आईपीएल के अधिकांश कप्तानों ने बुधवार को इंपैक्ट प्लेयर नियम पर अपनी आपत्ति जताई, जिसने 2023 में लागू होने के बाद से ही अलग-अलग राय पैदा की है। ...और पढ़ें

28 मार्च से शुरू हो रहा आईपीएल 2026।
सभी फ्रेंचाइजियों के कप्तानों ने विस्तार से चर्चा की
2023 में लागू हुआ था इंपैक्ट प्लेयर नियम
बीसीसीआई ने इस नियम को 2027 तक बढ़ाया
नई दिल्ली, पीटीआई। आईपीएल के अधिकांश कप्तानों ने बुधवार को इंपैक्ट प्लेयर नियम पर अपनी आपत्ति जताई, जिसने 2023 में लागू होने के बाद से ही अलग-अलग राय पैदा की है। 2024 में बीसीसीआई ने इस नियम को आईपीएल में कम से कम 2027 तक बढ़ा दिया था। इसके बावजूद यह रणनीतिक नियम प्रशंसकों और खिलाड़ियों के बीच लगातार बहस का विषय बना हुआ है। मुंबई में हुई आईपीएल कप्तानों की बैठक में सभी 10 फ्रेंचाइजियों के कप्तानों ने इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।
एक IPL सूत्र ने कहा कि अधिकांश कप्तानों ने इंपैक्टर प्लेयर नियम पर अपने सुझाव दिए और आपत्तियां जताईं। हालांकि, बीसीसीआई इसे 2027 तक बढ़ा चुका है। उन्हें बताया गया कि इस नियम की समीक्षा 2027 संस्करण के बाद ही की जा सकती है, उससे पहले नहीं। इस सप्ताह की शुरुआत में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने रोहित शर्मा की तरह इस नियम की आलोचना की थी।
अक्षर ने कहा कि मुझे यह नियम पसंद नहीं है, क्योंकि मैं खुद ऑलराउंडर हूं। पहले हम इस भूमिका के लिए ऑलराउंडर चुनते थे। अब टीम मैनेजमेंट किसी खास बल्लेबाज या गेंदबाज को चुन लेता है और कहता है कि हमें ऑलराउंडर की जरूरत ही क्या है। 2024 में रोहित शर्मा ने भी कहा था कि वह इंपैक्ट प्लेयर अवधारणा के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि इससे भारतीय क्रिकेट में ऑलराउंडरों के विकास पर असर पड़ता है।
अगले सीजन में हार्दिक पांड्या ने कहा था कि अब टीम में ऑलराउंडर चुनना मुश्किल हो गया है, जब तक वह बल्ले और गेंद दोनों से बराबर अच्छा प्रदर्शन न करे। विदेशी खिलाड़ी जैसे ग्लेन फिलिप्स ने भी कहा था कि यह नियम आलराउंडरों के भविष्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है। ब्लैककैप्स खिलाड़ी ने पिछले सीजन कहा था कि मुझे लगता है कि किसी समय यह समस्या बन सकती है, क्योंकि ऑलराउंडर कम होते जाएंगे, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टी-20 और वनडे पर भी पड़ेगा।
पहली पारी के 10 ओवर बाद गेंद बदलने की मांग
पिछले सीजन बीसीसीआई ने ओस के प्रभाव को कम करने के लिए दूसरी पारी के 10 ओवर बाद एक बार गेंद बदलने की अनुमति दी थी। बुधवार को एक कप्तान ने प्रस्ताव रखा कि पहली पारी के 10 ओवर बाद भी गेंद बदलने की अनुमति दी जाए। सूत्र ने कहा कि पहली पारी के 10 ओवर बाद गेंद बदलने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन इसे ज्यादा समर्थन नहीं मिला। आमतौर पर दूसरी पारी में ज्यादा ओस होती है। इसलिए मौजूदा नियम ही जारी रहेगा।
ट्रेनिंग गाइडलाइंस पर मांगी स्पष्टता
आईपीएल कप्तानों ने 2026 संस्करण के लिए जारी ट्रेनिंग दिशानिर्देशों पर भी IPL अधिकारियों से सवाल किए। फ्रेंचाइजियों को दिए गए निर्देशों के अनुसार मैच के दिन अभ्यास की अनुमति नहीं होगी और अगर एक टीम अपना अभ्यास जल्दी समाप्त कर देती है तो दूसरी टीम उसी विकेट का उपयोग अभ्यास के लिए नहीं कर सकती। सूत्र ने कहा कि कप्तानों ने ट्रेनिंग गाइडलाइंस पर अधिक स्पष्टता मांगी थी, जो उन्हें प्रदान कर दी गई।