अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद ईरान की शीर्ष लीडरशिप खत्म हो गई है, जिसमें सुप्रीम लीडर खामेनेई और अली लारीजानी जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। ...और पढ़ें
अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले के बाद ईरान की टॉप लीडरशिप खत्म हो चुकी है। 28 फरवरी को शुरू हुई इस जंग में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और राजनीतिक हस्तियां दिवंगत हो गईं। हाल ही में सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी की भी मौत हो गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अब ईरान का नेतृत्व कौन कर रहा है?
मोजतबा खामेनेई को उनके पिता के उत्तराधिकारी के तौर पर 'सुप्रीम लीडर' घोषित किया गया है। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि वे घायल हैं और विश्लेषकों का कहना है कि उन्होंने कभी कोई कार्यकारी भूमिका नहीं निभाई है। इस वजह से भी सवाल खड़ा हुआ है कि तेहरान में 'चेन ऑफ कमांड' (आदेशों का क्रम) कैसा है और देश में सबसे शक्तिशाली हस्तियां कौन हैं?
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
अल जजीरा की रिपोर्ट में एक एक्सपर्ट के हवाले से बताया गया कि यह पूरी तरह से साफ नहीं है कि लारीजानी की जगह कौन लेगा? हालांकि इसके लिए तंत्र और संवैधानिक प्रक्रियाएं मौजूद हैं, फिर भी किसी खास नाम का अंदाजा लगाना मुश्किल है।
विश्लेषकों का कहना है कि हत्याओं की बढ़ती संख्या की वजह से भी अनजान चेहरे भी शक्तिशाली पदों पर काबिज हो सकते हैं या फिर पारदर्शिता में और भी कमी आ सकती है।
कौन-कौन से नामों की हो रही चर्चा?
रिपोर्ट में कुछ नामों का जिक्र किया गया है जो अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनमें संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर गालिबफ, पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सईद जलीली, पूर्व विदेश मंत्री अली अकबर सालेही, पूर्व राष्ट्रपति और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हसन रूहानी और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पूर्व प्रमुख मोहसिन रजाई शामिल हैं।