टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि भारत और इंग्लैंड का मैच काफी रोमांचक होने वाला है। उन्होंने भारत के दो खिलाड़ियों के नाम बताए ...और पढ़ें

भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल मैच को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि इंग्लिश टीम के खिलाफ होने वाला मुकाबला काफी रोमांचक हो सकता है। गावस्कर ने दो खिलाड़ियों के नाम लिए हैं, जो सेमीफाइनल में तबाही मचा सकते हैं। हालांकि, उन्होंने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा या कप्तान सूर्यकुमार यादव को इसमें शामिल नहीं किया है।
टीम इंडिया को अपना सेमीफाइल मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेलना है। इंग्लैंड के लिए कप्तान हैरी ब्रूक शानदार फॉर्म में चल रहे हैं और वे एक शतक भी लगा चुके हैं। ऐसे में गावस्कर ने उनके खिलाफ सावधानी बरतने की बात कही है। गावस्कर का मानना है कि सेमीफाइनल मैच में दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह गेमचेंजर साबित हो सकते हैं।
सुनील गावस्कर ने दिया बड़ा बयान
मीडिया से बात करते हुए गावस्कर ने कहा, "भारत और इंग्लैंड बहुत ही मजबूत टीम हैं। उनके पास बल्लेबाजी और गेंदबाजी बेहतरीन है। दोनों टीमों के पास मध्य क्रम और फिनिशर की भूमिका निभाने वाले शानदार खिलाड़ी हैं। इंग्लैंड के पास कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं, जो आईपीएल में खेल चुके हैं। वे भारत की परिस्थितियों से बहुती अच्छी तरह से वाकिफ हैं। इसलिए मुझे लगता है कि ये एक रोमांचक मुकाबला होने वाला है।"
जसप्रीत बुमराह को बताया सबसे अहम खिलाड़ी
गावस्कर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, मेरा मानना है कि जसप्रीत बुमराह को पॉवरप्ले में कम से कम दो ओवर की गेंदबाजी करनी चाहिए। अगर नई गेंद के साथ वो जोस बटलर, फिल सॉल्ट और हैरी ब्रूक के विकेट ले लेते हैं, तो वे इंग्लैंड की बल्लेबाजी की लगभग कमर तोड़ कर रख देंगे। बुमराह का नई गेंद के साथ गेंदबाजी करना भारत के लिए बहुत बड़ा फायदा हो सकता है और वे मैच का रुख बदल सकते हैं।"
तिलक वर्मा से प्रभावित हुए गावस्कर
गावस्कर का मानना है कि भारत की बल्लेबाजी बहुत लचीली है और बल्लेबाज किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। उन्होंने तिलक वर्मा का उदाहरण देते हुए कहा, "मैंने हमेशा ही तिलक वर्मा को एक शानदार और समझदार क्रिकेटर माना है। वे अच्छी तरह से स्थिति का आकल करते हैं और फिर उसके अनुसार खेलते हैं। उन्होंने नंबर 5 या 6 पर वेस्टइंडीज के खिलाफ जिस तरह से बल्लेबाजी की, उससे उन्होंने संजू सैमसन के ऊपर से दबाव को काफी कम कर दिया था। अगर तिलक संघर्ष कर रहे होते, तो संजू को जोखिम उठाना पड़ता। इस वजह से मुझे लगता है कि भारत भाग्यशाली है कि उनके पास तिलक जैसा खिलाड़ी है।"