रांची में नाबालिग छात्रा से अश्लील हरकत करने वाला ट्यूशन टीचर दोषी करार, 23 मार्च को सुनाई जाएगी सजा

 रांची में नाबालिग छात्रा से अश्लील हरकत करने वाला ट्यूशन टीचर दोषी करार, 23 मार्च को सुनाई जाएगी सजा


रांची की पोक्सो अदालत ने नाबालिग छात्रा से अश्लील हरकत के आरोप में ट्यूशन टीचर अमरेंद्र कुमार राय को दोषी ठहराया है। उसकी सजा पर सुनवाई 23 मार्च को हो ...और पढ़ें








अश्लील हरकत करने वाला ट्यूशन टीचर दोषी करार


नाबालिग छात्रा से अश्लील हरकत का दोषी ट्यूशन टीचर।


रांची पोक्सो अदालत ने अमरेंद्र कुमार राय को ठहराया दोषी।


दोषी शिक्षक की सजा पर 23 मार्च को सुनवाई होगी।


राज्य ब्यूरो, रांची। पोक्सो की विशेष अदालत ने बुधवार को नाबालिग छात्रा से अश्लील हरकत करने के आरोपित ट्यूशन टीचर अमरेंद्र कुमार राय को दोषी करार दिया है। उसकी सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 23 मार्च की तिथि निर्धारित की गई है।


सुनवाई के दौरान आरोपित को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया था। आरोपित को सदर पुलिस ने 28 जनवरी 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से वह जेल में है। मामले में सुनवाई के दौरान पांच गवाहों को प्रस्तुत किया गया था। घटना को लेकर पीड़िता ने सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

घटना की सारी जानकारी अपनी मां और अन्य स्वजनों को दी

प्राथमिकी के अनुसार सातवीं की छात्रा का कहना है कि वह शिक्षक अमरेंद्र राय के घर ट्यूशन पढ़ने जाती थी। उसके साथ अन्य विद्यार्थी भी वहां पढ़ने जाते हैं। 27 जनवरी की रात सभी विद्यार्थी को भेजकर अमरेंद्र ने मुझे गणित पढ़ाने के नाम पर रुकने को कहा।

इसके बाद अश्लील हरकत कर गलत नीयत से अपनी ओर खींच लिया और लाइट बंद कर दिया। जब विरोध किया तो कहा कि यह सब सामान्य बात है। शिक्षक की गलत मंशा को देखते हुए वह किसी प्रकार उससे छुड़ा कर भाग कर घर पहुंची। घटना की सारी जानकारी अपनी मां और अन्य स्वजनों को दी। स्वजन शिक्षक के घर पहुंचे और उसे पकड़कर सदर थाना पुलिस को सौंप दिया।

पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के मामले में 25 को निर्णय

एमपी-एमएलए मामले के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत में मारपीट करने सहित अन्य आरोपों में ट्रायल फेस कर रहे पूर्व मंत्री बंधु तिर्की सहित सात आरोपितों के खिलाफ सुनवाई बुधवार को पूरी हो गई। सभी पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 25 मार्च को निर्णय की तिथि निर्धारित की है।


मामले में बंधु तिर्की, तीन अंगरक्षक रामदेव प्रसाद, विशाल उरांव व सीनू राम जोंको के अलावा अमोद कुमार सिंह, मोहन सिंह और दिलीप कुमार ट्रायल फेस कर रहा है। आरोप है कि एक नवंबर 2017 को भारत स्काउट गाइड झारखंड रांची के राज्य काउंसिल चुनाव में गड़बड़ी से संबंधित जांच की जा रही थी।


जांच करने भारत स्काउट गाइड के प्रतिनिधि जिला शिक्षा कार्यालय परिसर पहुंचे थे। जांच में नरेश कुमार को प्रवेश नहीं करने दिया गया और अंगरक्षकों ने बैठक में जाने से रोका व मारपीट की थी। जबकि नरेश कुमार को जांच में शामिल होना जरूरी था। घटना को लेकर कोतवाली थाने में एक नवंबर 2017 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

रिश्वत लेने के आरोपित पूर्व एसआई को नहीं मिली जमानत

एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने रिश्वत लेने के आरोपित गुमला जिले के चैनपुर थाना के पूर्व एसआइ अशोक कुमार को जमानत देने से इन्कार किया है। अदालत ने बुधवार को प्रार्थी की जमानत याचिका खारिज कर दी।


अदालत ने 16 मार्च को जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया था। फरार चल रहा अशोक कुमार को एसीबी ने 20 फरवरी को गिरफ्तार किया था। उस पर 30 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप है।


आरोप है कि पीड़ित जयपाल नायक से निजी घर के लिए ईंट पकाने के एवज में थाना प्रभारी रिश्वत की मांग की थी। जिसकी शिकायत एसीबी से किया था। उसने 24 फरवरी को जमानत की गुहार लगाते हुए याचिका दाखिल की थी।

विनय चौबे की जमानत पर 26 को सुनवाई

एसीबी की विशेष अदालत में आय से अधिक संपत्ति मामले में आरोपित निलंबित आइएएस विनय कुमार चौबे की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक की ओर समय की मांग की गई। जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 26 मार्च को निर्धारित की है।


अदालत ने कहा कि अगली तिथि को अद्यतन केस डायरी के साथ जवाब दाखिल करें। विनय कुमार चौबे ने जमानत की गुहार लगाते हुए नौ मार्च को याचिका दाखिल की है। बता दें कि एसीबी ने विनय चौबे को 30 जनवरी को मामले में रिमांड पर लिया है।

कार से कुचलने वाले को नहीं मिली जमानत

अपर न्यायायुक्त एमके सिंह की अदालत में चार जनवरी की रात डिस्को बार के बाहर हुए विवाद में युवक अंकित कुमार सिंह को वाहन से कुचलकर हत्या करने के आरोपित रणदीप सिंह जमानत याचिका पर


सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत खारिज कर दी। वह घटना के बाद से ही जेल में है। इससे पूर्व न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने भी सात फरवरी को जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।


यह मामला चार जनवरी 2026 की रात डिस्को बार के बाहर हुए विवाद के बाद युवक अंकित कुमार सिंह की मौत से संबंधित है। अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि घटना गंभीर प्रकृति की है, जिसमें मारपीट के बाद वाहन से कुचलकर हत्या किए जाने का आरोप है।


प्राथमिकी के अनुसार चार जनवरी की रात सूचक अपने भतीजे अंकित कुमार सिंह और दोस्तों के साथ एक डिस्को बार गया था, जहां दूसरे समूह के साथ विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर मारपीट हुई। आरोप है कि आरोपितों ने कार से जानबूझकर अंकित को टक्कर मारी। उसे सदर अस्पताल के बाद रिम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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