नए लेबर कोड के तहत एक साल की सेवा के बाद भी मिलेगा Gratuity का अधिकार, क्या हैं इसके नियम?
नए लेबर कोड के तहत ग्रेच्युटी नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। अब कुछ योग्य कर्मचारियों को एक साल की सेवा के बाद भी ग्रेच्युटी मिल सकती है, जबकि पहले पां ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
नए लेबर कोड से ग्रेच्युटी नियमों में बड़ा बदलाव।
कुछ कर्मचारियों को अब एक साल में ग्रेच्युटी मिलेगी।
फिक्स्ड-टर्म, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को आनुपातिक लाभ।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नए लेबर कोड के तहत ग्रेच्युटी के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब कुछ योग्य कर्मचारियों को सिर्फ एक साल की लगातार सेवा के बाद भी ग्रेच्युटी पाने का अधिकार मिल सकता है, जबकि पहले इसके लिए पांच साल तक नौकरी करना जरूरी था।
नवंबर 2025 से लागू हुए इन नए श्रम कानूनों के अनुसार, फिक्स्ड-टर्म और कांट्रैक्ट कर्मचारियों को आनुपातिक आधार पर ग्रेच्युटी पहले से मिलने लगेगी। हालांकि एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्थायी (परमानेंट) कर्मचारियों के लिए अभी भी पांच साल की सेवा पूरी करनी जरूरी है, लेकिन मृत्यु या दिव्यांगता के मामलों में छूट दी गई है।
फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी वे होते हैं जिन्हें कंपनियां एक तय समय के लिए लिखित कांट्रैक्ट पर नियुक्त करती हैं, जो आमतौर पर एक या दो साल का हो सकता है। अब ऐसे कर्मचारियों की ग्रेच्युटी उनकी नौकरी की अवधि के अनुसार तय की जाएगी।
इन नए नियमों से देश के औपचारिक (फार्मल) सेक्टर के लाखों कर्मचारियों को नौकरी के बाद मिलने वाले लाभों तक पहुंच आसान हो सकती है।