लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कमेंट्री छोड़ने का बताया कारण, BCCI पर लगाया रंगभेद का आरोप

 लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कमेंट्री छोड़ने का बताया कारण, BCCI पर लगाया रंगभेद का आरोप


पूर्व भारतीय लेग स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने बीसीसीआई कमेंट्री पैनल से संन्यास की घोषणा की है। उन्होंने 23 वर्षों से टॉस और पुरस्कार वितरण समारोह म ...और पढ़ें






लक्ष्मण शिवरामकृष्णन

लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने बीसीसीआई कमेंट्री से संन्यास लिया


अवसरों की कमी और नए लोगों को प्राथमिकता का आरोप


पूर्व क्रिकेटर ने बीसीसीआई पर रंगभेद का आरोप लगाया


पीटीआई, नई दिल्ली। भारत के पूर्व लेग स्पिनर और अनुभवी क्रिकेट विशेषज्ञ लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने शुक्रवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के कमेंट्री पैनल से हटने की घोषणा की। उन्होंने टॉस और पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान उद्घोषक की भूमिका में अवसरों की कमी को अपने कमेंट्री करियर को समाप्त करने का कारण बताया।


शिवरामकृष्णन ने 1980 के दशक की शुरुआत में 17 साल की उम्र में अपनी दमदार लेग-स्पिन गेंदों, गूगली और टॉप स्पिन से हलचल मचा दी थी। भले ही उनका क्रिकेट करियर लंबा नहीं चला, लेकिन इसके बाद उन्होंने कमेंटेटर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। शिवरामकृष्णन ने ने एक्स पर पोस्ट किया कि मैं बीसीसीआई के लिए कमेंट्री से संन्यास ले रहा हूं। पिछले 23 वर्षों से मुझे टॉस और पुरस्कार वितरण समारोह के लिए नहीं भेजा गया। जबकि नए लोग पिच रिपोर्ट, टॉस और पुरस्कार वितरण समारोह के लिए भेजे जाते रहे।

रंगभेद का लगाया आरोप

मुझे उस समय भी नहीं भेजा गया जब रवि शास्त्री कोचिंग कर रहे थे, तो इसका मतलब क्या हो सकता है। उन्होंने इस मामले में रंगभेद का भी आरोप लगाया। 60 वर्षीय शिवरामकृष्णन को दो दशक से अधिक समय तक कमेंट्री बॉक्स के अंदर खुलकर अपने विचार व्यक्त करने के लिए जाना जाता रहा। शिवा नाम से मशहूर शिवरामकृष्णन ने 1983 से 1986 के बीच नौ टेस्ट मैच और 16 वनडे खेले। वह 2000 में कमेंट्री से जुड़े। उन्होंने आईसीसी क्रिकेट समिति में खिलाड़ी प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य किया।

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