H-1B वीजा पर 3 साल के लिए लगेगी रोक? अमेरिका में पेश हुआ बिल

 H-1B वीजा पर 3 साल के लिए लगेगी रोक? अमेरिका में पेश हुआ बिल



अमेरिका में रिपब्लिकन सांसदों ने एच-1बी वीजा पर तीन साल की रोक लगाने और इसके नियमों में बड़े बदलाव करने का प्रस्ताव पेश किया है। 'एंड एच-1बी वीजा एब्य ...और पढ़ें






एच-1बी वीजा पर 3 साल रोक का प्रस्ताव (फाइल फोटो)


एच-1बी वीजा पर तीन साल की रोक लगाने का प्रस्ताव।


वार्षिक वीजा संख्या 65,000 से घटाकर 25,000 करने का सुझाव।


लॉटरी खत्म, न्यूनतम वेतन 2 लाख डॉलर सालाना तय होगा।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका में रिपब्लिकन सांसदों के एक समूह ने एच-1बी वीजा जारी करने पर तीन साल की रोक लगाने और पूरे सिस्टम में बड़े बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है। इस बिल का नाम 'एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट 2026' रखा गया है, जिसे सांसद एली क्रेन ने पेश किया है। उनका कहना है कि इस वीजा सिस्टम की वजह से अमेरिकी कामगारों को नुकसान हुआ है।


एली क्रेन ने कहा कि सरकार को आम नागरिकों के हित में काम करना चाहिए, न कि बड़ी कंपनियों के मुनाफे के लिए। उनके अनुसार यह बिल अमेरिकी लोगों को रोजगार के ज्यादा अवसर देगा और वीजा प्रक्रिया को सख्त बनाएगा। इस प्रस्ताव को ब्रैंडन गिल, पॉल गोसर और एंडी ओग्ल्स जैसे कई रिपब्लिकन सांसदों का समर्थन भी मिला है।
ब्रैंडन गिल ने कहा कि यह बिल सुनिश्चित करेगा कि अमेरिका की इमिग्रेशन व्यवस्था पहले अमेरिकी कामगारों के हित में काम करे। वहीं पॉल गोसर और एंडी ओग्ल्स ने आरोप लगाया कि एच-1बी सिस्टम का इस्तेमाल सस्ते विदेशी श्रमिकों को लाने के लिए किया जा रहा है, जिससे अमेरिकी कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है।

क्या है प्रस्तावित बदलाव?

इस बिल में कई बड़े बदलाव सुझाए गए हैं। इसके तहत हर साल दिए जाने वाले एच-1बी वीजा की संख्या 65000 से घटाकर 25000 करने का प्रस्ताव है और सभी छूट खत्म करने की बात कही गई है। साथ ही, लॉटरी सिस्टम हटाकर वेतन के आधार पर चयन करने और न्यूनतम वेतन 2 लाख डॉलर सालाना तय करने का सुझाव दिया गया है।


नियोक्ताओं को यह प्रमाण देना होगा कि उन्हें कोई योग्य अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिला और उन्होंने हाल में कर्मचारियों की छंटनी नहीं की है। इसके अलावा एच-1बी कर्मचारियों को एक से ज्यादा नौकरी करने से रोका जाएगा और थर्ड-पार्टी स्टाफिंग एजेंसियों को इन्हें रखने की अनुमति नहीं होगी।

अन्य सख्त प्रावधान

बिल में यह भी प्रस्ताव है कि एच-1बी वीजा धारक अपने परिवार को साथ नहीं ला सकेंगे, ओपीटी कार्यक्रम खत्म किया जाएगा और उन्हें स्थायी नागरिकता (ग्रीन कार्ड) में बदलने का रास्ता बंद किया जाएगा। साथ ही, वीजा बदलने से पहले उन्हें अमेरिका छोड़ना अनिवार्य होगा और सरकारी एजेंसियों को ऐसे कर्मचारियों को स्पॉन्सर करने से रोका जाएगा।


इमिग्रेशन अकाउंटेबिलिटी प्रोजेक्ट की सह-संस्थापक रोजमेरी जेंक्स ने इसे अब तक का सबसे सख्त एच-1बी बिल बताया है। उन्होंने कहा कि यह वीजा मूल रूप से अस्थायी जरूरतों को पूरा करने के लिए था और यह बिल उसी उद्देश्य को फिर से लागू करेगा।


एच-1बी वीजा के जरिए अमेरिकी कंपनियां खास तौर पर तकनीक और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में विदेशी विशेषज्ञों को नौकरी देती हैं। भारतीय नागरिक इस वीजा के सबसे बड़े लाभार्थियों में रहे हैं।
लोगों की प्रतिक्रिया

हालांकि, इस पर लंबे समय से बहस चल रही है कुछ लोग कहते हैं कि इससे स्थानीय कर्मचारियों की सैलरी पर असर पड़ता है, जबकि उद्योग जगत का मानना है कि इससे जरूरी कौशल की कमी पूरी होती है और नवाचार को बढ़ावा मिलता है।

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