भारत-अमेरिका के बीच परमाणु ऊर्जा और व्यापारिक संबंध होंगे मजबूत, LPG निर्यात के अवसरों की तलाशेंगे संभावना

 भारत-अमेरिका के बीच परमाणु ऊर्जा और व्यापारिक संबंध होंगे मजबूत, LPG निर्यात के अवसरों की तलाशेंगे संभावना


भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी की अमेरिका यात्रा के दौरान ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार को गहरा करने पर सहमति बनी। वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ ह ...और पढ़ें




विक्रम मिसरी की अमेरिका यात्रा ऊर्जा संबंधों पर केंद्रित।


नागरिक परमाणु सहयोग और एलपीजी निर्यात पर बनी सहमति।


विदेश सचिव अब पेरिस और बर्लिन की यात्रा पर।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी की तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा द्विपक्षीय संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

वाशिंगटन में अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्गेई गोर के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार को गहरा करने पर सहमति बनी। इस वार्ता का मुख्य केंद्र नागरिक परमाणु सहयोग, एलपीजी निर्यात और कोयला गैसीकरण जैसे नए क्षेत्र रहे।

भारत-अमेरिका संबंध होंगे मजबूत

बैठक के बाद राजदूत गोर ने संकेत दिया कि भारत द्वारा 'शांति' (परमाणु ऊर्जा सतत दोहन और संवर्धन अधिनियम) बिल पारित किए जाने के बाद अब अमेरिका नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह कदम दोनों देशों के बीच ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

इसके अतिरिक्त, फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो रिसार्ट में हुई मुलाकात ने यह स्पष्ट कर दिया कि ट्रंप प्रशासन के साथ भारत रक्षा, व्यापार और ऊर्जा के क्षेत्रों में और अधिक घनिष्ठता से कार्य करेगा।

आज से पेरिस एवं बर्लिन की यात्रा पर रहेंगे विक्रम मिसरी अमेरिका दौरा समाप्त करने के बाद विक्रम मिसरी रविवार से पेरिस और बर्लिन की यात्रा पर रहेंगे।

यहां होने वाली वार्ताओं में व्यापारिक संबंधों को मजबूती देने के साथ-साथ रक्षा सहयोग के उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जो वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत के लिए अनिवार्य हैं। इस दौरान वह फ्रांस और जर्मनी के शीर्ष अधिकारियों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और रक्षा समझौतों पर चर्चा करेंगे।

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