भारतीय टीम का दरवाजा तोड़ते वैभव सूर्यवंशी, दिग्गज गेंदबाजों को बना रहे हैं खिलौना
वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर बताया है कि उनका बल्ला चलता है तो फिर सामने चाहे कोई भी गेंदबाज हो वो उसे छोड़ते नहीं हैं। चेन्नई और मुंबई के बाद आरसीबी ...और पढ़ें

वैभव सूर्यवंशी.. 15 साल का ये बल्लेबाज अब गेंदबाजों के लिए खौफ बन चुका है। खेल ऐसा कि बड़े-बड़े गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगड़ जाए। पिछले मैच में जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले वैभव ने चेन्नई सुपर किंग्स के विरुद्ध 15 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था।
गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में शुक्रवार को उन्होंने भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी गेंदबाजों की जमकर धुनाई कर फिर 15 गेंदों में पचासा ठोक दिया। सूर्यवंशी ने 300 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 26 गेंद में 78 रन ठोक डाले जिससे
202 रनों का लक्ष्य बौना दिखने लगा। ध्रुव जुरेल (81*) ने भी बेहतरीन अविजित अर्धशतक लगाया, जिससे राजस्थान रॉयल्स ने गत चैंपियन आरसीबी को छह विकेट से हराकर अपनी चौथी जीत दर्ज की।
सूर्यवंशी ने दी आरसीबी को पहली हार
यह आरसीबी की इस संस्करण में पहली हार है। सूर्यवंशी ने अपनी पारी में सात छक्के जड़े, जबकि आरसीबी की पूरी टीम ने इतने छक्के लगाए। बिहार का यह युवा खिलाड़ी अपने बल्ले के दम पर अब भारतीय टीम का दरवाजा खटखटा नहीं रहा बल्कि उसे तोड़ने को तैयार खड़ा है। अगर वैभव का यही आक्रामक अंदाज जारी रहा, तो टीम इंडिया की नीली जर्सी उनसे ज्यादा दूर नहीं है।
उन्होंने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बुमराह की शुरुआती तीन गेंदों पर दो छक्के मारे थे। गुवाहाटी में उन्होंने हेजलवुड की अपनी शुरुआती चार गेंदों पर तीन चुके और एक छक्का लगाया। दरअसल, जितना आप वैभव सूर्यवंशी को बल्लेबाजी करते देखते हैं, उतना ही उनके आत्मविश्वास और प्रतिभा पर हैरानी होती है। जब हेजलवुड और भुवनेश्वर जैसे कद के गेंदबाज भी यह समझ नहीं पाते कि उन्हें किस लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करनी है। हर गेंद एक इवेंट बन जाती है, तो साफ है कि वैभव किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
हर जगह चर्चा
पान वाले की दुकान से लेकर बड़े बड़े घरानों में सिर्फ एक चर्चा है ये लड़का तो बड़े बड़ों को पछाड़ देगा। आईपीएल के इतिहास पर नजर डालें तो कई खिलाड़ियों को यहां शानदार प्रदर्शन का इनाम भारतीय टीम में जगह के रूप में मिला है। अभिषेक शर्मा, यशस्वी जायसवाल और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे नाम इसके उदाहरण हैं। अब उसी राह पर वैभव सूर्यवंशी भी तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।
वैभव की बल्लेबाजी में निडरता, शॉट सिलेक्शन में आत्मविश्वास और बड़े मंच पर खुद को साबित करने की भूख साफ नजर आती है। इतनी कम उम्र में जिस तरह से वह दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ खेल रहे हैं, वह बताता है कि भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिलने वाला है। अगर यही रफ्तार जारी रही, तो वह दिन दूर नहीं जब वैभव सूर्यवंशी भारतीय टीम के लिए मैदान पर उतरते नजर आएंगे और शायद उसी अंदाज में, जैसे अभी आइपीएल में गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट रहे हैं।
जुरेल की शानदार बल्लेबाजी
वैभव के अलावा ध्रुव जुरेल ने भी अर्धशतक जड़ते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया। जायसवाल का विकेट गिरने के बाद जुरेल और वैभव के बीच 108 रन की साझेदारी हुई, इसके बाद राजस्थान ने छह रन के भीतर तीन विकेट गंवा दिए थे। लग रहा था कि आरसीबी मैच में वापसी कर लेगी, लेकिन जुरेल ने ये होने नहीं दिया। जुरेल ने एक छोर संभाले रखा और टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। उन्होंने 43 गेंद की पारी में आठ चौके व तीन छक्के जड़े।
पाटीदार ने आरसीबी को संभाला
इससे पहले टॉस जीतकर राजस्थान ने पहले गेंदबाजी चुनी थी। एक समय 94 रन पर छह विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही आरसीबी के लिए कप्तान रजत पाटीदार ने सहारा दिया और संयमित बल्लेबाजी करते हुए 63 रनों की पारी खेली, जिससे टीम 200 रन के पार पहुंच सकी। आरसीबी की हालत इतनी खराब थी कि वेंकेटश अय्यर को उसे नौवें नंबर पर इंपैक्ट प्लेयर के रूप में उतारना पड़ा।
संदीप के 150 विकेट
इस मैच में राजस्थान के गेंदबाज संदीप शर्मा ने रजत पाटीदार को आउट करते हुए आईपीएल में 150वां विकेट झटका। इस का जश्न उन्होंने हवा में 150 विकेट लिखने का इशारा करके मनाया और भगवान को धन्यवाद दिया। वह 150 आइपीएल विकेट लेने वाले छठे तेज गेंदबाज हैं।