युवराज सिंह ने अपने करियर के बारे में किया बड़ा खुलासा, बोले - कोहली-शास्‍त्री नहीं, MS Dhoni ने बताई पूरी सच्‍चाई

 युवराज सिंह ने अपने करियर के बारे में किया बड़ा खुलासा, बोले - कोहली-शास्‍त्री नहीं, MS Dhoni ने बताई पूरी सच्‍चाई


युवराज सिंह ने अपने करियर के आखिरी सालों को याद करते हुए बताया कि सिर्फ एमएस धोनी ने उन्‍हें स्‍पष्‍टता दी थी। ...और पढ़े




युवराज सिंह ने अपने करियर को याद किया


युवी ने कहा कि कोहली-शास्‍त्री से उन्‍हें सफाई नहीं मिली


युवी ने बताया कि एमएस धोनी ने उन्‍हें सफाई दी


स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने अपने करियर के बारे में बड़ा खुलासा किया। युवी ने कहा कि उन्‍हें अपने क्रिकेट करियर के भविष्‍य के बारे में स्‍पष्‍टता एमएस धोनी के कारण मिली थी।


युवराज सिंह ने स्‍पोर्ट्स तक से बातचीत में अपने करियर के अंतिम सालों को याद कतरे हुए बताया कि उन्‍हें स्‍पष्‍टता नहीं मिली थी। युवी का मानना है कि भारतीय क्रिकेट को सेवा देने वाले क्रिकेटर्स स्‍पष्‍टता पाने के हकदार हैं कि टीम को लेकर उनकी सोच क्‍या है।

युवी का बयान

मेरा मानना है कि जो खिलाड़ी अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं, उसे उसके करियर के बारे में स्‍पष्‍टता जानना जरूरी है। मुझे नहीं मिली। जहीर खान, वीरेंदर सहवाग और हरभजन सिंह को भी नहीं मिली। कप्‍तान, कोच या चयनकर्ता कोई भी हो, उन्‍हें खिलाड़ी के साथ बैठकर बताना चाहिए कि चीजों को किस तरह देख रहे हैं। हो सकता है कि बातचीत अच्‍छा मोड़ नहीं ले, लेकिन कम से कम प्रयास तो किया गया।

युवराज सिंह, पूर्व भारतीय ऑलराउंडर


बता दें कि युवराज सिंह ने 2007 टी20 वर्ल्‍ड कप और 2011 वन वर्ल्‍ड कप जीतने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। वो 2011 वर्ल्‍ड कप के दौरान कैंसर से पीड़‍ित भी थे। फिर उन्‍होंने उपचार कराके मैदान में दोबारा वापसी की।


कैंसर के बाद युवराज सिंह की मैदान में पारी दमदार नहीं रही। युवराज को सीमित मौके मिलने लगे और अचानक वो टीम से बाहर हो गए। युवी ने इंग्‍लैंड के खिलाफ कटक वनडे में 150 रन की पारी भी खेली, लेकिन फिर भी चयनकर्ताओं ने उन्‍हें उपयोगी नहीं माना। 2019 में युवराज सिंह ने अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा।

एमएस धोनी ने तस्‍वीर साफ की

उदाहरण के लिए, जब मैं अपनी स्थिति से गुजर रहा था। तब मुझे कोई स्‍पष्‍टता नहीं थी। एनसीए या कप्‍तान और कोच की तरफ से कोई स्‍पष्‍टता नहीं थी। मैं 36 साल का था और 37वें की तरफ बढ़ रहा था, तब सोच रहा था कि आगे क्‍या करना है। प्रमुख बात अगर किसी ने लंबे समय तक क्रिकेट खेला है, तो वो सम्‍मान पाने के हकदार हैं। मैंने एमएस धोनी से फोन पर बात की। उन्‍होंने मुझे सही बात बताई। उन्‍हें कुछ हासिल नहीं होने वाला था, लेकिन वो देख पा रहे थे कि हो क्‍या रहा है। मुझे कहा गया कि अगर फिटनेस टेस्‍ट पास नहीं किया तो संन्‍यास ले लूं। मैंने कहा कि संन्‍यास का फैसला मेरा होगा। मैंने फिटनेस टेस्‍ट पास किया और उन पर छोड़ दिया कि मुझे चुनते हैं कि नहीं। अगर नहीं, तो मैं आगे बढ़ जाऊंगा। उस समय मैं अपने खेल का आनंद नहीं उठा रहा था।


युवराज सिंह


युवराज सिंह ने जोर देकर कहा कि टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की तरफ से खिलाड़‍ियों को स्‍पष्‍टता देना जरूरी है ताकि किसी को इस तरह की उलझन से गुजरना नहीं पड़े।

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