'ईरान ने ट्रंप और बाइडन की हत्या के लिए मुझे हायर किया', पाकिस्तानी शख्स का सनसनीखेज खुलासा

 'ईरान ने ट्रंप और बाइडन की हत्या के लिए मुझे हायर किया', पाकिस्तानी शख्स का सनसनीखेज खुलासा


अमेरिकी अदालत में 47 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट पर ईरान के साथ मिलकर शीर्ष अमेरिकी राजनेताओं, जिनमें ट्रंप भी शामिल हैं, की हत्या की साजिश ...और पढ़ें






 मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी न्यायालय में एक 47 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट के खिलाफ सनसनीखेज मुकदमा शुरू हुआ है। आसिफ पर ईरान के साथ मिलकर अमेरिका में शीर्ष राजनेताओं की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इसमें राष्ट्रपति ट्रंप का नाम भी शामिल है।


अभियोजन पक्ष के अनुसार, पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट अप्रैल 2024 में अमेरिका पहुंचा और नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले 'कॉन्ट्रैक्ट किलिंग' की व्यवस्था करने की कोशिश की। इस दौरान आशिफ ने ऐसे व्यक्ति से संपर्क किया, जिसे वह सुपारी किलर ढूंढने में सक्षम समझता था।
जिसे दी सुपारी वही बना मुखबिर

लेकिन वह व्यक्ति बाद में FBI का मुखबिर बन गया और पूरी बातचीत रिकॉर्ड की गई। अमेरिकी अदालत में बताया गया कि मर्चेंट ने 5,000 डॉलर एडवांस राशि के तौर पर दो लोगों को दिए, जिन्हें वह सुपारी किलर (पेशेवर हत्यारा) समझ रहे थे। लेकिन वे दोनों FBI के अंडरकवर एजेंट निकले।


आसिफ मर्चेंट जिन लोगों के हत्या की साजिश रच रहा था, उसमें वर्तमान राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प, तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन और पूर्व राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार और पूर्व संयुक्त राष्ट्र राजदूत निक्की हेली शामिल थीं। आसिफ ने अपनी गवाही में स्वीकार करते हुआ कहा वह ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहता था।

ईरानी लोगों से था डर

'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, आसिफ मर्चेंट ने अमेरिकी कोर्ट में कहा- मैं यह काम इतनी स्वेच्छा से नहीं करना चाहता था। उसने दावा किया कि उसने तेहरान में रह रहे अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए मजबूरी में इस साजिश में हिस्सा लिया। क्योंकि मेरे पास इसके लिए कोई और चारा नहीं था।

ईरान के शीर्ष लीडर की हत्या का बदला लेने के लिए रची गई थी साजिश

अमेरिकी न्याय विभाग ने आसिफ मर्चेंट पर आरोप लगाया है कि उसने ट्रंप और अन्य राजनेताओं की हत्या की योजना के तहत अमेरिका के भीतर लोगों की भर्ती करने की कोशिश की। यह साजिश अमेरिका द्वारा ईरान के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए रची गई थी। ईरान में सैन्य और आर्थिक शक्ति के साथ-साथ एक मजबूत खुफिया नेटवर्क होने के कारण 'रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्ब्स' (IRGC) की वहां केंद्रीय भूमिका है।

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