झारखंड के अनुसूचित जाति बालिका विद्यालय में 13 साल की बच्ची मिली 7 माह की गर्भवती, हेडमास्टर पर आरोप
चतरा के हंटरगंज स्थित अनुसूचित जाति आवासीय बालिका विद्यालय में 13 वर्षीय छात्रा के सात माह की गर्भवती होने का मामला सामने आया है। इस मामले में विद्याल ...और पढ़ें

13 साल की बच्ची मिली 7 माह की गर्भवती
13 वर्षीय छात्रा सात माह की गर्भवती पाई गई।
प्रधानाध्यापक शंकर प्रसाद को पुलिस ने हिरासत में लिया।
उपायुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए, टीम गठित।
चतरा। जिले के हंटरगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित अनुसूचित जाति आवासीय बालिका विद्यालय की एक नाबालिग छात्रा के सात माह की गर्भवती होने का मामला सामने आने से शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया है। गुरुवार को जैसे ही मामले का उद्भेदन हुआ, लोग आक्रोशित हो उठे और विद्यालय परिसर में हंगामा करने लगे।
सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता एवं आरोपी प्रधानाध्यापक को अपने साथ थाना ले आई। पुलिस ने प्रधानाध्यापक शंकर प्रसाद को हिरासत में लिया है।
पीड़िता को इलाज के लिए भेजा गया बिहार
इधर, पीड़िता को जांच के लिए बिहार के गया जिला स्थित मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने घटना को जघन्य बताते हुए पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने अपर समाहर्ता अरविंद कुमार की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की है।
उपायुक्त का निर्देश मिलते ही गठित जांच की प्रक्रिया में जुट गई है। जांच टीम में अपर समाहर्ता के अलावा जिला कल्याण पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी जहूर आलम, हंटरगंज प्रखंड विकास पदाधिकारी व अन्य शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला परिषद अध्यक्षा ममता कुमारी भी विद्यालय पहुंचीं।
पीड़िता की उम्र करीब 13 वर्ष
जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बिरजू तिवारी के साथ मिलकर दोषी शिक्षक के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की मांग की। बताया जाता है कि पीड़िता की उम्र करीब 13 वर्ष है और वह हंटरगंज प्रखंड के एक गांव की रहने वाली है। वह अनुसूचित जाति से संबंध रखती है।
सूत्रों के अनुसार, वह तीसरी कक्षा की छात्रा है, हालांकि वह ड्रॉपआउट बताई जा रही है। विद्यालय का संचालन कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है।
जिला कल्याण पदाधिकारी जहूर आलम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने से पहले कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।
मामले का कैसे हुआ उद्भेदन
दरअसल होली के बाद नाबालिग पहली बार गुरुवार को अपना पैतृक गांव पहुंची थी। शारीरिक बदलाव को देखकर घर वाले अचंभित हो गए। पूछताछ करने लगे। इसी क्रम में इसकी सूचना जिला परिषद निशी कुमारी को जानकारी दी गई। निशी कुमारी ने मौके पर पहुंची और वस्तु स्थिति की जानकारी ली। उसके बाद विद्यालय पहुंच कर गांव वाले हंगामा करने लगे।
जिला परिषद सदस्य ने इसकी सूचना स्थानीय थाना पुलिस को दी। जिला सदस्य ने बताया कि अनुसूचित जाति आवासीय बालिका विद्यालय के प्रधानाध्यापक का रवैया पहले से ही संदिग्ध रही है। कई बार उन्होंने इस बाबत वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना देते रही है।
जांच की कार्रवाई प्रारंभ, आरोपी शिक्षक से हो रही पूछताछ
अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में गठित जांच टीम कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। हंटरगंज थाने में आरोपी प्रधानाध्यापक से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि जांच की प्रक्रिया पूरी होते ही दोषी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इतना ही नहीं निलंबन की कार्रवाई भी त्वरित की जाएगी।