ईरान ने किया अमेरिका की नाम में दम, अब दुश्मन के सस्ते ड्रोन से निपटेगा 'मेरोप्स'; जानिए क्या है ये
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ईरान के सस्ते ड्रोन हमलों से निपटने के लिए 'मेरोप्स' नामक नया एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात कर रहा है। यह सिस्टम ड् ...और पढ़ें

ईरान के सस्ते ड्रोन के खिलाफ मेरोप्स लाया अमेरिका
अमेरिका मिडिल ईस्ट में 'मेरोप्स' एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात करेगा।
यह सिस्टम ईरान के सस्ते ड्रोन हमलों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करेगा।
मेरोप्स AI से ड्रोन का पता लगाता है और उसे मार गिराता है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव का आज आठवां दिन है। अमेरिका-इजरायल लगातार ईरान पर हमला कर रहे हैं। वहीं ईरान भी अपने साथियों के साथ दोनों देशों को जवाब दे रहा है।
ईरान के ड्रोन हमलों से बचने के लिए अमेरिका, मिडिल ईस्ट में अपने सहयोगी देशों को एंटी-ड्रोन मिसाइल सिस्टम देने वाला है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है।
खाड़ी देशों को एंटी-ड्रोन मिसाइल देगा अमेरिका
अमेरिकी अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया, 'ईरान के खिलाफ US की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यूनाइटेड स्टेट्स मिडिल ईस्ट में एक नया एंटी-ड्रोन मिसाइल सिस्टम तैनात करेगा। यह सिस्टम यूक्रेन में काम करता हुआ साबित हुआ है।'
क्या है मेरोप्स?
अधिकारियों के मुताबिक, 'मिडिल ईस्ट में जो सिस्टम भेजा जा रहा है, इसे मेरोप्स के नाम से जाना जाता है। यह ड्रोन हमलों को ध्वस्त करता है। यह इतना छोटा है कि एक मिडसाइज पिकअप ट्रक के पीछे फिट किया जा सकता है।'
यूएस अधिकारियों ने आगे बताया, 'मेरोप्स ड्रोन की पहचान कर सकता है और उसके पास जा सकता है और सैटेलाइट और इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन जाम होने पर नेविगेट करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर सकता है।'
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मेरोप्स सिस्टम ड्रोन को स्पॉट करने और उसे गिराने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके अलावा, यह सिस्टम 50,000 डॉलर के ड्रोन पर 500,000 डॉलर की मिसाइल दागने से सस्ता है।
अधिकारी ने आगे बताया, 'ईरान के शाहेद ड्रोन का मुकाबला करने के लिए US का जवाब निराशाजनक रहा है। ईरान के सस्ते ड्रोन के लिए मेरोप्स का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर ऑप्शन है।'
ईरान के सस्ते ड्रोन के लिए मेरोप्स लाया अमेरिका
हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के टॉप डेमोक्रेट, जिम हाइम्स ने इस हफ्ते कहा, 'हम मिसाइलों को मार गिराने में काफी अच्छे हैं। लेकिन हमारे लिए दिक्कत वाली बात ये है कि ईरानी ड्रोन का बहुत बड़ा स्टॉक है, जिन्हें डिटेक्ट करना और मार गिराना मुश्किल है।'
हाइम्स ने कहा, 'हमारे सामने ईरान के ड्रोन हमले गणित के सवाल की तरह सामने आ रहे हैं और US महंगे मिलिट्री इंटरसेप्टर जैसे पैट्रियट सिस्टम का इस्तेमाल जल्दी और सस्ते में बने ईरानी ड्रोन को मार गिराने में नहीं कर सकता।'
हाइम्स ने आगे कहा, 'एक सस्ते ड्रोन को मार गिराना सच में, सच में बहुत महंगा पड़ रहा है। एक बहुत बड़ी मिसाइल एक छोटे से घटिया ड्रोन का पीछा कर रही है।'