दुष्कर्म का आरोपित ढोंगी बाबा खरात का 'मनी गेम', 130 से अधिक फर्जी खातों का हुआ खुलासा

 दुष्कर्म का आरोपित ढोंगी बाबा खरात का 'मनी गेम', 130 से अधिक फर्जी खातों का हुआ खुलासा


दुष्कर्म के आरोपों का सामना कर रहे ढोंगी बाबा अशोक खरात के काले साम्राज्य का सच सामने आ रहा है। उसने महाराष्ट्र की दो सहकारी ऋण समितियों में अलग-अलग न ...और पढ़ें






अलग-अलग नामों से 130 से अधिक खाते चला रहा था दुष्कर्म का आरोपित ढोंगी बाबा खरात 


महाराष्ट्र की दो सहकारी ऋण समितियों में खोले थे खाते


पिछले कुछ वर्षों में 62.74 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन


पीटीआई, मुंबई। दुष्कर्म के आरोपों का सामना कर रहे ढोंगी बाबा अशोक खरात के काले साम्राज्य का सच सामने आ रहा है। उसने महाराष्ट्र की दो सहकारी ऋण समितियों में अलग-अलग नामों से 130 से अधिक खाते खोले और पिछले कुछ वर्षों में 62.74 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन किए। यह जानकारी गुरुवार को एक पुलिस अधिकारी ने दी।


सूत्रों के अनुसार, एक खाता महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकरणकर की बहन के नाम पर खोला गया था। खरात से संबंधों के चलते रूपाली अब अपने पद से इस्तीफा दे चुकी हैं। ये विवरण अहिल्यानगर जिले में पुलिस द्वारा खरात, उनकी पत्नी कल्पना और तीन अन्य के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले की जांच के दौरान सामने आए।

यह मामला खरात दंपती से संबंधित है। इन पर शिरडी में चार एकड़ जमीन के मालिक को 5.52 करोड़ रुपये का ऋण देकर उस पर कब्जा करने की कोशिश करने का आरोप है।

शिरडी पुलिस ने इस मामले में दो बिचौलियों को गिरफ्तार किया है। जबकि कल्पना और एक अन्य व्यक्ति की तलाश कर रही है। अहिल्यानगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोमनाथ घरगे ने बताया कि कल्पना को देश से भागने से रोकने के लिए पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है।


उन्होंने बताया कि नामित हवाई अड्डों, बंदरगाहों और जमीनी सीमाओं पर तैनात आव्रजन अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दे दी गई है।

घरगे ने बताया कि शिरडी में दर्ज धोखाधड़ी के मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि खरात ने अहिल्यानगर जिले में दो सहकारी ऋण समितियों (ऋण, बचत और बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने वाली वित्तीय संस्थाएं) में अलग-अलग लोगों के नाम पर 130 से अधिक खाते खोले थे।


एसपी के अनुसार, इन सभी खातों में पिछले कुछ वर्षों में भारी मात्रा में लेन-देन हुआ है। एक ऋण समिति में 60 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ है और दूसरी में पुलिस को अब तक 2.74 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन मिले हैं।


घरगे ने बताया कि सभी खातों खातों का संचालन कर रहा था और परामर्श के लिए आने वाले लोगों से प्राप्त धन जमा कर रहा था। दूसरे अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच में अब ईडी के भी शामिल होने की संभावना है।


राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी खरात से संबंधित मामले की जांच कर रही है। उसके खिलाफ कम से कम 10 एफआइआर दर्ज की गई है। उस पर आठ महिलाओं के यौन उत्पीड़न और दो से धोखाधड़ी करने का आरोप है। दुष्कर्म के इस आरोपित को आठ अप्रैल तक एसआइटी की हिरासत में रखा गया है।

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