ट्रेनों में चोरी करने वाला दिल्ली-हरियाणा का गैंग झारखंड में गिरफ्तार, ससुर-दामाद मिलकर चलाते थे गिरोह
धनबाद-गोमो में आरपीएफ और रेल पुलिस ने ट्रेनों में चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने दीक्षाभूमि एक्सप्रेस ...और पढ़ें

धनबाद-गोमो। धनबाद से कोल्हापुर जानेवाली दीक्षाभूमि एक्सप्रेस में लगभग एक माह पहले पारसनाथ निवासी सार्थक जैन के ट्रॉली बैग से लगभग 20 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात चोरी मामले में आरपीएफ एवं रेल पुलिस की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया।
हरिहरपुर थाना क्षेत्र के पुराना बाजार स्थित होटल में छापेमारी कर अपराधियों को दबोचा गया। सहसी गैंग के नाम से कुख्यात इस गिरोह में ससूर व दामाद भी शामिल हैं।
उनके पास से पास से 61,300 रुपये नकद, पांच मोबाइल, चार पिट्ठू बैग तथा ट्राली बैग खोलने के औजार के साथ एक सेट पुलिस वर्दी भी बरामद किए गए हैं।
संदिग्ध गोमो स्टेशन से बाहर निकलते दिखे
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि दीक्षाभूमि एक्सप्रेस के बी-3 कोच में हुई घटना का सीसीटीवी फुटेज कोल्हापुर आरपीएफ से मंगाया गया। फुटेज की जांच के आधार पर आरोपितों की पहचान हुई। फुटेज में संदिग्ध गोमो स्टेशन से बाहर निकलते दिखे।
गोमो के आधा दर्जन होटलों से समन्वय किया गया। पुराना बाजार के कौशल्या गेस्ट एंड फैमिली रेस्टोरेंट संचालक ने उनकी पहचान की। बताया कि उनमें से सभी तीन-चार होटल में आ चुके हैं और आगे भी आने की संभावना है।
रेकी शुरू की गई और होटल के कमरा नंबर 105 व 106 में आकर ठहरने की सूचना मिली। धनबाद व गोमो आरपीएफ, सीआइबी और रेल पुलिस ने छापेमारी कर सभी छह लोगों को पकड़ लिया।
ससुर-दामाद मिलकर देते थे घटना को अंजाम
गिरफ्तार आरोपितो में राजेश अपने दामाद राजीव के साथ मिलकर यात्रियों को निशाना बनाता था। दोनों मिलकर पिछले कई वर्षों से ट्रेनों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। गिरोह के सदस्य यात्री बन कर यात्रियों से घुल मिल जाते थे। फिर आपस में तय करते कि किसे निशाना बनाना है।
जब यात्री अपने स्टेशन पर उतरने के लिए दरवाजे की ओर बढ़ता था, उसी समय गिरोह के सदस्य भीड़ में शामिल होकर धक्का-मुक्की के बीच औजार से ट्राली या पिट्ठू बैग की चेन खोलकर जेवरात व नकदी निकाल लेते थे।
देशभर में फैला नेटवर्कगिरोह 5-6 सदस्यों की टीम बनाकर पूरे भारत में सक्रिय है।
गिरोह के लगभग 150 सदस्य बिहार, झारखंड, दिल्ली, बंगाल, राजस्थान और हरियाणा में सक्रिय हैं।
बिहार के मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, पटना, कोडरमा के अलावा आसनसोल, पारसनाथ, गोमो व बैंडेल में इनकी सक्रियता सामने आई है।
सभी पूर्व में भी जेल जा चुके हैं।
इनकी हुई गिरफ्तारी
अजय कुमार भिवानी हरियाणा, राजेश कुमार सुल्तानपुर दिल्ली, महेंद्र सिंह भिवानी हरियाणा, जगदीश हिसार हरियाणा, कुलदीप सिंह आसी हरियाणा व राजीव कुमार हिसार हरियाणा।
कौन-कौन थे शामिल
अभियान में सीआईबी इंस्पेक्टर अरविंद कुमार राम, संतोष झा, आनंद आलोक, सब इंस्पेक्टर शाकिब आलम, आनंद आलोक, गोमो रेल थानेदार शाहजहां खां, प्रभात सिंह, सुभाष यादव समेत अन्य।
पकड़े गए गैंग के सदस्यों की लंबे समय से खोज की जा रही थी। गोमो को सुरक्षित ठिकाना चुना था और यहीं होटल में रह कर घटना को अंजाम दिया करते थे। मामला दर्ज कर लिया गया है। अन्य सदस्यों को भी बहुत जल्द पकड़ लिया जाएगा।- शाहजहां खां, रेल थानेदार, गोमो