सारंडा जंगल में एक और माओवादी ढेर, 30 घंटे से जारी है अभियान, अब तक 16 मारे गए

 सारंडा जंगल में एक और माओवादी ढेर, 30 घंटे से जारी है अभियान, अब तक 16 मारे गए



सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है, जहां 30 घंटे से जारी अभियान में अब तक कुल 16 माओवादी मारे गए हैं। इनमें कुख्यात पतिराम मांझी उर्फ अ ...और पढ़ें






चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम)। सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। मुठभेड़ में एक और माओवादी ढेर कर दिया गया है। इलाके में 30 घंटे से सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा एजेंसियां आसपास के क्षेत्रों की गहन तलाशी ले रही हैं। सूत्रों के मुताबिक मारे गए माओवादी की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। ऑपरेशन के दौरान किसी सुरक्षाकर्मी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

घने सारंडा जंगलों में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच चल रही भीषण मुठभेड़ में झारखंड की सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी है। ऑपरेशन 'मेगाबुरु' के तहत कोबरा बटालियन-209, झारखंड पुलिस, CRPF और अन्य सुरक्षा बलों ने कुख्यात माओवादी और करोड़ों के इनमाी अनल, अनमोल, अमित मुंडा समते 15 माओवादियों को गुरुवार को ढेर कर दिया था। अब तक कुल 16 माओवादी मारे जा चुके हैं। जिसमें से 13 की पहचान हो चुकी है।

सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। इलाके को घेर लिया गया है और आसपास के क्षेत्रों में गहन तलाशी ली जा रही है। यह ऑपरेशन केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक नक्सलवाद मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सारंडा झारखंड में नक्सलियों का आखिरी प्रमुख गढ़ था, जहां अब उनकी ताकत काफी कमजोर हो गई है। सभी माओवादी के शव को जिला मुख्यालय ला कर पोस्टमार्टम किया जाएगा।

झारखंड पुलिस के IG (ऑपरेशंस) माइकल राज एस और CRPF IG साकेत कुमार ने इस सफलता की पुष्टि की है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस ऑपरेशन को बड़ी जीत बताया है। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा है कि बचे हुए नक्सली सरेंडर मुख्य धारा में लौटें। माओवाद को 31 मार्च 2026 से पहले समाप्त करने के लिए संकल्पित हैं।



एक नजर में अब तक

सारंडा जंगल (पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड) में गुरुवार (22 जनवरी) सुबह शुरू हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने कुल 16 माओवादियों को मार गिराया। मारे गए प्रमुख नेता: पतिराम मांझी उर्फ अनल दा उर्फ तूफान दा (CPI माओवादी की सेंट्रल कमेटी सदस्य), जिस पर झारखंड में ₹1 करोड़, ओडिशा में ₹1.2 करोड़ और NIA द्वारा अतिरिक्त इनाम था।
अन्य मारे गए: 14 साथी माओवादी (कुल 15), जिनमें 5 महिलाएं शामिल; 13 की पहचान हो चुकी है, बाकी की प्रक्रिया जारी।
ऑपरेशन: ऑपरेशन मेगाबुरु के तहत झारखंड पुलिस, CRPF की कोबरा बटालियन-209 (लगभग 1,500 जवान) द्वारा संयुक्त कार्रवाई; मुठभेड़ 7 घंटे से अधिक चली। अभियान जारी।
बरामदगी: बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामग्री।
सुरक्षाकर्मी: किसी के हताहत होने की कोई रिपोर्ट नहीं।
सर्च ऑपरेशन: इलाका अभी भी घेरा हुआ है, गहन तलाशी जारी; यह झारखंड में नक्सलियों का आखिरी प्रमुख गढ़ माना जाता था।
महत्व: केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक नक्सलवाद मुक्त भारत लक्ष्य से ठीक पहले बड़ी सफलता; गृह मंत्री अमित शाह ने इसे प्रमुख जीत बताया।

यह ऑपरेशन नक्सल विरोधी अभियान में निर्णायक कदम है, जहां राज्य में बचे नक्सलियों की संख्या अब 60-65 के आसपास बताई जा रही है।

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