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गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

40 साल पुराने रासायनिक कचरे का हुआ निष्पादन, यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का होगा विकास
परिसर की वायु पूर्ण स्वच्छ, मुख्यमंत्री ने बिना मास्क पहने किया मुआयना
यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में बनाएंगे भोपाल गैस त्रासदी स्मारक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 2 और 3 दिसम्बर 1984 की दरमियानी रात भोपाल में मिथाइल आइसोसायनाइट (एमआईसी) गैस का रिसाव एक भीषण दुर्घटना थी। घटना में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए। करीब 40 साल तक रासायनिक कचरा यहां पड़ा रहा। हमारी सरकार ने माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में बिना किसी पर्यावरण नुकसान और मानव हानि के यहां के रासायनिक कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हम समाज के सभी वर्गों एवं प्रभावित पक्षों को विश्वास में लेकर यूनियन कार्बाइड परिसर का विकास करेंगे और माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में अब स्वच्छ हो चुके इस परिसर में भोपाल गैस त्रासदी में दिवंगत व्यक्तियों की स्मृति में एक स्मारक' बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है। प्रभावितों के कल्याण में हम कोई कमी नहीं रखेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को भोपाल के आरिफ नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का गहनता से निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों से इस परिसर में स्मारक निर्माण के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना, संचालक गैस राहत श्री स्वतंत्र कुमार सिंह, निगमायुक्त श्रीमती संस्कृति जैन और गैस त्रासदी राहत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

फैक्ट्री परिसर के समुचित विकास के लिए करेंगे सभी जरूरी प्रबंध

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड फैक्ट्री परिसर में पड़े रासायनिक कचरे का माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में समुचित निष्पादन किया जा चुका है। अब हम भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया के निर्माण के साथ इस परिसर के भी समुचित विकास के लिए सभी जरूरी प्रबंध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में बिना किसी सेफ्टी मास्क के गए और फैक्ट्री के कोर एरिया का बारीकी से मुआयना किया।

निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने से जहरीली गैस का रिसाव मध्यप्रदेश की ही नहीं, देश की सबसे भीषण गैस त्रासदी थी। वर्ष 1984 में 2 और 3 दिसंबर की रात इस फैक्ट्री से गैस के दुष्प्रभाव के कारण भोपाल ने मौत का जो मंज़र देखा, वह हमारी स्मृतियों से कभी हटेगा नहीं। गैस त्रासदी के बाद तत्कालीन सरकार ने इस क्षेत्र को लावारिस छोड़कर बड़ी लापरवाही की। उन्होंने फैक्ट्री में फैले जहरीले कचरे को हटाने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया और इस भीषण त्रासदी के बाद फैक्ट्री को बंद कर दिया गया। तत्कालीन सरकार के जिम्मेदारों ने फैक्ट्री के मालिक वॉरेन एंडरसन को यहां से भाग जाने में मदद की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र में यूपीए सरकार रहते हुए भी इस गैस प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारी सरकार ने कोर्ट के सभी निर्देशों पर अमल करते हुए पिछले साल यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निष्पादन कराया। यह दुनिया के लिए एक संदेश भी है कि किस प्रकार आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से जहरीले कचरे को बिना पर्यावरण/मानव हानि के खत्म किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने राजधानी के माथे से इस कलंक का मिटाने का कार्य किया है। इसके लिए गैस राहत विभाग सहित सभी संबंधित प्रभावित पक्ष भी बधाई के पात्र हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी विकास और सुशासन की व्यवस्थाएं स्थापित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। अब हमारी सरकार माननीय न्यायालय के मार्गदर्शन में परिसर में स्मारक बनाने सहित अन्य विकास कार्यों के लिए सुझावों पर अमल करेगी। इसमें सभी पक्षों को चर्चा कर विश्वास में लिया जाएगा। राज्य सरकार इस क्षेत्र के नव निर्माण के लिए कार्य करेगी। प्रदेश में विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए राज्य सरकार ने भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। भोपाल सहित आस-पास के 6 जिले इस मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के दायरे में आएंगे। ऐसे में भोपाल शहर के विकास के लिए सभी बाधाओं को हरसंभव प्रयास कर दूर किया जा रहा है। हमारी सरकार विकास के कारवां को निरंतर गति दे रही है।

मुख्यमंत्री ने महिला के अनुरोध पर रूकवाया अपना काफिला....

यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का सघन मुआयना करने के बाद लौटते वक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आरिफ नगर में पूजा कर रही एक महिला ने रोका। महिला के अनुरोध पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपना काफिला रूकवाया। मुख्यमंत्री से महिला ने अनुरोध किया कि भगवान भोलेनाथ को 2 अगरबत्ती लगा दीजिए। महिला ने अगरबत्ती जलाकर मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मूर्ति पर महिला के आग्रह पर अगरबत्ती लगाकर भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। उन्होंने यहां क्षेत्रीय महिलाओं से आत्मीयता से पूछा कि सब ठीक है, लाड़ली बहना के पैसे मिल रहे हैं ? इस पर लाड़ली बहनों ने कहा कि हाँ, उन्हें हर महीने 1500 रुपए मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्कूल जा रहे बच्चों से भी बातचीत की। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूली बच्चों के साथ खुद सेल्फी लेकर उन सबको खुश कर दिया। आरिफ नगर में एक महिला श्रीमती मंजु बाई ने बताया कि उसके पति बीमार हैं। कुछ आर्थिक मदद कर दीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती मंजु को दिलासा दी और एक अन्य महिला श्रीमती प्रभा बाई कुशवाहा सहित दोनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 50-50 हज़ार रुपए मौके पर ही मंजूर कर दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम कमिश्नर भोपाल श्रीमती संस्कृति जैन को इन दोनों महिलाओं के बैंक खाता नंबर नोट कर जल्द से जल्द बीमारी सहायता राशि उन्हें पहुंचाने के निर्देश दिए। नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि तात्कालिक रूप से दोनों महिलाओं को 10-10 हजार रूपए शनिवार को ही दे दिए जाएंगे। शेष राशि भी जल्द ही उनके बैंक खातों में पहुंचा दी जाएगी।

 पक्के घर ने बदला जीवन, बढ़ाया मान-सम्मान

पक्के घर ने बदला जीवन, बढ़ाया मान-सम्मान

 पक्के घर ने बदला जीवन, बढ़ाया मान-सम्मान

सोनवाही की फूलबतिया बाई बैगा

वनांचल गांव सोनवाही की फूलबतिया बाई बैगा को प्रधानमंत्री जनमन आवास से मिला सपनों का आशियाना

जिला मुख्यालय कबीरधाम से 70 किलो मीटर की दूरी पर बसे वनांचल गांव सोनवाही ग्राम पंचायत झलमला विकासखंड बोड़ला की रहने वाली श्रीमती फूलबतिया बाई बैगा के लिये हर मानसून डर और असुरक्षा लेकर आता था। कच्ची मिट्टी की दीवारें, दरकती खपरैल की छत और टपकता बरसात का पानी यह सब उनके लिए घर कम हर पल की चिंता ज्यादा थी। लेकिन अब यह डर अतीत बन चुका है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से फूलबतिया बाई बैगा का वर्षों पुराना सपना आखिरकार अब साकार हो ही गया क्योंकि उनके परिवार को अपना सुरक्षित पक्का आवास मिल गया है।
श्रीमती फूलबतिया बाई बैगा बताती है कि सीमित आय और संसाधनो की कमी के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए असंभव था। सभी मौसमों में परेशानियां तो बनी रहती थी लेकिन बरसात ज्यादा कष्टकारी होता था। इतने दूर दराज जगह में रहने के कारण लगता था कि सरकारी मदद हम तक कभी नहीं पहुंचेगी। लेकिन प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के सर्वे में जब नाम आया तो पहली बार महसूस हुआ कि सरकार हम तक पहुँच रही है।आज फूलबतिया बाई बैगा एक मजबूत छत के नीचे सुकून से रहे रहीं है। वे भावुक होकर आगे कहती है कि अब न धूप का डर है और न बारिश का। यह घर सिर्फ रहने की जगह नहीं है बल्कि समाज में सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की नींव है।आवास के साथ रोजगार गारंटी में जाॅब कार्ड पंजीबद्ध होने के कारण स्वंय के आवास निर्माण में 95 दिवस का काम और उसका मजदूरी भुगतान के साथ भूमि सुधार कार्य, स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड तथा अन्य सरकारी योजना का लाभ पाकर सुविधाओं का विस्तार हुआ है।

योजना का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे यही हमारी प्राथमिकता-कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा

बोड़ला जैसे वनांचल और कठिन भौगोलिक क्षेत्र में निर्माण सामाग्री पहुंचाना और कार्यो को पूरा करना आसान नहीं है। लेकिन जिला प्रशासन ने सभी चुनौतियां को पार किया और सुनिश्चित किया गया कि दूरी एवं दुर्गमता निर्माण कार्य और गुणवत्ता में बाधा न बने। योजना की पारदर्शी प्रक्रिया के तहत आवास निर्माण की स्वीकृत राशि 2 लाख प्रगति के आधार पर सीधें हितग्राही के बैंक खाता में ऑनलाइन डी.बी.टी. के माध्यम से पहुंची जिससे फूलबतिया बाई बैगा ने स्वंय अपनी निगरानी में अपने पक्के आवास का निर्माण कराया है।

अब तक 4200 से अधिक बैगा परिवारों को मिला अपना पक्का आवास- प्रभारी सीईओ श्री विनय पोयाम

प्रभारी जिला पंचायत सीईओं श्री विनय कुमार पोयाम ने बताया की प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत जिले में 9625 आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति के विरूद्ध 9206 हितग्राहियों को प्रथम किश्त, 7485 हितग्राहियों को द्वितीय किश्त, 5107 हितग्राहियों को तृतीय किश्त एवं 2594 हितग्राहियों को चतुर्थ किश्त की राशि प्रदाय की जा चुकी है।अभी तक 4210 पक्के और सुन्दर आवास पूरे हो चुके है और इसमें बैगा समुदाय के लोग अपने परिवार के साथ खुशियों भरा जीवन व्यतित कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय को शासन की कल्याणकारी योजना से लाभांवित होकर समाज में सम्मानपुर्वक रहने का अवसर मिला है। फूलबतिया बाई बैगा का पक्का आवास इस बात का प्रतीक है कि सरकार की योजनाएं अब कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक पहुंच कर जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही है। सोनवाही जैस गांव में खड़ा यह पक्का घर न केवल एक परिवार के सपनों की कहानी है बल्कि कबीरधाम जिले के विकासखंड बोड़ला में विकास, विश्वास और आत्मसमान की नई मिसाल है।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया स्वदेश कार्यालय में निर्मित स्टूडियो का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया स्वदेश कार्यालय में निर्मित स्टूडियो का शुभारंभ

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया स्वदेश कार्यालय में निर्मित स्टूडियो का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार की शाम स्वामी दयानंद नगर स्थित दैनिक स्वदेश कार्यालय में नवनिर्मित स्टूडियो का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समूह संपादक श्री अतुल तारे और अन्य सहयोगियों को नवनिर्मित स्टूडियो के लिए बधाई दी। इस अवसर पर समाचार पत्र के स्टेट ब्यूरो चीफ श्री अनुराग उपाध्याय ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से साक्षात्कार लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दैनिक स्वदेश के अन्य प्रकल्पों की जानकारी भी प्राप्त की। इस अवसर पर समाचार पत्र के सलाहकार संपादक श्री गिरीश उपाध्याय, प्रबंध संपादक श्री सौमित्र जोशी, स्थानीय संपादक श्री चंद्रवेश पांडे और डायरेक्टर श्री ओ.एन. शर्मा उपस्थित थे।

धान से गेंदा फूल तक का सफर- बरगांव के देवानंद निषाद ने एक एकड़ में कमाए ढाई लाख

धान से गेंदा फूल तक का सफर- बरगांव के देवानंद निषाद ने एक एकड़ में कमाए ढाई लाख

 धान से गेंदा फूल तक का सफर- बरगांव के देवानंद निषाद ने एक एकड़ में कमाए ढाई लाख

धान से गेंदा फूल तक का सफर- बरगांव के देवानंद निषाद ने एक एकड़ में कमाए ढाई लाख

गांव बना फूलों की खेती का केंद्र

गेंदा की खेती से किसानों को कम लागत, कम समय (लगभग 60 दिन में फसल तैयार) और ज्यादा मुनाफे का लाभ मिलता है, क्योंकि इसकी मांग धार्मिक व सामाजिक कार्यों में हमेशा रहती है। यह अन्य फसलों के लिए प्राकृतिक कीटनाशक का काम करती है और मिट्टी की सेहत सुधारती है, जिससे मुख्य फसल भी कीटों से बचती है और एक एकड़ से एक रूपए लाख तक का शुद्ध मुनाफा कमाया जा सकता है।

          जीवनदायिनी महानदी के किनारे बसे ग्राम बरगांव के प्रगतिशील किसान देवानंद निषाद ने पारंपरिक धान की खेती छोड़कर गेंदा उत्पादन में ऐसी सफलता हासिल की है कि अब पूरा गांव रबी में फूलों की खेती की ओर कदम बढ़ा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना का लाभ लेते हुए श्री देवानंद पिछले दो वर्षों से गेंदा की खेती कर रहे हैं और एक एकड़ में लगभग 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं।

     श्री देवानंद बताते हैं कि पहले वे रबी में धान लगाते थे, जिससे प्रति एकड़ लगभग 20 क्विंटल उत्पादन होता था। 15 हजार रुपये की लागत पर उन्हें करीब 35 हजार रुपये का लाभ मिलता था। लेकिन गेंदा की खेती ने उनकी आमदनी की तस्वीर बदल दी। लगभग एक एकड़ सिंचित भूमि में 50 हजार रुपये की लागत से उन्होंने 3750 किलोग्राम फूल का उत्पादन लिया, जिसे औसतन 80 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचकर वर्ष भर में करीब 3 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई।

      श्री देवानंद प्रतिदिन 60 से 70 किलो ताजा गेंदा फूल रायगढ़ के फूल बाजार में बेचने ले जाते हैं। उद्यानिकी विभाग से उन्हें राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत गेंदा के पौधे निःशुल्क मिले तथा समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी मिलता रहा, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हुई। श्री देवानंद की इस उल्लेखनीय सफलता से प्रेरित होकर अब ग्राम बरगांव के अन्य किसान भी रबी सीजन में धान के स्थान पर गेंदा फूल की खेती अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। गांव में फूलों की खेती नई आर्थिक क्रांति का रूप लेती दिखाई दे रही है।

विकास के हाईवे पर मध्यप्रदेश सबसे आगे : केन्द्रीय सड़क मंत्री श्री गडकरी

विकास के हाईवे पर मध्यप्रदेश सबसे आगे : केन्द्रीय सड़क मंत्री श्री गडकरी

विकास के हाईवे पर मध्यप्रदेश सबसे आगे : केन्द्रीय सड़क मंत्री श्री गडकरी

विकसित और आत्मनिर्भर भारत सिर्फ स्वप्न नहीं संकल्प है, पूरा देश एकजुट होकर कर रहा है काम
मध्यप्रदेश को केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने दी 1 लाख करोड़ रुपए के राजमार्ग विकास कार्यों की मंजूरी
सीआरएफ से 1600 करोड़ देने की घोषणा, इसमें से 400 करोड़ मिलेंगे विदिशा संसदीय क्षेत्र को
सागर-विदिशा- कोटा तक बनेगा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस हाइवे, 75 किमी दूरी होगी कम
मध्यप्रदेश मना रहा विकास का महापर्व, विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए चल रहा महायज्ञ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. के विकास के कारवां को बढ़ा रहे हैं आगे: केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान
4400 करोड़ रुपये की लागत से 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास
विदिशा जिले के लिए 450 करोड़ से अधिक के कामों का हुआ लोकार्पण एवं भूमि-पूजन
मध्यप्रदेश सहित विदिशा संसदीय क्षेत्र को मिली कई सौगातें

केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा है कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हमारे लिए सिर्फ स्वप्न नहीं, एक संकल्प है और इस संकल्प को पूरा करने के लिए पूरा देश एकजुट और एकमत होकर काम कर रहा है। हम सब मिलकर 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाएंगे। देश के समग्र विकास के इस महायज्ञ में सबसे बड़ी आहुति मध्यप्रदेश की ही होगी। केन्द्रीय सड़क मंत्री श्री गडकरी शनिवार को विदिशा में आयोजित विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सही नेतृत्व और समर्पित सरकार से कदमताल कर हम मध्यप्रदेश को एक प्रगतिशील, समृद्ध और सम्पन्न राज्य बनाएंगे। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के विकास को और गति देने के लिए विदिशा में 4400 करोड़ रुपए की लागत से 8 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया।

केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि हम मध्यप्रदेश के विकास को शक्ति देने के लिए पूरी ताकत से अपना सहयोग देंगे। इन परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने मध्यप्रदेश के विकास से जुड़ी विभिन्न सड़क परियोजनाओं पर सहमति व्यक्त कर करीब एक लाख करोड़ रुपए की नई परियोजनाओं को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के अधीन 2 लाख करोड़ रुपए लागत की राष्ट्रीय राजमार्ग विकस परियोजनाओं पर पहले से ही काम चल रहा है।

केन्द्रीय सड़क मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में सबसे अग्रणी राज्य है। यहां का बासमती चावल और शरबती गेहूं विश्व प्रसिद्ध है। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान अन्नदाता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। किसानों को अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता, हवाई ईंधनदाता और डामरदाता भी बनाना हमारा लक्ष्य है। नागपुर में किसान एथेनॉल का उत्पादन कर रहे हैं। भारत 22 लाख करोड़ रुपए का तेल आयात करता है। भोपाल एयरपोर्ट पर आज इलेक्ट्रिक कार देखकर मुझे प्रसन्नता हुई। देश में अब हाइड्रोजन कार पर कार्य किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि हमारे कृषि यंत्र किसानों के द्वारा तैयार ईंधन पर चलने चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान के किसानों की आय बढ़ाने के हर संभव प्रयास जारी हैं। किसानों की आय बढ़ेगी, तो वे गांव से दूर नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में विकास कार्यों के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है, सिर्फ देश में गांव-गरीब-किसानों के लिए ईमानदारी से काम करने वाले कर्मठ लोगों की कमी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में हम भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं। दुनिया हमारे इंजीनियर और डॉक्टर्स का लोहा मानती है। हमारे नॉलेज को वेल्थ में बदलना ही सफलता है। नागपुर शहर में टॉयलेट का पानी बेचने से ही 300 करोड़ मिल जाते हैं। अगर देश को नेता सही मिलें तो वेस्ट भी वेल्थ में बदलता है। देश के विकास का श्रेय जनप्रतनिधियों को नहीं, उन्हें चुनने वाली जनता को जाता है।

केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि शनिवार को मध्यप्रदेश में 1 लाख करोड़ लागत के सड़क और राजमार्ग विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। प्रदेश में अभी 2 लाख करोड़ लागत के अनेक काम चल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यहां उद्योग आएंगे, व्यापार बढ़ेगा, निर्यात बढ़ेगा। युवाओं को रोजगार मिलेगा और मध्यप्रदेश एक प्रगतिशील, समृद्ध और सम्पन्न प्रदेश बनेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय कोई कमी नहीं रखेगा। मध्यप्रदेश में बहुतायत में हाईवे नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री गडकरी की महत्वपूर्ण घोषणाएं

केंद्रीय सड़क मंत्री श्री गडकरी ने विदिशा में मध्यप्रदेश को विभिन्न सड़क परियोजनाएं देने की घोषणा करते हुए कहा कि -

  • 16 हजार करोड़ रुपए लागत का सागर-विदिशा-कोटा तक नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनाया जाएगा। इससे सागर से कोटा के बीच की दूरी 75 किमी तक कम हो जाएगी।

  • नसरुल्लागंज (भैरूंदा)-बुधनी रोड को 4 लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा।

  • मध्यप्रदेश में अलग-अलग 50 सड़कों के निर्माण के लिए 4500 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त भी जरूरत के अनुसार और भी राशि मंजूर की जाएगी।

  • विदिशा में 4 हजार करोड़ रुपए लागत से उत्तरी बायपास बनाया जाएगा।

  • 40 हजार करोड़ रुपए की लागत से ग्वालियर-भोपाल-नागपुर को जल्द मंजूरी मिलेगी, जो आगे जाकर हैदराबाद को भी कनेक्ट करेगा।

  • सिंहस्थ के लिए उज्जैन-झालावाड़ 2500 करोड़ रुपए की लागत से हाईवे सहित अन्य रोड भी बनाए जाएंगे।

  • सीआरएफ योजना में मध्यप्रदेश को सड़क विकास कार्यों के लिए 1600 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसमें से 400 करोड़ रुपए विदिशा लोकसभा संसदीय क्षेत्र के लिए होंगे।

  • प्रदेश को 5 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर की सौगात मिली है। 20 अन्य ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर्स के प्रस्तावों को भी जल्द ही मंजूरी देंगे।

  • अटल एक्सप्रेस-वे से जुड़े सभी विकास कार्यों को भी मंजूरी देंगे।

  • गोपालपुर से भैरुंदा तक सड़क मार्ग को भूमि अधिग्रहण के बाद व्हाइट टॉपिंग क्रॉन्क्रीट से निर्मित किया जाएगा।

रायसेन में बनेगा मेडिकल कॉलेज, सभी प्रक्रियाएं जल्द से जल्द प्रारंभ कराएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व विदेश मंत्री स्व. श्रीमती सुषमा स्वराज का आशीर्वाद भी मिला है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह के नेतृत्व में इस क्षेत्र को लगातार विकास की अनेक सौगातें मिल रही हैं। विदिशा की धरती में अद्भुत आकर्षण है। यह उज्जैन के समान पावन धरती है। हर काल में यहां के वीरों ने अपनी अलग पहचान बनाई। सम्राट अशोक के कार्यकाल में यहां सांची स्तूप का निर्माण हुआ। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने दिल्ली में बैठक के दौरान मध्यप्रदेश को 20 हजार करोड़ रुपए की राजमार्ग विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। केंद्रीय मंत्री श्री गड़करी अपने प्रण के पक्के हैं, उन्होंने मुंबई में समुद्र के ऊपर पुल बनवा दिया है। मध्यप्रदेश के सिंगरौली में पहाड़ के बीच से रोड निकल रहा है। देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना के तरह-तरह के काम जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास का महापर्व मना रहा है। विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए महायज्ञ चल रहा है। विकास के मामले में हम कोई कमी नहीं रहने देंगे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी से आत्मीयतापूर्वक मांग करते हुए कहा कि आगरा-ग्वालियर-भोपाल-नागपुर तक 500 किलोमीटर से अधिक दूरी का एक नया नेशनल हाईवे (ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे) बनाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में 50 सड़कों के निर्माण के लिए 4500 करोड़ रुपए की मांग केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी से की, जिसे केंद्रीय मंत्री ने तत्काल मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रायसेन में मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा, इसके लिए सभी जरूरी प्रक्रियाएं जल्द से जल्द प्रारंभ कर दी जाएंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को मिलीं 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं यहां क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, आवागमन की सुगमता और आर्थिक प्रगति को एक नई गति प्रदान करेंगी। मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, इसलिए केंद्र सरकार को किसी भी राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए मध्यप्रदेश की धरती पर आना ही पड़ेगा। मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है, इसके विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने विश्वास जताया केंद्र सरकार के सहयोग से हम मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर प्रदेश बनाकर रहेंगे।

विदिशा को बनाएंगे विकास का हब : केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी विकास का दूसरा नाम हैं। उन्होंने कहा कि विदिशा संसदीय क्षेत्र का विकास ही मेरा लक्ष्य है। मध्यप्रदेश की जनता की सेवा करने की हर संभव कोशिश की है। विकास के कारवां को अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदिशा को आज 4400 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिली है। अब विदिशा बदल रहा है, अब इसे एक रिंग रोड की आवश्यकता है। जब किसी शहर में रोड बनता है तो जमीन की कीमत बढ़ती है। शहर के विकास के साथ उद्योगों का विकास होता है। अब मध्यप्रदेश का गेहूं और बासमती चावल अमेरिका और कनाडा तक धूम मचा रहा है। कोटा-भोपाल-विदिशा-सागर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के बनने से लोगों का समय बचेगा। इससे विदिशा-सागर क्षेत्र के लिए नया अध्याय शुरू हो जाएगा। शहरों के आसपास से निकलने वाली सड़कों को भी दशा और दिशा सुधारने की आवश्यकता है। विदिशा बस स्टैंड के उन्नयन की आवश्यकता है। अगर नागपुर से ग्वालियर तक नया राष्ट्रीय राजमार्ग बने, तो मध्यप्रदेश की सूरत ही बदल जाएगी। प्रदेश में नदी जोड़ो परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है, ऐसे में अगर नर्मदा को बेतवा से लिंक कर दिया जाए, तो एक बड़ा काम पूरा हो जाएगा।

लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास की नई गाथा लिख रहा है। आधुनिक भारत में मजबूत इंफ्रॉस्ट्रक्चर ही 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का आधार है। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी के नेतृत्व में देश में सड़क, राजमार्गों का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने पिछले दिनों दिल्ली में राष्ट्रीय परियोजनाओं को गति देने के लिए मीटिंग की। ग्वालियर के अटल प्रगति पथ में आ रही बाधाएं अब दूर हो गई हैं। मध्यप्रदेश देश के केंद्र में है, इसलिए हमें और अधिक राजमार्ग मिलने चाहिए। मध्यप्रदेश में रोड इंफ्रॉस्ट्रक्चर पर 1 लाख 80 हजार करोड़ का निवेश हो रहा है, जो रोड नेटवर्क को नए आयाम देगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 578 किमी का ग्वालियर-भोपाल-नागपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे, 450 किमी का उज्जैन-जबलपुर-अंबिकापुर नेशनल हाइवे, 57 किमी का सिंरोज-महलुआ-बीना मार्ग, खंडवा-हरदा-पिपरिया-नरसिंहपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे, 14 हजार करोड़ लागत का कोटा-भोपाल-विदिशा-सागर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे, नसरुल्लागंज-बुधनी 2 लेन रोड बनाए जाने की आवश्यकता है।

विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन ने कहा कि आज विदिशा को केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी और श्री चौहान के साथ और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एक साथ स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। विदिशा में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा सहित बुनियादी जरूरतों की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विदिशा को मेट्रोपोलिटन एरिया में शामिल कर नई सौगात दी है। विदिशा जिले में भविष्य में विकास का कारवां ऐसे ही चलता रहेगा।

मध्यप्रदेश को मिली ये भी सौगातें

केन्द्रीय सड़क मंत्री श्री गडकरी ने विदिशा में 4,400 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से निर्मित एवं प्रस्तावित 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियाजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की लंबाई 181 किलोमीटर है, जो मध्य भारत एवं बुंदेलखंड क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करेंगी और प्रदेश के सड़क एवं परिवहन अवसंरचना विकास की दिशा में एक ओर ऐतिहासिक अध्याय जुड़ा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से भोपाल–विदिशा–सागर–राहतगढ़–ब्यावरा सहित प्रमुख औद्योगिक, कृषि एवं पर्यटन मार्गों पर यातायात सुगम होगा। ये केंद्र सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार विकसित करने तथा युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। भोपाल-विदिशा खंड, विदिशा-ग्यारसपुर खंड, ग्यारसपुर-राहतगढ़ खंड के 4 लेन चौड़ीकरण से कनेक्टिविटी मजबूत और लॉजिस्टिक गतिविधियाँ सशक्त होंगी। सागर वेस्टर्न बॉयपास (ग्रीनफील्ड) 4 लेन निर्माण से शहरी ट्रैफिक दबाव कम होगा, यात्रा समय में कमी आएगी और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ेगी।

तीन ड्राइविंग प्रशिक्षण सेंटर की रखी जा रही है आधारशिला

विदिशा में एक और सागर में दो ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का भूमि-पूजन किया गया। विदिशा में 2 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से डीटीसी का शिलान्यास किया गया। इससे ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता और एक्सीडेंट में कमी लाने में मदद मिलेगी।

477 करोड़ की लागत से 39 किमी लंबी 2 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण

कार्यक्रम के दौरान 417 करोड़ से अधिक की लागत से रातापानी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में ओबेदुल्लागंज-इटारसी सेक्शन में 4 लेन सड़क का लोकार्पण भी किया गया। इससे बैतूल से नागपुर तक सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक सुचारू होगा, ईंधन बचेगा और प्रदूषण कम होगा, हादसों में कमी आएगी, मानव-वन्यजीव संघर्ष घटेगा, और ट्रैफिक सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण होगा। 59 करोड़ से अधिक की लागत से देहगांव से बम्होरी के 27 किमी लंबे मार्ग के लोकार्पण से किसानों और आमजन को सहज आवागमन की बड़ी सुविधा मिलेगी।

रोड शो कर जनता का किया अभिवादन

विदिशा में आयोजित भव्य रोड शो में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री गडकरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री चौहान ने जनसमुदाय का अभिवादन किया। रोड शो में उन्होंने खुले वाहन से नगरवासियों का अभिवादन किया। रोड शो में विदिशा के नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर केंद्रीय मंत्रियों एवं मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। सड़कों के दोनों ओर उमड़े जनसमूह, पुष्पमालाओं से सजें तोरण द्वार शहर के उत्सवपूर्ण माहौल को दर्शा रहे थे।

पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल, सागर की सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, नर्मदापुरम के सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, विधायक श्री सुदेश राय, पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, पूर्व मंत्री श्री रामपाल सिंह, पूर्व मंत्री श्री सुरेंद्र पटवा, पूर्व मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, विधायक श्री रमाकांत भार्गव, विधायक श्री हरिसिंह सप्रे, विधायक श्री हरिसिंह रघुवंशी, विधायक श्री प्रदीप लारिया, विधायक श्री उमाकांत शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।