मिडिल-ईस्ट तनाव: अब तक 30 ईरानी विश्वविद्यालयों पर हमले, विज्ञानी ढांचे को भारी नुकसान
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच तेहरान के शाहिद बेहेश्ती विश्वविद्यालय पर हवाई हमला हुआ। इसमें लेजर एवं प्लाज्मा अनुसंधान संस्थान और छात्राओं के छा ...और पढ़ें

अब तक 30 ईरानी विश्वविद्यालयों पर हमले। (AI Generated Image)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान की राजधानी तेहरान स्थित शाहिद बेहेश्ती विश्वविद्यालय पर शनिवार को हवाई हमला हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय के लेजर एवं प्लाज्मा अनुसंधान संस्थान को गंभीर क्षति पहुंचने की सूचना है।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार हमले से अनुसंधान केंद्र के साथ पास स्थित छात्राओं के छात्रावास को भी नुकसान पहुंचा है। घटनास्थल से जारी तस्वीरों में भवनों के क्षतिग्रस्त हिस्से और मलबा साफ दिखाई दे रहा है।
ईरानी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि यह हमला अमेरिका-इजरायल गठबंधन द्वारा देश के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों को निशाना बनाकर किया गया। शाहिद बेहेश्ती विश्वविद्यालय ईरान के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में माना जाता है और यहां उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान सुविधाएं संचालित होती हैं।
ईरान के विज्ञान मंत्री हुसैन सिमायी सर्राफ ने हमले की कड़ी ¨नदा करते हुए इसे “मानवता के खिलाफ अपराध'' बताया। उनका कहना है कि अब तक लगभग 30 ईरानी विश्वविद्यालय किसी न किसी रूप में हमलों की चपेट में आ चुके हैं।
ईरान की विज्ञानी प्रगति को रोकने की कोशिश
उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिक और विज्ञानी ढांचे को निशाना बनाकर ईरान की विज्ञानी प्रगति को रोकने की कोशिश की जा रही है।बगदाद से तेल अवीव तक युद्ध विरोधी प्रदर्शनइराक की राजधानी बगदाद के तहरीर चौक पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने ईरान, इराक और लेबनान के खिलाफ बढ़ती सैन्य कार्रवाई को क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बताया।इजरायल में भी लोग सड़कों पर उतर कर युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों ने हाथों में युद्धविरोधी संदेशों से भरे पोस्टर ले रखे थे और पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ नारे लगा रहे थे।
लोगों का कहना है कि पुलिस उनको चुप कराने की कोशिश कर रही है। लोगों ने कहा कि इजरायल में हमेशा युद्ध होता रहता है। हम इससे तंग आ चुके हैं। नेतन्याहू अपने खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई टालने के लिए कोई न कोई बहाना खोज लेते हैं। ईरान, गाजा और लेबनान के खिलाफ युद्ध बंद किया जाए।