एनआईए की अदालत ने 2023 में बेंगलुरु की जेल में कट्टरपंथ फैलाने की साजिश रचने के मामले में मुख्य साजिशकर्ता और लश्कर-ए-तैयबा आतंकी टी नसीर समेत सात लोग ...और पढ़ें

बेंगलुरु की जेल में कट्टरपंथ फैलाने के मामले सात को सजा (सांकेतिक तस्वीर)
एनआईए अदालत ने सभी को सात-सात वर्ष जेल की सजा सुनाई
सजा पाने वालों में शामिल लश्कर आतंकी ने रची थी यह साजिश
पीटीआई, नई दिल्ली। एनआईए की अदालत ने 2023 में बेंगलुरु की जेल में कट्टरपंथ फैलाने की साजिश रचने के मामले में मुख्य साजिशकर्ता और लश्कर-ए-तैयबा आतंकी टी नसीर समेत सात लोगों को सात-सात कठोर जेल की सजा सुनाई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
एनआईए कोर्ट ने नसीर के अलावा सैयद सुहैल खान, मोहम्मद उमर, जाहिद तबरेज, सैयद मुदस्सिर पाशा, मोहम्मद फैसल रब्बानी और सलमान खान को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। उन पर 48 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
इससे पहले आरोपितों ने बेंगलुरु के परप्पन्ना अग्रहारा सेंट्रल जेल में नसीर द्वारा रची गई लश्कर से जुड़ी आतंकी साजिश से संबंधित मामले में एनआईए की ओर से दाखिल आरोपों को स्वीकार किया था।
एनआईए के बयान के अनुसार, इस साजिश के तहत देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की मंशा से उन युवकों की पहचान की गई, जो जेल में बंद थे। साजिश के तहत इन्हें भर्ती किया जाना, प्रशिक्षण देना, मतांतरण करना और कट्टरपंथी बनाना शामिल था।
बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने यह मामला जुलाई, 2023 में उस समय दर्ज किया था, जब आदतन अपराधियों से हथियार, गोला-बारूद और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए थे।
जांच एजेंसी ने कहा कि अपराधियों ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर के ¨हसक भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए बेंगलुरु में आतंकी हमले की साजिश रची थी। इस मामले की जांच एनआइए ने अपने हाथ में ली, जिसने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया।