एकनाथ शिंदे और ढोंगी बाबा खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत होने का दावा, महाराष्ट्र में सियासी तूफान

 एकनाथ शिंदे और ढोंगी बाबा खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत होने का दावा, महाराष्ट्र में सियासी तूफान


सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने दावा किया कि महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दुष्कर्म के आरोपित ढोंगी बाबा अशोक खरात के बीच फोन पर लगभ ...और पढ़ें





एकनाथ शिंदे और ढोंगी बाबा खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत होने का दावा (फोटो- सोशल मीडिया)


अंजलि दमानिया ने कहा, अशोक खरात-रूपाली चाकणकर के बीच भी 177 बार फोन पर हुई बातचीत


आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के मंत्री उदय सामंत ने कहा, किसी को फोन करना कोई अपराध नहीं


पीटीआई, मुंबई। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने दावा किया कि महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दुष्कर्म के आरोपित ढोंगी बाबा अशोक खरात के बीच फोन पर लगभग 17 बार बातचीत हुई थी।

उन्होंने एक मराठी समाचार चैनल से बातचीत में यह भी दावा किया कि भाजपा और राकांपा के कुछ नेताओं ने भी विगत माह गिरफ्तार किए गए खरात से फोन पर बातचीत की थी।

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के मंत्री उदय सामंत ने कहा कि किसी व्यक्ति को फोन करना कोई अपराध नहीं है। उदय सामंत एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता हैं।

दमानिया ने दावा किया कि उन्हें खरात के कॉल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) वाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से प्राप्त हुए। उन्होंने यह नहीं बताया कि ये फोन काल किस अवधि में हुए। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों के बीच सबसे लंबी बातचीत 21 मिनट की थी।


दावा किया कि सीडीआर के अनुसार, खरात ने अपनी पत्नी के बाद सबसे अधिक बातचीत राकांपा नेता रूपाली चाकणकर से की थी।

दमानिया के अनुसार, चाकणकर और खरात के बीच कुल 177 बार फोन पर बातचीत हुई, जिनकी कुल अवधि 33,727 सेकंड थी।

खरात से संबंध सामने आने के बाद चाकणकर ने राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

दमानिया ने यह भी आरोप लगाया कि खरात और भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल और राकांपा नेता सुनील तटकरे के बीच आठ-आठ बार फोन पर बातचीत हुई थी।

इसके अलावा भाजपा के मंत्री आशीष शेलार और खरात के बीच भी एक बार फोन पर बातचीत होने का दावा किया गया।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के वरिष्ठ मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि किसी से फोन पर बात करना या मिलना गलत नहीं है। आपराधिक जिम्मेदारी तब तय होती है, जब किसी अपराध में संलिप्तता साबित हो।

गौरतलब है कि मार्च में एक महिला द्वारा खरात पर तीन वर्षों में कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। अब तक उसके खिलाफ कुल आठ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।

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