पिछड़े वर्ग की महिलाओं का हक मारने की साजिश' महिला आरक्षण के मुद्दे पर झारखंड कांग्रेस का बीजेपी पर हमला
झारखंड कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के संबोधन को 'झूठ का पिटारा' बताया। उन्होंने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने ...और पढ़ें

झारखंड कांग्रेस का बीजेपी पर हमला। फाइल फोटो
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह तथा अन्य नेताओं ने शनिवार रात प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन को झूठ का पिटारा करार दिया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के मुद्दे को केंद्र सरकार ने महिलाओं के अधिकार के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास किया।
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि प्रधानमंत्री का संबोधन राष्ट्रहित से अधिक चुनावी लाभ का भाषण था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार यह सवाल उठाती रही है कि वर्ष 2023 में संसद से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को परिसीमन से क्यों जोड़ा गया?
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के मुद्दे को केंद्र सरकार ने महिलाओं के अधिकार के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास किया।
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि प्रधानमंत्री का संबोधन राष्ट्रहित से अधिक चुनावी लाभ का भाषण था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार यह सवाल उठाती रही है कि वर्ष 2023 में संसद से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को परिसीमन से क्यों जोड़ा गया?
उनके अनुसार भाजपा चाहती थी कि महिला आरक्षण के समर्थन के नाम पर विपक्ष बिल पारित करे और बाद में 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू कर राजनीतिक समीकरण अपने पक्ष में बदले जाएं।
महिलाओं के अधिकार कांग्रेस की देन
प्रदीप यादव और दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि देश में महिलाओं को मताधिकार से लेकर कई संवैधानिक अधिकार कांग्रेस शासनकाल में मिले।
प्रदीप यादव ने कहा कि अमेरिका में महिलाओं को स्वतंत्रता के 144 वर्ष बाद मतदान का अधिकार मिला, जबकि भारत में आजादी के साथ ही पहले आम चुनाव से महिलाओं को यह अधिकार प्राप्त था।
उन्होंने पूछा कि जब 2023 में सर्वसम्मति से महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका था, तो फिर नए विधेयक की आवश्यकता क्यों पड़ी।
कांग्रेस ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि वर्तमान 543 लोकसभा सीटों में ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए और इसे 2029 तक लागू किया जाए। पार्टी ने यह भी कहा कि ओबीसी वर्ग की महिलाओं को अलग प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए तथा जनगणना और परिसीमन के नाम पर आरक्षण को टालने की राजनीति बंद हो।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यदि केंद्र सरकार की नीयत साफ है, तो वह मौजूदा संसदीय संरचना में ही महिला आरक्षण लागू करने का विधेयक लाए, कांग्रेस उसका समर्थन करेगी। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रमा खलखो ने घोषणा की कि इस मुद्दे पर राज्यभर में केंद्र सरकार के खिलाफ महिला आंदोलन चलाया जाएगा।