जमशेदपुर का 'लियोनेल मेसी': 12 साल बाद घर लौटा तो गांव में बजा नगाड़ा, केरल में जीता फुटबॉल का मैदान
सोनुवा के हाड़ीमारा गांव का राजा गोप, जो 12 साल पहले पांच साल की उम्र में भटककर केरल पहुंच गया था, अब वापस लौट आया है। केरल में बाल कल्याण समिति की दे ...और पढ़ें

बारह साल बाद अपने घर पहुंचा राजा तो खुशी के मारे मां की आंखों से छलक पड़े आंसू।
केरल में बाल कल्याण समिति ने उसकी देखभाल की।
सोनुवा में ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया।
संवाद सूत्र, सोनुवा। कहते हैं कि अगर जज्बा हो और किस्मत साथ दे, तो रास्ते खुद-ब-खुद बन जाते हैं। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुवा थाना क्षेत्र के हाड़ीमारा गांव में मंगलवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
12 वर्षों से लापता राजा गोप उर्फ गोमा जब अपने गांव वापस लौटा, तो पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल था। ग्रामीणों ने बाजे-गाजे और पारंपरिक नृत्य के साथ अपने 'लाडले' का भव्य स्वागत किया।
दैनिक जागरण की खबर और पुलिस की तत्परता आई काम
उल्लेखनीय है कि दैनिक जागरण ने राजा गोप के लापता होने और उसके केरल में होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। आज जब वह घर लौटा, तो उसकी मां की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
करीब 12 साल पहले, महज पांच वर्ष की उम्र में राजा अपने गांव से भटक गया था और अनजाने में ट्रेन पकड़कर केरल पहुंच गया था।केरल के कुन्नूर में राजा पिछले 12 वर्षों से बाल कल्याण समिति (CWC) की देखरेख में था।
केरल में सीडब्ल्यूसी की देखरेख में संवरी किस्मत
राजा ने वहां अपनी पहचान एक प्रतिभावान फुटबॉल खिलाड़ी के रूप में बनाई। जैसे ही राजा ने चाईबासा क्षेत्र के होने का संकेत दिया, केरल CWC ने चाईबासा पुलिस से संपर्क साधा।
सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से परिजनों तक सूचना पहुंची। सोनुवा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव जाकर सत्यापन किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर राजा को वापस घर लाया गया।

चाईबासा पुलिस जब राजा को लेकर गांव पहुंची तो उसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
फुटबॉल मैदान का उभरता सितारा
राजा गोप महज एक भटका हुआ बालक नहीं, बल्कि अब एक कुशल खिलाड़ी है। वह केरल के प्रतिष्ठित क्लब 'केरला ब्लास्टर्स' के लिए फुटबॉल खेलता है।
गांव लौटने के बावजूद राजा के दिल में फुटबॉल के प्रति जुनून बरकरार है। उसने बताया कि वह अपने परिवार से मिलकर बेहद खुश है, लेकिन वह वापस केरल जाकर अपने फुटबॉल करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहता है।
पुलिस और प्रशासन की सराहना
इस पुनर्मिलन में चाईबासा जिला पुलिस की भूमिका सराहनीय रही। ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया है।
12 साल बाद बिछड़े हुए बेटे को सीने से लगाकर मां ने कहा कि मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं जीते जी अपने बेटे को देख पाऊंगी। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।

स्टार फुटबॉलर राजा का बारह साल बाद केरल से गांव आने की खुशी में नृत्य करतीं ग्रामीण महिलाएं।