ईरान ने इजरायल के 'लिटिल इंडिया' पर बरसाए बम, परमाणु केंद्रो को भी किया टारगेट; 100 से ज्यादा घायल

 ईरान ने इजरायल के 'लिटिल इंडिया' पर बरसाए बम, परमाणु केंद्रो को भी किया टारगेट; 100 से ज्यादा घायल


ईरान ने इजरायल के डिमोना शहर पर हमला किया, जिसे 'लिटिल इंडिया' भी कहा जाता है। यह हमला ईरान के नतान्ज परमाणु केंद्र पर हुए हमले की जवाबी कार्रवाई थी। ...और पढ़ें





ईरान ने इजरायल के डिमोना शहर पर मिसाइलें दागीं।


हमले में 'लिटिल इंडिया' के 100 से अधिक लोग घायल।


यह हमला परमाणु केंद्र पर जवाबी कार्रवाई के रूप में हुआ।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजरायल का डिमोना शहर, जहां पर रंग-बिरंगे कपड़े, जलेबी और चाट की महक और बॉलीवुड का असर देखने को मिलता है। यह एक ऐसा शहर है जहां पर भारतीय मूल के लोग रहते हैं और इजरायल के परमाणु ठिकानों से सिर्फ 20 किमी. दूरी पर है। ईरान ने इस शहर को भी टारगेट किया है।


शनिवार को डिमोना में हुए हमलों में 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इन हमलों ने दक्षिणी इजरायल के इस शहर के बड़े हिस्से को मलबे के ढेर में बदल दिया। यह हमला कुछ घंटे पहले ईरान के नतान्ज परमाणु संवर्धन केंद्र पर हुए हमले के जवाबी कार्रवाई के तौर पर किया गया था।

इमारतें ढह गईं और जमीन में बन गए गहरे गड्ढे

न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, मिसाइलों के सीधे अटैक से रिहायशी इमारतों के सामने के हिस्से ढह गए और जमीन में गहरे गड्ढे बन गए। अधिकारियों के अनुसार, इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइलों को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे विफल रहे। इसके बाद सैकड़ों किलोग्राम वजन वाले वारहेड (धमाका करने वाला हिस्सा) वाली बैलिस्टिक मिसाइलें सीधे शहरों पर गिरीं।

100 से ज्यादा लोग घायल

अराद में 84 लोग घायल हुए, जिनमें से 10 की स्थिति गंभीर है। वहीं डिमोना में 33 लोग घायल हुए हैं। कुल मिलाकर 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा है कि अब तक परमाणु केंद्र को किसी नुकसान या वहां से किसी भी तरह के रेडिएशन (विकिरण) लीक होने की खबर नहीं है।

डिमोना में रहता है भारतीय-यहूदी समुदाय

एक अहम परमाणु स्थल होने के अलावा, डिमोना ने "लिटिल इंडिया" का खिताब भी हासिल किया है। यहां 7,500 लोगों की मजबूत भारतीय-यहूदी कम्युनिटी रहती है, जो शहर की कुल आबादी का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा है।


यहां लोगों को फर्राटेदार मराठी और थोड़ी-बहुत हिंदी बोलते हुए सुना जा सकता है। यहां लोग क्रिकेट के बहुत दीवाने हैं और दुकानों पर सोनपापड़ी, गुलाब जामुन, पापड़ी चाट और भेलपूरी जैसे देसी भारतीय स्नैक्स मिलते हैं।

तेल अवीव में भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत से इजरायल में इन लोगों का प्रवासन मुख्य रूप से 1950 और 1960 के दशक में हुआ। इनमें से अधिकांश लोग महाराष्ट्र (बेने इजरायली) से हैं, जबकि केरल (कोचिनी यहूदी) और कोलकाता (बगदादी यहूदी) से आने वालों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।


हाल के वर्षों में, मिजोरम और मणिपुर (बनेई मेनाशे) के कुछ भारतीय यहूदी भी इजरायल में आकर बस रहे हैं। भारतीय मूल की आबादी हाइफा, तेल अवीव, अराद, नेतन्या और अफुला जैसे शहरों में भी रहती है।

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