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 ट्रंप की मंत्री के ऑफिस में मिली शराब, सरकारी खर्चे पर जूनियर को स्ट्रिप क्लब भी लेकर गई; जांच के आदेश

ट्रंप की मंत्री के ऑफिस में मिली शराब, सरकारी खर्चे पर जूनियर को स्ट्रिप क्लब भी लेकर गई; जांच के आदेश

 ट्रंप की मंत्री के ऑफिस में मिली शराब, सरकारी खर्चे पर जूनियर को स्ट्रिप क्लब भी लेकर गई; जांच के आदेश




अमेरिका की श्रम मंत्री लोरी चावेज-डेरेमर एक बड़ी जांच के घेरे में हैं। उन पर ऑफिस में शराब रखने, आधिकारिक यात्रा पर अधिकारियों को स्ट्रिप क्लब ले जाने ...और पढ़ें






जांच में अफेयर की अफवाहों से लेकर ट्रैवल फ्रॉड तक की बातें सामने आ रही हैं। (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)



मंत्री के ऑफिस में शराब का 'स्टैश' मिला।


आधिकारिक यात्रा पर अधिकारियों को स्ट्रिप क्लब ले गईं।


यात्रा धोखाधड़ी और अनुचित संबंधों की जांच जारी।


 अमेरिका की श्रम मंत्री लोरी चावेज-डेरेमर पर चल रही जांच में सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि उनके ऑफिस में शराब का 'स्टैश' रखा हुआ था और उन्होंने आधिकारिक यात्रा के दौरान अधिकारियों को स्ट्रिप क्लब ले जाकर बड़ा विवाद खड़ा किया। यह जांच अब और गहरा रही है। इस जांच में अफेयर की अफवाहों से लेकर ट्रैवल फ्रॉड तक की बातें सामने आ रही हैं।


इस जांच में पुष्टि हुई है कि मंत्री के एक अधिकारी से 'अनुचित' रिश्ते की अफवाहें महीनों पहले चर्चा में थीं, लेकिन उनके चीफ ऑफ स्टाफ जिहुन हान ने उन्हें खारिज कर दिया। अब हान और उनकी डिप्टी रेबेका राइट को सोमवार को छुट्टी पर भेज दिया गया है।


कम से कम एक दर्जन लोगों से पूछताछ

द न्यूयॉर्क पोस्ट ने सबसे पहले इस शिकायत का खुलासा किया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि चावेज-डेरेमर ने हान और राइट से आधिकारिक यात्राओं का बहाना बनवाकर 'ट्रैवल फ्रॉड' किया। इसके साथ ही, ऑफिस में दिन के समय शराब पीने और स्टाफ पर दबाव डालने का आरोप भी था। अब तक कम से कम एक दर्जन लोगों से पूछताछ हो चुकी है।


वहीं पूछताछ में एक नया मामला भी सामने आया है। अप्रैल 2025 में ओरेगन की आधिकारिक यात्रा के दौरान चावेज-डेरेमर ने अपने अधिकारियों को पोर्टलैंड के बाहर एंजेल्स पीडीएक्स नाम के स्ट्रिप क्लब में ले गईं थीं।
अफेयर की अफवाहें या सच?

श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल अब सभी सबूतों की तलाश कर रहा है। इसमें चावेज-डेरेमर और उनके कथित प्रेमी के बीच वाशिंगटन डीसी अपार्टमेंट और लास वेगास होटल में कम से कम पांच मुलाकातों की वीडियो फुटेज शामिल है। वह अधिकारी अब प्रशासनिक छुट्टी पर है और टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हुआ।


श्रम विभाग के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा, "विभाग आंतरिक या कर्मचारी मामलों पर टिप्पणी नहीं करेगा। सचिव विभाग के मिशन को पूरा करने और अमेरिकी श्रमिकों का समर्थन करने पर केंद्रित हैं।"
 'समय आ गया है, अब एक्शन लेना होगा...'; ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने दी चेतावनी

'समय आ गया है, अब एक्शन लेना होगा...'; ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने दी चेतावनी

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ट्रंप ने ग्रीनलैंड से रूसी खतरे को हटाने का एलान किया है, यह दावा करते हुए कि डेनमार्क 20 साल से नाटो की सलाह पर असफल रहा है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर प ...और पढ़ें







अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप। फोटो - रायटर्स



ट्रंप ने ग्रीनलैंड से रूसी खतरे को खत्म करने का एलान किया


डेनमार्क की 20 साल की विफलता पर ट्रंप ने साधा निशाना


ग्रीनलैंड न देने पर यूरोपीय देशों को टैरिफ की धमकी दी


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वेनेजुएला के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की नजरें ग्रीनलैंड पर टिकी हैं। ट्रंप आए दिन ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी देते हैं। अब उन्होंने ग्रीनलैंड से रूसी खतरे को हटाने का संकल्प ले लिया है।


ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि डेनमार्क काफी समय से रूस के खतरे को ग्रीनलैंड से दूर करने की कोशिश कर रहा है। अब समय आ गया है। इस कोशिश को सफल किया जाएगा।


ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने ट्रुथ पर लिखा, "नाटो पिछले 20 साल से डेनमार्क से कह रहा है कि उसे रूसी खतरे को दूर करना होगा। दुर्भाग्यवश डेनमार्क इस बारे में अब तक कुछ भी नहीं कर सका है। मगर, अब समय आ गया है। इसपर जरूर एक्शन लिया जाएगा।"


व्हाइट हाउस से लेकर डेनिश प्रेजिडेंसी, यूरोपियन यूनियन और डेनमार्क के विदेश मंत्रालय ने अभी तक ट्रंप के बयान पर चुप्पी साध रखी है। ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि उन्हें ग्रीनलैंड का मालिकाना हक चाहिए।



ग्रीनलैंड पर दी थी धमकी

डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने साफ किया है कि ये उपमहाद्वीप बेचने के लिए नहीं है और न ही ये कभी अमेरिका का हिस्सा बनेगा। शनिवार को ट्रंप ने यूरोपिय देशों को धमकी दी थी कि अगर ग्रीनलैंड नहीं दिया, तो ट्रंप सभ देशों पर टैरिफ लगा देंगे।


ग्रीनलैंड में रूस और चीन की मौजूदगी का हवाला देकर ट्रंप इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बता रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि नाटो के सुरक्षा पैक्ट में ग्रीनलैंड भी शामिल है।
 स्पेन में दो हाई-स्पीड ट्रेनों की भिड़ंत, 39 लोगों की मौत और 73 घायल

स्पेन में दो हाई-स्पीड ट्रेनों की भिड़ंत, 39 लोगों की मौत और 73 घायल

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दक्षिणी स्पेन में रविवार को दो तेज रफ्तार ट्रेनों की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई और 73 लोग घायल हो गए। यह घटना कॉर्ड ...और पढ़ें






स्पेन में दो ट्रेनों की भीषण टक्कर। फोटो - रायटर्स


दक्षिणी स्पेन में दो तेज रफ्तार ट्रेनों की टक्कर


हादसे में 39 लोगों की मौत, 73 लोग घायल


मैड्रिड-अंडालूसिया हाई-स्पीड सेवा बाधित हुई


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रविवार को दक्षिणी स्पेन में एक तेज रफ़्तार ट्रेन के पटरी से उतर जाने से कम से कम 39 लोग मारे गए और 73 लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन उल्टी दिशा में ट्रैक पर चली गई और सामने से आ रही दूसरी ट्रेन से टकरा गई।


स्पेन की रेल संस्था ADIF ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करके बताया कि मलागा और मैड्रिड के बीच शाम की ट्रेन पटरी से उतर गई और मैड्रिड से हुएलवा (जो स्पेन का एक और दक्षिणी शहर है) जा रही दूसरी ट्रेन से टकरा गई।






स्पेन में दो ट्रेनों की भीषण टक्कर। फोटो - रायटर्स
कहां पर हुई यह घटना?

यह घटना स्पेन के कॉर्डोबा में एडम्यूज स्टेशन के पास शाम 5:40 बजे GMT (रात 11:10 बजे IST) हुई। ADIF ने बताया कि इर्यो 6189 मालागा-से-मैड्रिड ट्रेन एडम्यूज में पटरी से उतर गई और पास वाली पटरी पर चली गई। बगल वाली पटरी पर जो ट्रेन थी वह मैड्रिड से हुएल्वा जाने वाली ट्रेन थी और वह भी पटरी से उतर गई थी।




स्पेन में दो ट्रेनों की भीषण टक्कर। फोटो - रायटर्स
इन रूट्स पर सामान्य है सर्विस

इस घटना के बाद मैड्रिड और अंडालूसिया के बीच हाई-स्पीड सर्विस बाधित हो गई है। इस बीच, मैड्रिड, टोलेडो, स्यूदाद रियल और पुएर्टोल्लानो के बीच कमर्शियल सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। इर्यो एक इटैलियन-संचालित प्राइवेट रेल ऑपरेटर है। अंडालूसिया इमरजेंसी सर्विसेज ने सोशल मीडिया पर बताया कि सभी रेल ट्रैफिक रोक दिया गया है और इमरजेंसी सेवाएं मौके पर पहुंच रही हैं।




इस हफ्ते की शुरुआत में ट्रेन के पटरी से उतरने की एक ऐसी ही घटना थाईलैंड में हुई थी, जिसमें एक क्रेन गिरने से ट्रेन पटरी से उतर गई। इस घटना में कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई और 73 घायल हो गए।
इराक में फ्रांस के दूतावास का काला इतिहास, यहूदी परिवार के घर पर कब्जे का आरोप; 200 करोड़ का मुकदमा दर्ज

इराक में फ्रांस के दूतावास का काला इतिहास, यहूदी परिवार के घर पर कब्जे का आरोप; 200 करोड़ का मुकदमा दर्ज

 इराक में फ्रांस के दूतावास का काला इतिहास, यहूदी परिवार के घर पर कब्जे का आरोप; 200 करोड़ का मुकदमा दर्ज


इराक की राजधानी बगदाद में फ्रांस के दूतावास के तौर पर इस्तेमाल हो रही एक हवेली को लेकर यहूदी परिवार ने फ्रांस पर 22 मिलियन डॉलर का मुकदमा किया है। परि ...और पढ़ें






1965 में फ्रांस ने इसे किराए पर लिया और दूतावास बना लिया। (फोटो सोर्स- X)


फ्रांस पर यहूदी परिवार ने 22 मिलियन डॉलर का मुकदमा किया।


बगदाद में दूतावास वाली हवेली पर कब्जे का आरोप है।


परिवार का दावा, फ्रांस ने यहूदी-विरोधी नीतियों का फायदा उठाया।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इराक की राजधानी बगदाद में एक शानदार हवेली अब फ्रांस के दूतावास के तौर पर इस्तेमाल हो रही है। इस हवेली में कभी एक यहूदी परिवार रहता था। लेकिन दशकों से किराया न चुकाने के आरोप में यह परिवार फ्रांस पर 22 मिलियन डॉलर का मुकदमा कर रहा है।


परिवार का कहना है कि फ्रांस ने इराकी सरकार की यहूदी-विरोधी नीतियों से फायदा उठाया और अपना कॉन्ट्रैक्ट तोड़ दिया। यह केस सोमवार को पेरिस की अदालत में सुनवाई होनी है। यह कहानी 60 साल पुरानी है। 1935 में एज्रा और खेदौरी लावी नाम के दो भाइयों ने तिगरिस नदी के किनारे यह घर बनवाया था।


'खून-पसीने से बनाया था घर'

1965 में फ्रांस ने इसे किराए पर लिया और दूतावास बना लिया। लेकिन परिवार का आरोप है कि फ्रांस ने इराकी सरकार से सस्ता सौदा करके उनके साथ धोखा किया। दावा है कि ये यहूदियों की संपत्ति छीनने वाले कानूनों के तहत हुई थी।


मेयर लावी एज्रा के बेटे हैं और 86 साल के हैं। वह बताते हैं कि उनके पिता ने घर बचाने के लिए फ्रांस को किराए पर दिया था। मेयर कहते हैं, "मेरे पिता बहुत दुखी थे। यह उनका घर था, जिसे उन्होंने खून-पसीने से बनाया था और छीन लिया गया था।"


परिवार के वकील का कहना हैं कि फ्रांस का विदेशी देश की यहूदी-विरोधी नियमों को मानना असंवैधानिक है और अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशनों का उल्लंघन करता है। फ्रांस का बचाव है कि सारी जिम्मेदारी इराक की है, लेकिन इससे वह खुद उन भेदभावपूर्ण कानूनों पर निर्भर दिख रहा है।

यहूदियों का पलायन

1941 से 1951 के बीच करीब 1,30,000 यहूदी इराक छोड़कर भागे या निकाले गए। ये लोग 2,600 साल पहले से वहां रह रहे थे। लावी परिवार उन 9,00,000 यहूदियों में से एक था जो 1948 में इजराइल बनने के बाद अरब और मुस्लिम देशों से निकाले गए।


परिवार के वकील इस केस को होलोकॉस्ट पीड़ितों के दावों से जोड़ते हैं, जहां फ्रांस ने नाजी काल में चुराई गई संपत्ति लौटाई है। "फ्रांस ने इराक की एंटीसेमिटिक नीतियों का साथ देकर गलत किया," वकील जीन-पियरे मिग्नार्ड और इमरान घेरमी कहते हैं। फ्रांस कहता है कि नुकसान इराकी फैसलों से हुआ है।


फ्रांस कहता है कि 1950 के दशक से इराक के यहूदियों की संपत्ति छीनने वाले कानूनों की वजह से उन्हें इराकी अथॉरिटी से डील करनी पड़ी। वे परिवार से और सबूत मांग रहे हैं। परिवार की नई पीढ़ियां, जैसे फिलिप खज्जम (एज्रा के पोते, 66 साल), घर की कहानियां सुनकर बड़ी हुईं।
 पाकिस्तान: सिरफिरे ने घरेलू विवाद में पूरे परिवार को गोलियों से भूना, पत्नी-बेटी समेत सात लोगों का मर्डर

पाकिस्तान: सिरफिरे ने घरेलू विवाद में पूरे परिवार को गोलियों से भूना, पत्नी-बेटी समेत सात लोगों का मर्डर

 पाकिस्तान: सिरफिरे ने घरेलू विवाद में पूरे परिवार को गोलियों से भूना, पत्नी-बेटी समेत सात लोगों का मर्डर



पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक युवक ने घरेलू विवाद के चलते अपने परिवार के सात सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतकों में उसकी पत्नी, दो ...और पढ़ें






 पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जहां घरेलू विवाद इतना बढ़ गया कि युवक ने अपने ही परिवार के लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने लगा। इस गोलीबार में परिवार के सात लोगों की मौत हो गई।


पुलिस ने बताया कि सोमवार को पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक व्यक्ति ने घरेलू विवाद के चलते अपने घर के अंदर गोलीबारी की, जिसमें उसकी पत्नी और दो महीने की बेटी सहित सात लोगों की मौत हो गई। गोलीबारी के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।


आरोपी की पहचान फारूक उर्फ फारूके के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर घरेलू विवाद के बाद गोलीबारी की, इस दौरान उसने घर में मौजूद परिवार के सदस्यों पर गोलीबारी की। इस गोलीबारी में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

पारिवारिक दुश्मनी

मृतकों में आरोपी के दो भाई और उनकी पत्नियां, साथ ही आरोपी की अपनी पत्नी और उसकी दो महीने की बेटी शामिल हैं। घटना के पीछे का मकसद घरेलू कलह और लंबे समय से चली आ रही पारिवारिक दुश्मनी बताया जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए हैं और घटना की जांच शुरू कर दी है।