CISF जवानों को अब नहीं मिलेगा 'कठिनाई भत्ता', सरकारी कंपनियों को हर महीने 200 करोड़ की होगी बचत

 CISF जवानों को अब नहीं मिलेगा 'कठिनाई भत्ता', सरकारी कंपनियों को हर महीने 200 करोड़ की होगी बचत




केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीआईएसएफ जवानों को मिलने वाले कठिनाई भत्ते पर रोक लगा दी है। यह फैसला 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त योजना के तहत लिया गया है। ...और पढ़ें






केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल। फाइल फोटो


सीआईएसएफ जवानों का कठिनाई भत्ता तत्काल प्रभाव से रोका गया।


गृह मंत्रालय ने नक्सल मुक्त योजना के तहत यह फैसला लिया।


पीएसयू कंपनियों को प्रतिमाह 200 करोड़ रुपये की बचत होगी।


 संवाददाता, बोकारो। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में कार्यरत राजपत्रित व गैर राजपत्रित अधिकारी व जवानों को प्रतिमाह दिए जाने वाले कठिनाई भत्ता पर रोक लगा दी गई है। योजना को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।


इससे बीएसएल बोकारो, बीसीसीएल धनबाद, सीसीएल करगली सहित कुल 55 इकाई में कार्यरत कर्मियों के वेतन के साथ उनकी जेब पर असर पड़ेगा। इस बाबत सीआइएसएफ दिल्ली मुख्यालय ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया है।

इसके बाद यह साफ हो गया है की अप्रैल माह से इन इकाईयों में कार्यरत किसी भी अधिकारी व जवान को कठिनाई भत्ता का लाभ नही दिया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय यह फैसला अपने 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त योजना के तहत लिया है।


नक्सली इलाकों में तैनात ईकाई को मिलता था फायदा

दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय सीआइएसएफ की वैसी इकाई, जो नक्सल प्रभावित राज्यों में स्थित है, वहां कार्यरत कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर स्तर को प्रतिमाह 10 हजार रुपये तथा सहायक कमांडेंट से लेकर डीआइजी स्तर के अधिकारियों को प्रतिमाह उनके वेतन के अलावा 17 हजार रुपये बतौर कठिनाई भत्ता देने का निर्देश संबंधित पीएसयू व एयरपोर्ट अथॉरिटी को दी थी।

जिसका भुगतान उन्हें साल 2017 से अब तक किया जा रहा है। इससे कंपनी के खजाने के दुरुपयोग के साथ बगैर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में काम नही करने वाले अधिकारी व जवान आर्थिक सुविधा का लाभ उठा रहे है। कठिनाई भत्ता पर रोक के साथ ही इस पर अब पूरी तरह से लगाम लग जाएगा।

प्रतिमाह होगी 200 करोड़ रुपये की बचत

सीआइएसएफ में कार्यरत राजपत्रित व गैर राजपत्रित कर्मियों के कठिनाई भत्ता पर रोक लगाए जाने के साथ सेल प्रबंधन के अलावा अलग-अलग सार्वजनिक लोक उपक्रम कंपनी को प्रतिमाह लगभग 200 करोड़ रुपये की आर्थिक बचत होगी।


दिल्ली मुख्यालय की ओर से सीआइएसएफ की जिन 55 इकाईयों में कठिनाई भत्ता पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। उसमें सबसे ज्यादा 43 यूनिट पूर्वी खंड रांची के अधीन तथा अन्य दूसरे सेक्टर में संचालित है।

इसमें बीएसएल व बीपीएससीएल बोकारो इकाई में तैनात दो हजार, बीसीसीएल धनबाद यूनिट में 4000 बल सदस्य व अधिकारियों के अलावा अन्य सीसीएल करगली, टीटीपीएस ललपलिया, बीटीपीएस बोकारो थर्मल, सीटीपीएस चंद्रपुरा, डीवीसी पंचेत व मैथन, पतरातु, पिपरवार, टंडवा, कोडराम, हजारीबाग, रांची, गया, बरौनी, पटना, पुरुलिया आदि इकाई में कार्यरत कर्मी है, जिनकी संख्या लगभग 15 हजार के आसपास है।


इन लोगों के कठिनाई भत्ता पर रोक लगाए जाने के आदेश के बाद अब संबंधित पीएसयू कंपनी को प्रतिमाह दो सौ करोड़ रुपये की बचत होना तय माना जा रहा है।

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