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 मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं का हो रहा है निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं का हो रहा है निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं का हो रहा है निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

फिरोजिया ट्रॉफी विजेताओं के लिये अतिरिक्त पुरस्कार की घोषणा की
फिरोजिया ट्रॉफी का फाइनल मैच देखा, खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। शासन का प्रयास है कि खिलाड़ियों को हर स्तर पर आधुनिक खेल संरचना, प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों। शासन के इन प्रयासों से मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाएं विश्व स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उज्जैन में भी विभिन्न खेल मैदानों में खेल व्यवस्थाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उज्जैन के क्षीर सागर मैदान को भी नगर निगम और खेल विभाग द्वारा विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को देर रात उज्जैन में फिरोजिया ट्रॉफी का फाइनल मैच देखा और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस अवसर पर फिरोजिया ट्रॉफी की विजेता टीम को रुपए 1 लाख और उप विजेता टीम को 51 हजार रुपए के अतिरिक्त नगद पुरस्कार की घोषणा भी की।

फिरोजिया ट्रॉफी का आयोजन 12 अप्रैल से 19 अप्रैल तक उज्जैन के क्षीर सागर मैदान पर किया गया। फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच रोमांचक संघर्ष देखने को मिला, जिससे दर्शक अंत तक मैच का आनंद लेते रहे। सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का फिरोजिया ट्रॉफी में प्रत्येक वर्ष पधारने और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने पर आभार व्यक्त किया।

फिरोजिया ट्रॉफी सांसद श्री अनिल फिरोजिया के पिता स्व. भूरेलाल फिरोजिया की स्मृति में विगत 21 वर्षों से हर वर्ष आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार रुपए 5 लाख 51 हजार है और द्वितीय पुरस्कार 2 लाख 51 हजार रुपये है। प्रतियोगिता में इस वर्ष नारी शक्ति वंदन की भावना को साकार करते हुए महिला क्रिकेट मैच और मातृशक्ति सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री रवि सोलंकी और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।

  4.19 लाख से अधिक जांच, 4272 मरीजों को मिला विशेषज्ञ उपचार - मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से सुदूर अंचलों तक पहुंच रही सशक्त स्वास्थ्य सेवाएं

4.19 लाख से अधिक जांच, 4272 मरीजों को मिला विशेषज्ञ उपचार - मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से सुदूर अंचलों तक पहुंच रही सशक्त स्वास्थ्य सेवाएं

  4.19 लाख से अधिक जांच, 4272 मरीजों को मिला विशेषज्ञ उपचार - मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से सुदूर अंचलों तक पहुंच रही सशक्त स्वास्थ्य सेवाएं

4.19 लाख से अधिक जांच, 4272 मरीजों को मिला विशेषज्ञ उपचार - मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से सुदूर अंचलों तक पहुंच रही सशक्त स्वास्थ्य सेवाएं

गांव-गांव पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं दे रहीं टीमें, मरीजों को मिल रहा बेहतर उपचार

गांव-गांव पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं दे रहीं टीमें, मरीजों को मिल रहा बेहतर उपचार

गांव-गांव पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं दे रहीं टीमें, मरीजों को मिल रहा बेहतर उपचार

बस्तर संभाग के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने की दिशा में संचालित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान सकारात्मक परिणामों के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा गांव-गांव पहुंचकर अब तक 4,19,898 से अधिक नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण (स्क्रीनिंग) किया जा चुका है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

अभियान के दौरान चिन्हित मरीजों को तत्काल निःशुल्क जांच, दवा एवं उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही गंभीर एवं जटिल मामलों में प्रभावी रेफरल व्यवस्था के माध्यम से अब तक 4,272 मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर कर विशेषज्ञ उपचार सुनिश्चित किया गया है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों एवं सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित कर एक सुदृढ़ स्वास्थ्य तंत्र विकसित किया गया है। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स एवं नियमित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से विशेष रूप से पहुंचविहीन क्षेत्रों तक सेवाएं प्रभावी रूप से पहुंचाई जा रही हैं।

अभियान के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक का डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल (आभा) तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो सके। साथ ही, यह पहल रोगों की समय पर पहचान और प्रभावी उपचार में भी सहायक सिद्ध हो रही है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत लगातार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचे और शत-प्रतिशत स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। चिन्हित मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के साथ बेहतर स्वास्थ्य परिणाम हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। यह अभियान बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाला साबित हो रहा है।”

राज्य शासन की प्रतिबद्धता और स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों से अभियान को निरंतर बेहतर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं , जो बस्तर के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि मंत्री के निवास पर पहुंचकर वर-वधू को दिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि मंत्री के निवास पर पहुंचकर वर-वधू को दिया आशीर्वाद

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि मंत्री के निवास पर पहुंचकर वर-वधू को दिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुरैना में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना के निवास पहुंचकर उनकी नातिनी आयुष्मति दीपिका (पुत्री स्वर्गीय श्री भूरा सिंह कंषाना) एवं आयुष्मान यतेन्द्र (पुत्र श्री राव राजेश्वर सिंह, निवासी सिरसौद दयेली, ग्वालियर) को विवाह अवसर पर आशीर्वाद प्रदान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवदंपति को शुभाशीष देते हुए उन्हें उपहार भी भेंट किए और उनके सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की।

इस अवसर पर वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, सांसद श्री शिव मंगल सिंह तोमर, महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी सहित जनप्रतिनिधि एवं परिजन उपस्थित थे।

 शहरों में पेयजल आपूर्ति, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सख्त

शहरों में पेयजल आपूर्ति, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सख्त

 शहरों में पेयजल आपूर्ति, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सख्त

शहरों में पेयजल आपूर्ति, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सख्त

अगले एक वर्ष में पेयजल समस्याओं के स्थायी समाधान के निर्देश, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर कड़ाई बरतने को कहा

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दिनभर चली बैठक में नगर निगमों और नगरपालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की

31 मई तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के निर्देश, बरसात में जल भराव रोकने जरूरी कदम उठाने कहा

धमतरी में पेयजल योजना में लेटलतीफी पर कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने कहा, ठेकेदार पर लगेगी पेनाल्टी

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दिनभर चली बैठक में नगर निगमों और नगरपालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दिनभर चली बैठक में नगर निगमों और नगरपालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दिनभर चली बैठक में नगर निगमों और नगरपालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में दिनभर चली बैठक में शहरों में पेयजल आपूर्ति की समस्याओं, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर नाराजगी जाहिर करते हुए इनके निराकरण के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने धमतरी में पेयजल योजना के काम में लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने तथा ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। 

नगर निगमों और नगर पालिकाओं की आज दो अलग-अलग हुई समीक्षा बैठकों में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता एवं नगरीय प्रशासन विभाग के पांचों संभागीय क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी बैठक में मौजूद थे। 

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में नगर निगमों और नगर पालिकाओं के अधिकारियों को शहरों की जरूरत के मुताबिक कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों की व्यवस्था और छवि सुधारने सक्रियता व गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि नगर निगम ऐसा काम करें जिससे राज्य की नगर पालिकाएं प्रेरणा ले सकें और नगर पालिका इस तरह से काम करें जिनसे नगर पंचायतें प्रेरित हो सकें। उन्होंने निकायों के अभियंताओं से कहा कि काम की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें नहीं आना चाहिए। सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों, इस पर विशेष ध्यान दें।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने पेयजल आपूर्ति की लगातार आ रही शिकायतों पर नाखुशी और नाराजगी जाहिर करते हुए अगले वर्ष तक सभी नगर निगमों में इसके स्थाई समाधान के  निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों में केवल बजट खर्च करने के उद्देश्य से काम न करें, बल्कि समस्याओं का स्थाई समाधान करें। पेयजल समस्या की शिकायतों पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगामी 31 मई तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने को कहा। जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम नगर निगमों में इसका भौतिक निरीक्षण करेंगी। कार्य संतोषजनक न मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर पर कार्रवाई की जाएगी। 

श्री साव ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अपूर्ण आवासों को सितम्बर-2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अप्रारंभ आवासों के निर्माण एक माह के भीतर हर हाल में शुरू करने के साथ ही मार्च-2026 में स्वीकृत सभी आवासों को वर्षा ऋतु के पहले प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत निर्धारित 18 माह की अवधि में निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों के प्रस्ताव अविलंब विभाग को भेजने के निर्देश दिए, ताकि ऐसे हितग्राहियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना की 32 हजार 850 रुपए की अतिरिक्त राशि प्रदान की जा सके।

श्री साव ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स को दिलाने बैंकों से बात कर ऋण स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरों में भूजल को रिचार्ज करने के लिए डीएमएफ, सीएसआर और जन सहयोग से अधिक से अधिक संख्या में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्य कराने को कहा। श्री साव ने शहरों को सुंदर, स्वच्छ और सुविधापूर्ण बनाने के मिशन में वर्तमान समय की जरूरतों और तकनीकों के साथ नई कार्य पद्धति अपनाने के निर्देश निकायों के अधिकारियों को दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उप सचिव श्री भागवत जायसवाल, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।

इन कार्यों और योजनाओं की हुई समीक्षा

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज दो सत्रों में मैराथन बैठकों में नगरीय निकायों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा की। वे 21 अप्रैल को दिनभर नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।

 प्रकृति और स्थानीय जीवन के कल्याण प्रयासों में ही सेवा की सार्थकता : राज्यपाल श्री पटेल

प्रकृति और स्थानीय जीवन के कल्याण प्रयासों में ही सेवा की सार्थकता : राज्यपाल श्री पटेल

 प्रकृति और स्थानीय जीवन के कल्याण प्रयासों में ही सेवा की सार्थकता : राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल से भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले लोकभवन में

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारतीय वन सेवा, महज प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि मानवता, प्रकृति, वन्य जीव, सांस्कृतिक धरोहर और भावी पीढ़ियों के प्रति भी एक उत्तरदायित्व है। आप सभी सौभाग्यशाली है, जिन्हें जीवन भर प्रकृति की गोद में रहकर उसके संरक्षण और संवर्धन का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारी, वन कानूनों और जनजातीय कल्याण के प्रावधानों का गहनता से अध्ययन करें, उन्हें समझे और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप लागू करें। प्रशिक्षण की सीख को प्रकृति, वन, वन्य जीव और स्थानीय जन जीवन की बेहतरी में उपयोग करें। उनके कल्याण प्रयासों में ही आपकी सेवा की सार्थकता है। यह याद रखें कि आपका आत्मीय व्यवहार, वंचितों के प्रति समानुभूति और संवेदनशीलता ही आपकी सफलता का अंतिम पैमाना होगी। राज्यपाल श्री पटेल सोमवार को भारतीय वन सेवा के 2024-26 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों के सौजन्य भेंट कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को अखिल भारतीय सेवा में चयन की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। लोकभवन के बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे।

पर्यावरण संरक्षण के लिए सोच, संकल्प और सेवा भाव जरूरी

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्राकृतिक असंतुलन, पर्यावरणीय चुनौतियों आदि के कारण वन एवं वन्य जीवन के संकट का समाधान अत्यंत जरूरी है। वन अधिकारी के रूप में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन आपका प्राथमिक दायित्व है। इसके लिए आपकी सोच, संकल्प और सेवा का भाव सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के साथ हमेशा आत्मीय, सरल और सहज व्यवहार करें। अपने अच्छे व्यवहार और सहयोग से उनका विश्वास जीते। वनों की अवैधानिक कटाई, शिकार आदि समस्याओं के समाधान में स्थानीय लोगों का सहयोग प्राप्त करें। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की “एक पेड़-माँ के नाम” अभियान की चर्चा की। इसे स्थानीय सहभागिता से प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन की सराहनीय पहल बताया।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहाँ की वन भूमि प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर होने के साथ हमारी गौरवशाली सभ्यता, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी संजोए हुए हैं। प्रदेश में विस्तृत और विश्व प्रसिद्ध वन, अनेक राष्ट्रीय उद्यान, अभ्यारण्य है। मध्यप्रदेश बाघ, चीतल, तेंदुआ, गिद्ध, घड़ियाल और चीता स्टेट के रूप में प्रसिद्ध है। राज्य में गैंडा, हाथी आदि वन्य जीवों के पुनर्वास के अभूतपूर्व प्रयास भी चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग के वैज्ञानिक प्रबंधन प्रयासों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश आज वन-वन्य जीव प्रबंधन में अग्रणी राज्य है।

सतत्-समावेशी विकास और संरक्षण, आपकी जिम्मेदारी

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि देश में जनजातीय आबादी और वनों में मध्यप्रदेश प्रथम है। यहाँ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सतत्-समावेशी विकास और संरक्षण के द्वारा और अधिक समृद्ध बनाना आपकी जिम्मेदारी है। जनजातीय संस्कृति, परंपराओं, विश्वास, मान्यताओं और मौलिकता के प्रति सम्मान के भाव के साथ कार्य करना, आपका नैतिक और संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय के प्राकृतिक और संवैधानिक अधिकारों के रक्षक के रूप में उनके सशक्तिकरण और कल्याण में आपकी भूमिका बहुत प्रभावी है। अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन, घटते वन क्षेत्र, जैव विविधता के संकटों के समाधान में करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आउट ऑफ बॉक्स थिंकिंग के साथ वन, वन्य जीवों और स्थानीय लोगों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य करें। जनजातीय समुदाय की प्रकृति आधारित जीवन शैली, जड़ी-बूटियों के ज्ञान और कला की मौलिकता से आधुनिक जगत को परिचित कराएं। उनके लिए सतत आजीविका के प्रयासों में सहयोग करें।

ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का महत्व बताएं

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जब भी मैदानी भ्रमण पर जाएं तो स्थानीय लोगों से उनके बच्चों की शिक्षा की जानकारी जरूर लें। उन्हें शिक्षा का महत्व बताएं। अभिभावकों और बच्चों के साथ शिक्षा से जीवन में होने वाले बदलावों के संबंध में प्रेरक संवाद करें। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की नई पीढ़ी को शिक्षा, कौशल उन्नयन तथा स्वास्थ्य और आजीविका की कल्याणकारी योजनाओं, कानूनों और प्रावधानों का लाभ लेने प्रेरित और प्रोत्साहित करें।

राज्यपाल श्री पटेल का प्रमुख सचिव वन श्री संदीप यादव ने पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। उनका श्री यादव और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल श्री पटेल ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। स्वागत उद्बोधन प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एच.आर.डी.) डॉ. बी.एस अन्निगेरी ने दिया। प्रशिक्षु अधिकारी सुश्री सौम्या ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। उप वन संरक्षक श्री मयंक सिंह गुर्जर ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री शुभरंजन सेन, वन विभाग-लोकभवन के अधिकारी और प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित रहे।