24 घंटे में पांच अमेरिकी विमानों को निशाना बनाने का ईरान का दावा, मिडिल ईस्ट में चरम पर तनाव
पश्चिम एशिया में 36 दिनों से जारी संघर्ष के बीच ईरान ने अमेरिकी हवाई वर्चस्व को चुनौती देते हुए दो लड़ाकू विमानों को मार गिराने और तीन हेलीकॉप्टरों को ...और पढ़ें
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ईरान का दावा 24 घंटे में 2 अमेरिकी फाइटर जेट गिराए (फाइल फोटो)
ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमान गिराने का दावा किया।
पेंटागन ने अभी तक ईरानी दावों की पुष्टि नहीं की है।
ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे में समझौता करने की चेतावनी दी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में 36 दिनों से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के बीच ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पिछले 24 घंटों में अमेरिकी हवाई वर्चस्व को गंभीर चुनौती देने का दावा किया है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड के अनुसार, इस अवधि में दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया तथा तीन सैन्य हेलीकाप्टरों को नुकसान पहुंचाया गया। यदि इन दावों की पुष्टि होती है तो पिछले 20 वर्षों में यह पहला मौका होगा जब युद्धक्षेत्र में अमेरिकी लड़ाकू विमान दुश्मन की कार्रवाई में गिराया गया हो।
अमेरिकी सेना ने दावों की नहीं की पुष्टि
पिछली बार 2003 में इराक युद्ध में ए-10 थंडरबोल्ट-2 के साथ ये वाकया हुआ था। ईरान की ओर से इन घटनाओं से जुड़े वीडियो और फोटो भी जारी किए गए हैं। हालांकि पेंटागन और अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ईरान सेना ने दावा किया कि नई हवाई रक्षा प्रणाली सटीक काम कर रही है और हम जल्दी ही अपने हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लेंगे। न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में राष्ट्र के नाम संदेश में कहा था कि अमेरिकी विमान तेहरान और ईरान के अन्य हिस्सों में बिना किसी बाधा के उड़ान भर रहे हैं तथा ईरान की वायुसेना को लगभग निष्कि्रय कर दिया गया है।
उन्होंने कई बार दावा किया था कि ईरान की वायु रक्षा क्षमता समाप्त हो चुकी है। इसके विपरीत शुक्रवार को ईरान ने अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया। इसके बाद ईरान के आसमान में एचसी-130जे कांबैट किंग-2 और एचएच-60 हेलीकाप्टरों द्वारा खोज एवं बचाव अभियान चलाए जाने के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर सामने आए।
ईरान का दावा
रायटर के अनुसार, ईरान का दावा है कि इस अभियान के दौरान दोनों हेलीकाप्टर भी हमले की चपेट में आए और उन्हें ईरानी हवाई सीमा छोड़नी पड़ी। रिपोर्टों के अनुसार एक पायलट को अमेरिकी बचाव दल सुरक्षित निकालने में सफल रहा, जबकि दूसरे पायलट की तलाश जारी है। ईरान ने लापता पायलट को पकड़ने वाले के लिए 10 अरब ईरानी तोमान (लगभग 55 लाख रुपये) के इनाम की घोषणा की है।
इसके बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि एक अन्य अमेरिकी लड़ाकू विमान ए-10 थंडरबोल्ट-2 भी हमले का शिकार होकर फारस की खाड़ी में गिर गया, हालांकि उसका पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा। शनिवार को ईरानी मीडिया ने कुवैत में एक अमेरिकी चिनूक हेलीकाप्टर को निशाना बनाए जाने का वीडियो भी जारी किया।
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गलीबाफ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि युद्ध की दिशा लगातार बदल रही है—जहां उद्देश्य सत्ता परिवर्तन बताया जा रहा था, वहीं अब पायलटों की तलाश करनी पड़ रही है।
पायलत की तलाश जारी
वहीं, खातम अल अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता इस्माइल जोल्फाघरी ने बताया कि नई हवाई रक्षा प्रणाली के जरिये अमेरिकी लड़ाकू विमानों के साथ-साथ तीन ड्रोन और दो क्रूज मिसाइलों को भी इंटरसेप्ट किया गया है। एपी के अनुसार, पेंटागन ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सैन्य सेवा समिति को बताया है कि दूसरे पायलट का अभी तक पता नहीं चल सका है और खोज अभियान जारी है।
वहीं वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस से इस अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। एनबीसी न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने विमान को निशाना बनाए जाने की बात स्पष्ट रूप से स्वीकार नहीं की, लेकिन कहा कि इससे ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने अधिक जानकारी देने से इन्कार करते हुए केवल इतना कहा कि खोज और बचाव अभियान जारी है।
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 36 दिनों से जारी सैन्य संघर्ष में एक दूसरे के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमलों का दौर जारी है। शनिवार को ईरान के बेहद महत्वपूर्ण बुशेहर परमाणु केंद्र पर चौथी बार हमला किया गया। इसमें एक सुरक्षा कर्मी की मौत हो गई।
युद्ध के बीच भी ये परमाणु केंद्र सक्रिय था और यहां से देश को बिजली की आपूर्ति हो रही थी। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था आइएईए को इसकी जानकारी दे दी है, जिसने कहा है कि केंद्र के आसपास रेडिएशन का खतरा नहीं पाया गया है।
पांच लोग घायल
ईरान के दक्षिण पश्चिम इलाके में स्थित महशहर पेट्रोकेमिकल जोन पर भी हमला हुआ, जिसमें पांच लोग घायल बताए गए हैं। पश्चिमी ईरान में बोतलबंद पानी के गोदाम पर हवाई हमला हुआ। ईरान के जवाबी हमले में तेल अवीव से लेकर दुबई तक धमाके और सायरन गूंजते रहे।
दुबई में मिसाइल के मलबे से दो इमारतों को नुकसान पहुंचा। इसमें दुबई इंटरनेट सिटी स्थित अमेरिकी टेक कंपनी ओरेकल का कार्यालय भी चपेट में आया है। गौरतलब है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पिछले दिनों 18 अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाने की बात कही थी। दुबई मीडिया कार्यालय के अनुसार, हमले में मामूली नुकसान हुआ है।
कंपनी की तरफ से बयान नहीं दिया गया है। ईरान ने स्ट्रेट आफ होर्मुज में इजरायल के एक तेल टैंकर पर ड्रोन से हमले का दावा किया, जिससे उसमें आग लग गई। इजराइल पर क्लस्टर बम से भी हमले का दावा किया गया। इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्ला पर भीषण हमले जारी रखे।
वहीं, ईरान के उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज में एक मोबाइल बैलिस्टिक मिसाइल लांचर को ध्वस्त करने का दावा किया। इसके अलावा तेहरान पर मिसाइलों और हवाई हमलों की बौछार करने का भी दावा किया। कुवैत ने पिछले 24 घंटों में आठ ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और 19 ड्रोन इंटरसेप्ट करने का दावा किया।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचों पर हमले को लेकर दी गई 10 दिनों की ढील की अवधि पूरी होने से पहले चेतावनी जारी की है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान 48 घंटे के अंदर समझौता कर ले या स्ट्रेट आफ होर्मुज को खोल दे, अन्यथा उन पर कयामत बरसनेवाली है।
ट्रंप ने नाटो पर भी निशाना साधा और कहा कि नाटो कमजोर और गैर-भरोसेमंद साझेदार साबित हुआ है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका उसके साथ अपने रिश्तों की समीक्षा कर सकता है।वहीं, खातम अल अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाघरी ने शनिवार को दावा किया कि नई हवाई रक्षा प्रणाली से कुवैत स्थित अमेरिकी हिमार्स राकेट लांचर बैटरी और बहरीन में पैट्रियट मिसाइल बैटरी को निशाना बनाया गया है। अब और घातक हमले किए जाएंगे।
होर्मुज पर ईरान की पकड़ मजबूत
वहीं, होर्मुज जलमार्ग पर ईरान की मजबूत पकड़ युद्ध के 36 दिनों बाद भी बनी हुई है। इस सिलसिले में संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा परिषद की बैठक में मामले पर चर्चा जारी रही। ईरान समर्थित इस्लामिक रेजिस्टेंस समूह ने दावा किया कि इराक में अमेरिका के सैन्य अड्डों पर 19 हमले किए गए। इराक पुलिस सूत्रों के अनुसार, पापुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (पीएमएफ) के अल कैम स्थित मुख्यालय पर हमले हुए।
मोसुल में पीएमएफ की 34वीं ब्रिगेड के मुख्यालय पर भी हमले हुए। बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक्स पर अमेरिकी नागरिकों को हमलों के प्रति आगाह किया है। दूतावास ने कहा कि 24 से 48 घंटों के बीच नागरिकों और उनके ठिकानों पर हमले हो सकते हैं। दूतावास ने कहा कि इराकी सरकार ने आतंकी हमलों को रोकने या जवाबी कार्रवाई करने की कोई पहल नहीं की है। स्थानीय नागरिकों से इन आतंकी ठिकानों के बारे में सूचना देने की अपील की गई है।