पॉलिटिकल प्रेशर और टैक्स ट्रबल... ब्रिटेन अमेरिका के अरबपति छोड़ रहे अपना देश, इन देशों में बना नया ठिकाना
दुनिया के सबसे अमीर लोग तेजी से अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में बस रहे हैं। यह प्रवृत्ति टैक्स लाभ, संपत्ति की सुरक्षा, भावी पीढ़ियों की सुरक्षा और रा ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
अरबपति तेजी से अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में बस रहे हैं।
टैक्स लाभ और राजनीतिक अस्थिरता मुख्य कारण हैं पलायन के।
इटली, पुर्तगाल जैसे देश आकर्षक योजनाओं से अमीरों को लुभा रहे।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर लोग अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में नया ठिकाना बना रहे हैं और पिछले कुछ वर्षों में तेजी आई है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इतिहास में पहले कभी इस रफ्तार से देश छोड़ने की प्रवत्ति नहीं देखी गई। कभी टैक्स में फायदा उठाने की तलाश में होने वाला पलायन अब डिफेंसिव हो गया है।
अपनी संपत्ति बचाने, आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा और राजनीतिक अस्थिरता से बचने के लिए अमीर लोग गोल्डन वीसा और विदेशी नागरिकता का सहारा ले रहे हैं। इस बात का खुलासा एक सर्वे में हुआ है। स्विस बैंक यूबीएस ने 87 अरबपतियों को लेकर एक सर्वे किया है, जिसमें पता चला है कि 2025 में 36 प्रतिशत अरबपति एक बार तो अपनी जगह बदल चुके हैं, जबकि 9 प्रतिशत इसके बारे में विचार कर रहे हैं।
कितने अरबपतियों ने बदला देश?
निवेश प्रवासन परामर्श ब्रटिश कंपनी हेनली एंड पार्टनर्स के पास आवेदनों में 28 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसके मुताबिक, 2018 में जहां करीब 1.08 लाख अरबपतियों ने देश बदला था तो 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 1.34 लाख और 2025 में 1.42 लाख तक पहुंच गया। इस हिसाब से 2026 में ज्यादा अरबपतियों का देश छोड़ने का अनुमान है।
क्यों छोड़ रहे देश?
रिपोर्ट के मुताबिक, इन अरबपतियों के देश छोड़ने की सबसे बड़ी वजह टैक्स ट्रबल है। इटली में नए रेजीडेंट्स के लिए 2 लाख यूरो सालाना फ्लेट टैक्स स्कीम 15 साल तक विदेशी टैक्स को कैप करती है और ये अमीरों को आकर्षिक करती है।
पुर्तगाल ने पुराने गोल्डन वीसा और नई स्कीम के तहत 20 प्रतिशत टैक्स छूट और रिसर्च/इनोवेशन इंसेंटिव देकर धनी प्रवासियों को खींचा है। सिंगापुर ने भी इसी तरह की कई रियायतें घोषित की हैं।
हेनले रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में इटली में 3,600, पुर्तगाल में 1,400 और ग्रीस में 1,200 नए अरबपतियों ने नया ठिकाना बनाया है। दूसरी तरफ ब्रिटेन लगातार नेट आउटफ्लो झेल रहा है, जहां हाई टैक्स और ब्रेग्जिट के बाद की अनिश्चितता से पैसे वाले परिवार विकल्प तलाश रहे हैं।