Showing posts with label Desh. Show all posts
Showing posts with label Desh. Show all posts
 छत्तीसगढ़ से गुवाहाटी पहुंचे पुलिस के चार जवान, साइबर आरोपी से ली रिश्वत... केस हुआ दर्ज

छत्तीसगढ़ से गुवाहाटी पहुंचे पुलिस के चार जवान, साइबर आरोपी से ली रिश्वत... केस हुआ दर्ज

 छत्तीसगढ़ से गुवाहाटी पहुंचे पुलिस के चार जवान, साइबर आरोपी से ली रिश्वत... केस हुआ दर्ज


गुवाहाटी में साइबर ठगी मामले की जांच कर रही छत्तीसगढ़ पुलिस के चार जवानों को रिश्वत लेने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। दो आरोपियों की शिकायत पर ...और पढ़ें





 गुवाहाटी में छत्तीसगढ़ पुलिस के चार जवानों को रिश्वत लेने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। इनमें एक इंस्पेक्टर, एक हेड कॉन्स्टेबल और दो कॉन्स्टेबल शामिल हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।


छत्तीसगढ़ के रायपुर से एक पुलिस टीम साइबर ठगी के एक मामले की जांच के सिलसिले में गुवाहाटी पहुंची थी। टीम ने अलग-अलग राज्यों में आरोपियों का पीछा किया और पहले बिहार में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, इसके बाद असम में गुवाहाटी से तीन और लोगों को हिरासत में लिया गया।

शिकायत के बाद मामला पलटा

मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब हिरासत में लिए गए दो आरोपियों ने दिसपुर थाने पहुंचकर पुलिस टीम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पैसे देने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

शिकायत में यह भी कहा गया कि एक अन्य आरोपी को तब तक हिरासत में रखा गया, जब तक मांगी गई रकम का इंतजाम नहीं हो गया। इसके बाद गुवाहाटी पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।

गुवाहाटी पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस के चारों जवानों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। मंगलवार देर रात सभी को दिसपुर थाने लाकर पूछताछ की गई।
आरोपियों से पूछताछ जारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ के बाद उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया गया, क्योंकि मामले में लगी धाराएं जमानती हैं। हालांकि, जांच आगे बढ़ने पर उन्हें फिर से बुलाया जाएगा। इस मामले की रिपोर्ट तैयार कर अदालत में पेश की जाएगी और छत्तीसगढ़ पुलिस भी अपने स्तर पर कार्रवाई कर सकती है।
 सस्ता होगा एअर इंडिया का टिकट, बदले में कंपनी बंद करेगी खाना-लाउंज की सुविधा; ईरान संकट के बीच बड़ा फैसला

सस्ता होगा एअर इंडिया का टिकट, बदले में कंपनी बंद करेगी खाना-लाउंज की सुविधा; ईरान संकट के बीच बड़ा फैसला

 सस्ता होगा एअर इंडिया का टिकट, बदले में कंपनी बंद करेगी खाना-लाउंज की सुविधा; ईरान संकट के बीच बड़ा फैसला


एअर इंडिया घरेलू और छोटी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भोजन को वैकल्पिक बनाने की योजना बना रही है, जिससे टिकट 250 रुपये तक सस्ते हो सकते हैं। बढ़ती लागत औ ...और पढ़ें





 फुल सर्विस एयरलाइन एअर इंडिया अब अपनी घरेलू और दो घंटे तक की छोटी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में खाने को वैकल्पिक बनाने की योजना बना रही है। यह बदलाव अगले एक-दो महीने में लागू हो सकता है।


इस व्यवस्था के लागू होने के बाद जो यात्री खाना नहीं लेंगे, उनके टिकट के दाम में करीब 250 रुपये तक की कमी हो सकती है। यह कदम बढ़ती लागत और कमाई के दबाव को देखते हुए उठाया जा रहा है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण एयरलाइंस की लागत बढ़ गई है और कमाई पर असर पड़ा है, जिससे एअर इंडिया भी जूझ रही है।

लाउंज सुविधा भी हो सकती है अलग

एअर इंडिया बिजनेस क्लास यात्रियों के लिए एयरपोर्ट लाउंज सुविधा को भी अलग करने पर विचार कर रही है। यानी जो यात्री लाउंज का इस्तेमाल नहीं करेंगे, उन्हें सस्ता टिकट मिल सकता है। मेट्रो शहरों के एयरपोर्ट पर लाउंज का खर्च करीब 1100 से 1400 रुपये प्रति व्यक्ति होता है, जबकि छोटे शहरों में यह 600 से 700 रुपये तक रहता है।
औसतन एक यात्री पर लगभग 1000 रुपये खर्च आता है। कई बिजनेस क्लास यात्री ऐसे होते हैं जो समय की कमी के कारण लाउंज का उपयोग नहीं करते। ऐसे में इस सुविधा को अलग करने से उनके टिकट की कीमत कम हो सकती है।
बढ़ती लागत के कारण बदलाव

जानकारी के मुताबिक, शुरुआत से ही एअर इंडिया टिकट में खाने को शामिल रखती आई है। लेकिन अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमत बढ़ने और रुपये के कमजोर होने से टिकट महंगे हो रहे हैं। भारत जैसे कीमत के प्रति संवेदनशील बाजार में ज्यादा किराया बढ़ाने से यात्री ट्रेन या सड़क का विकल्प चुन सकते हैं।


इसी वजह से एयरलाइन इस तरह के बदलावों पर विचार कर रही है। दुनिया की कई एयरलाइंस पहले ही ऐसी सुविधाओं को अलग कर चुकी हैं। अब फुल सर्विस और लो-कॉस्ट एयरलाइंस के बीच का अंतर भी धीरे-धीरे कम होता जा रहा है।
कंपनी पर आर्थिक दबाव

एअर इंडिया समूह अपने नए नैरो बॉडी विमानों को एअर इंडिया एक्सप्रेस में भेजने की योजना बना रहा है, जहां ज्यादा सीटें होती हैं और लागत कम रहती है। यहां फ्री खाना और लाउंज जैसी सुविधाएं नहीं होतीं। कंपनी कमाई बढ़ाने के लिए बोर्डिंग पास के पीछे विज्ञापन देने जैसे विकल्प भी देख रही है। एयर इंडिया एक्सप्रेस में यह पहले से लागू है।


ईरान से जुड़े युद्ध का असर पूरी दुनिया की एयरलाइंस पर पड़ा है। एअर इंडिया को पिछले वित्त वर्ष में करीब 24 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और कंपनी अपने निवेशकों टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से फंड की मांग कर चुकी है।
 MP के आर्काइव में मिला तात्या टोपे का 1857 का पत्र, विद्रोह से जुड़े अनसुलझे रहस्यों से उठा पर्दा

MP के आर्काइव में मिला तात्या टोपे का 1857 का पत्र, विद्रोह से जुड़े अनसुलझे रहस्यों से उठा पर्दा

 MP के आर्काइव में मिला तात्या टोपे का 1857 का पत्र, विद्रोह से जुड़े अनसुलझे रहस्यों से उठा पर्दा



मध्य प्रदेश के भोपाल में 169 साल पुराना तात्या टोपे का हस्ताक्षरित पत्र मिला है, जो 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से पहले की गुप्त तैयारियों को उजागर करत ...और पढ़ें





मध्य प्रदेश के भोपाल में आर्काइव के ढेर से 169 साल पुराना तात्या टोपे के दस्तखत किए हुए पत्र मिले है। इस कागज की शीट भले ही पुरानी और नाजुक हालत में मिली है, लेकिन इस पर आजादी के सिपाही तात्या टोपे के दस्तखत साफ-साफ पहचाने जा सकते हैं। इसके साथ ही, इसमें उस विद्रोह की झलक भी देखने को मिलती है। जो बाद में आगे चलकर एक जोरदार आवाज का रूप ले लिया।


केंद्र सरकार के 'ज्ञान भारत मिशन' के तहत विरासत से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटाइज करने के दौरान यह पत्र मिला है। यह हाल ही में मिला पत्र 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से पहले के उन तनाव भरे और गुपचुप महीनों की एक दुर्लभ झलक दिखाता है। इस पत्र पर 'चैत्र बदी 7, संवत 1914' (1857 ई.) की तारीख लिखी है। यह पत्र अलग-अलग रियासतों के सूबेदारों, सरदारों, सिपाहियों और हवलदारों को संबोधित है।

यह सिर्फ पत्र नहीं, इतिहास की अहम कड़ी भी

इसकी व्यापकता से पता चलता है कि, उस समय तक एक नेटवर्क पहले ही सक्रिय हो चुका था, और इसका लहजा भी किसी अचानक हुई घटना के बजाय एक सोची-समझी रणनीति की ओर इशारा करता है।

मध्य प्रदेश के पुरातत्व निदेशालय के कमिश्नर मदन कुमार नागर ने कहा, "यह सिर्फ एक पत्र नहीं है, बल्कि इतिहास की एक बहुत ही अहम कड़ी है।" आर्काइव के रिकॉर्ड से तात्या टोपे के लोगों को एकजुट करने, मनाने और तैयारी करने के सफर का पता चलता है।


इसके साथ ही तात्या टोपे के दस्तखत इस बात की पुष्टि करते हैं कि, यह पत्र बेहद दुर्लभ और कीमती है। यह विद्रोह शुरू होने से पहले की गई बारीक योजना और आपसी सलाह-मशविरे को दर्शाता है। इस ऐतिहासिक खोज से हमें अपने इतिहास को और भी बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
पत्र से उनके आंदोलन की मिलती है जानकारी

इस पत्र का सफर भी इसके संदेश की ही तरह है। आर्काइव के रिकॉर्ड से तात्या टोपे के मध्य भारत में हुए सफर का पता चलता है। वे बैतूल, गढ़ाकोटा, ग्वालियर, झांसी और शिवपुरी जैसे इलाकों में घूमे थे।


इन रिकॉर्ड से उनके लोगों को एकजुट करने, उन्हें विद्रोह के लिए मनाने और युद्ध की तैयारी करने के उस लगातार जारी सफर की पूरी रूपरेखा सामने आती है। जानकारी के अनुसार, निदेशालय ने मराठ-मोली लिपि में लिखी बुंदेली और हिंदी पाठ को समझने के लिए भाषा विशेषज्ञों सैयद नईमुद्दीन और अमोल ज्ञानेश्वर महाले की मदद ली।
 झारखंड में शोध और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा, CM सोरेन ने पूरे राज्य में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस चलाने का दिया निर्देश

झारखंड में शोध और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा, CM सोरेन ने पूरे राज्य में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस चलाने का दिया निर्देश

 झारखंड में शोध और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा, CM सोरेन ने पूरे राज्य में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस चलाने का दिया निर्देश


मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना ब ...और पढ़ें




 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन एवं प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद को दिए हैं।


उन्होंने परिषद की सामान्य सभा की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विज्ञान एवं नवाचार को समाज एवं शासन की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना समय की मांग है। बैठक में राज्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ बनाने तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नवाचार आधारित वातावरण विकसित करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में प्रतिभा, संसाधन एवं संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें सही दिशा, उपयुक्त मंच एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करने की है। राज्य सरकार युवाओं, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं तकनीकी संस्थानों को नवाचार से जोड़ते हुए भविष्य उन्मुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में कहा गया कि विज्ञान एवं तकनीक आधारित पहल राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगी तथा झारखंड को ज्ञान-आधारित विकास की दिशा में अग्रसर करेंगी। बैठक में परिषद द्वारा तैयार झारखंड छात्र शोध एवं नवाचार नीति, 2026 तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में एआइ की पढ़ाई को लेकर तैयार रोडमैप पर भी चर्चा हुई।


बैठक में विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक विकास मुंडा, मुख्य सचिव अविनाश कुमार,विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव के.
श्रीनिवास, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव राज कुमार गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बारा, तकनीकी शिक्षा निदेशक सुनील कुमार आदि उपस्थित थे।
सभी जिलों में संचालित हो मोबाइल साइंस एक्जिबिशन बस

मुख्यमंत्री ने बैठक में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस को राज्य के सभी 24 जिलों में संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग, विशेषकर विद्यार्थी उसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। झारखंड में विज्ञान जागरूकता के लिए मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी जैसी गतिविधियां पहले भी उपयोगी साबित हुई हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक के साथ-साथ मैकेनिकल नवाचारों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि कृषि कार्य अधिक सुलभ, आधुनिक और उत्पादक बन सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि साइंस सिटी केवल बच्चों के आकर्षण का केंद्र न रहे, बल्कि हर आयु वर्ग के लोग वहां पहुंचें, उसे देखें और उससे प्रेरित हों।
सरकारी स्कूलों के बच्चों को तारामंडल और साइंस सिटी का कराएं भ्रमण

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन साइंस केंद्र एवं तारामंडलों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश के विभिन्न शहरों में स्थित साइंस सिटी एवं तारामंडलों का भ्रमण कराने के लिए विशेष पहल की जाए, ताकि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार के प्रति रुचि विकसित हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शोध एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।
अवैध वेतन निकासी मामले में बोकारो में ASI अशोक भंडारी गिरफ्तार, 10 करोड़ की धांधली का खुलासा

अवैध वेतन निकासी मामले में बोकारो में ASI अशोक भंडारी गिरफ्तार, 10 करोड़ की धांधली का खुलासा

 अवैध वेतन निकासी मामले में बोकारो में ASI अशोक भंडारी गिरफ्तार, 10 करोड़ की धांधली का खुलासा


सीआइडी की एसआइटी ने अवैध वेतन निकासी मामले में बोकारो एसपी कार्यालय के एएसआइ अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें






अवैध वेतन निकासी मामले में बोकारो से गिरफ्तार एएसआई अशोक कुमार भंडारी।


अवैध वेतन निकासी मामले की जांच कर रही सीआइडी की विशेष जांच टीम (एसआइटी) ने एसपी बोकारो के अकाउंट सेक्शन में प्रतिनियुक्त एएसआइ अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तार किया है।

उसे बुधवार को रांची स्थित सीआइडी की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेज दिया गया है। एएसआई अशोक कुमार भंडारी पूर्व में गिरफ्तार मुख्य लेखापाल कौशल कुमार पांडेय का सहयोगी था। एएसआई अशोक कुमार भंडारी के खाते में लेखापाल कौशल कुमार पांडेय के खाते से लगभग 50 लाख रुपये के हस्तांतरण का खुलासा हुआ है।


भंडारी ने लेखापाल कौशल कुमार पांडेय के सहयोग से गलत तरीके से कमान निर्गत कर उक्त कमान से टीए बिल की निकासी भी करता था। इसके माध्यम से वर्ष 2020 से अब तक कुल 1.11 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि की निकासी इसके बैंक खाता के माध्यम से की गई है।


एसआईटी की तीसरी गिरफ्तारी

अवैध वेतन निकासी मामले में बोकारो में विशेष जांच टीम की दूसरी व अब तक तीसरी गिरफ्तारी है। पूर्व में बोकारो पुलिस की जांच टीम ने लेखापाल कौशल कुमार पांडेय को गिरफ्तार किया था।

सीआईडी ने केस को टेकओवर करने के बाद जांच के क्रम में बोकारो एसपी कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में प्रतिनियुक्त गृह रक्षा वाहिनी के जवान सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था और अब एएसआई अशोक कुमार भंडारी की गिरफ्तारी हुई है।

गृह रक्षा वाहिनी के जवान सतीश कुमार सिंह के खाते में एसआइटी ने जांच के क्रम में लगभग 1.06 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन की पुष्टि की थी। एसआइटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खाते में पड़े 43 लाख रुपये को फ्रीज करवा दिया था।
बोकारो में सात अप्रैल को दर्ज हुई थी प्राथमिकी, जिसे सीआईडी ने किया था टेकओवर

बोकारो के बीएस सिटी थाना में सात अप्रैल को कांड संख्या 62/26 में में दर्ज प्राथमिकी को टेकओवर करते हुए सीआइडी ने अनुसंधान शुरू किया है। इस केस में सीआइडी थाना रांची में 24 अप्रैल को कांड संख्या 06/2026 दर्ज किया गया है।


इस कांड के प्रभावी व गहन अनुसंधान के लिए ही विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व आइजी पंकज कंबोज कर रहे हैं। अब तक के अनुसंधान में बोकारो एसपी कार्यालय से करीब 10 करोड़ रुपये की अवैध निकासी किए जाने की जानकारी मिली है।
अवैध निकासी की राशि कहां-कहां गई, कौन-कौन लाभान्वित हुआ, किसी को नहीं बख्सेगी एसआईटी

जांच कर रही एसआइटी अवैध तरीके से वेतन निकासी मामले में किसी को छोड़ने नहीं जा रही है। रुपये किस खाते से किस खाते में गए, कहां निकले, कितने ट्रांसफर हुए, कहां ट्रांसफर हुए, कैश कितने निकले, कहां-कहां बंटे, इन सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।


तकनीकी व दस्तावेज साक्ष्य के आधार पर एसआईटी की जांच की रफ्तार तेज है। अगर एक रुपये भी किसी को अवैध रूप से मिले हैं, तो उन तक एसआइटी पहुंचेगी। कोई बचेगा नहीं, ऐसा दावा एसआईटी ने किया है।
 झारखंड में भाजपा का जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का आरोप, 6-12 मई तक राज्य में करेगी प्रदर्शन

झारखंड में भाजपा का जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का आरोप, 6-12 मई तक राज्य में करेगी प्रदर्शन

 झारखंड में भाजपा का जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का आरोप, 6-12 मई तक राज्य में करेगी प्रदर्शन


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए 6 से 12 मई तक झारखंड के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन की घोषणा की है। ...और पढ़ें




 भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य में चलने वाली जल जीवन मिशन योजनाओं में भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी का आरोप लगाया है। बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में एक प्रेस वार्ता में आदित्य साहू ने कहा कि छह मई से 12 मई तक अलग-अलग जिलों में भाजपा कार्यकर्ता पेयजल समस्या पर आंदोलन करेंगे।


छह दिनों तक चले वाले इस प्रदर्शन में सरकार से पेयजल स्वच्छता विभाग में होने वाले भ्रष्टाचार का हिसाब मांगा जाएगा। प्रदेश भर में लगभग 80000 हैंडपंप खराब पड़े हैं। 72 घंटे में खराब पड़े हैंडपंप को बनाने का सरकारी दावा फिसड्डी साबित हुआ है। सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर भी किसी काम का नहीं है।

आदित्य साहू ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर घर को स्वच्छ जल मिले इसके लिए राज्य में 12764 करोड़ रुपए दिए। जिसमें से 6010 करोड़ यानी 46.30 प्रतिशत ही राज्य सरकार खर्च कर पाई।

7000 करोड़ से अधिक की राशि पड़ी हुई है। राज्य में 45 प्रतिशत परिवार इस योजना से वंचित हैं। झारखंड में स्थिति यह है कि यह योजना राष्ट्रीय औसत से लगभग 25 प्रतिशत पीछे है और देशभर में नीचे से यह दूसरे स्थान पर है।
जिलों में आंदोलन के लिए तिथि घोषित

भारतीय जनता पार्टी ने छह मई से लेकर 12 मई तक यानी छह दिनों तक जिलों में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। छह मई को गढ़वा, पलामू एवं लातेहार, सात मई को चाईबासा, जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां, आठ मई को हजारीबाग, चतरा, कोडरमा एवं रामगढ़, नौ मई को दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, देवघर एवं जामताड़ा, 11 मई को गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो और 12 मई को रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला एवं खूंटी में भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची सहित पानी ढोने वाले अन्य बर्तन कर प्रदर्शन करेंगे।