आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया पर 'एलपीजी संकट' का साया: टाटा मोटर्स की 11,000 गाड़ियों का प्रोडक्शन टारगेट खतरे में
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में वाणिज्यिक एलपीजी की किल्लत से उद्योग संकट में हैं। टाटा मोटर्स का 11,000 वाहनों का उत्पादन लक्ष्य खतरे में है, क्योंकि ...और पढ़ें

फाइल फोटो।
HIGHLIGHTS
वाणिज्यिक एलपीजी की कमी से आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र प्रभावित।
टाटा स्टील कैंटीन मेन्यू में भी एलपीजी संकट का असर।
जमशेदपुर। वैश्विक कारणों से उपजी कॉमर्शियल एलपीजी (LPG) गैस की किल्लत ने अब कोल्हान के औद्योगिक गढ़ 'आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र' की कमर तोड़नी शुरू कर दी है। मार्च का महीना, जो उद्योगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्लोजिंग मंथ होता है, इस बार संकटों से घिरा नजर आ रहा है।
आदित्यपुर की ज्यादातर कंपनियां, जो सीधे तौर पर टाटा मोटर्स की अनुषंगी इकाइयां (Ancillary Units) हैं, वहां उत्पादन ठप होने की आशंका है।
टाटा मोटर्स का 11 हजार वाहनों का लक्ष्य खतरे में
टाटा मोटर्स ने इस मार्च में लगभग 11,000 भारी वाहनों के निर्माण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसे पूरा करने की जिम्मेदारी आदित्यपुर की फेब्रिकेशन, कास्टिंग और फोर्जिंग इकाइयों पर है।
हालांकि, वेल्डिंग, ब्रेजिंग, मेटल कटिंग और हीट ट्रीटमेंट जैसी प्रक्रियाओं के लिए गैस की अनुपलब्धता ने इस लक्ष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है।
सप्लाई चेन और कैश फ्लो पर संकट
इसरो (ISRO) के महासचिव संदीप मिश्रा ने कहा कि आदित्यपुर की कंपनियां एक-दूसरे पर निर्भर हैं। यदि गैस की कमी से एक भी कंपनी बंद होती है, तो पूरी सप्लाई चेन टूट जाएगी।
वहीं, सचिव समीर सिंह का मानना है कि ऑर्डर समय पर पूरा न होने से उद्यमियों का पैसा फंस जाएगा (कैश फ्लो प्रभावित होगा), जिससे आने वाले समय में निवेश और परिचालन और भी कठिन हो जाएगा।
तकनीकी बदलाव में भारी निवेश और समय की बाधा
कई उद्यमियों का कहना है कि एलपीजी के विकल्प के रूप में तेल या बिजली का उपयोग संभव है, लेकिन मौजूदा प्लांट और मशीनरी में बदलाव करने के लिए न तो समय है और न ही अतिरिक्त निवेश की तत्काल व्यवस्था। ऐसे में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर तुरंत मुड़ना संभव नहीं दिख रहा।
टाटा स्टील वायर डिवीजन: कैंटीन के मेन्यू में बड़ा बदलाव
एलपीजी संकट का असर केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों की थाली तक भी पहुंच गया है। टाटा स्टील के वायर डिवीजन ने एक आधिकारिक सूचना जारी कर 13 मार्च से कैंटीन मेन्यू में अस्थायी बदलाव करने का आदेश दिया है।
नया डाइट चार्ट (13 मार्च से प्रभावी) सुबह का नाश्ता: अब पूरी-सब्जी या चपाती के बजाय उपमा, पोहा और ब्रेड-जैम दिया जाएगा।
लंच और डिनर: मेन्यू में केवल वेज बिरयानी, वेज पुलाव और खिचड़ी (रायता के साथ) शामिल होंगे।
रात का नाश्ता: गर्म नाश्ते के स्थान पर अब कर्मचारियों को बिस्कुट के पैकेट दिए जाएंगे।
साप्ताहिक तालिका
दिन सुबह का नाश्ता दोपहर/रात का भोजन
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सोमवार व शुक्रवार उपमा/पोहा वेज बिरयानी
मंगलवार, गुरुवार व रविवार ब्रेड-जैम/पोहा वेज पुलाव
बुधवार व शनिवार उपमा खिचड़ी