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 छत्तीसगढ़ से गुवाहाटी पहुंचे पुलिस के चार जवान, साइबर आरोपी से ली रिश्वत... केस हुआ दर्ज

छत्तीसगढ़ से गुवाहाटी पहुंचे पुलिस के चार जवान, साइबर आरोपी से ली रिश्वत... केस हुआ दर्ज

 छत्तीसगढ़ से गुवाहाटी पहुंचे पुलिस के चार जवान, साइबर आरोपी से ली रिश्वत... केस हुआ दर्ज


गुवाहाटी में साइबर ठगी मामले की जांच कर रही छत्तीसगढ़ पुलिस के चार जवानों को रिश्वत लेने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। दो आरोपियों की शिकायत पर ...और पढ़ें





 गुवाहाटी में छत्तीसगढ़ पुलिस के चार जवानों को रिश्वत लेने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। इनमें एक इंस्पेक्टर, एक हेड कॉन्स्टेबल और दो कॉन्स्टेबल शामिल हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।


छत्तीसगढ़ के रायपुर से एक पुलिस टीम साइबर ठगी के एक मामले की जांच के सिलसिले में गुवाहाटी पहुंची थी। टीम ने अलग-अलग राज्यों में आरोपियों का पीछा किया और पहले बिहार में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, इसके बाद असम में गुवाहाटी से तीन और लोगों को हिरासत में लिया गया।

शिकायत के बाद मामला पलटा

मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब हिरासत में लिए गए दो आरोपियों ने दिसपुर थाने पहुंचकर पुलिस टीम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पैसे देने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

शिकायत में यह भी कहा गया कि एक अन्य आरोपी को तब तक हिरासत में रखा गया, जब तक मांगी गई रकम का इंतजाम नहीं हो गया। इसके बाद गुवाहाटी पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।

गुवाहाटी पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस के चारों जवानों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। मंगलवार देर रात सभी को दिसपुर थाने लाकर पूछताछ की गई।
आरोपियों से पूछताछ जारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ के बाद उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया गया, क्योंकि मामले में लगी धाराएं जमानती हैं। हालांकि, जांच आगे बढ़ने पर उन्हें फिर से बुलाया जाएगा। इस मामले की रिपोर्ट तैयार कर अदालत में पेश की जाएगी और छत्तीसगढ़ पुलिस भी अपने स्तर पर कार्रवाई कर सकती है।
 सस्ता होगा एअर इंडिया का टिकट, बदले में कंपनी बंद करेगी खाना-लाउंज की सुविधा; ईरान संकट के बीच बड़ा फैसला

सस्ता होगा एअर इंडिया का टिकट, बदले में कंपनी बंद करेगी खाना-लाउंज की सुविधा; ईरान संकट के बीच बड़ा फैसला

 सस्ता होगा एअर इंडिया का टिकट, बदले में कंपनी बंद करेगी खाना-लाउंज की सुविधा; ईरान संकट के बीच बड़ा फैसला


एअर इंडिया घरेलू और छोटी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भोजन को वैकल्पिक बनाने की योजना बना रही है, जिससे टिकट 250 रुपये तक सस्ते हो सकते हैं। बढ़ती लागत औ ...और पढ़ें





 फुल सर्विस एयरलाइन एअर इंडिया अब अपनी घरेलू और दो घंटे तक की छोटी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में खाने को वैकल्पिक बनाने की योजना बना रही है। यह बदलाव अगले एक-दो महीने में लागू हो सकता है।


इस व्यवस्था के लागू होने के बाद जो यात्री खाना नहीं लेंगे, उनके टिकट के दाम में करीब 250 रुपये तक की कमी हो सकती है। यह कदम बढ़ती लागत और कमाई के दबाव को देखते हुए उठाया जा रहा है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण एयरलाइंस की लागत बढ़ गई है और कमाई पर असर पड़ा है, जिससे एअर इंडिया भी जूझ रही है।

लाउंज सुविधा भी हो सकती है अलग

एअर इंडिया बिजनेस क्लास यात्रियों के लिए एयरपोर्ट लाउंज सुविधा को भी अलग करने पर विचार कर रही है। यानी जो यात्री लाउंज का इस्तेमाल नहीं करेंगे, उन्हें सस्ता टिकट मिल सकता है। मेट्रो शहरों के एयरपोर्ट पर लाउंज का खर्च करीब 1100 से 1400 रुपये प्रति व्यक्ति होता है, जबकि छोटे शहरों में यह 600 से 700 रुपये तक रहता है।
औसतन एक यात्री पर लगभग 1000 रुपये खर्च आता है। कई बिजनेस क्लास यात्री ऐसे होते हैं जो समय की कमी के कारण लाउंज का उपयोग नहीं करते। ऐसे में इस सुविधा को अलग करने से उनके टिकट की कीमत कम हो सकती है।
बढ़ती लागत के कारण बदलाव

जानकारी के मुताबिक, शुरुआत से ही एअर इंडिया टिकट में खाने को शामिल रखती आई है। लेकिन अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमत बढ़ने और रुपये के कमजोर होने से टिकट महंगे हो रहे हैं। भारत जैसे कीमत के प्रति संवेदनशील बाजार में ज्यादा किराया बढ़ाने से यात्री ट्रेन या सड़क का विकल्प चुन सकते हैं।


इसी वजह से एयरलाइन इस तरह के बदलावों पर विचार कर रही है। दुनिया की कई एयरलाइंस पहले ही ऐसी सुविधाओं को अलग कर चुकी हैं। अब फुल सर्विस और लो-कॉस्ट एयरलाइंस के बीच का अंतर भी धीरे-धीरे कम होता जा रहा है।
कंपनी पर आर्थिक दबाव

एअर इंडिया समूह अपने नए नैरो बॉडी विमानों को एअर इंडिया एक्सप्रेस में भेजने की योजना बना रहा है, जहां ज्यादा सीटें होती हैं और लागत कम रहती है। यहां फ्री खाना और लाउंज जैसी सुविधाएं नहीं होतीं। कंपनी कमाई बढ़ाने के लिए बोर्डिंग पास के पीछे विज्ञापन देने जैसे विकल्प भी देख रही है। एयर इंडिया एक्सप्रेस में यह पहले से लागू है।


ईरान से जुड़े युद्ध का असर पूरी दुनिया की एयरलाइंस पर पड़ा है। एअर इंडिया को पिछले वित्त वर्ष में करीब 24 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और कंपनी अपने निवेशकों टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से फंड की मांग कर चुकी है।
 MP के आर्काइव में मिला तात्या टोपे का 1857 का पत्र, विद्रोह से जुड़े अनसुलझे रहस्यों से उठा पर्दा

MP के आर्काइव में मिला तात्या टोपे का 1857 का पत्र, विद्रोह से जुड़े अनसुलझे रहस्यों से उठा पर्दा

 MP के आर्काइव में मिला तात्या टोपे का 1857 का पत्र, विद्रोह से जुड़े अनसुलझे रहस्यों से उठा पर्दा



मध्य प्रदेश के भोपाल में 169 साल पुराना तात्या टोपे का हस्ताक्षरित पत्र मिला है, जो 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से पहले की गुप्त तैयारियों को उजागर करत ...और पढ़ें





मध्य प्रदेश के भोपाल में आर्काइव के ढेर से 169 साल पुराना तात्या टोपे के दस्तखत किए हुए पत्र मिले है। इस कागज की शीट भले ही पुरानी और नाजुक हालत में मिली है, लेकिन इस पर आजादी के सिपाही तात्या टोपे के दस्तखत साफ-साफ पहचाने जा सकते हैं। इसके साथ ही, इसमें उस विद्रोह की झलक भी देखने को मिलती है। जो बाद में आगे चलकर एक जोरदार आवाज का रूप ले लिया।


केंद्र सरकार के 'ज्ञान भारत मिशन' के तहत विरासत से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटाइज करने के दौरान यह पत्र मिला है। यह हाल ही में मिला पत्र 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से पहले के उन तनाव भरे और गुपचुप महीनों की एक दुर्लभ झलक दिखाता है। इस पत्र पर 'चैत्र बदी 7, संवत 1914' (1857 ई.) की तारीख लिखी है। यह पत्र अलग-अलग रियासतों के सूबेदारों, सरदारों, सिपाहियों और हवलदारों को संबोधित है।

यह सिर्फ पत्र नहीं, इतिहास की अहम कड़ी भी

इसकी व्यापकता से पता चलता है कि, उस समय तक एक नेटवर्क पहले ही सक्रिय हो चुका था, और इसका लहजा भी किसी अचानक हुई घटना के बजाय एक सोची-समझी रणनीति की ओर इशारा करता है।

मध्य प्रदेश के पुरातत्व निदेशालय के कमिश्नर मदन कुमार नागर ने कहा, "यह सिर्फ एक पत्र नहीं है, बल्कि इतिहास की एक बहुत ही अहम कड़ी है।" आर्काइव के रिकॉर्ड से तात्या टोपे के लोगों को एकजुट करने, मनाने और तैयारी करने के सफर का पता चलता है।


इसके साथ ही तात्या टोपे के दस्तखत इस बात की पुष्टि करते हैं कि, यह पत्र बेहद दुर्लभ और कीमती है। यह विद्रोह शुरू होने से पहले की गई बारीक योजना और आपसी सलाह-मशविरे को दर्शाता है। इस ऐतिहासिक खोज से हमें अपने इतिहास को और भी बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
पत्र से उनके आंदोलन की मिलती है जानकारी

इस पत्र का सफर भी इसके संदेश की ही तरह है। आर्काइव के रिकॉर्ड से तात्या टोपे के मध्य भारत में हुए सफर का पता चलता है। वे बैतूल, गढ़ाकोटा, ग्वालियर, झांसी और शिवपुरी जैसे इलाकों में घूमे थे।


इन रिकॉर्ड से उनके लोगों को एकजुट करने, उन्हें विद्रोह के लिए मनाने और युद्ध की तैयारी करने के उस लगातार जारी सफर की पूरी रूपरेखा सामने आती है। जानकारी के अनुसार, निदेशालय ने मराठ-मोली लिपि में लिखी बुंदेली और हिंदी पाठ को समझने के लिए भाषा विशेषज्ञों सैयद नईमुद्दीन और अमोल ज्ञानेश्वर महाले की मदद ली।
 झारखंड में शोध और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा, CM सोरेन ने पूरे राज्य में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस चलाने का दिया निर्देश

झारखंड में शोध और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा, CM सोरेन ने पूरे राज्य में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस चलाने का दिया निर्देश

 झारखंड में शोध और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा, CM सोरेन ने पूरे राज्य में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस चलाने का दिया निर्देश


मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना ब ...और पढ़ें




 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन एवं प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद को दिए हैं।


उन्होंने परिषद की सामान्य सभा की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विज्ञान एवं नवाचार को समाज एवं शासन की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना समय की मांग है। बैठक में राज्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ बनाने तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नवाचार आधारित वातावरण विकसित करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में प्रतिभा, संसाधन एवं संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें सही दिशा, उपयुक्त मंच एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करने की है। राज्य सरकार युवाओं, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं तकनीकी संस्थानों को नवाचार से जोड़ते हुए भविष्य उन्मुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में कहा गया कि विज्ञान एवं तकनीक आधारित पहल राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगी तथा झारखंड को ज्ञान-आधारित विकास की दिशा में अग्रसर करेंगी। बैठक में परिषद द्वारा तैयार झारखंड छात्र शोध एवं नवाचार नीति, 2026 तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में एआइ की पढ़ाई को लेकर तैयार रोडमैप पर भी चर्चा हुई।


बैठक में विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक विकास मुंडा, मुख्य सचिव अविनाश कुमार,विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव के.
श्रीनिवास, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव राज कुमार गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बारा, तकनीकी शिक्षा निदेशक सुनील कुमार आदि उपस्थित थे।
सभी जिलों में संचालित हो मोबाइल साइंस एक्जिबिशन बस

मुख्यमंत्री ने बैठक में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस को राज्य के सभी 24 जिलों में संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग, विशेषकर विद्यार्थी उसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। झारखंड में विज्ञान जागरूकता के लिए मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी जैसी गतिविधियां पहले भी उपयोगी साबित हुई हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक के साथ-साथ मैकेनिकल नवाचारों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि कृषि कार्य अधिक सुलभ, आधुनिक और उत्पादक बन सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि साइंस सिटी केवल बच्चों के आकर्षण का केंद्र न रहे, बल्कि हर आयु वर्ग के लोग वहां पहुंचें, उसे देखें और उससे प्रेरित हों।
सरकारी स्कूलों के बच्चों को तारामंडल और साइंस सिटी का कराएं भ्रमण

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन साइंस केंद्र एवं तारामंडलों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश के विभिन्न शहरों में स्थित साइंस सिटी एवं तारामंडलों का भ्रमण कराने के लिए विशेष पहल की जाए, ताकि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार के प्रति रुचि विकसित हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शोध एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।
अवैध वेतन निकासी मामले में बोकारो में ASI अशोक भंडारी गिरफ्तार, 10 करोड़ की धांधली का खुलासा

अवैध वेतन निकासी मामले में बोकारो में ASI अशोक भंडारी गिरफ्तार, 10 करोड़ की धांधली का खुलासा

 अवैध वेतन निकासी मामले में बोकारो में ASI अशोक भंडारी गिरफ्तार, 10 करोड़ की धांधली का खुलासा


सीआइडी की एसआइटी ने अवैध वेतन निकासी मामले में बोकारो एसपी कार्यालय के एएसआइ अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें






अवैध वेतन निकासी मामले में बोकारो से गिरफ्तार एएसआई अशोक कुमार भंडारी।


अवैध वेतन निकासी मामले की जांच कर रही सीआइडी की विशेष जांच टीम (एसआइटी) ने एसपी बोकारो के अकाउंट सेक्शन में प्रतिनियुक्त एएसआइ अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तार किया है।

उसे बुधवार को रांची स्थित सीआइडी की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेज दिया गया है। एएसआई अशोक कुमार भंडारी पूर्व में गिरफ्तार मुख्य लेखापाल कौशल कुमार पांडेय का सहयोगी था। एएसआई अशोक कुमार भंडारी के खाते में लेखापाल कौशल कुमार पांडेय के खाते से लगभग 50 लाख रुपये के हस्तांतरण का खुलासा हुआ है।


भंडारी ने लेखापाल कौशल कुमार पांडेय के सहयोग से गलत तरीके से कमान निर्गत कर उक्त कमान से टीए बिल की निकासी भी करता था। इसके माध्यम से वर्ष 2020 से अब तक कुल 1.11 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि की निकासी इसके बैंक खाता के माध्यम से की गई है।


एसआईटी की तीसरी गिरफ्तारी

अवैध वेतन निकासी मामले में बोकारो में विशेष जांच टीम की दूसरी व अब तक तीसरी गिरफ्तारी है। पूर्व में बोकारो पुलिस की जांच टीम ने लेखापाल कौशल कुमार पांडेय को गिरफ्तार किया था।

सीआईडी ने केस को टेकओवर करने के बाद जांच के क्रम में बोकारो एसपी कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में प्रतिनियुक्त गृह रक्षा वाहिनी के जवान सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था और अब एएसआई अशोक कुमार भंडारी की गिरफ्तारी हुई है।

गृह रक्षा वाहिनी के जवान सतीश कुमार सिंह के खाते में एसआइटी ने जांच के क्रम में लगभग 1.06 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन की पुष्टि की थी। एसआइटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खाते में पड़े 43 लाख रुपये को फ्रीज करवा दिया था।
बोकारो में सात अप्रैल को दर्ज हुई थी प्राथमिकी, जिसे सीआईडी ने किया था टेकओवर

बोकारो के बीएस सिटी थाना में सात अप्रैल को कांड संख्या 62/26 में में दर्ज प्राथमिकी को टेकओवर करते हुए सीआइडी ने अनुसंधान शुरू किया है। इस केस में सीआइडी थाना रांची में 24 अप्रैल को कांड संख्या 06/2026 दर्ज किया गया है।


इस कांड के प्रभावी व गहन अनुसंधान के लिए ही विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व आइजी पंकज कंबोज कर रहे हैं। अब तक के अनुसंधान में बोकारो एसपी कार्यालय से करीब 10 करोड़ रुपये की अवैध निकासी किए जाने की जानकारी मिली है।
अवैध निकासी की राशि कहां-कहां गई, कौन-कौन लाभान्वित हुआ, किसी को नहीं बख्सेगी एसआईटी

जांच कर रही एसआइटी अवैध तरीके से वेतन निकासी मामले में किसी को छोड़ने नहीं जा रही है। रुपये किस खाते से किस खाते में गए, कहां निकले, कितने ट्रांसफर हुए, कहां ट्रांसफर हुए, कैश कितने निकले, कहां-कहां बंटे, इन सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।


तकनीकी व दस्तावेज साक्ष्य के आधार पर एसआईटी की जांच की रफ्तार तेज है। अगर एक रुपये भी किसी को अवैध रूप से मिले हैं, तो उन तक एसआइटी पहुंचेगी। कोई बचेगा नहीं, ऐसा दावा एसआईटी ने किया है।
 झारखंड में भाजपा का जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का आरोप, 6-12 मई तक राज्य में करेगी प्रदर्शन

झारखंड में भाजपा का जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का आरोप, 6-12 मई तक राज्य में करेगी प्रदर्शन

 झारखंड में भाजपा का जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का आरोप, 6-12 मई तक राज्य में करेगी प्रदर्शन


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए 6 से 12 मई तक झारखंड के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन की घोषणा की है। ...और पढ़ें




 भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य में चलने वाली जल जीवन मिशन योजनाओं में भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी का आरोप लगाया है। बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में एक प्रेस वार्ता में आदित्य साहू ने कहा कि छह मई से 12 मई तक अलग-अलग जिलों में भाजपा कार्यकर्ता पेयजल समस्या पर आंदोलन करेंगे।


छह दिनों तक चले वाले इस प्रदर्शन में सरकार से पेयजल स्वच्छता विभाग में होने वाले भ्रष्टाचार का हिसाब मांगा जाएगा। प्रदेश भर में लगभग 80000 हैंडपंप खराब पड़े हैं। 72 घंटे में खराब पड़े हैंडपंप को बनाने का सरकारी दावा फिसड्डी साबित हुआ है। सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर भी किसी काम का नहीं है।

आदित्य साहू ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर घर को स्वच्छ जल मिले इसके लिए राज्य में 12764 करोड़ रुपए दिए। जिसमें से 6010 करोड़ यानी 46.30 प्रतिशत ही राज्य सरकार खर्च कर पाई।

7000 करोड़ से अधिक की राशि पड़ी हुई है। राज्य में 45 प्रतिशत परिवार इस योजना से वंचित हैं। झारखंड में स्थिति यह है कि यह योजना राष्ट्रीय औसत से लगभग 25 प्रतिशत पीछे है और देशभर में नीचे से यह दूसरे स्थान पर है।
जिलों में आंदोलन के लिए तिथि घोषित

भारतीय जनता पार्टी ने छह मई से लेकर 12 मई तक यानी छह दिनों तक जिलों में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। छह मई को गढ़वा, पलामू एवं लातेहार, सात मई को चाईबासा, जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां, आठ मई को हजारीबाग, चतरा, कोडरमा एवं रामगढ़, नौ मई को दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, देवघर एवं जामताड़ा, 11 मई को गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो और 12 मई को रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला एवं खूंटी में भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची सहित पानी ढोने वाले अन्य बर्तन कर प्रदर्शन करेंगे।
 पुलिसकर्मियों को जन्मदिन और सालगिरह पर मिलेगी स्पेशल लीव, वर्क-लाइफ बैलेंस पर जोर

पुलिसकर्मियों को जन्मदिन और सालगिरह पर मिलेगी स्पेशल लीव, वर्क-लाइफ बैलेंस पर जोर

 पुलिसकर्मियों को जन्मदिन और सालगिरह पर मिलेगी स्पेशल लीव, वर्क-लाइफ बैलेंस पर जोर


तेलंगाना पुलिस ने अपने कर्मियों के लिए जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर विशेष छुट्टी की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाना और उन ...और पढ़ें




 तेलंगाना पुलिस ने अपने कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर विशेष छुट्टी देने की घोषणा की है। इस पहल से पुलिस बल के मनोबल में इजाफा होने और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस सुनिश्चित करने की उम्मीद है।


डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि पुलिस की नौकरी अत्यंत चुनौतीपूर्ण और थकाऊ होती है। इसलिए पुलिसकर्मियों को उनके महत्वपूर्ण व्यक्तिगत अवसरों पर छुट्टी देकर उन्हें परिवार के साथ समय बिताने का मौका दिया जाएगा। यह फैसला पूरे पुलिस बल के कल्याण को ध्यान में रखकर लिया गया है।
सर्कुलर में दिए गए निर्देश

सर्कुलर के अनुसार, सभी यूनिट अधिकारियों को जन्मदिन और वेडिंग एनिवर्सरी पर छुट्टी मंजूर करने के निर्देश दिए गए हैं। छुट्टी केवल असाधारण परिस्थितियों में ही रोकी जा सकती है। सर्कुलर में साफ लिखा गया है कि सैंक्शनिंग अथॉरिटी छुट्टी मंजूर करेगी, जब तक कि इसे अस्वीकार करना बहुत जरूरी न हो।



यह छुट्टी किसी भी कर्मी को स्वतः नहीं मिलेगी। छुट्टी लेने के लिए कर्मी को पहले से लिखित आवेदन करना होगा और जन्मदिन या शादी की सालगिरह का वैध प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। बिना सही दस्तावेजों के छुट्टी नहीं दी जाएगी।
क्यों लिया गया फैसला?

इस पहल को पुलिसकर्मियों द्वारा दिखाए गए अथक समर्पण और निष्ठा के प्रति सराहना के रूप में भी देखा जा रहा है। सर्कुलर में कहा गया है कि तेलंगाना पुलिस का हर सदस्य, चाहे वह किसी भी रैंक का हो, इन विशेष मौकों को अपने परिवार के साथ मना सके, यही इसका मुख्य उद्देश्य है।


यह फैसला राज्य के पुलिसकर्मियों में काफी सराहा जा रहा है। इसे पुलिस बल के कल्याण और उनके कार्य-जीवन संतुलन को सुधारने की दिशा में एक अच्छा कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि यह पहल पुलिसकर्मियों के मनोबल को और मजबूत बनाएगी।
 25 साल लंबी कानूनी जंग का अंत, सुप्रीम कोर्ट में भी L&T को नहीं मिली राहत; खोया पाली हिल का कब्जा

25 साल लंबी कानूनी जंग का अंत, सुप्रीम कोर्ट में भी L&T को नहीं मिली राहत; खोया पाली हिल का कब्जा

 25 साल लंबी कानूनी जंग का अंत, सुप्रीम कोर्ट में भी L&T को नहीं मिली राहत; खोया पाली हिल का कब्जा



सुप्रीम कोर्ट ने एलएंडटी की स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी है, जिससे बांद्रा के पाली हिल स्थित 'हाई ट्रीज' बंगले को लेकर 25 साल लंबी कानूनी लड़ाई समाप् ...और पढ़ें





 सुप्रीम कोर्ट ने L&T की एक स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही, बांद्रा के पाली हिल रोड पर स्थित एक प्राइम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को लेकर चल रही लंबी कानूनी लड़ाई खत्म हो गई। इस प्रॉपर्टी में कंपनी के पूर्व चेयरमैन और मौजूदा चेयरमैन एमेरिटस ए.एम. नाइक, पिछले 20 साल से ज्यादा समय से रह रहे थे।


कंपनी ने दावा किया था कि वह इस प्रॉपर्टी की लगभग 30% मालिक है। इसीलिए अब उसे 'हाई ट्रीज' नाम के बंगले का कब्जा मिलना चाहिए। मालूम हो कि, यह बंगला पाली हिल के पॉश रेजिडेंशियल इलाके में अभी भी मौजूद कुछ हेरिटेज प्रॉपर्टीज में से एक है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से बॉम्बे हाई कोर्ट का आदेश बरकरार रह जाएगा।
1970 में खत्म हुआ था लीज एग्रीमेंट

दरअसल, यह लड़ाई साल 1970 में तब शुरू हुआ जब इस घर का औपचारिक लीज एग्रीमेंट खत्म हो गया। मकान मालिकों के ग्रुप ने, जिसमें के.सी. कोठारी परिवार के सदस्य और अन्य सह मालिक शामिल थे। उन्होंने टेनेंसी खत्म करने के बाद, 2001 में बांद्रा की स्मॉल कॉजेज कोर्ट में बेदखली की कार्यवाही शुरू की।
मुकदमे के दौरान, 2001 में L&T कंपनी ने प्रॉपर्टी में 7% अविभाजित हिस्सा अमर मुनोट (जो अब दिवंगत हैं) उनसे खरीदा लिया। जो कि प्रॉपर्टी के सह मालिकों में से एक थे। इसके बाद उनकी हिस्सेदारी बढ़कर 29.5% हो गई। इसी आधार पर, 2017 के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले (मंगल बिल्डर्स) का हवाला देते हुए, कंपनी ने तर्क दिया कि वह प्रॉपर्टी की सह मालिक बन गई है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने पहले ही सुनाया था फैसला

इसीलिए उसके खिलाफ बेदखली की कार्यवाही जारी नहीं रखी जा सकती। इसके अलावा, कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि L&T सहित सभी सह मालिकों के बीच प्रॉपर्टी के बंटवारे का एक मुकदमा अभी भी लंबित है। वहीं, 27 मार्च, 2026 को दिए अपने फैसले में, बॉम्बे हाई कोर्ट के जज एम.एम. सथाये ने इस तर्क को खारिज कर दिया।


उन्होंने कहा कि बेदखली के मुकदमे के दौरान L&T को 7% हिस्सेदारी बेचने वाले सह मालिक की आपत्तियां किसी छिपे हुए मकसद से प्रेरित लगती हैं। इसीलिए वे मुकदमे की वैधता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं डाल सकती। हाई कोर्ट ने यह माना कि 2010 में स्मॉल कॉजेज कोर्ट की अपीलीय बेंच द्वारा L&T की बेदखली का जो आदेश दिया गया था, उसमें कोई गलती नहीं थी।
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

कोर्ट ने आगे कहा कि किसी एक सह मालिक की आपत्ति खासकर तब, जब वह किसी किराएदार को फायदा पहुंचाने के मकसद से की गई हो, बाकी सह मालिकों के बेदखली के अधिकारों को खत्म नहीं कर सकती। इसलिए कोर्ट ने कंपनी की याचिका को खारिज कर दिया। हालांकि, कंपनी को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का मौका देने के लिए कोर्ट ने इस आदेश पर छह हफ्तों के लिए रोक लगा दी थी।


इसके बाद L&T ने हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर की। 27 अप्रैल को हुई शुरुआती सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस प्रशांत मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया शामिल थे। उन्होंने कहा, "हम इन स्पेशल लीव पिटीशन्स पर सुनवाई करने के इच्छुक नहीं हैं। इसलिए, ये सभी स्पेशल लीव पिटीशन्स खारिज की जाती हैं।"
 यहां क्यों घूम रही हैं', भवानीपुर के बूथों पर सुबह से ही उतरी ममता; सुवेंदु अधिकारी ने पूछा सवाल

यहां क्यों घूम रही हैं', भवानीपुर के बूथों पर सुबह से ही उतरी ममता; सुवेंदु अधिकारी ने पूछा सवाल

 यहां क्यों घूम रही हैं', भवानीपुर के बूथों पर सुबह से ही उतरी ममता; सुवेंदु अधिकारी ने पूछा सवाल



पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान भवानीपुर के चक्रबेरिया में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी एक ही बूथ पर आमने-सामने आ गए। ...और पढ़ें





राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में बुधवार को दूसरे व अंतिम चरण के लिए जारी मतदान के बीच एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली। सुबह के समय कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के चक्रबेरिया में एक बूथ के सामने मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और विधानसभा में विपक्ष के नेता व भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी लगभग पास आ गए थे।


दरअसल, अपने गृह क्षेत्र भवानीपुर से टीएमसी प्रत्याशी ममता सुबह से जिस बूथ के सामने बैठी थी, उसी बूथ पर सुवेंदु भी पहुंच गए थे। इस दौरान दोनों 50 मीटर से भी कम फासले में आ गए थे। ममता ने सुबह से भवानीपुर के कई बूथों का दौरा किया। ऐसा पहली बार है, जब ममता को मतदान के दिन अपने विधानसभा क्षेत्र में सुबह से कई बूथों का दौरा करते देखा गया।

सुवेंदु ने ममता पर कसा तंज

राज्य की सबसे हाई प्रोफाइल भवानीपुर सीट से इस बार ममता और सुवेंदु एक दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। भवानीपुर सीट ममता का गृह व परंपरागत विधानसभा क्षेत्र है।






वहीं, बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भवानीपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु ने सवाल उठाया कि, मतदान के दिन बूथों के आसपास बीएनएसएस धारा 163 लागू है। इसके बावजूद ममता बनर्जी कई लोगों के साथ घूम रही हैं। दूसरी ओर, ममता ने आरोप लगाया कि बाहर से आए बहुत सारे ऑब्जर्वर भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं।
 झारखंड के जंगल में माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, 1 करोड़ के इनामी मिसिरा की तलाश में चल रहा ऑपरेशन

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पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। यह कार्रवाई एक करोड़ के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा की ...और पढ़ें





चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम ज़िले के टोंटो थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। यह मुठभेड़ घोर नक्सल प्रभावित रूटुगुटू के घने जंगलों में उस वक्त शुरू हुई, जब कोबरा 209 बटालियन के जवान सर्च ऑपरेशन पर निकले थे।


जानकारी के अनुसार, जवान पिछले दो दिनों से गोइलकेरा थाना क्षेत्र के बोरोई और तूनबेड़ा के आसपास लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे थे। बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे जंगल में माओवादियों से आमना-सामना होते ही दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई।

सूत्रों के मुताबिक, सुबह से रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। पूरे इलाके में सुरक्षा बलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेनू ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि ऑपरेशन अभी जारी है।

यह वीडियो भी देखें

माओवादी गतिविधि बढ़ने की थी सूचना

गौरतलब है कि हाल ही में गोइलकेरा थाना क्षेत्र में एक पूर्व माओवादी की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से ही संकेत मिल रहे थे कि माओवादी सारंडा क्षेत्र से निकलकर कोल्हान और आसपास के इलाकों में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में संगठन अब भी इस इलाके में सक्रिय है।


सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए थे, लेकिन ताजा घटनाक्रम से स्पष्ट है कि जंगल क्षेत्रों में अभी भी सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच ‘लुकाछिपी’ का दौर जारी है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
 ₹820 करोड़ की लागत से बनेंगे दो और नए फ्लाईओवर, मिनटों में तय होगा घंटों का सफर

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राजधानी रांची में यातायात जाम की समस्या को कम करने के लिए सरकार ने दो महत्वपूर्ण फ्लाईओवर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन फ्लाईओवरों के निर्माण से हरमू ...और पढ़ें




यातायात जाम से राहत, यात्रा समय में होगी बचत।

 राजधानी रांची में लंबे समय से लोगों को परेशान कर रही ट्रैफिक जाम की समस्या अब काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। सरकार ने दो महत्वपूर्ण फ्लाईओवर परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।

इसके निर्माण के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर आवागमन तेज, सुगम और समय बचाने वाला हो जाएगा। खासतौर पर हरमू–अरगोड़ा - डिबडीह और करमटोली–साइंस सिटी–चिरौंदी रूट पर लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
हरमू से अरगोड़ा चौक होते हुए डिबडीह ब्रिज तक

हरमू से अरगोड़ा चौक होते हुए डिबडीह ब्रिज तक 3.804 किमी लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिसकी लागत करीब 469.62 करोड़ रुपये है। यह फ्लाईओवर कटहल मोड़(चापुटोली) और अशोक नगर तक भी जुड़ेगा।
करमटोली से साइंस सिटी होते हुए चिरौंदी तक

वहीं, करमटोली से साइंस सिटी होते हुए चिरौंदी तक 3.216 किमी लंबा फ्लाईओवर बनेगा, जिस पर लगभग 351.14 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ मोरहाबादी को जोड़ने के लिए लिंक रोड भी तैयार किया जाएगा।

छह महीनों से चल रहा था लगातार सर्वे

इन परियोजनाओं को लेकर पिछले छह महीनों से लगातार सर्वे किया जा रहा था। इस दौरान ट्रैफिक लोड, सड़क की स्थिति, जमीन अधिग्रहण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और भविष्य की जरूरतों जैसे कई पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया गया। इसके बाद डीपीआर तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा गया, जिसे स्वीकृति भी मिल गई।

तीन फ्लाईओवर के बनने से मिली है बड़ी राहत

राजधानी में पहले बने कांटाटोली, सिरमटोली-मेकान और रातू रोड फ्लाईओवर ने ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाया है। अब इन नई परियोजनाओं से शहर को और राहत मिलने की उम्मीद है। कांटाटोली और मेकान सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बनने से कांटाटोली फ्लाईओवर से वाहन चढ़ने के बाद मेकान चौक पर उतरेगी।
समय की बचत में बड़ा बदलाव

इन फ्लाईओवर के बनने के बाद अरगोड़ा से कडरू-हरमू तक पहुंचना आसान होगा। काव से डिबडीह ब्रिज तक करीब 15 मिनट की बचत होगी, जबकि चिरौंदी से करमटोली की दूरी 30 मिनट के बजाय सिर्फ 5 से 10 मिनट में तय हो सकेगी।
जाम से मिलेगी राहत

अरगोड़ा रोड, हरमू, कडरू, कटहल मोड़, बरियातू और मोरहाबादी जैसे इलाकों में रोजाना लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारू होगी।

स्कूल, कालेज और आफिस जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। आपातकालीन सेवाओं की रफ्तार भी बढ़ेगी और शहर की कुल यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बन सकेगी।
रांची में गोद ली हुई बेटी ने प्रेमी संग मिलकर की मां की हत्या, घर में पड़ा था शव और ऑनलाइन मंगा रही थी चाउमीन-मिठाई

रांची में गोद ली हुई बेटी ने प्रेमी संग मिलकर की मां की हत्या, घर में पड़ा था शव और ऑनलाइन मंगा रही थी चाउमीन-मिठाई

 रांची में गोद ली हुई बेटी ने प्रेमी संग मिलकर की मां की हत्या, घर में पड़ा था शव और ऑनलाइन मंगा रही थी चाउमीन-मिठाई


रांची के डोरंडा में एक गोद ली हुई बेटी ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर मां नाहिद परवीन की हत्या कर दी। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लि ...और पढ़ें





डोरंडा स्थित मनीटोली में हुई घटना, सीसीटीवी खंगल रही है पुलिस। कब्र से निकाला गया शव। (फोटो: जागरण)


डोरंडा थाना क्षेत्र स्थित मनीटोला में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक गोद ली हुई बेटी ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर अपनी मां की हत्या कर दी।

इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोगों के बीच गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में युवती समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपित की तलाश जारी है।


मृतका की पहचान नाहिद परवीण के रूप में हुई है, जो अपने घर में अकेली अपनी बेटी के साथ रहती थीं। बताया जा रहा है कि चार साल पहले उनके पति का निधन हो गया था, जो बिजली विभाग में कार्यरत थे।

पति की मौत के बाद नाहिद को मिलने वाली पेंशन ही घर का मुख्य सहारा थी। इसी पेंशन के पैसों को लेकर मां-बेटी के बीच अक्सर विवाद होता था, जो अंतत इस खौफनाक घटना में बदल गया। पुलिस के अनुसार, घटना शुक्रवार रात की है।

युवती ने अपने प्रेमी और उसके एक दोस्त को घर बुलाया था। देर रात घर के अंदर नाहिद परवीण के साथ मारपीट की गई और फिर उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद दोनों युवक मौके से फरार हो गए। अगले दिन शनिवार सुबह युवती ने नाहिद के रिश्तेदारों को फोन कर बताया कि उसकी मां बाथरूम में गिर गई हैं और उनकी मौत हो गई है।


सूचना मिलने पर नाहिद के रिश्तेदार, जो उत्तर प्रदेश और हजारीबाग में रहते हैं, रांची पहुंचे। बिना किसी गहराई से जांच किए रविवार को नाहिद के शव को दफना दिया गया। हालांकि, घर और मोहल्ले के कुछ लोगों को इस घटना पर संदेह होने लगा।


उन्होंने देखा कि मृतका के शरीर पर चोट के निशान थे और गले के पास कटे हुए घाव भी थे। यह बात धीरे-धीरे फैलने लगी और अंतत इसकी सूचना पुलिस तक पहुंच गई।
पैसे के लिए दिया गया घटना को अंजाम, आरोपितों से चल रही है पूछताछ

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवती को हिरासत में लिया और थाने में सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान युवती ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि वह अपनी मां की पेंशन के पैसे अपने प्रेमी को देती थी, जिसको लेकर अक्सर घर में झगड़ा होता था।


नाहिद नहीं चाहती थी कि उसकी बेटी आरोपित युवक से मिले और उसके साथ रहे। लेकिन बेटी अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहिए थी। बेटी और उसके प्रेमी ने हत्या करने की योजना बनाई और इसी विवाद ने उन्हें इस जघन्य अपराध की ओर धकेल दिया।
कब्रिस्तान से बाहर निकला गया शव भेजा गया रिम्स

मंगलवार को पुलिस ने कब्रिस्तान पहुंचकर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया। साथ ही, फारेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया ताकि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस इस मामले में हर पहलू से जांच कर रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि गिरफ्तार किए गए आरोपित नाबालिग हैं या नहीं।
बेटी ने ऑनलाइन चाउमिन और मिठाई मंगाया तब हुआ शक

घटना के बाद एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि जिस बेटी ने अपनी मां की हत्या की, उसे नाहिद ने मात्र छह महीने की उम्र में गोद लिया था। इस तथ्य ने लोगों को और भी अधिक स्तब्ध कर दिया है।


लोगों का कहना है कि नाहिद ने जिस बच्ची को इतने प्यार से पाला, उसी ने उनके साथ इतना क्रूर व्यवहार किया। पड़ोसियों ने यह भी बताया कि हत्या के समय जब नाहिद का शव घर में पड़ा हुआ था, तब युवती आनलाइन चाउमीन और मिठाई मंगाकर खा रही थी।


इस व्यवहार ने भी लोगों के संदेह को और मजबूत किया। कुछ लोगों ने इस दौरान शव की तस्वीरें भी खींच ली थीं। बाद में जब इन तस्वीरों को ध्यान से देखा गया, तो साफ हो गया कि यह एक सामान्य मौत नहीं बल्कि हत्या का मामला है।
युवती की शादी कहीं और हो रही थी तय

पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि उन्हें यह यह भी जानकारी मिली है कि युवती की शादी उसके एक रिश्तेदार से तय होने वाली थी, जो उत्तर प्रदेश में रहता है। क्या इस शादी को लेकर भी कोई विवाद या दबाव था। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि मामले को दबाने की कोशिश की गई थी ताकि शादी में कोई बाधा न आए।


पुलिस का कहना है कि इससे मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी आरोपितों की भूमिका को स्पष्ट किया जा रहा है। फरार आरोपित की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पैसा के चक्कर में बेटी बन गई मां की दुश्मन

इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर रिश्तों और पैसों के बीच बढ़ते टकराव को लेकर।


एक मां और बेटी के बीच का रिश्ता, जो सबसे पवित्र माना जाता है, इस तरह के अपराध से कलंकित हो गया है।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा।


पैसा को लेकर नाहिद की हत्या हुई है। नाहिद की बेटी समेत तीन लोगों को पकड़ा गया और उनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पुलिस पूरे मामले का खुलासा करेगी।
-पारस राणा, सिटी एसपी रांची
 गंगटोक में पीएम मोदी का अलग अंदाज, युवाओं संग खेला फुटबॉल; शेयर की तस्वीरें

गंगटोक में पीएम मोदी का अलग अंदाज, युवाओं संग खेला फुटबॉल; शेयर की तस्वीरें

 गंगटोक में पीएम मोदी का अलग अंदाज, युवाओं संग खेला फुटबॉल; शेयर की तस्वीरें




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय सिक्किम दौरे पर हैं, जहां उन्होंने युवाओं के साथ फुटबॉल खेला और 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उ ...और पढ़ें






पीएम मोदी ने सिक्किम में युवाओं संग फुटबॉल खेला।


4,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।


गंगटोक में ऑर्किडेरियम और जनसभा में शामिल होंगे।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के सिक्किम दौरे पर पहुंचे हैं। यहां वह 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इस दौरे पर मंगलावर को पीएम मोदी ने युवाओं संग फुटबॉल भी खेला। पीएम ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर इसकी तस्वीरें शेयर कीं।







तस्वीरों में पीएम मोदी तिरंगे के निशान वाली नीली स्पोर्ट्स जैकेट पहने नजर आए। इसमें सभी के हाथ में एक फुटबॉल भी थीं। सबने एक जैसी किट भी पहनी हुई थी। यह एक तरह का कैजुअल सेशल था।

पीएम ने शेयर की तस्वीर

पीएम मोदी ने तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, 'गंगटोक की एक प्यारी सुबह, सिक्किम में अपने नन्हे दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने का मजा ही कुछ और है!' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'जाहिर है, इन युवाओं के साथ फुटबॉल का एक जबरदस्त सेशन!'




पीएम मोदी सिक्किम के राज्य बनने के 50 साल पूरे होने के मौके पर होने वाले समापन समारोह में शामिल होंगे। वह गंगटोक में स्वर्णजयंती मैत्री मंजरी पार्क में बने ऑर्किडेरियम का भी दौरा करेंगे, जिसे वर्ल्ड लेवल ऑर्किड एक्सपीरिएंस सेंटर के तौर पर विकसित किया गया है।




कार्यक्रम के बाद पीएम पालजोर स्टेडियम भी जाएंगे, जहां वह एक जनसभा को संबोधित कर सकते हैं। इसके पहले सोमवार को सिक्किम पहुंचने पर पीएम ने गंगटोक में एक रोडशो का नेतृत्व किया था। उन्हें 29 मई को ही सिक्किम पहुंचना था, लेकिन खराब मौसम के कारण वह नहीं आ पाए थे।
 'सिक्किम और नॉर्थ ईस्ट भारत की अष्टलक्ष्मी...', गंगटोक में बोले पीएम मोदी

'सिक्किम और नॉर्थ ईस्ट भारत की अष्टलक्ष्मी...', गंगटोक में बोले पीएम मोदी

 'सिक्किम और नॉर्थ ईस्ट भारत की अष्टलक्ष्मी...', गंगटोक में बोले पीएम मोदी


प्रधानमंत्री मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष समारोह में भाग लिया, जहां उन्होंने राज्य की सुंदरता, स्वच्छता और 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना क ...और पढ़ें






सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष समारोह में पीएम मोदी।


पूर्वोत्तर को भारत की 'अष्टलक्ष्मी' बताया प्रधानमंत्री ने।


सिक्किम में पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय सिक्किम दौरे पर पहुंचे हैं। यहां सिक्किम के राज्य बनने के 50वें वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम के समापन समारोह पर उन्होंने कहा कि यहां आते ही एक नई अनुभूति, नया आनंद और चारों तरफ उत्सव का माहौल देखा। मन खुशियों से भर गया।


पीएम ने कहा कि रात में हुई बारिश, फिर सुबह की ठंडक और ये खिली हुई धूप। सिक्किम के रंग ही निराले हैं। पूरब का स्वर्ग सिक्किम, आर्किडस का गार्डन सिक्किम। इसका अप्रतिम सौंदर्य, यहां की शान्ति, यहां का आध्यात्मिक आनंद, ये अनुभूति बड़े सौभाग्य से मिलती है।

पीएम मोदी बोले, 'जब देश में राजनीतिक स्वार्थ के चलते भाषावाद, प्रांतवाद, ऊंच-नीच और देश में भेदभाव के लिए लगातार कोशिश हो रही है। आज सिक्किम ने एक भारत-श्रेष्ठ भारत के दर्शन करा दिए। उन्होंने इस छोटे से कार्यक्रम में पूरा हिंदुस्तान आंखों के सामने खड़ा कर दिया।'


उन्होंने कहा, 'वाकई आपने दिल जीत लिया है। केवल मोदी का ही नहीं, पूरे हिंदुस्तान का दिल जीत लिया है आपने आज। यही तो भारत भक्ति, देशभक्ति होती है। नई पीढ़ी में इसी से देशभक्ति के भाव जागते हैं।'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'सिक्किम आने पर मुझे इसलिए भी बहुत ख़ुशी है, क्योंकि पिछली बार मैं खराब मौसम के कारण यहां तक नहीं पहुंच पाया था। मुझे बागडोगरा से ऑनलाइन ही आपसे जुड़ना पड़ा था। आपसे मिलने की वो कसक मेरे मन में बनी हुई थी। इसलिए मैं इंतजार में था। वो इंतजार भी आज इस अवसर के माध्यम से पूरा हुआ है।'


प्रधानमंत्री मोदी बोले, 'सिक्किम के लोगों से मिलना मुझे हमेशा एक अलग सुकून देता है। आपकी सौम्यता, आपकी सादगी, आपके चेहरों की मुस्कान अद्भुत है। यहां आने से पहले भी मैं सिक्किम के कई प्रतिभाशाली लोगों से मिला हूं। सिक्किम कर प्रबुद्ध लोग, पद्म सम्मान विजेता, आर्टिस्ट और फुटबॉल खिलाड़ियों से मेरी अलग-अलग विषयों और बात हुई है।'


उन्होंने कहा कि कल शाम जो रोड शो हुआ, मैं उसे भी अब तक भूल नहीं पाया हूं और न ही कभी भूल पाऊंगा। हाथों में हमारा प्यार तिरंगा, लगातार भारत माता का जयकारा और वंदे मातरम् का उद्घोष, पूरा वातावरण एक भारत-श्रेष्ठ भारत की तस्वीरों से रंगा हुआ था।


पीएम ने सिक्किम की स्वच्छता की तारीफ करते हुए कहा कि एक सबसे अच्छी बात मुझे पूरे रास्ते भर दिखी, वो थी सिक्किम की सड़कों की स्वच्छता। दूर-दूर तक कोई गंदगी नहीं, वायु में भी स्वच्छता, सड़कों पर भी स्वच्छता, सिक्किम के आप लोग प्रकृति के पक्के वाले संरक्षक हैं, ब्रांड एंबेस्डर हैं।


पीएम ने कहा, 'जिस समय जिसको जो करना था, वो किया, उसने सिक्किम को दिया। अब इसकी जिम्मेदारी हमारे ऊपर है। सिक्किम की सरकार प्रेम सिंह तमांग जी के नेतृत्व में पूरी ईमानदारी से सिक्किम की विरासत को संजोने और विकास को गति देने का काम कर रही है।'


उन्होंने कहा, 'सिक्किम और नॉर्थईस्ट हमारे लिए केवल देश का एक अहम हिस्सा ही नहीं है, बल्कि ये भारत की अष्टलक्ष्मी है। नॉर्थईस्ट हिंदुस्तान की अष्टलक्ष्मी है, इसलिए हम एक्ट ईस्ट की पॉलिसी पर तो काम कर रहे हैं, साथ ही हमने नॉर्थईस्ट के लिए एक्ट फास्ट का संकल्प भी लिया है।'


पीएम मोदी ने कहा, 'हमारे सिक्किम की बहुत बड़ी ताकत उसकी टूरिज्म इकोनॉमी है। सिक्किम का कुल क्षेत्रफल देश के कुल क्षेत्रफल का 1% से भी कम है। लेकिन, देश की 25% से भी ज्यादा फ्लोरम डाइवर्सिटी हमारे सिक्किम में मिलती है। हम सिक्किम की कनेक्टिविटी और यहां इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे ज्यादा फोकस कर रहे हैं। बीते वर्षों में यहाँ सैकड़ों किलोमीटर हाइवे का निर्माण हुआ है। गांव -गांव तक सड़कों को पहुंचाने के लिए तेजी से काम चल रहा है।'
 दुनिया में सेना पर कौन-सा देश कर रहा सेना पर सबसे ज्यादा खर्च? रिपोर्ट में खुलासा, किस नंबर पर भारत-PAK

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SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सैन्य खर्च के मामले में दुनिया में 5वें स्थान पर पहुंच गया है, जिसने 2025 में रक्षा पर 92.1 बिलियन डॉलर खर्च किए। चीन ...और पढ़ें







यह तस्वीर एआई द्वारा जनरेट की गई है


भारत सैन्य खर्च में दुनिया में 5वें स्थान पर।


SIPRI रिपोर्ट के अनुसार 2025 में 92.1 बिलियन डॉलर खर्च।


चीन-पाकिस्तान तनाव से भारत का हथियार आयात प्रभावित।

भारत इस वक्त सैन्य खर्च के मामले में दुनिया में 5वें स्थान पर पहुंच गया है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी SIPRI की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने 2025 में रक्षा पर 92.1 बिलियन डॉलर खर्च किए।


पिछले साल के मुकाबले यह 8.9 प्रतिशत ज्यादा है। यह दुनियाभर में किए जा रहे सैन्य खर्च का 3.2 फीसदी है। भारत के अलावा अमेरिका, चीन, रूस और जर्मनी ही हैं, जो अपने सैन्य खर्च पर जमकर पैसा बहा रहे हैं। गौर करने वाली बात ये है कि 2024 में भी भारत सैन्य खर्च में 5वें स्थान पर था।


भारत ने बढ़ाई हथियार खरीद

SIPRI ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत के हथियारों का आयात और खर्च करने का तरीका काफी हद तक चीन और पाकिस्तान के साथ तनाव से प्रभावित होता है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने युद्ध के लिए तैयार रहने के लिए आपातकालीन खरीद की। भारत ने भले ही अब हथियारों का आयात थोड़ा कम किया हो, लेकिन वह अभी भी दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत हथियार खरीद में रूस से पीछे हट रहा है और फ्रांस, इजरायल और अमेरिका से ज्यादा खरीद कर रहा है, लेकिन अभी भी रूस भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बना हुआ है। 1 फरवरी, 2026 को सरकार ने बजट में रक्षा के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये अलग रखे।


भारत के पड़ोसियों की बात करें तो चीन 336 बिलियन डॉलर के साथ वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है। पाकिस्तान ने भी अपना खर्च बढ़ाकर 11.9 बिलियन डॉलर कर लिया है, लेकिन अभी भी वह 31वें स्थान पर है। दुनिया की बात करें तो यूरोप का खर्च 14% बढ़कर 864 बिलियन डॉलर हो गया है। बेल्जियम, स्पेन, नॉर्वे, डेनमार्क, पोलैंड और कनाडा जैसे NATO देशों ने खर्च में भारी बढ़ोतरी की है।
 गर्मी की छुट्टियों में रेलवे का तोहफा: झारखंड-बंगाल के लिए 12 समर स्पेशल ट्रेनें, महराष्ट्र-गुजरात की यात्रा होगी सुविधाजनक

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भारतीय रेलवे ने गर्मी की छुट्टियों और त्योहारों की भीड़ को देखते हुए गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना से झारखंड और पश्चिम बंगाल के लिए 12 समर स्पेशल ट्र ...और पढ़ें






गुजरात-महाराष्ट्र-तेलंगाना से झारखंड-बंगाल के लिए 12 समर स्पेशल ट्रेनें।


गर्मी की भीड़ के लिए 12 समर स्पेशल ट्रेनें


गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना से झारखंड-बंगाल तक


आसनसोल मंडल के स्टेशनों पर रुकेंगी, यात्रियों को राहत


 रांची। गर्मी की छुट्टियों और त्योहारों की भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के यात्रियों के लिए बड़ी राहत दी है। रेलवे ने गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना से जुड़ने वाली 12 समर स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है।


मई-जून तक तमाम ट्रेनों में आरक्षण की मारामारी है। ऐसे में इन ट्रेनों का सीधा फायदा बिहार-झारखंड के यात्रियों को भी मिलेगा, क्योंकि ये आसनसोल मंडल के दुर्गापुर, आसनसोल, चित्तरंजन और मधुपुर स्टेशनों पर रुकेंगी।

रेलवे के इस फैसले से पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों से झारखंड-बंगाल की ओर जाने वाले हजारों यात्री बिना टिकट की टेंशन के सफर कर सकेंगे। पहले 10 ट्रेनों की घोषणा के बाद अब साबरमती-आसनसोल और सुल्तानपुर-डानकुनी रूट पर दो अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें भी शामिल कर दी गई हैं।


मुख्य समर स्पेशल ट्रेनें और उनके रूटभावनगर-हावड़ा स्पेशल (09531/09532): गुजरात से बंगाल तक, आसनसोल मंडल में रुकावट।
साबरमती-दुर्गापुर स्पेशल (09421/09422): वातानुकूलित कोच, दुर्गापुर-अंडाल-आसनसोल स्टॉप।
वलसाड-दुर्गापुर स्पेशल (09143/09144, 09079/09080): सामान्य, शयनयान और एसी कोच उपलब्ध।
उधना-दुर्गापुर स्पेशल (09175/09176 आदि): बहु-तिथि सेवाएं, झारखंड यात्रियों के लिए सुविधाजनक।
नांदेड़-आसनसोल स्पेशल (07701/07702): महाराष्ट्र से आसनसोल, एसी और नॉन-एसी दोनों विकल्प।
चारलापल्ली-मधुपुर स्पेशल (07580/07581 आदि): तेलंगाना से मधुपुर (झारखंड), चित्तरंजन-अंडाल-आसनसोल ठहराव।
नई घोषित ट्रेनें

साबरमती-आसनसोल स्पेशल (09435/09436): पूरी तरह वातानुकूलित, 29 अप्रैल को साबरमती से रात 10:55 बजे प्रस्थान।
सुल्तानपुर-डानकुनी स्पेशल (04250/04249): सामान्य, शयनयान और एसी कोच, 24 अप्रैल को सुल्तानपुर से सुबह 4:45 बजे।

ये सभी ट्रेनें अप्रैल के अंत और मई की शुरुआत में चलेंगी। रेलवे ने यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखकर इनकी व्यवस्था की है। आसनसोल मंडल के स्टेशनों पर रुकने से जमशेदपुर, रांची, धनबाद, जामताड़ा और आसपास के इलाकों के यात्री आसानी से इन ट्रेनों का लाभ उठा सकेंगे।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, समर स्पेशल ट्रेनें गर्मी के मौसम में नियमित ट्रेनों पर बोझ कम करेंगी और यात्रियों को आरामदायक सफर सुनिश्चित करेंगी। बुकिंग शुरू हो चुकी है, यात्री IRCTC ऐप या वेबसाइट के जरिए टिकट बुक कर सकते हैं।

यात्रियों को सलाह है कि अपनी यात्रा की पुष्टि समय से पहले कर लें क्योंकि ये ट्रेनें सीमित तिथियों पर चलेंगी। रेलवे की ओर से और ट्रेनें जोड़ने की भी संभावना है।
राज्यसभा की जंग: झारखंड में कांग्रेस ने नहीं छोड़ी एक सीट की दावेदारी, के. राजू बोले- गठबंधन दलों से करेंगे बात

राज्यसभा की जंग: झारखंड में कांग्रेस ने नहीं छोड़ी एक सीट की दावेदारी, के. राजू बोले- गठबंधन दलों से करेंगे बात

राज्यसभा की जंग: झारखंड में कांग्रेस ने नहीं छोड़ी एक सीट की दावेदारी, के. राजू बोले- गठबंधन दलों से करेंगे बात

के. राजू ने दावा किया है कि झारखंड कांग्रेस राज्यसभा की एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारेगी और इसके लिए झामुमो व राजद से बात करेगी। यह बयान ऐसे समय आया ह ...और पढ़ें







झारखंड कांग्रेस राज्यसभा की एक सीट पर कायम, के. राजू गठबंधन से करेंगे बात।

कांग्रेस राज्यसभा की एक सीट पर दावेदारी करेगी।


के. राजू झामुमो और राजद से करेंगे बातचीत।


पार्टी संगठन को मजबूत करने पर भी जोर।


 झाररखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के.राजू ने एक बार फिर दावा किया है कि राज्यसभा चुनाव के लिए एक सीट पर कांग्रेस की दावेदारी बन रही है। पार्टी राज्यसभा में एक उम्मीदवार भेजने की कोशिश करेगी।

इसके लिए शीघ्र ही झामुमो और राजद के प्रतिनिधियों से बातचीत की जाएगी। ज्ञात हो कि झारखंड में खाली हो रही दो सीटों पर झामुमो ही दावेदारी कर रहा है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी का बयान गठबंधन के लिए नए संकेत दे रहा है। राजू का यह बयान प्रदेश मुख्यालय में जिला अध्यक्षों के साथ बैठक के बाद आया है।


राजू ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अब संगठन में कोई भी नेता हवाई काम नहीं करेगा। प्रत्येक उपाध्यक्ष एक विधानसभा, महासचिव को जिले की बजाय प्रखंड की कमान मिलेगी।

सचिवों को मंडल स्तर पर तैनात किया गया है ताकि पार्टी की नीतियां घर-घर पहुंच सकें। उन्होंने बताया कि जिलास्तर पर भी चार उपाध्यक्षों की एक कोर टीम बनायी गयी है। पिछले 25 वर्षों में पार्टी के अंदर एसससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्गों से नेतृत्व पैदा करने में कमी रही है।

अब पार्टी केवल उन्हें वोट बैंक नहीं बल्कि इनके बीच से लीडर पैदा करने की कोशिश कर रही है। राजू ने जोर देकर कहा कि कार्यकर्ताओं को भी ड्राइंग रूम पालिटिक्स छोड़कर क्षेत्र में जाने के निर्देश दिए गए हैं।


बता दें कि पहले बिहार और फिर असम में झारखंड मुक्ति मोर्चा को गठबंधन में सीटें नहीं मिलने पर नाराजगी चल रही है। प्रदेश स्तर के नेताओं के बीच सांप-नेवला तक उदाहरण पेश किया जा चुका है। ऐसे में राजद और कांग्रेस के साथ राज्यसभा सीट पर सामंजस्य बनेगी या गांठ बढ़ेगी, झारखंड की राजनीति के लिए महत्पूर्ण होगा।

 पिता नहीं बन पाया युवक तो पड़ोसी को ठहराया जिम्मेदार, डायन समझकर मार डाला; दुमका में अंधविश्वास का क्रूर चेहरा

पिता नहीं बन पाया युवक तो पड़ोसी को ठहराया जिम्मेदार, डायन समझकर मार डाला; दुमका में अंधविश्वास का क्रूर चेहरा

 पिता नहीं बन पाया युवक तो पड़ोसी को ठहराया जिम्मेदार, डायन समझकर मार डाला; दुमका में अंधविश्वास का क्रूर चेहरा


दुमका में एक युवक ने पिता न बन पाने और परिवार की बर्बादी का आरोप लगाते हुए 55 वर्षीय विधवा को डायन मानकर लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। ...और पढ़ें




आरोपी को लेकर जाती पुलिस। फोटो जागरण

युवक ने विधवा को डायन मानकर हत्या की।


पिता न बन पाने का आरोप लगाया था।


पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा।


 दुमका। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के डुमरसोल गांव में सोमवार की देर शाम को पिता नहीं बन पाने से नाराज पड़ोस के युवक ने 55 साल की विधवा पक्कू हेंब्रम को डायन मान लिया और अपने ही घर में उसकी लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेने के बाद आरोपित मुंशी टुडू को गिरफ्तार कर उसे मंगलवार की सुबह जेल भी भेज दिया गया।


मुंशी की शादी 10 साल पहले हुई थी। उसका कहना है कि शादी के बाद से विधवा उसे हर बात में टोका करती थी। शादी के तीन साल बाद ही जब मुंशी पिता नहीं बन सका, तो उसकी पत्नी उसे छोड़ कर चली गई। पिछले साल उसके पिता की भी मौत हो गई। इसके लिए वह विधवा महिला को दोषी मानता था।

मुंशी को लगता था कि महिला डायन है, जिस कारण से उसका पूरा परिवार बर्बाद हो गया। महिला घर से निकलते ही टोक दिया करती थी, जिस कारण उसका कोई भी काम नहीं हो पता था।

कई बार मना करने के बाद भी महिला ने टोका-टाकी बंद नहीं की। ऐसे में मुंशी ने सोमवार की शाम तय कर लिया कि महिला को जान से मार देना है। बहाने से महिला को घर में बुलाया और लकड़ी के डंडे से पीट-पीट कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

गांव की चौकीदार से सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और भागने का प्रयास कर रहे मुंशी टुडू को धर दबोचा।

थाना प्रभारी लॉरेंसिया केरकेट्टा ने बताया कि डायन के शक में मुंशी ने वृद्धा की हत्या कर दी। हत्या में प्रयुक्त डंडा को भी बरामद कर लिया गया है। मृतका की बेटी मकलू हांसदा के बयान पर मामला दर्ज कर आरोपित को जेल भेज दिया गया है।
 पीएम मोदी की रैली से पहले बंगाल के जगद्दल में भारी हिंसा, फेंके गए देसी बम; CISF का जवान घायल

पीएम मोदी की रैली से पहले बंगाल के जगद्दल में भारी हिंसा, फेंके गए देसी बम; CISF का जवान घायल

 पीएम मोदी की रैली से पहले बंगाल के जगद्दल में भारी हिंसा, फेंके गए देसी बम; CISF का जवान घायल


पश्चिम बंगाल के जगद्दल में पीएम मोदी की रैली से पहले राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। इस दौरान देसी बम फेंके गए और गोलीबारी में एक ...और पढ़ें






डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रविवार रात जगद्दल पुलिस स्टेशन के पास तनाव उस वक्त हिंसा में बदल गया, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले विरोधी राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच जमकर झड़पें हुईं। यह घटना ऐसे समय हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस इलाके में रैली करने वाले हैं।


इस दौरान कथित तौर पर देसी बम फेंके गए और गोलीबारी की भी खबरें आईं। इसमें सीआईएसएफ का एक जवान गोली लगने से घायल हो गया और उसका इलाज भटपारा स्टेट जनरल अस्पताल में चल रहा है।
कैसे भड़की हिंसा?

रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा उम्मीदवार राजेश कुमार रात करीब 10 बजे पुलिस स्टेशन पहुंचे थे, ताकि ममता बनर्जी के नाम पर कथित तौर पर दर्ज एक मामले की कॉपी ले सकें। लगभग उसी समय तृणूल कांग्रेस पार्षद मनोज पांडे भी पार्टी समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए।

इसके तुरंत बाद भाजपा नेता अर्जुन सिंह भी पुलिस थाने पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि जैसे ही वे अपनी गाड़ी से बाहर निकले तनाव भड़क उठा और एक तीखी झड़प हुई जो जल्द ही हिंसा में बदल गई।
देसी बम फेंकने और गोलीबारी की भी खबरें

स्थानीय सूत्रों का दावा है कि कथित तौर पर पहले एक तृणूल कार्यकर्ता पर हमला किया गया था, जिसके बाद दूसरी तरफ से जवाबी कार्रवाई हुई। यह झड़प जल्द ही घोषपारा रोड तक फैल गई, जहां दोनों गुटों के बीच जबरदस्त हाथापाई हुई। इलाके में देसी बम फेंके जाने और गोलीबारी की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में दहशत और बढ़ गई है।
 मिडिल ईस्ट पर मतभेद के कारण ब्रिक्स की आम सहमति मुश्किल, भारत ने फलस्तीन के पक्ष का किया समर्थन

मिडिल ईस्ट पर मतभेद के कारण ब्रिक्स की आम सहमति मुश्किल, भारत ने फलस्तीन के पक्ष का किया समर्थन

 मिडिल ईस्ट पर मतभेद के कारण ब्रिक्स की आम सहमति मुश्किल, भारत ने फलस्तीन के पक्ष का किया समर्थन


ब्रिक्स की मिडिल-ईस्ट बैठक में सदस्य देशों के मतभेदों के कारण आम सहमति नहीं बन पाई, जिससे कोई संयुक्त बयान जारी नहीं हो सका। ...और पढ़ें




 पिछले हफ्ते मिडिल-ईस्ट पर हुई ब्रिक्स (BRICS) की बैठक में कोई आम सहमति वाला दस्तावेज तैयार नहीं हो सका, क्योंकि इस संघर्ष में शामिल सदस्य देशों के रुख में काफी मतभेद थे।

भारतीय अधिकारियों के अनुसार, बाकी सभी देशों द्वारा इन मतभेदों को दूर करने की कोशिशें कामयाब नहीं हो सकीं। इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है और वह अगले महीने विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। इसके बाद इसी साल के अंत में शिखर सम्मेलन होगा।

मिडिल-ईस्ट में संघर्ष को लेकर जताई चिंता

आम सहमति न बन पाने के कारण पिछले हफ्ते विदेश मंत्रियों और विशेष दूतों की बैठक में कोई संयुक्त बयान जारी नहीं हो सका। इसके बजाय 'अध्यक्ष का बयान' जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि सदस्य देशों ने मिडिल-ईस्ट में हाल ही में हुए संघर्ष पर गहरी चिंता जताई और इस मामले पर अपने विचार और आकलन पेश किए।

चर्चाओं में फलस्तीन का मुद्दा और गाजा की स्थिति शामिल थी, जिसमें मानवीय सहायता पहुंचाना, UNRWA की भूमिका, आतंकवाद के प्रति 'जीरो-टॉलरेंस' का रवैया अपनाना और लेबनान में हुए संघर्ष-विराम का स्वागत करना शामिल था।
आम सहमति न बनने का क्या रहा कारण?

जहां एक ओर ईरान, अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ब्रिक्स देशों की एकजुटता चाहता रहा है और भारत से आम सहमति बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह करता रहा है। वहीं दूसरी ओर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब की मौजूदगी के कारण कोई संयुक्त बयान जारी नहीं हो सका।

सरकारी सूत्रों ने फलस्तीन मुद्दे पर भारत के रुख में किसी भी तरह की नरमी आने की बात को भी खारिज कर दिया और दोहराया कि भारत 'दो-राष्ट्र समाधान' (2-state solution) के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
फलस्तीन मुद्दे पर भारत का रुख

एक सूत्र ने कहा, "फलस्तीन मुद्दे पर भारत ने अभी हाल ही में 26 जनवरी को अरब लीग (जिसमें फलस्तीन भी शामिल है) के साथ एक साझा सहमति वाला रुख अपनाया था। भारत 'दो-राष्ट्र समाधान' के अपने समर्थन को लेकर हमेशा से स्पष्ट रहा है।"


सूत्र ने आगे बताया कि ब्रिक्स समूह के कई देशों ने 'शर्म अल-शेख शांति शिखर सम्मेलन' और UNSC के प्रस्ताव 2803 का समर्थन किया था। इस प्रस्ताव में गाजा में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक व्यापक 20-सूत्रीय शांति योजना का अनुमोदन किया गया था, जिसमें 'शांति बोर्ड' की स्थापना का प्रस्ताव भी शामिल था।


सरकारी सूत्रों के अनुसार, पिछले एक साल में ये कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रम रहे हैं। गाजा में संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत ने अब तक लगभग 70 मीट्रिक टन मानवीय सहायता प्रदान की है, जिसमें दो चरणों में भेजी गई 16.5 मीट्रिक टन दवाएं और चिकित्सा सामग्री शामिल है।


इसने पिछले साल 5 मिलियन डॉलर जारी किए थे और इस साल भी 'संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी' (UNRWA) को, 5 मिलियन डॉलर की राशि दी है। हाल ही में अक्टूबर और नवंबर 2024 में UNRWA और फलस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय को 65 टन दवाएं भी भेजी गई थीं।


भारतीय अधिकारियों के अनुसार, फलस्तीन के प्रति भारत की नीति लंबे समय से चली आ रही है। इस नीति में बातचीत के जरिए 'दो-राष्ट्र समाधान' का समर्थन करना और सुरक्षित व मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर एक संप्रभु, स्वतंत्र और सक्षम फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना का समर्थन करना शामिल है। एक ऐसा राष्ट्र जो इजरायल के साथ शांतिपूर्वक कंधे से कंधा मिलाकर रहे। भारत संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीन की सदस्यता का भी समर्थन करता है।