पश्चिम एशिया युद्ध से गहराया LPG संकट, सरकार ने राज्यों को PNG प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने के दिए निर्देश
ईरान युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष से भारत में एलपीजी आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। सरकार अब राज्यों को पीएनजी अपनाने में तेजी लाने ...और पढ़ें
ईरान युद्ध से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद, एलपीजी आपूर्ति बाधित
भारत में एलपीजी बिक्री गिरी, कालाबाजारी और देरी बढ़ी
सरकार ने पीएनजी अपनाने हेतु राज्यों को दिए निर्देश
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण भारत में एलपीजी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है। भारत अपनी 60% एलपीजी जरूरतें आयात से पूरी करता है, जिसमें से ज्यादातर हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है, जो अब युद्ध के कारण लगभग बंद है।
इस संकट से घरेलू रसोई से लेकर होटल-रेस्तरां और उद्योग तक प्रभावित हो रहे हैं। सरकार अब घरों और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की ओर तेजी से ट्रांसफर करने के लिए राज्यों को निर्देश दे रही है।
एलपीजी आपूर्ति पर गहरा संकट
ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है और इसके 90% आयात मध्य पूर्व से आते हैं।
इस वजह से मार्च के पहले हफ्ते में सरकारी ईंधन रिटेलरों की एलपीजी बिक्री में भारी गिरावट आई है। कई शहरों में सिलेंडर डिलीवरी में देरी, पैनिक बुकिंग और कालाबाजारी की शिकायतें बढ़ गई हैं।
पटना में लोग शिकायत कर रहे हैं कि सिलेंडर डिलीवर दिखाए जाते हैं लेकिन नहीं मिलते, जबकि गुजरात के मोरबी में 430 से अधिक सिरेमिक यूनिट्स कम से कम तीन हफ्ते बंद रहेंगी क्योंकि गैस की कमी से उत्पादन प्रभावित हुआ है।
होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर भारी असर
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार से वार्षिक लाइसेंस फीस में छूट या किस्तों में भुगतान की मांग की है। कई रेस्तरां मेन्यू छोटा कर रहे हैं, गर्म भोजन बंद कर रहे हैं या काम के घंटे कम कर रहे हैं।
कुछ जगहों पर चाय तक बंद हो गई है। व्यावसायिक एलपीजी की कमी से कई प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर हैं।
सरकार ने पीएनजी को अपनाने के लिए कदम तेज किए
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को राज्यों के साथ बैठक में प्रस्तुति दी, जिसमें पीएनजी को बढ़ावा देने के कई कदम सुझाए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि जहां पीएनजी उपलब्ध है, वहां घरेलू और व्यावसायिक उपयोगकर्ता एलपीजी से पीएनजी पर स्विच करें।
भारत में करीब 10 मिलियन सक्रिय पीएनजी उपभोक्ता हैं, जबकि एलपीजी यूजर्स लगभग 33 करोड़ हैं। सरकार का मानना है कि करीब 60 लाख परिवार आसानी से पीएनजी पर स्विच कर सकते हैं जहां सुविधा उपलब्ध है। कई सीजीडी कंपनियां फ्री गैस, रजिस्ट्रेशन चार्ज माफ जैसे प्रोत्साहन दे रही हैं।
सरकार के प्रमुख निर्देश:शहर गैस वितरण (सीजीडी) पाइपलाइन बिछाने के लंबित आवेदनों के लिए डीम्ड परमिशन जारी करना
सभी नए सीजीडी परमिशन 24 घंटे में मंजूर करना
राज्य या स्थानीय निकायों द्वारा लगाए जाने वाले रोड रेस्टोरेशन और परमिशन चार्जेस माफ करना
काम के घंटे में छूट देना
राज्यों में नोडल अधिकारी नियुक्त करना ताकि समन्वय और तेज क्रियान्वयन हो
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने शहर गैस कंपनियों, शिपर्स और उपभोक्ताओं के लिए असंतुलन चार्जेस माफ कर दिए हैं। यह असाधारण परिस्थितियों के कारण अस्थायी राहत है।