जुगसलाई नगर परिषद चुनाव: वोटिंग से पहले 2 प्रत्याशियों की नाम वापसी से रोचक हुआ चुनाव, बूथों पर उमड़ी भीड़

 जुगसलाई नगर परिषद चुनाव: वोटिंग से पहले 2 प्रत्याशियों की नाम वापसी से रोचक हुआ चुनाव, बूथों पर उमड़ी भीड़




जमशेदपुर के जुगसलाई नगर परिषद चुनाव में रोमांचक मुकाबला देखने को मिल रहा है। भाजपा समर्थित प्रत्याशी रिंकू सिंह और झामुमो की नौशीन खान के बीच सीधी टक् ...और पढ़ें






पोलिंग बूथों के बाहर मतदाताओं की भीड़। फोटो जागरण


जमशेदपुर। जुगसलाई नगर परिषद का चुनाव बेहद ही रोमांचक हो चुका है। ऐसे में सोमवार सुबह बूथों पर धीरे-धीरे मतदाताओं की संख्या बढ़ती जा रही है।

जुगसलाई में मतदान से एक दिन पहले भाजपा समर्थित प्रत्याशी को टक्कर दे रही बलविंदर कौर और इंदु देवी ने अचानक से चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। ऐसे में अब यह चुनाव भारतीय जनता पार्टी बनाम झारखंड मुक्ति मोर्चा हो गया है।


जिसमें भाजपा प्रत्याशी के रूप में रिंकू सिंह हैं, तो वहीं झामुमो प्रत्याशी के रूप में झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन हिदायत खान की पत्नी नौशीन खान हैं।



दोनों प्रत्याशियों के बीच मेयर पद को लेकर कांटे की टक्कर देखी जा रही है। जुगसलाई का चुनाव बेहद ही रोमांचक हो चुका है। पूर्वी सिंहभूम में जुगसलाई के अलावा मानगो नगर निगम और चाकुलिया नगर पंचायत में भी मतदान की प्रक्रिया चल रही है।

अंतिम बार 1988 में हुआ था चुनाव

जुगसलाई में नगर परिषद का चुनाव अंतिम बार वर्ष 1988 में हुआ था। तब यहां मुस्लिम बहुल आबादी बेहद ही कम थी। शहर की सबसे बड़ी मंड़ियों में से एक जुगसलाई थोक सामानों का केंद्र है।




यहां नीचे दुकानें तो ऊपर दुकानदार अपने स्वजनों के साथ रहते हैं। जुगसलाई में लगभग 97 हजार हिंदू तो 75 हजार मुस्लिम मतदाता हैं।
सुबह से ही मतदान स्थलों में है गहमा-गहमी

जुगसलाई में मतदान को लेकर सुबह से ही गहमा-गहमी है। यहां मेयर पद के अलावा वार्ड सदस्य के 41 पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं। ऐसे में वार्ड स्तर पर प्रत्याशी खुद ही मैदान में उतरे हुए हैं और उनके समर्थक मतदाताओं के घर-घर जाकर मतदान करने की अपील कर रहे हैं। वहीं, कुछ प्रत्याशी तो मतदाताओं को साथ लेकर आ रहे हैं ताकि उनके समर्थन में अधिक से अधिक वोट पड़ सके।

कंपनियां पहले ही घोषित कर चुकी हैं छुट्टियां

मतदान को लेकर शहर में संचालित बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए सवैतनिक छुट्टी की घोषणा कर चुकी है। टाटा स्टील में कार्यरत कोई कर्मचारी यदि चुनाव क्षेत्र में रहते हैं और उनकी ए या बी शिफ्ट में ड्यूटी है तो उन्हें छुट्टी मिलेगा।


यदि वे आवश्यक कार्यों में संलग्न हैं तो उन्हें चार-चार घंटे के बैच में छुट्टी मिलेगी। इसके अलावा शेष शिफ्ट में कार्यरत कर्मचारी अपना मतदान कर ड्यूटी में आने को कहा गया है। वहीं, टाटा मोटर्स व टाटा कमिंस ने 23 फरवरी को अवकाश की घोषणा करते हुए प्लांट बंद कर दिया है।

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