होर्मुज बना 'डेथ वैली', खामेनेई की चेतावनी और अमेरिका की टेंशन... जलडमरूमध्य में क्या हो रहा है?
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। अमेरिकी खुफिया सूत्रों के अनुसार, ...और पढ़ें
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होर्मुज जलडमरूमध्य में क्या हो रहा है?
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री माइंस बिछाईं
खामेनेई ने जलडमरूमध्य बंद रखने की चेतावनी दी
वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर संकट, एशियाई देशों में असर
गरिमा सिंह, नई दिल्ली। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में समुद्री माइंस बिछाना शुरू कर दिया। यह क्षेत्र दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग एक-पांचवां हिस्सा एक्सपोर्ट करता है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है।

युद्ध का 13वां दिन
ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के 13वें दिन स्थिति खतरनाक हो गई है। ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है। बुधवार और गुरुवार को फारस की खाड़ी में छह जहाजों पर हमले हुए, जिनमें थाईलैंड का मायुरी नारी नामक जहाज भी शामिल है, जिसके इंजन रूम में विस्फोट हुआ और 23 चालक दल के सदस्यों में से तीन अभी भी लापता हैं। वहीं दो विदेशी तेल टैंकरों को भी अंडरवाटर ड्रोन से निशाना बनाया गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।

खामेनेई की चेतावनी
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य को 'दबाव का हथियार' बनाकर बंद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका-इजरायल के हमले जारी रहेंगे, तब तक एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जा सकेगा।
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विदेशी रिपोर्ट्स में क्या?
अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई में मंगलवार को जलडमरूमध्य के पास 16 ईरानी माइन बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर दिया। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना 'न के बराबर' है और अमेरिका ने उसके अधिकांश माइन लेयर जहाजों को खत्म कर दिया है। हालांकि, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि नौसेना अभी जहाजों की एस्कॉर्ट के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है, लेकिन महीने के अंत तक संभव हो सकता है।

40 करोड़ बैरल तेल देगा IEA
यूके की मैरीटाइम एजेंसी (यूकेएमटीओ) ने माइन बिछाने या विस्फोट की पुष्टि नहीं की, लेकिन खतरे की चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलडमरूमध्य अब 'डेथ वैली' बन गया है और सुरक्षा बहाल करने में महीनों लग सकते हैं। सऊदी अरामको ने चेतावनी दी कि तेल बाजार पर 'विनाशकारी'प्रभाव पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में छोड़ा है, जो केवल 26 दिनों की कमी भर सकता है।

दक्षिण एशिया में संकट
एशियाई देशों में संकट गहरा गया है। पाकिस्तान में स्कूल बंद, दक्षिण कोरिया में ईंधन मूल्य सीमा और थाईलैंड में वर्क फ्रॉम होम लागू हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान असममित युद्ध रणनीति से अमेरिका, इजरायल और खाड़ी देशों को नुकसान पहुंचा रहा है, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर लंबा खिंच सकता है।

क्या ऐसा पहले भी हो चुका है?
जी हां। 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान, दोनों देशों ने फारस की खाड़ी में एक-दूसरे के तेल टैंकरों को निशाना बनाया था। ईरान की नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बारूदी सुरंगें बिछाई थीं, और इनमें से एक सुरंग अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस सैमुअल बी. रॉबर्ट्स से टकरा गई थी। जहाज को काफी नुकसान पहुंचा, और रीगन प्रशासन ने तीन ईरानी युद्धपोतों और तीन तेल प्लेटफार्मों को क्षतिग्रस्त या डुबोकर जवाबी कार्रवाई की, जिससे खाड़ी में तेहरान की सक्रियता की क्षमता में भारी कमी आई।