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 सदमे से लेकर स्क्रिप्टेड के दावों तक... व्हाइट हाउस प्रेस डिनर शूटिंग के बाद साजिश की थ्योरीज की आई बाढ़

सदमे से लेकर स्क्रिप्टेड के दावों तक... व्हाइट हाउस प्रेस डिनर शूटिंग के बाद साजिश की थ्योरीज की आई बाढ़

सदमे से लेकर स्क्रिप्टेड के दावों तक... व्हाइट हाउस प्रेस डिनर शूटिंग के बाद साजिश की थ्योरीज की आई बाढ़

वॉशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप के प्रेस डिनर में गोलीबारी के बाद सोशल मीडिया पर साजिशों और अफवाहों की बाढ़ आ गई। लोग घटना को लेकर वीडियो क्लिप और बयानो ...और पढ़ें




प्रेस डिनर फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर उमड़ा साजिश की थ्योरीज का सैलाब(फाइल फोटो)



प्रेस डिनर गोलीबारी के बाद सोशल मीडिया पर साजिशों की बाढ़


मेलानिया ट्रंप की प्रतिक्रिया, ओज पर्लमैन की मौजूदगी पर सवाल


आरोपी की राजनीतिक पहचान पर भी गरमाई बहस

वॉशिंगटन में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की मौजूदगी में प्रेस डिनर में गोलीबारी की घटना के कुछ ही मिनटों बाद सोशल मीडिया पर साजिशों और अफवाहों की बाढ़ आ गई। घटना की पूरी जांच अभी जारी है, लेकिन इंटरनेट पर अलग-अलग दावे और राजनीतिक बहस शुरू हो गई।


गोली चलने की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई लोगों ने इसे स्टेज्ड यानी पहले से प्लान की गई घटना बताना शुरू कर दिया। लोगों ने वीडियो क्लिप, चश्मदीदों के बयान और मौके पर मौजूद लोगों के हावभाव का विश्लेषण कर अपनी-अपनी कहानियां बनानी शुरू कर दीं। हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।

घटना के तुरंत बाद फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप की प्रतिक्रिया भी चर्चा का विषय बन गई। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके चेहरे के भाव और हरकतों को लेकर अलग-अलग दावे किए। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को राष्ट्रपति से पहले सुरक्षित जगह क्यों ले जाया गया।


ओज पर्लमैन की मौजूदगी से बढ़ी चर्चा

घटना से कुछ समय पहले मशहूर मेंटलिस्ट ओज पर्लमैन राष्ट्रपति ट्रंप और मेलानिया से बातचीत करते नजर आए थे। इसके बाद कुछ लोगों ने बिना सबूत दावा किया कि उनकी मौजूदगी और हाथ में पकड़ा कागज किसी बड़े संकेत का हिस्सा हो सकता है।


राष्ट्रपति ट्रंप की भतीजी और उनकी आलोचक मैरी ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि यह अजीब है कि डोनल्ड ट्रंप खड़े होकर फाइट, फाइट, फाइट नहीं बोले। उनकी यह टिप्पणी तेजी से वायरल हुई और ट्रंप विरोधियों के बीच चर्चा का विषय बन गई।





प्रेस सचिव के बयान पर भी सवाल



व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कार्यक्रम से पहले कहा था कि ट्रंप रेडी टू रंबल हैं और आज रात कमरे में शॉट्स फायर होंगे। यह बयान राजनीतिक बहस के संदर्भ में दिया गया था, लेकिन घटना के बाद लोगों ने इसे अलग नजरिए से देखना शुरू कर दिया।




चश्मदीदों के मुताबिक, एक व्यक्ति सुरक्षा जांच के दौरान अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था, तभी सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने पूछा कि आरोपी को गोली मारे बिना कैसे काबू किया गया। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने इस पर आधिकारिक जानकारी अभी पूरी तरह साझा नहीं की है।




घटना के बाद कुछ आलोचकों ने आरोप लगाया कि ट्रंप इस मामले का इस्तेमाल विदेश नीति और ईरान से जुड़े मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए कर सकते हैं। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि इससे व्हाइट हाउस में नए बॉलरूम निर्माण की उनकी पुरानी मांग को भी समर्थन मिल सकता है।

आरोपी की राजनीतिक पहचान पर बहस

सोशल मीडिया पर आरोपी को लेकर भी अलग-अलग दावे किए गए। कुछ लोगों ने उसे रिपब्लिकन समर्थक बताया तो कुछ ने डेमोक्रेट समर्थक कहा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी किसी भी बड़ी पार्टी से औपचारिक रूप से जुड़ा नहीं था, लेकिन उसके छोटे राजनीतिक चंदे को लेकर बहस तेज हो गई।
मुख्यमंत्री से सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री से सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने की सौजन्य मुलाकात

 मुख्यमंत्री से सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री से सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लोकसभा सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री शर्मा का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शॉल एवं बस्तर आर्ट की आकर्षक प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उनके बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।

भारत में हर चौथी मौत का कारण हार्ट अटैक, 'नॉर्मल हेल्थ रिपोर्ट' के भरोसे रहना पड़ सकता है भारी

युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। स्टडी में पाया गया कि 80% लोग जांच में लो-रिस्क पाए गए थे, फिर भी उन्हें हार्ट अटैक आया। ...और पढ़ें





युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले (Picture Courtesy: Freepik)


 भारत में हार्ट अटैक के खतरे का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और यह अब हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहा है। देश में हर चार में एक मौत हार्ट अटैक से, युवा सबसे ज्यादा इसकी चपेट में आ रहे हैं।


इस तरह के बढ़ते मामले सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में इसे लेकर हुए अध्ययन में ' सामने आया है कि करीब 80 प्रतिशत ऐसे मरीज जिन्हें पहले मेडिकल जांच में 'लो-रिस्क' माना गया था, वे बाद हार्ट अटैक का शिकार हो गए।




(Picture Courtesy: Freepik)

दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल के वरिष्ठ कार्डियोलाजिस्ट डॉ. मोहित दयाल गुप्ता के नेतृत्व में 2023 से 2025 के बीच एकत्रित छह हजार से अधिक मरीजों के डेटा पर आधारित हुआ क्लिनिकल विश्लेषण भारत में हार्ट डिजीज के बदलते पैटर्न को दर्शाता है। हार्ट अटैक का शिकार होने वाले 20- 30 वर्ष के युवाओं की संख्या पांच से 10 प्रतिशत के बीच है।


यह संख्या तेजी से बढ़ रही है, साथ ही इस उम्र में भी अचानक और बिना चेतावनी के हार्ट अटैक के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। 30 40 वर्ष की उम्र में यह खतरा और बढ़ जाता है, जहां तनाव, अनियमित दिनचर्या, मोटापा और शुरुआती डायबिटीज प्रमुख कारण बनते हैं।

क्यों बढ़ रहा है दिल पर दबाव?

करियर का दबाव, आर्थिक बोझ और नींद का पूरी न होना हृदय पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। धूमपान, वेपिंग और ड्रग्स का सेवन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और उन्हें संकरा कर देता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि कई घंटों तक कुर्सी पर बैठ कर काम करते रहने, जंक फूड खाने, देर रात तक जागने व तनावभरी दिनचर्या ने कोलेस्ट्राल की समस्या को बढ़ा दिया है जो हार्ट अटैक का कारण।


जबकि 40 से 50 वर्ष की आयु में इस तरह के लगभग 25 प्रतिशत मामले सामने आए। 50 से 60 वर्ष का वर्ग अब भी सबसे ज्यादा प्रभावित (30 से 35 प्रतिशत) बना हुआ है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में मृत्यु दर सबसे अधिक देखी जाती है।

दिल की बीमारियों से तीन लाख से ज्यादा मौतें

दिल्ली की स्थिति भी चिंताजनक है। सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) व अन्य सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2024 में दिल और रक्त संचार संबंधी बीमारियों से 34 हजार से अधिक मौतें दर्ज की गईं जो पिछले वर्षों की तुलना में तेज बढ़ोतरी दर्शाती हैं। पिछले दो दशकों में दिल्ली में तीन लाख से ज्यादा लोग दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण जान गंवा चुके हैं।


विशेषज्ञ इसके पीछे प्षण, तनावपूर्ण जीवनशैली, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर को प्रमुख कारण मानते हैं। यह भी सामने आया कि पश्चिमी देशों के आधार पर तैयार किए गए रिस्क कैलकुलेटर भारत के लिए पूरी तरह से कारगर नहीं हैं । विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए अलग हार्ट रिस्क आंकलन माडल विकसित करने की जरूरत है।


साथ ही लोगों को 'नार्मल रिपोर्ट' के भरोसे न रहकर नियमित जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और तनाव नियंत्रण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जिन लोगों के माता- पिता को दिल की बीमारी रही है, ऐसे बच्चे-वयस्क डाक्टर से सलाह लेकर नियमित रूप से टेस्ट कराएं।
 नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई गूंज : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई गूंज : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई गूंज : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई गूंज

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

नक्सलवाद के प्रभाव से उबरकर नए विश्वास और विकास की राह पर अग्रसर बस्तर क्षेत्र में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले को 308 करोड़ रुपए से अधिक के 228 विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 159 कार्यों का शिलान्यास और 69 कार्यों का लोकार्पण करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

मिनी स्टेडियम सुकमा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों से नक्सलवाद के कारण पिछड़े रहे क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति स्थापित हुई है और अब यहां विकास की गंगा बह रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिन गांवों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां आज स्कूलों की घंटियां गूंज रही हैं और लोग लोकतंत्र पर भरोसा जताते हुए मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 3 हजार से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और उन्हें पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से नई जिंदगी की शुरुआत के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

स्वस्थ बस्तर की दिशा में बड़ा कदम

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया और “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को घर-घर तक सुनिश्चित करने के प्रयासों की सराहना की। इस अभियान के तहत 7 जिलों में 1100 टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच करेंगी।

कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री श्री साय ने मिनी स्टेडियम में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और आम नागरिकों एवं हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित कर शासन की संवेदनशीलता का परिचय दिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 7 टीबी मुक्त पंचायतों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और जानकारी ली कि जिले में अब तक 28 पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। उन्होंने 3 टीबी मरीजों से संवाद कर उन्हें फूड बास्केट वितरित किया।

मोतियाबिंद ऑपरेशन कराए मरीजों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से चश्मा पहनाकर उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की। साथ ही दवा और आई ड्रॉप भी वितरित किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए मूर्तोंडा, पेंटा और कांकेरलंका उपस्वास्थ्य केंद्रों को एनक्वास सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री श्री साय ने आईईडी ब्लास्ट में पैर गंवा चुके 5 हितग्राहियों को कृत्रिम पैर प्रदान किए। इसके अलावा 4 व्हीलचेयर और 3 ट्राइसिकल भी वितरित किए गए तथा 6 दिव्यांगजनों को पहचान पत्र देकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की पहल की गई।
एनआरएलएम स्टॉल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें “लखपति दीदी से करोड़पति दीदी” बनने के लिए प्रेरित किया और सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

आवास, अधिकार और आजीविका—हर क्षेत्र में सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के स्टॉल में हितग्राहियों से बातचीत कर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से 15 वनाधिकार पत्र वितरित किए गए, जिससे आदिवासी परिवारों को उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। वन विभाग के स्टॉल में तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े हितग्राहियों को सहायता प्रदान की गई। सहकारी समिति तोंगपाल को 4.27 लाख रुपए का सांकेतिक चेक दिया गया तथा एक हितग्राही को संग्रहण कार्ड वितरित किया गया।
इसके साथ ही पुनर्वासित स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 2 ई-रिक्शा प्रदान कर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया गया और एक हितग्राही को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया गया।

नियद नेल्लानार 2.0 और 8 बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि नियद नेल्लानार योजना के तहत अब तक 500 से अधिक गांवों में 17 विभागों की 45 योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य किए गए हैं। इस योजना के अगले चरण ‘नियद नेल्लानार 2.0’ में अब 10 जिलों को शामिल किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए 8 महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, बस स्टैंड, सामुदायिक भवन और मंदिर जीर्णोद्धार जैसे कार्य शामिल हैं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, सांसद श्री महेश कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकास शील, स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

रांची में ₹303 करोड़ के टनल-ओवरब्रिज का शिलान्यास, ₹17000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं पर जल्द शुरू होगा काम

रांची में ₹303 करोड़ के टनल-ओवरब्रिज का शिलान्यास, ₹17000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं पर जल्द शुरू होगा काम

 रांची में ₹303 करोड़ के टनल-ओवरब्रिज का शिलान्यास, ₹17000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं पर जल्द शुरू होगा काम


केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रांची में 303 करोड़ रुपये की दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमे ...और पढ़ें






झारखंड की नई सड़क परियोजनाओं की शुरुआत। फाइल फोटो


 रांची/ओरमांझी। झारखंड की राजधानी रांची की विकास यात्रा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से 303 करोड़ रुपये की दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जबकि रांची में आयोजित समारोह में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रिमोट दबाकर योजनाओं की आधारशिला रखी।


इन परियोजनाओं के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर रामपुर चौक (रांची–जमशेदपुर मार्ग) के पास भूमिगत टनल और इरबा स्थित विकास चौक (रांची–हजारीबाग मार्ग) पर आधुनिक ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा।

303 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ये परियोजनाएं अगले दो वर्षों में पूरी होंगी। सेठ ने कहा कि इनसे रांची और आसपास के क्षेत्रों में यातायात सुगम होगा, जाम की समस्या कम होगी और सड़क हादसों पर भी अंकुश लगेगा।

15 दिनों के अंदर मिली मंजूरी: संजय सेठ

संजय सेठ ने बताया कि उन्होंने बताया कि रामपुर चौक और विकास चौक ऐसे स्थान हैं, जहां अक्सर जाम और दुर्घटनाएं होती थीं। इस समस्या की जानकारी देने के मात्र 15 दिनों के भीतर नितिन गडकरी ने डीपीआर तैयार कराकर परियोजना को मंजूरी दे दी। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री गडकरी के प्रति आभार जताया।

कार्यक्रम के दौरान सेठ ने झारखंड में चल रही और प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य में लगभग 45 हजार करोड़ रुपये की लागत से 1500 किमी से अधिक सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

इनमें गोला–ओरमांझी सड़क परियोजना लगभग 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है, ओरमांझी फ्लाईओवर को स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि घोरालिंग, फुलदुंगरी और बहरागोड़ा में तीन अंडरपास बनाए जा रहे हैं। चिल्गु नदी पर पुल का निर्माण 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।


वहीं, इटकी और चांडिल में रेल ओवरब्रिज का निर्माण प्रगति पर है। इसके अलावा चरही और चुटुपालू घाटी में सड़क चौड़ीकरण जल्द शुरू होगा और रांची–महुलिया तथा कोडरमा–मेघातरी सड़क परियोजनाओं पर भी काम जारी है।
नई सड़क योजनाओं पर जल्द शुरू होगा काम

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में झारखंड को 17 हजार करोड़ रुपये की नई सड़क परियोजनाएं मिलेंगी, जिनमें 450 किमी सड़क निर्माण शामिल है। वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेसवे का महत्वपूर्ण हिस्सा भी इसमें शामिल होगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और व्यापार को नई दिशा मिलेगी।


इसके अलावा रांची में 6000 करोड़ रुपये की लागत से 195 किमी लंबी आउटर रिंग रोड बनाने की योजना है, जिसकी डीपीआर तैयार हो चुकी है।

सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में देश में तेजी से सड़क निर्माण हो रहा है। वर्तमान में देश में प्रतिदिन लगभग 34 किमी और सालाना 15 हजार किमी सड़कें बनाई जा रही हैं, जो भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रहा है।

कार्यक्रम में टोल प्लाजा से जुड़ी समस्याएं भी उठीं। खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने बुंडू, ओरमांझी और तरूप टोल प्लाजा पर नियमों के विपरीत वसूली का मुद्दा उठाया।


इस पर संजय सेठ ने एनएचएआई अधिकारियों को निर्देश दिया कि 60 किमी के नियम का उल्लंघन होने पर तुरंत टोल प्लाजा को हटाया जाए। साथ ही उन्होंने ओरमांझी शास्त्री चौक पर जाम और दुर्घटनाओं को देखते हुए ओवरब्रिज निर्माण की भी जानकारी दी।

विधायक ने जताई नाराजगी

विधायक कच्छप ने मंच से यह भी कहा कि सरकारी कार्यक्रमों को राजनीति से दूर रखना चाहिए और सभी जनप्रतिनिधि चुनाव के बाद पूरे क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कुछ सड़कों के शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर भी नाराजगी जताई।

वहीं राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से झारखंड का समग्र विकास होगा और पलायन व मानव तस्करी पर भी रोक लगेगी। मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से रांची में आवागमन और अधिक सुगम होगा।


इस अवसर पर डिप्टी मेयर नीरज कुमार, पूर्व विधायक समरी लाल, भाजपा के विभिन्न पदाधिकारी, एनएचएआई के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।