लखनऊ से रफ्तार भरेगी टाटा की हाइड्रोजन बसें, ट्रकों का भी ट्रायल जारी
टाटा मोटर्स अब लखनऊ प्लांट में हाइड्रोजन से चलने वाली बसें बनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने 10 लाखवें वाहन ...और पढ़ें

लखनऊ प्लांट में हाइड्रोजन बसों का उत्पादन जल्द शुरू होगा।
टाटा मोटर्स का अगले 5 साल में 20 लाख वाहन बनाने का लक्ष्य।
जमशेदपुर में हाइड्रोजन वाहनों के इंजन बनेंगे, ट्रायल जारी।
टाटा मोटर्स अब अपने लखनऊ प्लांट में हाइड्रोजन से चलने वाली बसें बनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की मौजूदगी में 10 लाखवें वाहन के रोलआउट के दौरान यह अहम घोषणा की गई।
इसके साथ ही, टाटा ग्रुप ने अगले पांच साल में 20 लाख नए वाहन बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। भारत की दिग्गज कमर्शियल वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स अब प्रदूषण मुक्त परिवहन (क्लीन मोबिलिटी) की दिशा में एक नया अध्याय लिख रही है।
लखनऊ स्थित प्लांट ने हाल ही में 10 लाख कमर्शियल वाहन बनाने का ऐतिहासिक आंकड़ा छुआ है। इस उपलब्धि के जश्न में शामिल हुए एन. चंद्रशेखरन ने एलान किया कि कंपनी जल्द ही इस कारखाने में हाइड्रोजन फ्यूल सेल और हाइड्रोजन इंटरनल कंबशन इंजन (आईसीई) बसों का उत्पादन शुरू करेगी।
यह देश में लंबी दूरी के टिकाऊ सफर की ओर एक बड़ा और अहम कदम है। टाटा ग्रुप तेजी से अपने वाहनों की रेंज का विस्तार कर रहा है।
लग गए 34 साल
पारंपरिक डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के बाद अब कंपनी का मुख्य फोकस हाइड्रोजन तकनीक पर है। चंद्रशेखरन ने बताया कि प्लांट को 10 लाख का आंकड़ा छूने में 34 साल लगे, लेकिन भविष्य की योजनाएं कहीं अधिक तेज हैं।
अब कंपनी ने रफ्तार बढ़ाते हुए अगले सिर्फ पांच साल में 20 लाख और नए वाहन बनाने का महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है।
ट्रकों का चल रहा ट्रायल
इस बड़े मिशन में जमशेदपुर की भी बेहद खास भूमिका है। इन अत्याधुनिक हाइड्रोजन गाड़ियों का दिल यानी इनका इंजन जमशेदपुर स्थित टाटा कमिंस के कारखाने में तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा, शहर में हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रकों का ट्रायल भी लगातार चल रहा है।
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए टाटा मोटर्स की यह दमदार पहल पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ भारतीय परिवहन व्यवस्था को एक नई ताकत देगी।