” एवं “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मिशन वात्सल्य के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाइयों के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में लगातार जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

अभियान के तहत विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों तथा इसकी रोकथाम में समाज की भूमिका के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रमों के दौरान ऑनलाइन लिंक एवं क्यूआर कोड के माध्यम से लोगों को “बाल विवाह मुक्त” रहने की शपथ दिलाई जा रही है तथा सहभागियों को डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक इस अभियान में सहभागिता निभाई है।

जागरूकता सत्रों में बताया गया कि वर्तमान में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। कम उम्र में विवाह कराने पर दो वर्ष तक का कठोर कारावास एवं एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। शासन द्वारा 17 जनवरी 2025 से ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है तथा पंचायतों में विवाह पंजीयन को अनिवार्य किया गया है।

कार्यक्रमों में यह भी स्पष्ट किया गया कि बाल विवाह कराना कानूनन अपराध है और इसे क्रूरता की श्रेणी में रखा गया है, जिसे माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने निर्णय में स्पष्ट किया है। यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले, तो इसकी तत्काल जानकारी पंचायत सचिव, संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं 181 पर देने की अपील की गई।

राज्य सरकार का लक्ष्य सभी ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करना है। इस दिशा में निरंतर चल रहे जागरूकता अभियानों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है और बाल विवाह के विरुद्ध सामूहिक संकल्प मजबूत हो रहा है।