टेंगाडीह स्कूल में 11 छात्रों के परीक्षा से वंचित रहने पर BDO और CO ने की जांच, प्रधानाध्यापक की लापरवाही उजागर
नीमडीह के टेंगाडीह स्कूल में प्रधानाध्यापक द्वारा फॉर्म न भरने के कारण 11 छात्र आठवीं बोर्ड परीक्षा से वंचित रह गए। दैनिक जागरण की खबर के बाद बीडीओ और ...और पढ़ें

टेंगाडीह स्कूल
प्रधानाध्यापक की लापरवाही से 11 छात्र परीक्षा से वंचित।
बीडीओ-सीओ ने टेंगाडीह स्कूल मामले की गहन जांच की।
छात्रों के फॉर्म पोर्टल में दर्ज नहीं किए गए थे।
संवाद सहयोगी, नीमडीह। प्रखंड के टेंगाडीह गांव में स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के 11 छात्र - छात्राएं आठवीं बोर्ड 2026 की परीक्षा का प्रपत्र प्रधानाध्यापक द्वारा नहीं भरायें जाने के कारण परीक्षा से वंचित रह गए।
इस संबंध में शुक्रवार को दैनिक जागरण समाचार पत्र में 'टेंगाडीह स्कूल के विद्यार्थी नहीं दे सके आठवीं बोर्ड की परीक्षा' शीर्षक से समाचार प्रकाशित करने के बाद शुक्रवार अपराह्न 2.50 बजे नीमडीह के बीडीओ कुमार एस अभिनव एवं सीओ अभय कुमार द्विवेदी जांच हेतु विद्यालय पहुंचे एवं प्रधानाध्यापक सरसिज कुमार से पूछताछ की।
शिक्षकों की कर्त्तव्यहीनता पर सवाल
सीओ ने बताया कि स्कूल पहुंचने पर देखा गया कि एक भी विद्यार्थी नहीं है, जबकि तीन शिक्षक उपस्थित थे। विद्यालय की समय अवधि अपराह्न 3 बजे तक है। उसके पहले ही बच्चों का स्कूल में उपस्थित न रहना शिक्षकों की कर्त्तव्यहीनता है। इस विषय पर भी कार्रवाई की अनुशंसा जिला के पदाधिकारियों से की जाएगी।
सीओ ने बताया कि प्रधानाध्यापक का कारण बताओ नोटिस का जवाब संतुष्टिजनक नहीं है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि सर्वर की तकनिकी खराबी के कारण फॉर्म फिल अप नहीं हुआ। इसकी सूचना वरीय अधिकारी को नहीं दी गई।
11 विद्यार्थियों का फॉर्म पोर्टल में एंट्री नहीं
सीओ ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि यदि उक्त समय कम से कम पोर्टल पर फॉर्म की एंट्री की गई होती तो भी झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा किसी निश्चित तिथि को पोर्टल खोलकर फॉर्म सबमिशन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाती। जैसा राज्य के कई विद्यालय में हुआ है। परंतु इस विद्यालय ने 11 विद्यार्थियों का फॉर्म पोर्टल में एंट्री ही नहीं किया।
सीओ ने कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी से बात करने पर बताया गया कि वे झारखंड एकेडमिक काउंसिल से संपर्क कर उक्त समस्या का समाधान हेतु प्रयासरत है। उक्त प्रकरण की जांच प्रतिवेदन शनिवार को जिला के सम्बंधित वरीय पदाधिकारियों को भेज दी जाएगी जिसमें प्रधानाध्यापक एवं अन्य अध्यापकों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की अनुशंसा की जाएगी।