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 पक्के घर ने बदला जीवन, बढ़ाया मान-सम्मान

पक्के घर ने बदला जीवन, बढ़ाया मान-सम्मान

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सोनवाही की फूलबतिया बाई बैगा

वनांचल गांव सोनवाही की फूलबतिया बाई बैगा को प्रधानमंत्री जनमन आवास से मिला सपनों का आशियाना

जिला मुख्यालय कबीरधाम से 70 किलो मीटर की दूरी पर बसे वनांचल गांव सोनवाही ग्राम पंचायत झलमला विकासखंड बोड़ला की रहने वाली श्रीमती फूलबतिया बाई बैगा के लिये हर मानसून डर और असुरक्षा लेकर आता था। कच्ची मिट्टी की दीवारें, दरकती खपरैल की छत और टपकता बरसात का पानी यह सब उनके लिए घर कम हर पल की चिंता ज्यादा थी। लेकिन अब यह डर अतीत बन चुका है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से फूलबतिया बाई बैगा का वर्षों पुराना सपना आखिरकार अब साकार हो ही गया क्योंकि उनके परिवार को अपना सुरक्षित पक्का आवास मिल गया है।
श्रीमती फूलबतिया बाई बैगा बताती है कि सीमित आय और संसाधनो की कमी के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए असंभव था। सभी मौसमों में परेशानियां तो बनी रहती थी लेकिन बरसात ज्यादा कष्टकारी होता था। इतने दूर दराज जगह में रहने के कारण लगता था कि सरकारी मदद हम तक कभी नहीं पहुंचेगी। लेकिन प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के सर्वे में जब नाम आया तो पहली बार महसूस हुआ कि सरकार हम तक पहुँच रही है।आज फूलबतिया बाई बैगा एक मजबूत छत के नीचे सुकून से रहे रहीं है। वे भावुक होकर आगे कहती है कि अब न धूप का डर है और न बारिश का। यह घर सिर्फ रहने की जगह नहीं है बल्कि समाज में सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की नींव है।आवास के साथ रोजगार गारंटी में जाॅब कार्ड पंजीबद्ध होने के कारण स्वंय के आवास निर्माण में 95 दिवस का काम और उसका मजदूरी भुगतान के साथ भूमि सुधार कार्य, स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड तथा अन्य सरकारी योजना का लाभ पाकर सुविधाओं का विस्तार हुआ है।

योजना का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे यही हमारी प्राथमिकता-कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा

बोड़ला जैसे वनांचल और कठिन भौगोलिक क्षेत्र में निर्माण सामाग्री पहुंचाना और कार्यो को पूरा करना आसान नहीं है। लेकिन जिला प्रशासन ने सभी चुनौतियां को पार किया और सुनिश्चित किया गया कि दूरी एवं दुर्गमता निर्माण कार्य और गुणवत्ता में बाधा न बने। योजना की पारदर्शी प्रक्रिया के तहत आवास निर्माण की स्वीकृत राशि 2 लाख प्रगति के आधार पर सीधें हितग्राही के बैंक खाता में ऑनलाइन डी.बी.टी. के माध्यम से पहुंची जिससे फूलबतिया बाई बैगा ने स्वंय अपनी निगरानी में अपने पक्के आवास का निर्माण कराया है।

अब तक 4200 से अधिक बैगा परिवारों को मिला अपना पक्का आवास- प्रभारी सीईओ श्री विनय पोयाम

प्रभारी जिला पंचायत सीईओं श्री विनय कुमार पोयाम ने बताया की प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत जिले में 9625 आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति के विरूद्ध 9206 हितग्राहियों को प्रथम किश्त, 7485 हितग्राहियों को द्वितीय किश्त, 5107 हितग्राहियों को तृतीय किश्त एवं 2594 हितग्राहियों को चतुर्थ किश्त की राशि प्रदाय की जा चुकी है।अभी तक 4210 पक्के और सुन्दर आवास पूरे हो चुके है और इसमें बैगा समुदाय के लोग अपने परिवार के साथ खुशियों भरा जीवन व्यतित कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय को शासन की कल्याणकारी योजना से लाभांवित होकर समाज में सम्मानपुर्वक रहने का अवसर मिला है। फूलबतिया बाई बैगा का पक्का आवास इस बात का प्रतीक है कि सरकार की योजनाएं अब कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक पहुंच कर जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही है। सोनवाही जैस गांव में खड़ा यह पक्का घर न केवल एक परिवार के सपनों की कहानी है बल्कि कबीरधाम जिले के विकासखंड बोड़ला में विकास, विश्वास और आत्मसमान की नई मिसाल है।

धान से गेंदा फूल तक का सफर- बरगांव के देवानंद निषाद ने एक एकड़ में कमाए ढाई लाख

धान से गेंदा फूल तक का सफर- बरगांव के देवानंद निषाद ने एक एकड़ में कमाए ढाई लाख

 धान से गेंदा फूल तक का सफर- बरगांव के देवानंद निषाद ने एक एकड़ में कमाए ढाई लाख

धान से गेंदा फूल तक का सफर- बरगांव के देवानंद निषाद ने एक एकड़ में कमाए ढाई लाख

गांव बना फूलों की खेती का केंद्र

गेंदा की खेती से किसानों को कम लागत, कम समय (लगभग 60 दिन में फसल तैयार) और ज्यादा मुनाफे का लाभ मिलता है, क्योंकि इसकी मांग धार्मिक व सामाजिक कार्यों में हमेशा रहती है। यह अन्य फसलों के लिए प्राकृतिक कीटनाशक का काम करती है और मिट्टी की सेहत सुधारती है, जिससे मुख्य फसल भी कीटों से बचती है और एक एकड़ से एक रूपए लाख तक का शुद्ध मुनाफा कमाया जा सकता है।

          जीवनदायिनी महानदी के किनारे बसे ग्राम बरगांव के प्रगतिशील किसान देवानंद निषाद ने पारंपरिक धान की खेती छोड़कर गेंदा उत्पादन में ऐसी सफलता हासिल की है कि अब पूरा गांव रबी में फूलों की खेती की ओर कदम बढ़ा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना का लाभ लेते हुए श्री देवानंद पिछले दो वर्षों से गेंदा की खेती कर रहे हैं और एक एकड़ में लगभग 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं।

     श्री देवानंद बताते हैं कि पहले वे रबी में धान लगाते थे, जिससे प्रति एकड़ लगभग 20 क्विंटल उत्पादन होता था। 15 हजार रुपये की लागत पर उन्हें करीब 35 हजार रुपये का लाभ मिलता था। लेकिन गेंदा की खेती ने उनकी आमदनी की तस्वीर बदल दी। लगभग एक एकड़ सिंचित भूमि में 50 हजार रुपये की लागत से उन्होंने 3750 किलोग्राम फूल का उत्पादन लिया, जिसे औसतन 80 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचकर वर्ष भर में करीब 3 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई।

      श्री देवानंद प्रतिदिन 60 से 70 किलो ताजा गेंदा फूल रायगढ़ के फूल बाजार में बेचने ले जाते हैं। उद्यानिकी विभाग से उन्हें राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत गेंदा के पौधे निःशुल्क मिले तथा समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी मिलता रहा, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हुई। श्री देवानंद की इस उल्लेखनीय सफलता से प्रेरित होकर अब ग्राम बरगांव के अन्य किसान भी रबी सीजन में धान के स्थान पर गेंदा फूल की खेती अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। गांव में फूलों की खेती नई आर्थिक क्रांति का रूप लेती दिखाई दे रही है।

 टमाटर की बेहतरीन फसल से किसान त्रवेंद्र साहू की बदली किस्मत

टमाटर की बेहतरीन फसल से किसान त्रवेंद्र साहू की बदली किस्मत

 टमाटर की बेहतरीन फसल से किसान त्रवेंद्र साहू की बदली किस्मत

 टमाटर की बेहतरीन फसल से किसान त्रवेंद्र साहू की बदली किस्मत

टमाटर की खेती से मिला भरपूर फायदा

यहां का टमाटर नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों तक जा रहा

 टमाटर की बेहतरीन फसल से किसान त्रवेंद्र साहू की बदली किस्मत

टमाटर की खेती किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है, जिससे उन्हें कम लागत में अच्छा मुनाफा (लाखों में) मिल रहा है, क्योंकि इसकी बाजार में साल भर मांग रहती है और आधुनिक तकनीक (जैसे मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई) से पैदावार भी बंपर होती है, जिससे धान जैसी पारंपरिक फसलों की तुलना में किसानों की आय में काफी वृद्धि हुई है और वे आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं, साथ ही सेहत के लिए भी यह सब्जी कई बीमारियों में लाभकारी है। 
         किसान श्री त्रवेंद्र साहू ने बताया कि अधिक मात्रा में टमाटर का उत्पादन होने पर नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों तथा राजनांदगांव एवं लोकल मार्केट में बिक्री के लिए भेज रहे हैं। अब तक 1000 कैरेट टमाटर की बिक्री कर चुके हैं। उन्होंने पूरी वेरायटी का टमाटर लगाया है। टमाटर की बहुत डिमांड रही और बहुत अच्छी कीमत मिली। अभी भी टमाटर की तोड़ाई का कार्य जारी है। मार्च तक पर्याप्त टमाटर मिल जाएंगे। उन्होंने कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं से प्रेरित होकर धान के बदले टमाटर की फसल लेने से बहुत फायदा हुआ है। किसान कब खेती-किसानी के लिए नवीन तकनीक का उपयोग कर रहे हैं, जिससे कार्य में आसानी हुई है।
         धान के बदले उद्यानिकी फसल लेने तथा टमाटर की बेहतरीन फसल होने से किसान श्री त्रवेंद्र साहू की किस्मत बदल गई है। राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के ग्राम लाममेटा के किसान श्री त्रवेंद्र साहू को शासन की राष्ट्रीय बागवानी मिशन से लगभग 2 लाख 50 हजार रूपए का अनुदान मिला। जिससे उन्होंने धान की फसल के बदले 1.5 एकड़ में मल्चिंग पद्धति से टमाटर की खेती की। प्राप्त राशि से उन्हें मदद मिली और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से ड्रिप, टमाटर के पौधे, खाद, दवाई पर व्यय किए। इस वर्ष टमाटर की बम्पर पैदावार होने से उन्हें बहुत फायदा हुआ। किसान श्री त्रवेंद्र साहू ने बताया कि उन्होंने अब तक लगभग 10 लाख रूपए के टमाटर की बिक्री की है, जिसमें उन्हें लगभग 7 लाख रूपए का शुद्ध मुनाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि धान के बदले टमाटर की खेती उनके लिए बहुत फायदेमंद रही है। शासन की योजनाओं से लाभ मिलने से वे आर्थिक दृष्टिकोण से समृद्ध हुए हैं। सरकार द्वारा सब्जी एवं अन्य फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहन एवं सहायता राशि दी जा रही है।

 कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव और सामूहिक आनंद का उत्सव है: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव और सामूहिक आनंद का उत्सव है: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव और सामूहिक आनंद का उत्सव है: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव और सामूहिक आनंद का उत्सव है: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

कर्मा महोत्सव में लोक कलाकारों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां नगर पंचायत भटगांव के विकास के लिए 
एक करोड़ रुपए की घोषणा

सूरजपुर जिले को दी 172.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

कर्मा महोत्सव में लोक कलाकारों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां नगर पंचायत भटगांव के विकास के लिए  एक करोड़ रुपए की घोषणा

कर्मा महोत्सव को छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। ऐसे आयोजन लोक पर्वों को सहेजने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव, आपसी भाईचारा और सामूहिक आनंद का उत्सव है। उक्त आशय के विचार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले के चुनगुड़ी में आयोजित कर्मा महोत्सव में व्यक्त किए। 

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 172.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने चुनगुड़ी के स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने तथा नगर पंचायत भटगांव के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की घोषणा की। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने भी सम्बोधित किया।

परंपरा, संस्कृति और उल्लास से परिपूर्ण कर्मा महोत्सव में मांदर की थाप और घुंघरुओं की झंकार के बीच पूरा क्षेत्र कर्मा नृत्य की लय में थिरक उठा। सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया एवं मनेंद्रगढ़ जिलों से आए 33 कर्मा दलों के लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में कर्मा नृत्य प्रस्तुत कर सबको लोक संस्कृति के रंगों से भर दिया। 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगायी गई प्रदर्शनी के स्टॉलों का निरीक्षण कर नाव-जाल एवं आइस बॉक्स, आयुष्मान कार्ड, छत्तीसगढ़ महिला कोष से ऋण वितरण और महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित छह रेडी-टू-ईट ईकाइयों का शुभारंभ किया और पोषण वितरण कार्य से जुड़ी महिलाओं को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इसके अलावा महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मुद्रा लोन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत बीमा क्लेम तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत खुशियों की चाबी प्रदान की।

कार्यक्रम में विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री राम सेवक पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजलाल रजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि सहित समस्त जिलास्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। 

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के घर पहुँचकर जाना ज़मीनी अनुभव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के घर पहुँचकर जाना ज़मीनी अनुभव

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के घर पहुँचकर जाना ज़मीनी अनुभव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के घर पहुँचकर जाना ज़मीनी अनुभव

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के घर पहुँचकर जाना ज़मीनी अनुभव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के घर पहुँचकर जाना ज़मीनी अनुभव

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्री कालीचरण के निवास पर पहुँचकर उनके पक्के आवास का निरीक्षण किया और परिवारजनों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री का अपने घर पर आगमन पाकर हितग्राही एवं उनके परिजन भावविभोर दिखाई दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सहज और स्नेहपूर्ण वातावरण में परिवार से बातचीत करते हुए उनकी दिनचर्या, आवश्यकताओं और आवास मिलने के बाद जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बातचीत के दौरान हितग्राही कालीचरण से आवास प्राप्ति से पूर्व उनके जीवन के अनुभवों को भी जाना। उन्होंने पहले कच्चे मकान में रहने के दौरान आने वाली कठिनाइयों, बरसात और मौसम की मार, सुरक्षा की चिंता तथा सामाजिक असहजता के बारे में विस्तार से सुना। हितग्राही ने बताया कि पक्का आवास मिलने से न केवल उनका जीवन सुरक्षित हुआ है, बल्कि आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का मूल उद्देश्य यही है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार आवास जैसी बुनियादी आवश्यकता से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पक्का घर केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि वह परिवार के लिए सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन की नींव होता है। सरकार की प्राथमिकता है कि गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “सबके लिए आवास” के संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ ज़मीन पर उतार रही है। उन्होंने बताया कि आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और पात्रता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि सही हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुँचे। सरकार निरंतर यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र परिवार छूटे नहीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हितग्राही परिवार को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उनके प्रभाव को लोगों के जीवन में प्रत्यक्ष रूप से देखना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता, ईमानदारी और तत्परता बनाए रखें, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँच सके।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर सिस्टम का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर सिस्टम का किया निरीक्षण

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर सिस्टम का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर सिस्टम का किया निरीक्षण

पीएम सूर्यघर योजना से रोशन हुआ घर, घटा बिजली बिल


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर विकासखंड के सरना पारा, पर्री निवासी श्रीमती राजकुमारी द्विवेदी के निवास पर पहुँचकर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर सिस्टम का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने घर की छत पर लगाए गए सोलर पैनल  एवं उससे जुड़ी तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी ली और योजना के ज़मीनी क्रियान्वयन को नज़दीक से देखा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती द्विवेदी एवं उनके परिवारजनों से आत्मीय बातचीत की और योजना से प्राप्त हो रहे लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। परिवारजनों ने बताया कि सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद बिजली की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित हुई है और घरेलू बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे आर्थिक राहत मिली है।

मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली बिल में हो रही बचत, दैनिक उपयोग में सुविधा तथा ऊर्जा आत्मनिर्भरता के अनुभवों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह योजना आम नागरिकों को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराना है। यह योजना बिजली पर निर्भरता को कम करने के साथ-साथ हरित ऊर्जा की दिशा में देश और राज्य को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ें और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को बिना किसी कठिनाई के इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत के विज़न को ज़मीन पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।