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 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण 'सेवा सेतु' का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण 'सेवा सेतु' का किया शुभारंभ

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण 'सेवा सेतु' का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

'सेवा सेतु’ से सुशासन और पारदर्शिता को मिलेगी नई मजबूती - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

आधुनिक तकनीक और AI से सशक्त हुआ सुशासन: ‘सेवा सेतु’ से 441 सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर

अब सेवाएं नागरिकों के हाथ में: ‘सेवा सेतु’ से घर बैठे मिलेगी 441 सरकारी सुविधाएं

ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी नागरिक सेवाओं की डिजिटल सुविधा

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण 'सेवा सेतु' का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा आमजन तक प्रभावशाली, पारदर्शी और डिजिटल नागरिक सेवाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सभी मंत्रीगण उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण 'सेवा सेतु' का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से डिजिटल नागरिक सेवाएं और अधिक सशक्त और प्रभावी होंगी। वर्ष 2003 में प्रारंभ हुए चॉइस (CHOICE) मॉडल से लेकर वर्ष 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट और अब ‘सेवा सेतु’ तक छत्तीसगढ़ ने डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में एक लंबी और उल्लेखनीय यात्रा तय की है तथा यह प्लेटफॉर्म अब नागरिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बन चुका है, जिससे लाखों नागरिकों को लाभ मिला है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से अब एक ही पोर्टल पर 441 शासकीय सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 54 नई सेवाएं और 329 री-डायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब व्हाट्सएप के माध्यम से भी सेवाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त की जा सकेगी। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड और विवाह पंजीयन जैसे प्रमुख प्रमाण-पत्रों सहित अब तक 3.2 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं और इतने ही प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 30 से अधिक विभागों के एकीकरण के साथ यह प्लेटफॉर्म एक सशक्त “वन स्टॉप सॉल्यूशन” के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘सेवा सेतु’ राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उल्लेखनीय है कि इस परियोजना का संचालन राज्य स्तर पर चिप्स (CHiPS) द्वारा किया जा रहा है, जबकि जिला स्तर पर जिला कलेक्टर के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) के माध्यम से इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधार, व्हाट्सएप और ‘भाषिणी’ जैसी उन्नत तकनीकों का एकीकृत उपयोग किया गया है, जिससे नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, सेवा की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजी लॉकर, ई-प्रमाण और उमंग जैसे प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण कर सेवाओं को और अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया गया है।

 ‘सेवा सेतु’ में ट्रेजरी और ई-चालान का एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिक एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन भुगतान कर तत्काल डिजिटल रसीद प्राप्त कर सकेंगे तथा डीबीटी के माध्यम से योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिसकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से संभव होगी। पोर्टल में क्यूआर कोड आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल सिग्नेचर, रीयल-टाइम डैशबोर्ड और एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं तथा यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषा की बाधा समाप्त हो गई है।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सेवाओं की समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन, समय-सीमा संकेतक और स्वतः शिकायत पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी। राज्य में सेवाओं की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 800 से अधिक लोक सेवा केंद्र, 1000 से अधिक चॉइस सेंटर और 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय हैं, जहां से नागरिक आसानी से सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। 

‘सेवा सेतु’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जनसेवा के केंद्र में रखते हुए आवेदन प्रक्रिया को सरल और तकनीकी रूप से बाधारहित बनाया गया है, जिससे शासन और नागरिकों के बीच की दूरी तेजी से कम हो रही है और सेवाएं सीधे नागरिकों के हाथों तक पहुंच रही हैं।व्हाट्सएप इंटरफेस के माध्यम से नागरिक विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे, पावती रसीद और दस्तावेजों के लिंक तुरंत प्राप्त कर सकेंगे तथा अनुमोदन के पश्चात डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र सीधे व्हाट्सएप पर प्राप्त कर सकेंगे। 

वर्तमान में यह सुविधा 25 सेवाओं के लिए उपलब्ध है, जिसे शीघ्र ही सभी सेवाओं तक विस्तारित किया जाएगा। प्रत्येक प्रमाण-पत्र में क्यूआर कोड आधारित सत्यापन की सुविधा दी गई है, जबकि कैप्चा, ओटीपी और ईमेल आधारित प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाएं सुरक्षा को सुदृढ़ करती हैं। नागरिकों की पहचान को विश्वसनीय बनाने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा सुरक्षित लॉगिन हेतु डिजिलॉकर और ई-प्रमाण जैसी प्रणालियों को एकीकृत किया गया है। 

‘भाषिणी’ के सहयोग से यह पोर्टल 22 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे हर नागरिक अपनी भाषा में सेवाओं का लाभ ले सकेगा।

नागरिक ‘सेवा सेतु’ में उपलब्ध सेवाओं का लाभ वेब पोर्टल, लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे तथा फीडबैक सुविधा के माध्यम से अपने सुझाव भी दे सकेंगे, जिनके आधार पर इस परियोजना को निरंतर बेहतर बनाया जाएगा। 

इस अवसर पर मुख्यसचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह,  मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम जारी कर विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम जारी कर विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम जारी कर विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

विद्यार्थियों की सफलता उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम जारी कर विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी कर परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष हाई स्कूल परीक्षा में 77.15 प्रतिशत तथा हायर सेकेंडरी परीक्षा में 83.04 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की है, जो प्रदेश की शैक्षणिक प्रगति का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य के शिक्षा तंत्र, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने इसे न केवल छात्राओं के आत्मविश्वास और परिश्रम का प्रमाण बताया, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का भी प्रतीक बताया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन विद्यार्थियों ने अपने दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने परिवार, समाज और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐसे विद्यार्थियों, जिन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली है, उन्हें निराश न होने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास करने से एक दिन निश्चित ही सफलता उनके कदम चूमेगी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

 जनजातीय उत्थान पर बड़ा फोकस: नक्सल मुक्त क्षेत्रों में तेज़ होगा विकास, ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ जल्द

जनजातीय उत्थान पर बड़ा फोकस: नक्सल मुक्त क्षेत्रों में तेज़ होगा विकास, ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ जल्द

 जनजातीय उत्थान पर बड़ा फोकस: नक्सल मुक्त क्षेत्रों में तेज़ होगा विकास, ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ जल्द

जनजातीय उत्थान पर बड़ा फोकस: नक्सल मुक्त क्षेत्रों में तेज़ होगा विकास, ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ जल्द

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक सम्पन्न

जनजातीय उत्थान पर बड़ा फोकस: नक्सल मुक्त क्षेत्रों में तेज़ होगा विकास, ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ जल्द

जनजातीय उत्थान पर बड़ा फोकस: नक्सल मुक्त क्षेत्रों में तेज़ होगा विकास, ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ जल्द

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास को लेकर व्यापक चर्चा की गई और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर, जो भौगोलिक रूप से केरल से भी बड़ा क्षेत्र है, दशकों तक विकास से वंचित रहा, लेकिन अब वहां योजनाओं का तीव्र विस्तार हो रहा है और विकास की नई धारा स्थापित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देवगुड़ी और सरना स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी और कड़े कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” के माध्यम से प्रदेश के 6600 गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही हैं, जबकि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 32 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।

बैठक में “नियद नेल्ला नार योजना” की उल्लेखनीय सफलता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके अगले चरण के रूप में “नियद नेल्ला नार 2.0” को शीघ्र लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस उन्नत पहल के माध्यम से सुदूर अंचलों में बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना” के तहत 36 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच का कार्य निरंतर प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय भूमि के दीर्घकालीन लीज पर दोहन के मामलों की जांच के निर्देश दिए। साथ ही कोरवा और संसारी उरांव जातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को शीघ्र केंद्र सरकार को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।

शिक्षा और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रावासों की सीट वृद्धि, उनके बेहतर रखरखाव तथा शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बच्चों के लिए त्वरित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने और खुले में कक्षाएं संचालित न करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

अम्बिकापुर नेशनल हाईवे के निर्माण में हो रही धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही बरसात के दौरान कटने वाले मार्गों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। 

आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ जनजातीय अंचलों में लंबे समय तक नक्सलवाद विकास की सबसे बड़ी बाधा बना रहा। बीते चार दशकों की इस चुनौती से मुक्ति मिलने के बाद अब इन क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी एवं तेज क्रियान्वयन संभव हो सका है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अब जनजातीय समुदाय तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है और उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

श्री नेताम ने यह भी बताया कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवेदनशील मुद्दों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बसाहटों तक अब बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। साथ ही नए छात्रावासों के निर्माण से दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल रहा है, जिससे उनके समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वनमंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव मरपच्ची, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक श्री चैतराम अटामी, विधायक श्री विक्रम उसेंडी, विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, विधायक श्री आशाराम नेताम, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित विभिन्न विभागों के सचिव एवं परिषद के सदस्य उपस्थित थे।

 राज्यपाल श्री रमेन डेका ’प्लेसमेंटनामा’ के समापन समारोह में हुए शामिल, समारोह में युवाओं को दी सफलता की सीख

राज्यपाल श्री रमेन डेका ’प्लेसमेंटनामा’ के समापन समारोह में हुए शामिल, समारोह में युवाओं को दी सफलता की सीख

 राज्यपाल श्री रमेन डेका ’प्लेसमेंटनामा’ के समापन समारोह में हुए शामिल, समारोह में युवाओं को दी सफलता की सीख

समारोह में युवाओं को दी सफलता की सीख

मैं’ से ’हम’ की यात्रा ही कामयाबी की कुंजी- राज्यपाल श्री डेका

युवाओं को प्रदान किया गया जॉब लेटर

मैं’ से ’हम’ की यात्रा ही कामयाबी की कुंजी- राज्यपाल श्री डेका

प्रदेश़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका आज दुर्ग और भिलाई के एक दिवसीय प्रवास पर रहे। इस दौरान राज्यपाल ने रूंगटा इंटरनेशनल स्किल यूनिवर्सिटी, भिलाई में आयोजित भव्य कार्यक्रम ’सच हुए सपने’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। यह कार्यक्रम युवाओं के लिए आयोजित किए गए विशाल रोजगार मेले ’प्लेसमेंटनामा’ के गौरवशाली समापन का प्रतीक था। इस दौरान राज्यपाल श्री डेका ने प्लेसमेंट के द्वारा चयनित युवाओं को जॉब लेटर प्रदान किया।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सपने वे नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि सपने वे हैं जो हमें सोने नहीं देते। उन्होंने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि ’सच हुए सपने’ के माध्यम से 1,702 मेधावी युवाओं को सम्मानजनक रोजगार प्राप्त हुआ है, जो राज्य के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में ’प्लेसमेंटनामा’ की सफलता के आंकड़ों की सराहना करते हुए बताया कि इस पांच दिवसीय आयोजन में 10,842 युवाओं ने पंजीयन कराया और लगभग 7,000 साक्षात्कार हुए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का युग केवल डिग्री का नहीं, बल्कि दक्षता, आत्मविश्वास और व्यावहारिक सोच का है। युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए राज्यपाल ने तीन महत्वपूर्ण बातें साझा कीं- निरंतर सीखने की जिज्ञासा बनाए रखना, ईमानदारी व स्पष्टता को अपनाना और ’मैं’ से ’हम’ की टीम भावना को विकसित करना। उन्होंने कहा कि जब संस्थान, उद्योग और सरकार मिलकर काम करते हैं, तो ऐसे ही असाधारण परिणाम प्राप्त होते हैं।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि इस आयोजन में तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों क्षेत्रों की कंपनियों का उत्साहजनक सहयोग रहा। आईटी सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और कोर इंडस्ट्री की समान भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ का युवा हर क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए तैयार है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में एचआर प्रतिनिधियों की उम्मीदें बदल चुकी हैं। अब केवल हाँ में हा मिलाने से नौकरी नहीं मिलती, बल्कि विषय का गहन ज्ञान और व्यक्तित्व में झलकने वाला आत्मविश्वास ही आपकी असली पहचान है। युवाओं को भविष्य के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि रिक्रूटर्स बेहद स्मार्ट होते हैं जो चंद मिनटों में आपकी क्षमता को परख लेते हैं। इसलिए आपकी आंखों का आत्मविश्वास और भाषा की स्पष्टता ही आपका भविष्य तय करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिग्री केवल एक शुरुआत है, असली शिक्षा जीवन के अनुभवों से आती है। जो व्यक्ति सीखना बंद कर देता है, उसके विकास के द्वार बंद हो जाते हैं।

राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि ईमानदारी और स्पष्टता सबसे बड़ी ताकत है; जो नहीं आता उसे स्वीकार करना कमजोरी नहीं, बल्कि एक मजबूत व्यक्तित्व की निशानी है। उन्होंने इस बात की सराहना की कि "प्लेसमेंटनामा" का यह मॉडल पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन सकता है, जहाँ शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर सीधे रोजगार और राष्ट्र निर्माण से जुड़ती है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आपकी सफलता ही ’नए छत्तीसगढ़’ और ’नए भारत’ की नींव है। स्वयं पर अटूट भरोसा रखें, क्योंकि आज का आपका सपना ही कल के भारत का गौरव बनेगा।

इस अवसर पर विधायक रिसाली श्री रिकेश सेन, विधायक भिलाई नगर श्री देवेन्द्र यादव, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, चांसलर श्री संतोष रूंगटा एवं श्री संजय रूंगटा, वाइस चांसलर श्री जवाहर सुनील सेट्ठी, रूंगटा यूनिवर्सिटी के फेकल्टी सहित बड़ी संख्या में अभिभावक व युवा उपस्थित थे।

 श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, 'ई-श्रम साथी' एप लॉन्च

श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, 'ई-श्रम साथी' एप लॉन्च

 श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, 'ई-श्रम साथी' एप लॉन्च

श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, 'ई-श्रम साथी' एप लॉन्च

श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में तेज़ कदम, “ई-श्रम साथी” एप से मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी :  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, 'ई-श्रम साथी' एप लॉन्च

श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, 'ई-श्रम साथी' एप लॉन्च

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के कार्यों और योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदानी अमला पूरी प्रतिबद्धता के साथ श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करे। उन्होंने  कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री लखन देवांगन उपस्थित थे।

श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, 'ई-श्रम साथी' एप लॉन्च

श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, 'ई-श्रम साथी' एप लॉन्च

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में श्रमिकों के हित में व्यापक पहल हुई है और चार नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिकों को घर बैठे रोजगार की जानकारी सहज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "ई-श्रम साथी" मोबाईल एप्लीकेशन छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है, इसलिए उनके योगदान का सम्मान और उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

समीक्षा बैठक में श्रम विभाग की संरचना, श्रमायुक्त संगठन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा तीनों प्रमुख मंडलों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रदेश के सभी जिलों में श्रम कार्यालयों के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन और समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ दोनों सुनिश्चित हो सके।

उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।

छत्तीसगढ़ में श्रमिक कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित हैं, जिनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, सियान सहायता, नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता, आवास सहायता योजना, निःशुल्क कोचिंग सहायता तथा दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना प्रमुख हैं। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत कक्षा 6वीं में हर वर्ष 100 बच्चों का चयन मेरिट के आधार पर किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 31 जिलों के 95 विद्यार्थी 8 जिलों के 14 विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, जिसे इस शैक्षणिक सत्र से सीटें बढ़ाकर 200 कर दिया गया है।छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और श्रम कल्याण मंडल द्वारा भी विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। 

श्रम कल्याण मंडल के तहत 14 योजनाएं संचालित हैं और वर्ष 2025-26 में 5.21 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना, श्रम सम्मेलन कार्यक्रम और मोबाइल कैंप के माध्यम से श्रमिकों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।
डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-केवाईसी के माध्यम से हितग्राहियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में 55 प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है और शेष कार्य प्रगति पर है। उन्होंने “मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र” जैसे नवाचारों को और प्रभावी बनाने पर भी बल दिया। 

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, श्रम विभाग सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे।

 छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र

छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र

 छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र

छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र

सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी पहल

  • डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक (जनसंपर्क)

सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी पहल

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वृद्धजनों के लिए एक मजबूत और संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा तंत्र विकसित किया है, वहीं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभागीय योजनाएँ प्रभावी रूप से धरातल पर क्रियान्वित हो रही हैं। इन प्रयासों से वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

सरल प्रक्रिया, सहज लाभ
राज्य में वरिष्ठ नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसी अलग “सीनियर सिटीजन कार्ड” की आवश्यकता नहीं है। आधार कार्ड एवं अन्य वैध दस्तावेजों के माध्यम से आयु और पात्रता का सत्यापन कर सीधे लाभ प्रदान किया जा रहा है, इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और सुलभ बनी है।

वृद्धाश्रम :- सम्मानजनक जीवन का आधार
प्रदेश के राजधानी रायपुर सहित विभिन्न जिलों में संचालित 27 वृद्धाश्रम निराश्रित एवं असहाय वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित आश्रय बनकर उभरे हैं। वर्तमान में यहां 675 वृद्धजन लाभान्वित हो रहे हैं। यहाँ निःशुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक सुविधाएँ नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उन्हें गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।

पैलिएटिव केयर (प्रशामक गृह) :- विशेष देखभाल की व्यवस्था
गंभीर रूप से बीमार एवं बिस्तर पर आश्रित वृद्धजनों के लिए राज्य में 13 प्रशामक गृह संचालित हैं। वर्तमान में रायपुर, कबीरधाम, दुर्ग, बालोद, रायगढ़ एवं बेमेतरा में 140 वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। इन केंद्रों में निरंतर देखभाल, उपचार सहयोग और आवश्यक सेवाएँ प्रदान की जाती हैं, जिससे संवेदनशील स्थिति में भी उन्हें मानवीय और सम्मानजनक जीवन मिल सके।

वृद्धावस्था पेंशन :- आर्थिक संबल का आधार
सामाजिक सुरक्षा के तहत पात्र वृद्धजनों को नियमित पेंशन दी जा रही है। बीपीएल एवं एसईसीसी वंचन समूह के वृद्धजनों को 500 रुपए प्रतिमाह तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को 680 रुपए प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है। यह सहायता उनके दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान को मजबूती देती है।

सहायक उपकरण और तीर्थ यात्रा :- नई ऊर्जा का संचार
वरिष्ठ नागरिक को सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के निराश्रित वृद्धजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस योजना के तहत चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर अधिकतम 6900 रुपए तक के उपकरण जैसे व्हीलचेयर, वॉकर, बैसाखी, छड़ी, श्रवण यंत्र, चश्मा, ट्राइसाइकिल सहित अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की जाती है, जिससे उनका जीवन अधिक सहज बन सके।

19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से उन्हें आध्यात्मिक और मानसिक संतुलन का अवसर मिल रहा है, जो उनके जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 14 यात्राओं के माध्यम से 10 हजार 694 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।

समग्र कल्याण की दिशा में निरंतर प्रयास
छत्तीसगढ़ शासन का लक्ष्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। पेंशन, स्वास्थ्य देखभाल, आवास, सहायक सुविधाओं और सामाजिक जुड़ाव के माध्यम से राज्य अपने वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सशक्त, संवेदनशील और समग्र सामाजिक सुरक्षा तंत्र स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में यह प्रयास आने वाले समय में और अधिक प्रभावी रूप से वृद्धजनों के जीवन को गरिमामय बनाने की दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे।

 मनरेगा श्रमिकों की ई- के वाय सी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

मनरेगा श्रमिकों की ई- के वाय सी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

 मनरेगा श्रमिकों की ई- के वाय सी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

मनरेगा

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश ने रचा नया कीर्तिमान

मनरेगा श्रमिकों की ई- के वाय सी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत श्रमिकों के ई-के वाय सी कार्य में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 97.11 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-के वाय सी पूर्ण कर लिया गया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक है। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ ने केरलम, त्रिपुरा, मिजोरम जैसे छोटे राज्यों तथा कर्नाटक, तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों को भी पछाड़कर यह उपलब्धि हासिल की है। 
       महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ;मनरेगा के तहत श्रमिकों की ई.केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करने में छत्तीसगढ़ ने देश भर में अग्रणी स्थान हासिल किया है। प्रदेश में लगभग 56.87 लाख से ज्यादा मजदूरों की डिजिटल वेरिफिकेशन (e-KYC) पूरी की गई है जो भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करती है। यह डिजिटल प्रक्रिया फर्जी जॉब कार्डों को हटाने और सीधे वास्तविक लाभार्थियों के बैंक खातों में मजदूरी पहुंचाने में मदद कर रही है।
       यह उपलब्धि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल मार्गदर्शन एवं उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के सतत नेतृत्व, मॉनिटरिंग और प्रभावी रणनीति का परिणाम है। राज्य में योजनाबद्ध ढंग से अभियान चलाकर ई-के वाय सी की प्रक्रिया को तेज किया गया, जिससे बड़ी संख्या में श्रमिकों को समयबद्ध रूप से इससे जोड़ा जा सका।
      रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में कुल 58 लाख से अधिक सक्रिय श्रमिकों में से 56 लाख से अधिक का ई-के वाय सी सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
       मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार गरीब और श्रमिक वर्ग के हितों के संरक्षण एवं उन्हें योजनाओं का पारदर्शी लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। ई-के वाय सी के माध्यम से श्रमिकों को समय पर भुगतान एवं योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित हो रहा है।
       उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राम स्तर पर कार्यरत टीमों के समन्वित प्रयास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि ई-के वाय सी से न केवल फर्जीवाड़े पर रोक लगी है, बल्कि वास्तविक हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने में भी पारदर्शिता आई है। श्री शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को बधाई देते हुए निर्देशित किया कि शेष लंबित प्रकरणों को भी शीघ्र पूर्ण कर प्रदेश को 100 प्रतिशत e-KYC (ई - के वाय सी) लक्ष्य की ओर अग्रसर किया जाए।
           प्रदेश में चलाए गए विशेष अभियान, ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग से यह सफलता हासिल हुई है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करती है।

 राज्यपाल श्री डेका से प्रशिक्षणरत नायब तहसीलदारों ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल श्री डेका से प्रशिक्षणरत नायब तहसीलदारों ने की सौजन्य भेंट

 राज्यपाल श्री डेका से प्रशिक्षणरत नायब तहसीलदारों ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल श्री डेका से प्रशिक्षणरत नायब तहसीलदारों ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल श्री डेका से प्रशिक्षणरत नायब तहसीलदारों ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से चयनित होकर विभिन्न जिलों में सेवा दे रहे नायब तहसीलदारों ने सौजन्य भेंट की। ये सभी वर्तमान में राज्य प्रशासनिक अकादमी निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

राज्यपाल श्री डेका ने नायब तहसीलदारों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें जीवन में जनसेवा का महत्वपूर्ण अवसर मिला है। यहां तक पहुंचने के लिए सभी ने कठिन परिश्रम किया है, इसलिए अब पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने दायित्व निभाने होंगे।

उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा में संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण गुण है। आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान की अपेक्षा लेकर प्रशासन के पास आती है। ऐसे में हर व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुनना और उसके निराकरण के लिए हरसंभव प्रयास करना अधिकारियों का कर्तव्य है। राज्यपाल ने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान तुरंत संभव नहीं होता, लेकिन सकारात्मक सोच और ईमानदार प्रयास हमेशा होना चाहिए। उन्हें जो अधिकार मिले हैं, उनका सदुपयोग जनता के हित में करें। 

उन्होंने प्रेरक संदेश देते हुए कहा कि जीवन में ऐसा कार्य अवश्य करें, जो केवल लेने का नहीं बल्कि समाज को कुछ देने का उदाहरण बने।
इस अवसर पर उप संचालक, राज्य प्रशासनिक अकादमी निमोरा श्रीमती पार्वती पटेल उपस्थित थीं।

तेंदुवा धाम में श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लिया संतों का आशीर्वाद

तेंदुवा धाम में श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लिया संतों का आशीर्वाद

 तेंदुवा धाम में श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लिया संतों का आशीर्वाद

तेंदुवा धाम में श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ

छत्तीसगढ़ “धान का कटोरा” होने के साथ-साथ सेवा, समर्पण और आस्था की भूमि - मुख्यमंत्री श्री साय

छत्तीसगढ़ “धान का कटोरा” होने के साथ-साथ सेवा, समर्पण और आस्था की भूमि - मुख्यमंत्री श्री साय

छत्तीसगढ़ “धान का कटोरा” होने के साथ-साथ सेवा, समर्पण और आस्था की भूमि - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण स्थित राम मिलेंगे आश्रम, तेंदुवा धाम कुरियारी में आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम कथा में शामिल हुए। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ आश्रम पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने पद्म विभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।

छत्तीसगढ़ “धान का कटोरा” होने के साथ-साथ सेवा, समर्पण और आस्था की भूमि - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन भूमि सदैव भगवान श्रीराम के चरणों से धन्य रही है। उन्होंने वनवास काल में भगवान श्रीराम के आगमन और माता शबरी की अद्भुत भक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि इस धरती ने आस्था, समर्पण और विश्वास की अनूठी परंपरा को सहेज कर रखा है। उन्होंने कहा कि तेंदुवाधाम आज धार्मिक और सांस्कृतिक जागरण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है, जहां हजारों श्रद्धालु एक साथ श्रीराम कथा का श्रवण कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर को अत्यंत सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि एक ही मंच से अनेक संतों का सान्निध्य और आशीर्वाद प्राप्त होना विशेष अनुभव है। उन्होंने आश्रम परिसर में हरिवंश औषधालय एवं पंचकर्म केंद्र, श्री राम-जानकी मंडपम, हरिवंश वैदिक पाठशाला, मां दुर्गा गौ मंदिर और हनुमत प्रवेश द्वार सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों के लोकार्पण पर आश्रम प्रबंधन और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ “धान का कटोरा” होने के साथ-साथ सेवा, समर्पण और आस्था की भूमि भी है। उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण के दौरान छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक चावल और चिकित्सकों की टीम के वहां पहुंचने का उल्लेख करते हुए इसे प्रदेशवासियों की गहरी श्रद्धा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भगवान श्रीराम भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं, जो देश की सांस्कृतिक एकता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और जवानों के अदम्य साहस से आज प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त हो चुका है तथा राज्य में शांति, विकास और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” यहां की संस्कृति और जीवन मूल्यों की सच्ची पहचान है।

इस अवसर पर परमपूज्य वासुदेवनंद सरस्वती महाराज, किन्नर अखाड़ा प्रमुख मां टीना सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति में विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया।

राघव सेवा समिति के प्रमुख डॉ. अशोक हरिवंश ने बताया कि यह स्थल माता शबरी की जन्मभूमि शिवरीनारायण में स्थित है, जहां ‘कलिंग शैली’ में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। आश्रम में औषधालय, वैदिक विद्यालय, गौ मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, गीता वाटिका, शबरी रसोई और निर्धन कन्या विवाह जैसी अनेक सामाजिक-धार्मिक पहल संचालित हो रही हैं। कार्यक्रम के तहत विभिन्न वर्गों - दिव्यांगजन, रक्तदाता, कुष्ठ रोगी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों - को समर्पित विशेष दिवस भी आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, महंत श्री रामसुंदर दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

 प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जशपुर की महिलाओं को बड़ी राहत, धुएँ से मुक्ति के साथ जीवन हुआ आसान

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जशपुर की महिलाओं को बड़ी राहत, धुएँ से मुक्ति के साथ जीवन हुआ आसान

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जशपुर की महिलाओं को बड़ी राहत, धुएँ से मुक्ति के साथ जीवन हुआ आसान

धुएँ से मुक्ति के साथ जीवन हुआ आसान


प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जशपुर की महिलाओं को बड़ी राहत

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जशपुर जिले की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन संकल्प के तहत राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है, ताकि हर पात्र परिवार तक समय पर लाभ पहुँच सके।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जशपुर की महिलाओं को बड़ी राहत

जशपुर जिले में अब तक 1 लाख 54 हजार से अधिक महिलाओं को इस योजना के तहत निःशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इससे महिलाओं को पारंपरिक चूल्हों के धुएँ से राहत मिली है और उनका दैनिक जीवन अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक हो गया है।

हाल ही में विकासखंड बगीचा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पात्र हितग्राहियों को गैस कनेक्शन वितरित किए गए। इस अवसर पर लाभार्थियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। बगीचा की निवासी श्रीमती क्रांति यादव ने बताया कि अब उन्हें चूल्हे के धुएँ से होने वाली आंखों की जलन और सांस की परेशानी से छुटकारा मिल गया है, जिससे वे स्वच्छ वातावरण में भोजन बना पा रही हैं। वहीं, ग्राम मड़िया की श्रीमती फूलमती नगेसिया ने कहा कि पहले लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना मुश्किल होता था और घर में धुआँ भर जाता था, लेकिन अब गैस कनेक्शन मिलने से खाना बनाना आसान और साफ-सुथरा हो गया है।

यह योजना न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार ला रही है, बल्कि उनके समय और श्रम की भी बचत कर रही है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है। जशपुर जिले में इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जहाँ महिलाओं का जीवन स्तर बेहतर हुआ है और वे अधिक सशक्त महसूस कर रही हैं।

 प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से गंगाधर नेताम बने सफल मत्स्य उद्यमी

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से गंगाधर नेताम बने सफल मत्स्य उद्यमी

 प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से गंगाधर नेताम बने सफल मत्स्य उद्यमी

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से

पोंड लाइनर तकनीक से बढ़ा उत्पादन

पोंड लाइनर तकनीक से बढ़ा उत्पादन

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कोंडागांव जिले में मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य मत्स्य संसाधनों का संतुलित एवं समावेशी उपयोग सुनिश्चित करते हुए मछुआरों और मछली पालकों की आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत भूमि एवं जल संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही मत्स्य उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

मत्स्य संपदा योजना का लाभ उठाकर जिले के ग्राम सातगांव के श्री गंगाधर नेताम आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मत्स्य पालन कर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत पोंड लाइनर तकनीक से तालाब का निर्माण कराया है। इस पर कुल 14 लाख रुपये की लागत आई, जिसमें उन्हें 8 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। इस तकनीक की मदद से वे कम स्थान में अधिक उत्पादन कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि साल के दो सीजन में लगभग 35 क्विंटल तक मछली का उत्पादन होता है। जिससे सालाना लगभग 03 से 04 लाख रुपए तक की आय प्राप्त कर रहे हैं। गंगाधर नेताम ने बताया कि विभाग द्वारा योजना के लाभ के साथ साथ विभागीय अधिकारियों द्वारा सतत तकनीकी मार्गदर्शन भी मिला। जिससे उन्हें मछली पालन के कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिली।  गंगाधर जैसे कई किसान इस योजना के माध्यम से मत्स्य पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं।

पोंड लाइनर तकनीक से कम जगह में अधिक उत्पादन

पोंड लाइनर तकनीक एक आधुनिक विधि है, जिसमें तालाब या जलाशय के तल और किनारों पर विशेष प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य पानी के रिसाव को रोकना और जल का संरक्षण करना है। यह तकनीक मत्स्य पालन, कृषि सिंचाई और वर्षा जल संचयन के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। लाइनर के उपयोग से पानी का रिसाव लगभग पूरी तरह रुक जाता है, जिससे कम पानी में भी लंबे समय तक उपयोग संभव होता है। मत्स्य पालन में पानी की स्थिरता बनी रहने से मछलियों की वृद्धि तेज होती है और उत्पादन बढ़ता है। इसके साथ ही बार-बार पानी भरने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे लागत कम होती है और लाभ बढ़ता है।

 यूथ फेस्ट-2026: सौरभ द्विवेदी का मंत्र—फिट रहें, पॉजिटिव सोचें, परिवार संग आगे बढ़ें

यूथ फेस्ट-2026: सौरभ द्विवेदी का मंत्र—फिट रहें, पॉजिटिव सोचें, परिवार संग आगे बढ़ें

यूथ फेस्ट-2026: सौरभ द्विवेदी का मंत्र—फिट रहें, पॉजिटिव सोचें, परिवार संग आगे बढ़ें

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संस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य,स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप की रही धूम

संस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य,स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप की रही धूमसंस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य,स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप की रही धूम

जिले में आयोजित “यूथ फेस्ट-2026” के अंतर्गत आज शाम एक विशेष प्रेरक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें देश के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं, विशेषकर छात्र-छात्राओं एवं महिलाओं को जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों पर केंद्रित रहते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया।

   गौरतलब है कि “यूथ फेस्ट-2026” के तहत बीते दो दिनों 24-25  को जिले के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य प्रस्तुतियां, स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट से संबंधित वर्कशॉप, फूड स्टॉल्स, कला एवं संस्कृति से जुड़ी प्रदर्शनियां तथा युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाले अनेक कार्यक्रम शामिल रहे। अंतिम दिवस पर दायरा बैंड (जादू बस्तर) की प्रस्तुति ने आयोजन में सांस्कृतिक रंग भर दिए और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

 अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में निरंतर सीखना, स्वयं को अपडेट रखना और सकारात्मक सोच बनाए रखना ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने विशेष रूप से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस समय में संतुलित जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है।

  सौरभ द्विवेदी ने युवाओं से कहा कि वे बाहरी दुनिया की अनावश्यक आलोचनाओं और भ्रामक बातों से प्रभावित न हों, बल्कि अपने मन की सुनें और परिवार की सलाह को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि परिवार ही व्यक्ति का सबसे बड़ा शुभचिंतक होता है, इसलिए अपने माता-पिता, बहनों और परिवारजनों की चिंता करना और उनका ख्याल रखना हर युवा का दायित्व है।

महिलाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के निर्माण में माताओं और बहनों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, तब समाज और देश की प्रगति को नई गति मिलती है। उन्होंने महिलाओं को घर और कार्य के बीच संतुलन बनाते हुए अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की भी सलाह दी।

  उन्होंने युवाओं, महिलाओं एवं बच्चों को अनावश्यक विज्ञापनों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने का संदेश देते हुए कहा कि सही जानकारी, जागरूकता और विवेकपूर्ण निर्णय ही उन्हें सशक्त बनाएंगे। साथ ही उन्होंने सभी से प्रतिदिन कुछ नया सीखने और अपने कौशल को निरंतर निखारने का आह्वान किया। आयोजन के लिए 

कार्यक्रम में  महापौर श्री रामू रोह कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा डीएफओ श्री कृष्ण जाधव एवं शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी के प्राचार्य श्री विनोद पाठक सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक, गणमान्य नागरिक, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

    युवा फेस्ट-2026 का यह आयोजन युवाओं के सर्वांगीण विकास, उनकी रचनात्मकता को मंच देने और उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने की दृष्टि से अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।

   महापौर श्री रामू रोहरा ने युवा फेस्ट-2026 विभिन्न  प्रतियोगिता में विजय प्रतिभागियों को ट्राफी और प्रशस्ति  पत्र देकर सम्मानित किया ।

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केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय जल्दी ही युवा मामलों पर भी आयोजित करेगा विशेष चिंतन शिविर

 प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही बनेगा भारत वैश्विक खेल शक्ति, मजबूत खेल व्यवस्था से ही ओलंपिक में सफलता संभव : श्री अरुण साव

केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' (Good Governance in Sports) पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया। श्री साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस (Best Governance Practices) को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया।

 प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही बनेगा भारत वैश्विक खेल शक्ति, मजबूत खेल व्यवस्था से ही ओलंपिक में सफलता संभव : श्री अरुण साव

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। 

श्री साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स (Sports Startups) को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके।
आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड (Selection Policy & Age Fraud) पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी (Age Fraud) की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे।

आज का अंतिम सत्र 'माई भारत' (MY Bharat) की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना (Action Plan) पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके। 

चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियन श्री अभिनव बिंद्रा, श्री पुलेला गोपीचंद और श्री गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

 'मन की बात' में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

'मन की बात' में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 'मन की बात' में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

'मन की बात' में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण प्रयासों की सराहना कर बढ़ाया प्रदेश का मान - मुख्यमंत्री श्री साय

जनभागीदारी और नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर मिल रही पहचान उत्साहजनक : "मन की बात”  देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम - मुख्यमंत्री

'मन की बात' में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

'मन की बात' में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, श्री अजय जामवाल, श्री अखिलेश सोनी, श्री रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  छत्तीसगढ़ में सामूहिक विवाह बना सामाजिक एकता का उत्सव, मुख्यमंत्री ने 13 नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

छत्तीसगढ़ में सामूहिक विवाह बना सामाजिक एकता का उत्सव, मुख्यमंत्री ने 13 नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

  छत्तीसगढ़ में सामूहिक विवाह बना सामाजिक एकता का उत्सव, मुख्यमंत्री ने 13 नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

छत्तीसगढ़ में सामूहिक विवाह बना सामाजिक एकता का उत्सव


मुख्यमंत्री ने 13 नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

दुर्ग जिले के ग्राम भरर (जामगांव-आर) में आयोजित तहसील स्तरीय विशाल कर्मा महोत्सव एवं सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जहां मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सहभागिता करते हुए 13 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय दांपत्य जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने 13 नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने साहू समाज भवन पाटन में शेड निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही ग्राम भरर पंचायत में शौचालय एवं शेड निर्माण तथा ग्राम पंचायत में सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने साहू समाज को छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और गौरवशाली समाज बताते हुए माता कर्मा के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि माता कर्मा की भक्ति और सेवा भावना समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रही है। इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय ताराचंद साहू को भी नमन किया और उनके साथ कार्य करने के अपने अनुभव साझा किए।

राज्य सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले 28 महीनों में राज्य में सुशासन स्थापित करने के साथ-साथ “मोदी की गारंटी” को पूरा करने की दिशा में ठोस कार्य किए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि राज्य में 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। किसानों को बकाया बोनस राशि का भुगतान, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी तथा “महतारी वंदन योजना” के माध्यम से महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान सहित अन्य छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा  कि “रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत दो वर्षों में लगभग 42 हजार लोगों को लाभ मिला है । उन्होंने बस्तर क्षेत्र में नक्सल समस्या के उन्मूलन और विकास कार्यों में आई तेजी को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

ऊर्जा क्षेत्र की पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की शुरुआत मार्च 2026 में की गई है, जो उन उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जिनका बिजली बिल लंबे समय से बकाया है। “मोर बिजली ऐप” के माध्यम से उपभोक्ता मोबाइल से ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं। इस योजना के तहत बकाया राशि पर लगने वाले ब्याज या सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है। 

उन्होंने कहा कि गांव-गांव में अटल डिजिटल केंद्र खोलकर डिजिटल सेवाओं को सुलभ बनाया जा रहा है, जबकि प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। राज्य में सुशासन को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिससे विकास कार्यों में तेजी आई है।

इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल, कमिश्नर श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, अध्यक्ष जिला साहू संघ श्री नंदलाल साहू, अध्यक्ष तेलघानी बोर्ड श्री जितेन्द्र साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से जापान के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात: निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार को लेकर हुई विस्तृत चर्चा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से जापान के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात: निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार को लेकर हुई विस्तृत चर्चा

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से जापान के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात: निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार को लेकर हुई विस्तृत चर्चा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से जापान के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात: निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार को लेकर हुई विस्तृत चर्चा


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपने जापान प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी और निवेश प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जापान तकनीकी दृष्टि से अग्रणी देश है और वहां की उन्नत विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के निवेश और सहयोग से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार हुआ है, जिससे उद्योगों के विस्तार के लिए बेहतर संभावनाएं उपलब्ध हो रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में अपने निवेश को और बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की।

इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, एफसेनल के डायरेक्टर श्री युकीहिरो मोमोसे, कोनोइके ट्रांसपोर्ट के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर श्री तोशीहीरो फूजीवारा, एफएसएनएल के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुनील कुमार दीक्षित तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के पूर्व सीएमडी श्री के. डी. दीवान उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हज यात्रियों को वितरित किया फर्स्ट एड किट: सफल हज यात्रा के लिए शुभकामना देकर यात्रियों का किया स्वागत

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हज यात्रियों को वितरित किया फर्स्ट एड किट: सफल हज यात्रा के लिए शुभकामना देकर यात्रियों का किया स्वागत

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हज यात्रियों को वितरित किया फर्स्ट एड किट: सफल हज यात्रा के लिए शुभकामना देकर यात्रियों का किया स्वागत

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हज यात्रियों को वितरित किया फर्स्ट एड किट: सफल हज यात्रा के लिए शुभकामना देकर यात्रियों का किया स्वागत


 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हज यात्रियों को वितरित किया फर्स्ट एड किट: सफल हज यात्रा के लिए शुभकामना देकर यात्रियों का किया स्वागत

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हज यात्रियों को वितरित किया फर्स्ट एड किट: सफल हज यात्रा के लिए शुभकामना देकर यात्रियों का किया स्वागत

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में  हज यात्रियों को फर्स्टएड किट सौंपकर उनकी सुखद एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की।
             मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि रायगढ़ से सांसद रहने के समय से लेकर आज तक लगातार हज यात्रियों के स्वागत का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश से कुल 815 हज यात्री यात्रा पर जा रहे हैं और पहली बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया तथा मेडिकल किट भी उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करने का आग्रह करते हुए उनकी यात्रा की सफलता की कामना की। 
                 सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को यह पावन अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर प्रदेश और देश की खुशहाली के लिए दुआ करें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब हज यात्रा के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती और अधिक लोगों को यह अवसर मिल रहा है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संभव हुआ है।
          कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग ने भी संबोधित किया और हज यात्रा से जुड़ी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कांवड़िया एवं वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज और छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी की सीईओ डॉ. खुशबू उस्मान समेत समाज के प्रबुद्धजन और प्रदेश भर से आए हज यात्री मौजूद थे।

मुख्यमंत्री से सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री से सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने की सौजन्य मुलाकात

 मुख्यमंत्री से सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री से सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लोकसभा सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री शर्मा का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शॉल एवं बस्तर आर्ट की आकर्षक प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उनके बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।

 उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम के 872 जरूरतमंदों को मिली आर्थिक सहायता

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम के 872 जरूरतमंदों को मिली आर्थिक सहायता

 उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम के 872 जरूरतमंदों को मिली आर्थिक सहायता

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से

हितग्राहियों को 97 लाख रुपए से अधिक के चेक का हुआ वितरण

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम जिले के 872 जरूरतमंद नागरिकों को कुल 97 लाख 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह सहायता राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान एवं उपमुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान मद से स्वीकृत की गई है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से जिले के जरूरतमंद नागरिकों के लिए स्वेच्छा अनुदान प्रदान करने का आग्रह किया था। जिसके फलस्वरूप मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान मद से 402 हितग्राहियों को 45 लाख 25 हजार रुपए की सहायता स्वीकृत की गई। वहीं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने स्वेच्छा अनुदान मद से 470 हितग्राहियों के लिए 51 लाख 80 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की है। इस प्रकार कुल 872 हितग्राहियों को 97 लाख 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। सभी हितग्राहियों को उपमुख्यमंत्री कार्यालय कवर्धा में चेक के माध्यम से सहायता राशि का वितरण किया जा रहा है। चेक वितरण के दौरान श्री नरेन्द्र मानिकपुरी, श्री अमर कुर्रे, श्री ओमकार साहू एवं श्री लोकचंद साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

            हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके लिए कठिन समय में एक मजबूत सहारा बनकर आई है। कई हितग्राहियों ने बताया कि वे लंबे समय से आर्थिक परेशानी से जूझ रहे थे, लेकिन अब उन्हें राहत मिली है। इस सहयोग से वे अपने जरूरी कार्यों को पूरा कर पाएंगे और अपने परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। हितग्राहियों ने यह भी कहा कि सरकार की यह पहल से उनमें नई उम्मीद जगी है और उन्हें विश्वास हुआ है कि शासन उनके साथ खड़ा है।

 राज्यपाल ने कोसा वस्त्रों के नवाचार और बुनकरों के आर्थिक सशक्तिकरण पर दिया जोर

राज्यपाल ने कोसा वस्त्रों के नवाचार और बुनकरों के आर्थिक सशक्तिकरण पर दिया जोर

 राज्यपाल ने कोसा वस्त्रों के नवाचार और बुनकरों के आर्थिक सशक्तिकरण पर दिया जोर

राज्यपाल ने कोसा वस्त्रों के नवाचार और बुनकरों के आर्थिक सशक्तिकरण पर दिया जोर


राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा साड़ी, शाल और गमछा का अवलोकन किया तथा राज्य के हाथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए नवाचार, डिज़ाइन विकास और मूल्य संवर्धन पर विशेष बल दिया।
राज्यपाल ने सुझाव दिया कि छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध कोसा साड़ी एवं शाल में डॉबी और जैकार्ड तकनीक का उपयोग कर आधुनिक डिज़ाइन विकसित किए जाएं। साथ ही विभिन्न आयु वर्ग की पसंद को ध्यान में रखते हुए उत्पादों को आकर्षक एवं किफायती बनाया जाए, ताकि इनकी बाजार में मांग बढ़ सके।
उन्होंने उत्तर-पूर्व के प्रसिद्ध रेशम क्षेत्र असम के सुवालकुची, विजयनगर और डेमाजी क्षेत्रों के सफल मॉडल का अध्ययन कर वहां के लोकप्रिय डिज़ाइनों को छत्तीसगढ़ के कोसा वस्त्रों में समाहित करने का सुझाव दिया। राज्यपाल ने कहा कि इससे राज्य के बुनकरों को नई पहचान मिलेगी तथा उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

राज्यपाल ने कोसा साड़ी को अधिक किफायती बनाने के लिए साड़ी की बॉडी और बॉर्डर को पृथक रूप से तैयार कर नई शैली की साड़ियों के निर्माण का सुझाव भी दिया। उन्होंने विशेष रंगों एवं धागोंकृएक्रेलिक, स्पन और टू-प्लाई यार्न का उपयोग कर आकर्षक मोटिफ और डिज़ाइन विकसित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने आगामी एक माह में इस दिशा में हुई प्रगति की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामोद्योग विभाग  को राज्य की किसी एक बुनकर सहकारी समिति को गोद लेकर उसके समग्र विकास हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्री श्याम धावड़े, राज्य हाथकरघा संघ के सचिव श्री एम. एम. जोशी, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार बुनकर सेवा केंद्र रायगढ के उपनिदेशक श्री विजय सावनेरकर सहित तकनीकी विशेषज्ञों तथा डिज़ाइनर उपस्थित रहे।