'मरीज की मौत के बाद बिल माफ, लापरवाही करने पर होगा एक्शन', झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री का अल्टीमेटम
भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल, रांची ने अपना अत्याधुनिक आपातकालीन विभाग शुरू किया। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने उद्घाटन किया और गंभीर ...और पढ़ें

रांची में भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल ने नया आपातकालीन विभाग खोला।
स्वास्थ्य मंत्री ने मरीज की मृत्यु पर बिल माफ करने का सख्त निर्देश दिया।
अस्पताल ने 'हर घर इमरजेंसी रेडी' पहल भी शुरू की है।
संवाददाता, रांची। राजधानी में आपात चिकित्सा सेवाओं को नई मजबूती देते हुए भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल ने सोमवार को अपने अत्याधुनिक और उन्नत आपातकालीन विभाग का शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था के शुरू होने से गंभीर मरीजों को गोल्डन आवर में त्वरित और प्रभावी उपचार मिल सकेगा।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सभी सेवा भावना के साथ कार्य करें, ताकि गरीब और वंचित वर्ग को इसका सीधा लाभ मिले। सेवा ही हमारी पहचान होनी चाहिए।
मृत्यु के बाद बिल माफ
मंत्री ने अपने कार्यकाल में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने के लिए लगातार ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सख्त संदेश देते हुए कहा कि किसी मरीज की मृत्यु के बाद उसके स्वजनों से बिल वसूलना अमानवीय है। ऐसे मामलों में बिल माफ किया जाए।
उन्होंने आगे कहा कि यह उनका स्पष्ट निर्देश है और इसका कड़ाई से पालन होना चाहिए। इस मौके पर जैन समाज के अध्यक्ष संतोष कुमार जैन, क्रिटिकल केयर विभाग के प्रमुख डा. विजय मिश्रा और इमरजेंसी मेडिसिन के क्लस्टर प्रमुख डा. सुषांत छाबड़ा सहित कई विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित थे।
प्रोटोकॉल आधारित इलाज व्यवस्था के साथ तैयार
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नए इमरजेंसी विभाग को आधुनिक तकनीक और प्रोटोकॉल आधारित इलाज व्यवस्था के साथ तैयार किया गया है। इसमें 10 समर्पित आपातकालीन बेड, उन्नत मरीज प्रबंधन प्रणाली और बेड पर ही जांच की सुविधा उपलब्ध है, जिससे मरीजों को इधर-उधर ले जाने की जरूरत कम होगी और इलाज की प्रक्रिया तेज होगी। यह विभाग 24 घंटे विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम द्वारा संचालित होगा।
इस मौके पर अस्पताल ने हर घर इमरजेंसी रेडी पहल की भी शुरुआत की। इसके तहत आम लोगों को आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक उपायों की जानकारी दी जाएगी।
इमरजेंसी विभाग के प्रमुख डॉ. रोहित कुमार सेंगर ने कहा कि उनका लक्ष्य मरीज के अस्पताल पहुंचते ही तुरंत उपचार शुरू करना है। हॉस्पिटल निदेशक आबिद तौकीर ने इसे झारखंड में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताते हुए कहा कि इससे तेज रिस्पांस और बेहतर इलाज सुनिश्चित होगा।