झारखंड के निजी अस्पतालों के लिए भी डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, आयुष्मान भारत से जुड़ने के लिए HMIS जरूरी

झारखंड के निजी अस्पतालों के लिए भी डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, आयुष्मान भारत से जुड़ने के लिए HMIS जरूरी

झारखंड में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत निजी अस्पतालों को भी हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) से जुड़ना अनिवार्य होगा। ...और पढ़ें





 आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत हेल्थ मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) से सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी जुड़ना होगा। इसके तहत संस्थानों के सारे रिकॉर्ड ऑनलाइन हो जाएंगे।

बुधवार को होटल बीएनआर में एबीडीएम पर आयोजित कार्यशाला में इससे जुड़ने के लिए निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया गया। कहा गया कि बाद में आयुष्मान भारत योजना के तहत उन निजी अस्पतालों को ही सूचीबद्ध किया जाएगा, जिन्होंने इस सिस्टम को अपनाया है।

निगरानी एवं सेवा गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जाएगा

कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य एवं जिला स्तर पर डिजिटल हेल्थ के प्रभावी संचालन के लिए एकीकृत डैशबोर्ड एवं कंट्रोल रूम की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही जिला अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरों को इस डैशबोर्ड से जोड़कर निगरानी एवं सेवा गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जाएगा।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एचएमआईएस का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हो चुका है, जबकि निजी अस्पतालों को भी शीघ्र इस प्लेटफार्म से जोड़ने के प्रयास जारी है।

उन्होंने बताया कि टेली-आईसीयू के तहत रिम्स, रांची को केंद्र बनाकर वर्तमान में चार जिला अस्पतालों में 10-10 बेड के साथ सेवाएं संचालित हो रही हैं। इस सुविधा का विस्तार शीघ्र ही सभी 24 जिलों में किया जाएगा।
सही इलाज के लिए पूरा रिकॉर्ड डिजिटल होना जरूरी : वर्णवाल

कार्यशाला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि बेहतर उपचार के लिए सटीक निदान आवश्यक है, और यह तभी संभव है जब मरीज का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध हो। एबीडीएम के माध्यम से स्वास्थ्य रिकार्ड को जोड़कर एक सशक्त और पारदर्शी हेल्थ सिस्टम तैयार किया जा रहा है।

बताया कि वर्तमान में देशभर में 96 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंक किए जा चुके हैं तथा 87 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी है। इस मौके पर झारखंड राज्य आरोग्य सोसायटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने सभी सिविल सर्जन को शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्डधारियों का केवाईसी जल्द बनाने को कहा।

बीएसएनएल एवं सीडैक के साथ एमओयू, सुश्रुत मोबाइल ऐप की लांचिंग

इस मौके पर राज्य में एबीडीएम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए बीएसएनएल तथा सीडैक के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ। साथ ही ई सुश्रुत मोबाइल ऐप, बीएसएनएल स्वास्थ्य सेतु ऐप एवं एबीडीएम झारखंड वेबसाइट की लांचिंग हुई। इस अवसर पर पिछले दो वर्षों में एबीडीएम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों एवं व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।

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