Sachin Tendulkar ने मजबूरी में लिया था संन्यास? BCCI की वो एक बात, जिसने 'मास्टर ब्लास्टर' के उड़ा दिए होश!

 Sachin Tendulkar ने मजबूरी में लिया था संन्यास? BCCI की वो एक बात, जिसने 'मास्टर ब्लास्टर' के उड़ा दिए होश!



पूर्व बीसीसीआई मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने खुलासा किया है कि साल 2012 में खराब फॉर्म के कारण बीसीसीआई सचिन तेंदुलकर को भारतीय टीम से हटाने की योजना ...और पढ़ें





साल 2013 में सचिन तेंदुलकर ने लिया था संन्यास


सचिन तेंदुलकर ने मजबूरी में लिया था संन्यास?


पूर्व बीसीसीआई सेलेक्टर ने सचिन तेंदुलकर के रिटायरमेंट को लेकर बताया छिपा हुआ किस्सा


स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Sandeep Patil on Sachin Tendulkar Retirement Truth। सचिन तेंदुलकर... जब भी इस खेल की बात होती है तो भारतीय दिग्गज का नाम सबसे पहले याद किया जाता है। क्रिकेट के भगवान, मास्टर ब्लास्टर तो गुरु सचिन तक, वह क्रिकेट इतिहास के महानतम दिग्गजों में से एक हैं।


वो टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में सर्वाधिक रन स्कोरर हैं, जिन्होंने अपने 24 साल के लंबे इंटरनेशनल करियर में बेहद ही अहम पारियां खेली। तेंदुलकर ने साल 2013 में संन्यास ले लिया था, लेकिन आज भी फैंस उनकी पारियां और योगदान को हमेशा याद करते हैं। उनके रिटायरमेंट लिए हुए उन्हें 13 साल हो गए हो, लेकिन एक ऐसा खुलासा सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया।

पूर्व बीसीसीआई चीफ सेलेक्टर संदीप पाटिल (Sandeep Patil) ने ये रिवील किया है कि बीसीसीआई सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को भारतीय टीम से हटाने की योजना बना रहा था, लेकिन उन्होंने खुद ही संन्यास ले लिया। संदीप ने ये भी बताया कि उन्होंने तेंदुलकर से उनकी भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा था, तो उन्होंने कहा था कि वे खेलना जारी रखना चाहते हैं। लेकिन चयन समिति ने उन्हें हटाने का फैसला किया था।

Sachin Tendulkar को रिप्लेस करने का BCCI ने बनाया था मन

दरअसल, साल 2012 सचिन तेंदुलकर के लिए खराब साल था। उन्होंने 9 टेस्ट में सिर्फ 23.80 की औसत से रन बनाए थे, जिसमें एक भी शतक नहीं था। वनडे में भी 10 मैचों में उनका औसत 31.50 था। हाल ही में एक इंटरव्यू में पूर्व बीसीसीआई चयनकर्ता संदीप पाटिल ने बताया कि उन्होंने तेंदुलकर को टीम से हटाने का सुझाव दिया था, जिससे वे हैरान में रह गए थे। पाटिल ने कहा, "मैंने उनसे कहा कि हम आपको बदलना चाहते हैं, तो वे हैरान रह गए"


संदीप पाटिल ने ये बताया कि उन्होंने सचिन तेंदुलकर से पूछा, "आपका क्या प्लान हैं?" तेंदुलकर ने कहा, "क्यों?" पाटिल ने फिर जवाब दिया कि सेलेक्टर्स आपका लिए एक विकल्प ढूंढ रही है। तेंदुलकर शॉक में रह गए और पूछा, "क्या आप सीरियस हैं?" पाटिल ने कहा, "हां"


पाटिल ने आगे बताया कि चयन समिति किसी खिलाड़ी को संन्यास लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। तेंदुलकर ने खुद पाटिल को बताया था जब उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया था। पाटिल ने कहा, "चयनकर्ता किसी खिलाड़ी को बता सकते हैं कि वे टीम से बाहर हैं, लेकिन वे किसी खिलाड़ी को यह नहीं बता सकते कि उनका करियर खत्म हो गया है।"





पाटिल ने कहा कि उनकी कार्यकाल को अक्सर तेंदुलकर के जाने के लिए याद किया जाता है, न कि बुमराह, अश्विन, जडेजा, रहाणे या शमी जैसे खिलाड़ियों को टीम में लाने के लिए। पाटिल ने कहा, "मैं समझता हूं कि लोग क्यों नाराज थे। वह सचिन तेंदुलकर हैं। लेकिन शमी आए, बुमराह आए, अश्विन, जडेजा, रहाणे आए। कोई उन पिक्स के बारे में बात नहीं करता, सिर्फ सचिन के जाने की बात करते हैं"।


सचिन तेंदुलकर ने अपना आखिरी टेस्ट नवंबर 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेला था।

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