जजों के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती पर हाई कोर्ट में चर्चा, 19 पीठों में आज से लंबित मामलों पर होगी सुनवाई

 जजों के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती पर हाई कोर्ट में चर्चा, 19 पीठों में आज से लंबित मामलों पर होगी सुनवाई



मालदा जिले के कालियाचक में हुए विरोध-प्रदर्शन और न्यायाधीशों को बंधक बनाए जाने की घटना ने न्यायिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मुद्दे पर ...और पढ़ें





हाई कोर्ट के साथ बैठक में मुख्य सचिव और गृह सचिव ने जजों की सुरक्षा का दिया भरोसा (सांकेतिक तस्वीर)


हाई कोर्ट के साथ बैठक में मुख्य सचिव और गृह सचिव ने जजों की सुरक्षा का दिया भरोसा


केंद्रीय बल या राज्य पुलिस-सुरक्षा पर मंथन, आज से 19 ट्रिब्यूनल में होगी सुनवाई


राज्य ब्यूरो, कोलकाता। मालदा जिले के कालियाचक में हुए विरोध-प्रदर्शन और न्यायाधीशों को बंधक बनाए जाने की घटना ने न्यायिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा चिंता जताए जाने के बाद, शुक्रवार को कलकत्ता हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार और राज्य के शीर्ष अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।

बैठक में मुख्य सचिव दुष्यंत नारियावाला और गृह सचिव संघमित्रा घोष मौजूद रहीं। बैठक का मुख्य एजेंडा उन न्यायाधीशों की सुरक्षा था, जो मतदाता सूची में विचाराधीन मामलों के निपटारे के कार्य में लगे हैं।

सूत्रों के अनुसार, कोर्ट ने सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की आवश्यकता पर चर्चा की। हालांकि, राज्य सरकार ने आश्वस्त किया है कि वह सभी न्यायाधीशों को पर्याप्त और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराएगी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य के 23 जिलों के लिए 19 सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के नेतृत्व में 19 ट्रिब्यूनल गठित किए हैं। ये ट्रिब्यूनल उन मतदाताओं की शिकायतों का निपटारा करेंगे जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं।


मालदा की घटना के बाद इन पूर्व न्यायाधीशों की सुरक्षा को लेकर भी आशंकाएं जताई जा रही थीं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि शनिवार से शुरू होने वाली इन वर्चुअल सुनवाइयों के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे ताकि न्यायिक प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

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