सरायकेला में हाथियों का तांडव, पत्नी-बेटी को कुचलकर उतारा मौत के घाट; चौकी के नीचे छिपकर पति ने बचाई जान

 सरायकेला में हाथियों का तांडव, पत्नी-बेटी को कुचलकर उतारा मौत के घाट; चौकी के नीचे छिपकर पति ने बचाई जान


सरायकेला के हाड़ांत गांव में धान खाने आए जंगली हाथियों के झुंड ने एक घर पर हमला कर दिया। इस घटना में एक मां और उसकी बेटी को कुचलकर मार डाला गया, जबकि ...और पढ़ें






घटना के बाद जुटी लोगों की भीड़। (जागरण)

 सरायकेला। चांडिल वन विभाग रेंज के ईचागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सोड़ो पंचायत के हाड़ांत गांव में पांच जंगली हाथियों के झुंड ने शनिवार की तड़के तीन बजे पांव से कुचल कर और सूढ़ से उठाकर पटककर दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया।


जबकि एक व्यक्ति ने चौकी के नीचे छुप कर अपनी जान बचाई। जबकि दो घायलों को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती किया गया है।

हाड़ांत गांव निवासी सतुला देवी और उसका पति मोहन महतो कमरे में सोये थे। धान की खुशबू सुंघकर हाथी वहां पहुंच गए और धान खाने के लिए उक्त मकान को तोड़ने लगे। जिससे मकान ध्वस्त होकर गिर गया और मकान के अन्दर सोये संतुला देवी व उनका पति मोहन महतो मलवे में दब गए।
मलवे में दबे होने के बाद भी उनलोगों ने शोर मचाना शुरु किया तो पास के मकान में सोए उसके बेटे कमलचंद महतो, बहू चाईना देवी (37) व पोती अमिता बाला (13) की आंख खुल गई।
चौकी के नीचे छिप गया बेटा

मां व पिता की चिल्लाने की आवाज सुनकर जैसे ही वे कमरे से बाहर निकले, आंगन में हाथियों के झुंड ने उन्हें घेर लिया और वहीं, चाईना देवी व पोती अमिता कुमारी को कुचल कर मार दिया, जबकि बेटा चौकी के नीचे छुपने में कामयाब हो गया जिससे उसकी जान बच गई।
तब तक मौके पर ग्रामीण पहुंच गए और किसी तरह हाथियों को वहां से खदेड़ने में कामयाब हुए। घटना की सूचना वन विभाग को दी गई और मलवे से घायलों को निकाल कर एमजीएम अस्पताल पहुंचाया।

मौके पर पहुंचे वन विभाग के टीम ने दोनों मृतक के आश्रित के 50-50 हजार रुपये कर एक लाख रुपये व घायलों को 10-10 हजार रुपये दिए। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।

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