Google और Anthropic को टक्कर देने आया OpenAI का GPT-5.5, जानें इसमें क्या है खास
OpenAI ने GPT-5.5 series AI मॉडल्स को पेश किया है। इसके तीन वेरिएंट्स हैं - बेस मॉडल, GPT-5.5 Thinking और GPT-5.5 Pro। आइए जानते हैं इनके बारे में। ...और पढ़ें

OpenAI ने GPT-5.5 को पेश किया है।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। OpenAI ने गुरुवार को अपनी GPT-5 सीरीज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल्स के लिए एक मेजर अपडेट पेश किया है। नए GPT-5.5 की बात करें तो, कहा जा रहा है कि नए मॉडल्स बेहतर इंटेंट अंडरस्टैंडिंग, एजेंटिक कोडिंग और रीजनिंग कैपेबिलिटीज ऑफर करते हैं। सैन फ्रांसिस्को बेस्ड इस AI दिग्गज का दावा है कि ये मॉडल्स कई तरह के टास्क में Anthropic के लेटेस्ट Claude Opus 4.7 और Google के Gemini 3.1 Pro मॉडल्स से बेहतर परफॉर्म करते हैं। ये लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) सबसे पहले कंपनी के पेड सब्सक्राइबर्स और एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) के जरिए रोल आउट किए जा रहे हैं।
OpenAI ने पेश किया GPT-5.5
एक पोस्ट में, कंपनी ने GPT-5.5 सीरीज AI मॉडल्स को पेश किया और उनकी डिटेल दी। इसके तीन वेरिएंट्स हैं - बेस मॉडल, GPT-5.5 Thinking और GPT-5.5 Pro। OpenAI प्लस, प्रो, बिजनेस और एंटरप्राइज यूजर्स के लिए ChatGPT में GPT-5.5 और थिंकिंग मॉडल रोल आउट कर रहा है, लेकिन GPT-5.5 Pro प्लस यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है।
कितना एडवांस है ChatGPT-5.5
Codex में, GPT-5.5 AI मॉडल गो, प्लस, प्रो, बिजनेस, एंटरप्राइज और एडु सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है। ये कोडिंग प्लेटफॉर्म 400K टोकन का कॉन्टेक्स्ट विंडो और एक फास्ट मोड ऑफर करेगा। OpenAI ने कहा कि AI मॉडल्स जल्द ही रिस्पॉन्स और चैट कंप्लीशन APIs के जरिए उपलब्ध होंगे। इसकी कीमत 5 डॉलर (लगभग 471 रुपये) प्रति मिलियन इनपुट टोकन और 30 डॉलर (लगभग 2,828 रुपये) प्रति मिलियन आउटपुट टोकन तय की गई है।
इंप्रूवमेंट्स की बात करें तो, मॉडल्स का पूरा फोकस एजेंटिक कोडिंग और इंटेंट अंडरस्टैंडिंग पर है। OpenAI का दावा है कि GPT-5.5 ने Terminal-Bench 2.0 बेंचमार्क पर 82.7 परसेंट स्कोर किया है, जो कमांड-लाइन वर्कफ्लो को टेस्ट करता है। इसने एंथ्रोपिक और गूगल दोनों के लेटेस्ट मॉडल्स को पीछे छोड़ दिया है। इसने SWE-Bench Pro पर भी 73.1 परसेंट स्कोर किया, जो लॉन्ग-होराइजन कोडिंग टास्क के लिए कंपनी का इंटरनल इवैल्यूएशन है।
रियल-वर्ल्ड परफॉर्मेंस में, कहा जा रहा है कि GPT-5.5 से पावर्ड Codex कोड इम्प्लीमेंटेशन, रिफैक्टरिंग, डिबगिंग, टेस्टिंग और वैलिडेशन को हैंडल कर सकता है। OpenAI का कहना है कि मॉडल अजीब सी हुई गड़बड़ (ambiguous failures) के पीछे के कारणों को समझ सकता है, टूल्स के जरिए असंप्शन्स को चेक कर सकता है और पूरे कोडबेस में जरूरी बदलाव कर सकता है।
एक और मेन एरिया नॉलेज वर्क है। ये मॉडल अपने पिछले वर्जन की तुलना में ज्यादा सहज बताया जा रहा है और बेहतर इंटेंट अंडरस्टैंडिंग ऑफर करता है। ये बेहतर तरीके से समझ सकता है कि यूजर असल में क्या चाहता है, जरूरी जानकारी ढूंढ सकता है और आउटपुट को रिव्यू करके कुछ उपयोगी जेनरेट कर सकता है। इसके अलावा, दावा किया जा रहा है कि ये कैपेबिलिटीज मॉडल को साइंटिफिक और टेक्निकल रिसर्च में भी बेहतर बनाती हैं। OpenAI ने कहा कि GPT-5.5 सबूत जुटा सकता है, असंप्शन्स को टेस्ट कर सकता है, रिजल्ट्स को इंटरप्रेट कर सकता है और अगले स्टेप्स तय कर सकता है।