अवैध निकासी के बाद वित्त विभाग सतर्क, मंत्री ने दिए जांच के आदेश
झारखंड में ट्रेजरी से अवैध निकासी के बाद वित्त विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। प्रधान सचिव प्रशांत कुमार ने उच्चस्तरीय बैठक कर सिस्टम की खामियां दूर करने ...और पढ़ें

सभी 33 ट्रेजरी की व्यापक जांच, दोषियों पर कार्रवाई।
रांची। झारखंड में ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले के बाद वित्त विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। इसी क्रम में सोमवार को प्रधान सचिव प्रशांत कुमार ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर व्यवस्था में मौजूद कमियों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।
करीब दो घंटे तक चली बैठक में उन्होंने अधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और सिस्टम को और अधिक पारदर्शी व मजबूत बनाने पर जोर दिया। बैठक के बाद स्पष्ट किया गया कि राज्य में कहीं भी वेतन भुगतान पर रोक नहीं है।
सभी विभागों को आवंटन जारी किया जा रहा है और जिन कर्मियों ने अपना विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया है, उन्हें वेतन मिलना भी शुरू हो गया है।
प्रधान सचिव के कार्यालय में तकनीकी अधिकारियों के साथ हुई इस बैठक में व्यवस्थागत खामियों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस लेखापालों के स्तर पर हुई गड़बड़ियों को तकनीकी प्रणाली समय पर पकड़ नहीं सकी।
इस पर नाराजगी जताते हुए प्रधान सचिव ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी खातों को आधार और पैन नंबर से अनिवार्य रूप से लिंक करने, साथ ही ट्रेजरी और सभी कार्यालयों में डीडीओ द्वारा संतुष्टि के बाद ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सभी जिलों में ट्रेजरी की होगी जांच
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य के सभी 24 जिलों में स्थित 33 ट्रेजरी की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
दोषियों की चल-अचल संपत्ति जब्त कर सरकारी नुकसान की भरपाई की जाएगी। सरकार का लक्ष्य एक-एक पैसे की वसूली कर उसे वापस खजाने में लाना है। संभावना है कि लगभग 40 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी कोषागारों से हो चुकी है।