आजाद भारत का सबसे खराब, जनता को हार्ट अटैक देने वाला निराशाजनक बजट', JMM-कांग्रेस नेताओं ने दिया रिएक्शन

 आजाद भारत का सबसे खराब, जनता को हार्ट अटैक देने वाला निराशाजनक बजट', JMM-कांग्रेस नेताओं ने दिया रिएक्शन



झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने केंद्रीय बजट को 'आजाद भारत का सबसे खराब' बताया है। उन्होंने कहा कि यह रोजगार, महंगाई और किसानों की समस्याओं को हल करने ...और पढ़ें







बजट पर नेताओं ने दी प्रतिक्रिया। (जागरण)


झामुमो ने केंद्रीय बजट को 'आजाद भारत का सबसे खराब' बताया।


रोजगार, महंगाई, किसानों की समस्याओं पर बजट पूरी तरह विफल।


झारखंड की मांगों और संघीय ढांचे की घोर उपेक्षा की गई।


राज्य ब्यूरो, रांची। झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को आजाद भारत का अब तक का सबसे खराब बजट करार दिया है।

उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरने में विफल रहा है। न इसमें रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस रोडमैप है और न ही बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए कोई प्रभावी उपाय किए गए हैं।


विनोद पांडेय ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने, कृषि लागत कम करने या न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर बजट में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। इससे साफ है कि सरकार किसानों की वास्तविक समस्याओं से पूरी तरह कट चुकी है।
इसके साथ ही राज्यों के हिस्से और संघीय ढांचे के साथ भी न्याय नहीं किया गया, जिससे संघवाद की भावना कमजोर होती है।

उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी बहुल राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों, किसानों, युवाओं और गरीब वर्ग के लिए किसी भी तरह की ठोस वित्तीय बढ़ोतरी नहीं की गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों को भी बजट में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिली।


झामुमो महासचिव ने कहा कि यह बजट विकास का नहीं है और इरादों में पूरी तरह खोखला है। यह बजट देश की जनता को निराश करने वाला है और आने वाले समय में इसके दुष्परिणाम सामने आएंगे।
जनता को हार्ट अटैक लाने वाला बजट : इरफान

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने केंद्रीय बजट को हार्ट अटैक कराने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह जनता को राहत देने वाला नहीं, बल्कि गुमराह करनेवाला है। झारखंड को एम्स नहीं देकर सौतेला व्यवहार किया गया। महंगाई तथा बेरोज़गारी दूर करने तथा लोगों को सहज व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा के लिए बजट में कुछ भी नहीं है।


विकास का कोई रोडमैप नहीं है। टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई और मध्यम वर्ग को एक बार फिर पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया गया है। किसानों के लिए खोखले वादे किए गए हैं। सब मिलाकर यह जनता की उम्मीदों पर पानी फेरनेवाला बजट है।

निराशाजनक बजट, झारखंड की मांगों को भी किया दरकिनार : राधाकृष्ण किशोर

राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्रीय बजट को निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जिन तीन कर्त्तव्यों का उल्लेख बजट में किया है, उन्हें पूरा करने के लिए कोई रोडमैप तैयार नहीं किया।


बजट में विदेशी मुद्रा विनियम दर को स्थिर करने अथवा बहुमूल्य धातुओं विशेषकर सोना और चांदी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए किसी भी प्रयास बजट में नहीं दिख रहा है।

बजट में झारखंड की घोर उपेक्षा की गई तथा राज्य सरकार की मांगों को भी दरकिनार किया गया। राज्य के वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्र से मनरेगा (जय राम जी) योजना के लिए पांच हजार करोड़ रुपये की मांग की थी।

राज्य में एक लाख हेक्टेयर खेतों में सिंचाई क्षमता की वृद्धि के लिए दो हजार करोड़ रुपये तथा कोल कंपनियों के पास बकाया एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये की मांग की गई थी, लेकिन राज्य सरकार की अनसुनी की गई। पर्यटन विकास की असीम संभावनाओं के बाद भी झारखंड के लिए बजट में कुछ नहीं है।

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