गर्मी में नहीं सूखेंगे हलक! Jamshedpur के 663 खराब चापाकलों को 'संजीवनी' देने निकलीं 8 बड़ी मशीनें
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन गर्मी में संभावित जल संकट से निपटने के लिए सक्रिय हो गया है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग जमशेदपुर में 663 खराब चापाकलों की मर ...और पढ़ें

जलस्तर गिरने के कारण जमशेदपुर में बेकार पड़ा हैंडपंप।
गर्मी में जल संकट से निपटने को 8 मशीनें तैनात।
विभाग शिकायतें मिलने पर तुरंत कार्रवाई कर रहा है।
संवाददाता, जमशेदपुर। गर्मी के मौसम की दस्तक के साथ ही ग्रामीण इलाकों में संभावित जल संकट को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन चाैकस हो गया है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत और आवश्यकतानुसार नए चापाकल लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
विभाग का लक्ष्य है कि पारा चढ़ने से पहले ही जल आपूर्ति के सभी स्रोतों को दुरुस्त कर लिया जाए। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम जिले में कुल 18,943 सरकारी चापाकल दर्ज हैं।
विभागीय सर्वे में पाया गया है कि इनमें से 663 चापाकल वर्तमान में पूरी तरह खराब हैं, जिससे कई गांवों में पेयजल संकट की आशंका बढ़ गई है। इस समस्या के समाधान के लिए विभाग ने विशेष टीमों का गठन कर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।
8 बोरिंग मशीनों की तैनाती
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि चापाकलों को जल्द दुरुस्त करने के लिए जिले के अलग-अलग प्रखंडों में आठ बोरिंग मशीनें और तकनीकी टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें पुराने चापाकलों की रिपेयरिंग कर रही हैं।
उन स्थानों को भी चिह्नित कर रही हैं जहां नए चापाकल लगाने की आवश्यकता है। विभाग की प्राथमिकता उन क्षेत्रों में है जहां जल स्तर (Water Level) नीचे जाने के कारण पुरानी बोरिंग फेल हो गई है।
सूचना मिलते ही होगा एक्शन
कार्यपालक अभियंता ने स्पष्ट किया कि विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से जहां भी चापाकल खराब होने की शिकायत मिल रही है, वहां तुरंत मशीन और मिस्त्री की टीम भेजी जा रही है।
उन्होंने उम्मीद जताई है कि समय रहते की जा रही इन तैयारियों से तपती गर्मी में भी लोगों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई सरकारी चापाकल खराब है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय विभागीय कार्यालय को दें।

जलस्तर गिरने के कारण जमशेदपुर में बेकार पड़ा हैंडपंप।
गर्मी में जल संकट से निपटने को 8 मशीनें तैनात।
विभाग शिकायतें मिलने पर तुरंत कार्रवाई कर रहा है।
संवाददाता, जमशेदपुर। गर्मी के मौसम की दस्तक के साथ ही ग्रामीण इलाकों में संभावित जल संकट को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन चाैकस हो गया है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत और आवश्यकतानुसार नए चापाकल लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
विभाग का लक्ष्य है कि पारा चढ़ने से पहले ही जल आपूर्ति के सभी स्रोतों को दुरुस्त कर लिया जाए। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम जिले में कुल 18,943 सरकारी चापाकल दर्ज हैं।
विभागीय सर्वे में पाया गया है कि इनमें से 663 चापाकल वर्तमान में पूरी तरह खराब हैं, जिससे कई गांवों में पेयजल संकट की आशंका बढ़ गई है। इस समस्या के समाधान के लिए विभाग ने विशेष टीमों का गठन कर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।
8 बोरिंग मशीनों की तैनाती
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि चापाकलों को जल्द दुरुस्त करने के लिए जिले के अलग-अलग प्रखंडों में आठ बोरिंग मशीनें और तकनीकी टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें पुराने चापाकलों की रिपेयरिंग कर रही हैं।
उन स्थानों को भी चिह्नित कर रही हैं जहां नए चापाकल लगाने की आवश्यकता है। विभाग की प्राथमिकता उन क्षेत्रों में है जहां जल स्तर (Water Level) नीचे जाने के कारण पुरानी बोरिंग फेल हो गई है।
सूचना मिलते ही होगा एक्शन
कार्यपालक अभियंता ने स्पष्ट किया कि विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से जहां भी चापाकल खराब होने की शिकायत मिल रही है, वहां तुरंत मशीन और मिस्त्री की टीम भेजी जा रही है।
उन्होंने उम्मीद जताई है कि समय रहते की जा रही इन तैयारियों से तपती गर्मी में भी लोगों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई सरकारी चापाकल खराब है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय विभागीय कार्यालय को दें।